Monday, 16 September 2019

केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र का उदघाटन


=प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा अपने सपनों को करेंगे  साकार  - डॉ महेंद्र

विश्वविद्यालय परिसर में  सोमवार को  कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के केन्द्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। इसके पश्चात अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने कौशल विकास और प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत कर एक अच्छी पहल की है। युवाओं की आबादी  वर्किंग फ़ोर्स बने यह हमारे प्रधानमंत्री जी की सोच है। इसके लिए युवाओं का कौशल विकास जरूरी है। कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा अपने सपनों को साकार करेंगें। परंपरागत रूप से कार्य करने वाले बहुत से लोग कुशल है लेकिन उनके पास कोई प्रमाण पत्र नहीं होता उन्हें कौशल विकास केंद्रों से प्रमाणपत्र देकर मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि  परंपरागत पढ़ाई के साथ साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण भी विद्यार्थियों को मिले जिससे पढाई पूरी करते ही उन्हें रोजगार उपलब्ध हो सके. इसके लिए राज्य सरकारों से सहमति ली जाएगी।उन्होंने  कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से हमारा देश मजबूत हुआ है। हमारी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की टीम आएगी और अध्ययन करेगी कि किस क्षेत्र में यहाँ के लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए.

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने  विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने पूरे देश में विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। पतवार चलाते जायेगे मंजिल आएगी आएगी गीत के माध्यम से विद्यार्थियों में ऊर्जा का संचार किया।विशिष्ट विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुंदर लाल ने कहा कि जिनके पास कौशल है कुशलता है समाज उन्हें सम्मान देगा।  विश्वविद्यालय में स्थापित कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र निश्चित तौर पर कारीगरों और युवाओं के लिए वरदान साबित होगा।
डेजा व्यू के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी पूर्व आईएएस शिवराज अस्थाना ने कौशल विकास केंद्र में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के पश्चात युवाओं को आसानी से रोजगार उपलब्ध होगा। आयोजन सचिव डॉ राजकुमार ने अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी रहे। आभार प्रो अविनाश पाथर्डीकर एवं   कार्यक्रम का संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया।

इस  अवसर पर विधायकद्वय हरेंद्र प्रसाद सिंह, रमेश मिश्र, सीमा द्विवेदी, पीयूष सक्सेना, प्रो आर एन त्रिपाठी, प्रो रंजना प्रकाश, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो ए के श्रीवास्तव, प्रो मानस पांडेय, प्रो बी डी शर्मा, प्रो वंदना राय, प्रो राम नारायण, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव, पुष्पराज सिंह, डॉ सतेंद्र सिंह, डॉ आलोक सिंह, राकेश यादव, डॉ जगदेव, डॉ सुरजीत यादव, डॉ संतोष कुमार, डॉ  सुनील कुमार, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर समेत शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुस्तक का किया विमोचन
श्री अग्रसेन महिला पीजी कॉलेज आज़मगढ़ की प्राचार्या डॉ निशा कुमारी द्वारा लिखित पुस्तक संगीतिका का विमोचन केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया।

 प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया अवलोकन   

केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय ने प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया अवलोकन  किया. संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद यादव ने केन्द्रीय मंत्री को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम भेंट किया. 


Sunday, 15 September 2019

जुलियस सीजर की तकनीकी का नेटवर्क सुरक्षा में हो रहा है प्रयोग



मोबाइल सुरक्षा  लिए जागरूक हो उपभोक्ता 
विश्वविद्यालय के  कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी  विभाग के सभागार कक्ष में क्रिप्टोग्राफ़ी एवं नेटवर्क सुरक्षा विषयक  साप्ताहिक कार्यशाला के दुसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि  विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर  सुन्दर लाल ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है एक सिरे से दूसरे सिरे तक सूचना सुरक्षित पहुचें यह महत्वपूर्ण है. उन्होंने  क्रिप्टोग्राफ़ी की विस्तृत ऐतिहासिक जानकारी दी. कहा कि  यूनानी शासक जुलियस सीजर द्वारा निर्मित सीजर साइफर का प्रयोग आज भी नेटवर्क सुरक्षा में हो रहा है | उन्होंने कहा कि मौजूदा नेटवर्क सुरक्षा मैकेनिज्म बहुत मजबूत नहीं  है | भविष्य में आरएसए अल्गोरिथम द्वारा इसे और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाया जा सकता है | इस दिशा में खोज छात्रों एवं कंप्यूटर साइंस वैज्ञानिकों  के लिए यह क्षेत्र बहुत ही सुनहरा अवसर प्रदान करता है |

अगले सत्र में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रोफेसर कारण सिंह द्वारा मोबाइल सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने कहा  कि आज मोबाइल का प्रयोग सिर्फ बात करने के लिए नहीं वरन तमाम तरह की जानकारियों को एकत्रित और साझा करने  किया जा रहा है, सुरक्षा उपायों की जानकारी न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है इसकी सुरक्षा के लिए जागरूक होने की जरुरत है  |कार्यक्रम में कुल ९० प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया | इस मौके पर डा संजीव गंगवार डॉ सौरभ पाल, डॉ कमलेश पाल, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,  ज्ञानेंद्र कुमार पाल, दिलीप, प्रशांत, अशोक,संतोष, सुनील, कृष्ण कुमार, पुर्नेंद्र श्रीवास्तव , रितेश,दीप्ति सहित विभाग के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।

Saturday, 14 September 2019

हिंदी दिवस

विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस हाल में जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई. गोष्ठी में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के विविध आयामों पर अपने विचार व्यक्त किये. विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि अंतरजाल ने हिंदी को वैश्विक बना दिया है. विश्व में निरंतर हिंदी लिखने, बोलने और पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि सुखद है. विभाग के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह ने हिंदी की  दशा और दिशा पर प्रकाश डाला. विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति की. कार्यक्रम का सञ्चालन आदित्य भारद्वाज ने किया. इस अवसर पर विभगा के विद्यार्थी उपस्थित रहे. 

Friday, 13 September 2019

उमानाथ सिंह को कुलपति ने किया नमन




विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने विश्वविद्यालय में उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान परिसर में  स्थापित   शहीद उमानाथ सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी  पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने कहा कि   उमानाथ सिंह सामाजिक चेतना के प्रकाशवान पुंज  थे। उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रवाद से प्रभावित था। उन्होंने कहा कि वे अपनी  कार्य कुशलता और समाजसेवा से जौनपुर का नाम रोशन किया।  इस अवसर पर प्रो ए के श्रीवास्तव,  डॉ के एस तोमर, श्याम त्रिपाठी, सी पी सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 

Saturday, 7 September 2019

ज्ञान का उपयोग जनकल्याण के लिए करें- प्रो शर्मा


विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चल रहे अभिप्रेरण कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रीतम बाबू शर्मा ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप  नए व्यवसायिक जीवन में प्रवेश कर रहे हैं  इस पढाई के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग जनकल्याण के लिए करें।
प्रोफेसर शर्मा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ,भोपाल,  दिल्ली तकनीकी  विश्वविद्यालय ,नई दिल्ली के कुलपति रहे है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप  विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी है. जहां आधुनिकता और  परंपरा का एक  साथ मिश्रण है. उन्होंने कहा कि वे शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए तथा खोज के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने  कहा कि हमें पर्यावरण, मौसम परिवर्तन और पानी को भी ध्यान में रखना होगा जो हमारे भविष्य की शांति एवं खुशियों में सहयोग करेगा। आज नदियों की दशा बहुत दयनीय है कभी अमृत वर्ष करने वाली यह नदियां दूषित है इनके उद्धार के लिए आगे आना होगा। समन्वयक  प्रोफेसर बी बी तिवारी ने  प्रोफेसर प्रीतम बाबू शर्मा का स्वागत किया एवं अभिप्रेरणा कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की.मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष  डॉ संदीप कुमार सिंह ने अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया । डॉ रवि प्रकाश टी क्यू आई पी 3 कार्यक्रम अधिकारी ने धन्यवाद दिया। अभिप्रेरण कार्यक्रम के अन्तर्गत हुई प्रतियोगिता  में प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. इसमें बालीवाल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम में सिंगिंग, डांसिंग ,ग्रुप डांस सोलो डांस, ड्रामा, क्विज डिबेट, रंगोली, पेंटिंग,प्रोफिशिएंसी टेस्ट, मथमैथिक टेस्ट आदि प्रतियोगिताएं हुई थी. समापन सत्र में प्रो ए के श्रीवास्तव, डॉ राजकुमार सोनी, संयोजक  ज्योति सिंह,  रितेश बरनवाल, विशाल  यादव ,पूनम सोनकर ,सुधीर सिंह, नवेंदु ,दीप प्रकाश सिंह, शशांक हिमांशु नवीन, कृष्ण कुमार,प्रवीण आदि उपस्थित रहे।

Thursday, 5 September 2019

शिक्षक दिवस

विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में धूम- धाम से शिक्षक दिवस मनाया गया।  शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक दिवस सम्मान समारोह का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
प्रसारण में  प्रदेश के राज्यपाल माननीया आनंदीबेन पटेल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा द्वारा 32 शिक्षकों को स्मृति चिन्ह, पुरस्कार राशि और अंगवस्त्रम देते हुए देखकर शिक्षक समाज गौरवान्वित  हुआ. संगोष्ठी भवन में ऑनलाइन प्रसारण का संचालन छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने किया।
विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान, फार्मेसी संस्थान, विज्ञान संकाय, संकाय भवन, प्रबंध अध्ययन संकाय एवं प्रो राजेंद्र सिंह भौतिकीय संस्थान में शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन को नमन किया गया. विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। 

Friday, 30 August 2019

राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैज़ाबाद एवं  महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में  29 अगस्त को राजभवन लखनऊ के गांधी सभागार में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खिलाडी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 104 खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक से सम्मानित किया। इसके साथ ही 31 टीम प्रशिक्षक और टीम प्रबंधक भी सम्मानित हुए। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों को आज छठवीं बार राजभवन में सम्मानित किया गया है।

 इस अवसर पर अपने सम्बोधन में प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अगर हम शारीरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे तभी भारत विश्व गुरु बनेगा। विश्वविद्यालयों को खेल को पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के  दिन हांकी के महान जादूगर ध्यान चंद्र जी का जन्मदिवस है उनके लिए सम्मान प्रकट करने का दिन है। उन्होंने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय गांवों को गोद ले और उनमें टीबी, कुपोषण को दूर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करें। उन्होंने कहा कि बहुत सारे बच्चे पहली से 12वीं कक्षा के बीच पढ़ाई छोड़ देते हैं उन्हें पठन-पाठन से जोड़े रखने लिए माहौल बनाना होगा। ऐसा माहौल तैयार करें कि बच्चियां आगे पढ़ें।
उन्होंने जल संचयन पर भी सुझाव दिए कहा कि पानी को बचाना होगा जितना पानी पीना है उतना ही गिलास में लें छोटे-छोटे प्रयासों से करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है। पॉलिथीन की समस्या को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा इसके लिए पूरे देश के लोगों को संकल्प लेने की जरूरत है अगर ऐसी छोटी-छोटी चीजों के प्रति शिक्षण संस्थान जागरूकता पैदा करते हैं तब देश के विकास की गति तेजी से बढ़ सकती है
कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि खिलाड़ी युवाओं का प्रेरणा स्तम्भ होता है। उन्होंने कहा कि जिन्दगी बदलने के लिए सहर्ष संघर्ष करना पड़ता है। वक्त आपका है चाहो तो सोना बना लो और चाहो तो सोने में गुजार दो। अगर कुछ अलग करना है तो भीड़ से हटकर चलो। उन्होंने विश्वविद्यालय कि उपलब्धियों को भी गिनाया। कहा कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने 41 पदक हासिल किए थे इस बार यह संख्या 104 हो गई है।महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति प्रो टी एन सिंह  ने खिलाडी सम्मान समारोह की प्रस्तावना प्रस्तुत की. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैज़ाबाद के कुलपति प्रो मनोज दीक्षित ने आभार व्यक्त किया. खेल सचिव डॉ अलोक कुमार सिंह ने खेल गतिविधियों कि वार्षिक रिपोर्ट  प्रस्तुत की.
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल के साथ खिलाड़ियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों की ग्रुप फोटोग्राफी हुई। समारोह का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष  डॉ मनोज मिश्र ने किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव कुलाधिपति हेमंत राव, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव, वित्त अधिकारी एम के सिंह,  प्रो बी बी तिवारी, डॉ राजीव प्रकाश सिंह, डॉ समर बहादुर सिंह, डॉ विजय कुमार सिंह,डॉ विजय तिवारी, डॉक्टर मनराज यादव, डॉ जगदेव, राकेश यादव,  डॉ के एस तोमर  डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ पुनीत धवन, डॉक्टर  गिरिधर मिश्र, सहित  तमाम लोग शामिल रहे।

Wednesday, 14 August 2019

विश्वविद्यालयीय शिक्षा की स्वायत्तता विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी


विश्वविद्यालय एवं टीईक्यूआईपी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार 14 अगस्त को विश्वविद्यालय के महंत अवैधनाथ संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालयीय शिक्षा की स्वायत्तता विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने विषय  विविध आयामों पर विस्तार से अपनी बात रखी। 
उद्घाटन  सत्र में संगोष्ठी के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के अखिल भारतीय सह संगठन महासचिव शिव प्रकाश  ने कहा कि भारत में शिक्षा के केंद्र पश्चिम की संस्कृति को अपना लिए है  जिसे भारतीय संस्कृति के रंग में ढालना होगा। विश्वविद्यालय  विदेशी अनुकरण के बजाय अपने विचारों को बढ़ावा दे कर नई व्यवस्थाएं बनांयें। उन्होंने  कहा कि भारतीय शिक्षा का तेजी से विकास हो  रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों के बस्ते का वजन  बढ़ रहा है लेकिन  शिक्षा का स्तर सीमित रह गया है। किताबी शिक्षा के साथ- साथ बच्चों में मानवीय गुणों के विकास पर जोर देने की आवश्यकता है। 
बतौर विशिष्ट अतिथि  डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो राणा कृष्णपाल सिंह ने कहा कि प्राचीन काल में गुरुकल शिक्षण संस्थान शिक्षा की स्वायत्तता का पूर्ण  स्वरुप था। जहाँ शिक्षा का रूप सामानांतर था और कोई भेदभाव नहीं था। उन्होंने कहा कि प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में बढ़ते शिक्षण शुल्क पर सरकार का अंकुश होना चाहिये जिससे गरीब तबके के छात्रों को आसानी से शिक्षा मिल सके। 
इसी क्रम में  संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथिमहात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति प्रो नरेश चन्द्र गौतम ने कहा कि शिक्षा के साथ दृष्टिकोण होना अतिआवश्यक है क्यों कि एक शिक्षा तभी रूप ले सकती है जब वह सही दृष्टिकोण से रूपांतरित की गई हो।उन्होंने कहा कि देश की नींव की गुणवत्ता को विश्वविद्यालयीय शिक्षा से जोड़कर सुधारा जा सकता है।  जिन विद्वानों के पास ज्ञान, योग्यता और कर्मठता है और विश्वविद्यालय तक नहीं पहुंच पाते उसके लिए विश्वविद्यालय को स्वायत्तता दी जानी चाहिए। 

 अध्यक्षीय संबोधन में  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने कहाकि शिक्षा की स्वायत्तता के बिना शिक्षा एवं संस्कृति का उद्देश्य पूरा होने में बाधाएं है।उन्होंने कहा कि  गुरुकुल का भार राजा या समाज वाहन करता था यह पूर्ण रूप से शिक्षा देने के लिए स्वतंत्र था तभी उसके विद्यार्थी पूरे देश में उसका नाम रोशन करते थे। उन्होंने विश्वविद्यालय के मूल्यांकन करने वाली संस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा की जेएनयू जहां देशद्रोह का नारा लगता हो वह नैक मूल्यांकन में द्वितीय स्थान पर हो यह भ्रम की स्थिति पैदा करता है। उन्होंने कहा दुनिया भर में लोकप्रिय नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय का मूल्यांकन वहां के छात्र करते थे। उन्होंने कहा कि कस्तूरीरंगन आयोग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा और संस्कृति मंत्रालय रखने की सिफारिश की है जोकि सही है। उन्होंने निर्माणों के पावन युग में हम चरित्र निर्माण न भूलें इस गीत के माध्यम से अपनी पूरी बात रखीं।  

स्वागत डॉ राजकुमार  एवं धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ गिरिधर मिश्र ने किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों को कुलपति ने अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया।संगोष्ठी के पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने राजेंद्र सिंह रज्जू  भईया भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं शोध  संस्थान में रज्जू भईया जीवन यात्रा पट्ट का अनावरण किया गया. 

 इस अवसर पर विधायक डॉ हरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह,परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह , कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर बीबी तिवारी,डॉ राजीव प्रकाश सिंह, डॉ समर बहादुर सिंह, डॉ विजय सिंह,  प्रोफेसर अजय द्विवेदी, प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह, प्रोफ़ेसर बीडी शर्मा, प्रोफेसर मानस पांडे, प्रोफेसर वंदना राय, प्रोफेसर राम नारायण, डॉ प्रमोद यादव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ अलोक सिंह, राकेश यादव, डॉ विजय तिवारी, रमेश यादव, डॉ अनुराग मिश्र समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Friday, 9 August 2019

स्प्रिंगर नेचर ने कुलपति को दिया प्रशस्ति पत्र


विश्वविद्यालय के शिक्षकों,शोधार्थियों एवं विद्याथियों द्वारा लम्बे समय तक शोध कार्य हेतु ई रिसोर्स को प्रयोग करने पर अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशक  स्प्रिंगर नेचर की  तरफ से  विश्वविद्यालय को  प्रशस्ति पत्र दिया गया है.कुलपति सभागार में शुक्रवार को कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव को स्प्रिंगर नेचर के निदेशक कॉर्पोरेट विकास कुमार ने यह प्रशस्ति पत्र सौंपा। स्प्रिंगर नेचर ने इस हेतु देश के 14 विश्वविद्यालयों का चयन किया है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सबसे अधिक यूजर होने के कारण विश्वविद्यालय को यह सम्मान मिला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की उन्होंने कहा कि  विश्वविद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों को लगन के साथ ई रिसोर्स का प्रयोग करना चाहिए। शोध एवं अध्ययन में शोध पत्रिकाओं का बहुत  बड़ा योगदान है. शोधार्थी इनसे जुड़ कर गुणवत्तायुक्त शोधपत्र लेखन कर सकते है।  इस अवसर पर  मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडेय और विद्युत मल्ल को स्प्रिंगर नेचर के  विकास कुमार,कुंज वर्मा  ने महापुरुषों के चित्र भेंट किये। स्प्रिंगर नेचर के मानव संसाधन विभाग की अधिकारी अल्पना ने स्वागत किया। इस  अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल , वित्त अधिकारी एमके सिंह, परीक्षा नियंता बीएन सिंह, प्रो बीबी तिवारी, प्रो एके श्रीवास्तव, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ समर बहादुर सिंह , डॉ विजय सिंह , डॉ मनोज मिश्र,डॉ सुरजीत यादव, डॉ संदीप सिंह, डॉ संतोष कुमार,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अमरेंद्र सिंह,डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, अनु त्यागी, डॉ सुनील कुमार,अवधेश कुमार  समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।

Thursday, 8 August 2019

विश्वविद्यालयीय शिक्षा की स्वायत्तता विषयक संगोष्ठी का आयोजन 14 अगस्त को

विश्वविद्यालय एवं टीईक्यूआईपी के संयुक्त तत्वावधान में 14 अगस्त को विश्वविद्यालय के महंत अवैधनाथ संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालयीय शिक्षा की स्वायत्तता विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के अखिल भारतीय सह संगठन महासचिव शिव प्रकाश, विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो राणा कृष्णपाल सिंह एवं  महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति प्रो नरेश चन्द्र गौतम को आमंत्रित किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने संगोष्ठी के सफल संचालन हेतु  समिति का गठन किया है।  प्रो बीबी तिवारी  को आयोजन समिति का अध्यक्ष, डॉ राजकुमार  को संयोजक एवं डॉ गिरिधर मिश्र को  आयोजन सचिव बनाया गया है। साथ ही कुल 12 सह समितियों  का भी अलग अलग गठन किया गया है । आयोजन समिति की एक बैठक  परिसर के विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित हुई। इस बैठक में संगोष्ठी की सफलता के लिए व्यापक चर्चा की गई। आयोजन के अध्यक्ष प्रो बी बी तिवारी ने बताया कि संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र संगोष्ठी भवन में प्रातः 11 बजे से होगा।

Wednesday, 7 August 2019

अखंड भारत का सपना पूरा - कुलपति




विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मंगलवार को   अनुच्छेद  370  को निरस्त किये जाने पर के पर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं  विद्यार्थियों की सभा आयोजित की गई । सभा को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने कहा कि कश्मीर को भारत का स्वर्ग कहा जाता है और अब इस स्वर्ग तक हर हिंदुस्तानी पहुँच सकता है. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से देश के सभी नागरिक गौरवान्वित हुए  है। उन्होंने कहा कि विगत स्वतंत्रता दिवस को विश्वविद्यालय  परिवार ने अखंड भारत का संकल्प लिया। यह संकल्प  वर्ष में ही पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के  शिक्षकों का यह दायित्व है कि वह विद्यार्थियों  के अंदर राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करें। 
प्रो बीबी तिवारी  ने कहा कि हमारे देश में देवता भी मानव रूप में जन्म लेने को  उत्सुक रहते है.वह भूभाग देवभूमि है .  अनुच्छेद 370  का समाप्त होने से पूरा देश मुख्यधारा से जुड़ गया है. सञ्चालन विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र  ने किया।  इस दौरान वन्देमातरम और भारत माता कि जय के नारे से महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन गूंजता रहा . इस  अवसर पर  वित्त अधिकारी एमके सिंह ,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक वी  एन सिंह,अधिष्ठाता छात्र कल्याण अजय द्विवेदी, प्रो वी डी शर्मा, प्रो वंदना राय, प्रो अजय प्रताप सिंह, प्रो राम नारायण, प्रो राजेश शर्मा, डॉ राजकुमार सोनी, डॉ एस पी तिवारी,डॉ संदीप सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इंजीनियरिंग के नवप्रवेशित छात्रों हेतु होगा अभिप्रेरण कार्यक्रम



देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविद, विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों से रूबरू होंगे विद्यार्थी
21 दिनों तक छात्र के संपूर्ण विकास हेतु होंगी विविध गतिविधियां 
 विश्वविद्यालय में एआईसीटीई एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्व बैंक के संकल्पों के अनुक्रम में तकनीकी शिक्षा उन्नयन कार्यक्रम के अंतर्गत  नवप्रवेशित बीटेक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 14 अगस्त से 7 सितंबर तक अभिप्रेरणा कार्यक्रम आयोजित होगा।
टी क्यू आई पी  के निदेशक प्रो बी बी तिवारी ने बताया कि यह कार्यक्रम 21 दिनों तक छात्र के संपूर्ण विकास हेतु विभिन्न गतिविधियों के साथ चलेगा। इस कार्यक्रम में  देश से लगभग 40 विशेषज्ञ विद्यार्थियों से इंटरेक्शन हेतु आयेंगें।  इसमें इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में व्यवसाय के उत्तम अवसरों से लेकर  प्रगति ,शोध के संदर्भ में विश्व की स्थिति से छात्रों को रूबरू कराया जाएगा। इंजीनियरिंग एथिक्स एवं इंजीनियरिंग के विविध आयामों से छात्रों को रूबरू कराया जाएगा ।इस अभिप्रेरण कार्यक्रम में छात्र/छात्राओं के  कौशल ,संगीत ,गणित की आवश्यकता ,साहित्यिक विषय ,समय काल, प्रबंधन, भविष्य की चुनौतियां एवं उनका सामना करना , सृजन की कला, जीवन की कला, संगणक ज्ञान ,खेलकूद, शारीरिक शिक्षा ,शिक्षा के मूल्य , उद्योग भ्रमण,स्थानीय भ्रमण, मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, योग के सत्र ,दुर्गम स्थानों पर जीवन जीने की कला, एंटार्कटिक के रहस्य, प्राकृतिक चिकित्सा ,उद्यमिता के गुण जैसी बृहद संदर्भों से विद्यार्थियों को अभीप्रेरित किया जाएगा । इस कार्यक्रम में विशिष्ट विशेषज्ञ प्रोफेसर पी बी शर्मा ,श्री पी सी पतंजलि ,प्रो नरेश चंद गौतम, एसपी जौनपुर वीके  मिश्रा ,प्रोफेसर अनुराधा धरा हैदराबाद ,प्रोफेसर नंदिनी, बैंगलोर ,श्री आरके उपाध्याय पूर्व सीएमडी बीएसएनल, विवेकानंद केंद्र के संचालक प्रोफेसर एन हनुमंत राव,प्रो नगवेनी,बैंगलोर, डॉ छाया सिंह, प्रो जसवंत सिंह एवं दर्जनों अन्य विषय विशेषज्ञ के आने की सहमति प्राप्त है। कार्यक्रम का शुभारंभ 14 अगस्त को प्रातः 10:00 बजे कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव की अध्यक्षता में संपन्न होगा। 

Friday, 2 August 2019

डा प्रफुल्ल चन्द्र राय की जयन्ती मनी


फार्मेसी संस्थान में शुक्रवार  को डा प्रफुल्ल चन्द्र राय की जयन्ती मनाई गई l कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी  एम० के० सिंह ने डाक्टर प्रफुल्ल चन्द्र राय की प्रतिमा  पर माल्यार्पण करके किया।  उन्होंने कहा  कि प्रफुल्ल चन्द्र राय भारत के एक विख्यात  उद्यमी, रसायनज्ञ, तथा  एक महान शिक्षक थे। महात्मा गाँधी की  “सादा जीवन उच्च विचार” की धारणा प्रफुल्ल चन्द्र राय के बहुआयामी व्यक्तित्व से ही  प्रभावित थी । प्रफुल्ल चन्द्र राय की काबिलियत का पता उनकी  आत्मकथा “लाइफ एण्ड एक्सपीरियेंसेस ऑफ बंगाली केमिस्ट” से ज्ञात होती है ।  ‘नेचर’ पत्रिका ने प्रफुल्ल चन्द्र राय के बारे में लिखा है कि- “किसी के बारे में लिखने के लिए प्रफुल्ल चन्द्र राय से ज्यादा अच्छा जीवन चरित्र किसी और का नहीं हो सकता” l 
 संस्थान के शिक्षक  डा० धर्मेन्द्र सिंह ने भी विद्यार्थियों को प्रफुल्ल चन्द्र राय के व्यक्तित्त्व और कृतित्व से परिचित कराया।  सञ्चालन डा० विनय वर्मा ने एवं धन्यवाद ज्ञापन विजय बहादुर मौर्य ने  किया। इस अवसर पर  संस्थान के विद्यार्थियों  ने  पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण की भावना के तहत पौधरोपण किया l कार्यक्रम में  संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी उपस्थित रहे l 

Tuesday, 30 July 2019

विश्वविद्यालय में वृहद् वृक्षारोपण अभियान की हुई शुरुआत


वृक्षों के नाम पर होगा सड़कों का नाम - जिलाधिकारी 


विश्वविद्यालय के  फार्मेसी संस्थान परिसर  में मंगलवार को कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव एवं जिलाधिकारी अरविन्द मल्लपा बंगारी  ने पौधरोपण कर वृहद्  वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की । राष्ट्रीय सेवा योजना को इस अभियान की जिम्मेदारी दी गई है।  
फार्मेसी संस्थान के डॉ आर एन गुप्ता सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि देश में  254 जिले गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। इसमें जौनपुर भी है इसलिए हमें जल संचयन के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है।  हम पानी को किसी भी हाल में बर्बाद ना होने दें। उन्होंने कहा कि अपने मकानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अमल में लाएं यह वर्तमान समय के लिए अतिआवश्यक है।  उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के दृष्टिकोण से वृक्षारोपण अनिवार्य है।  इस वर्ष जनपद  में 60 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। साथ ही इसे संरक्षित करने पर भी जोर देना होगा ताकि जिले में जल और जंगल का संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि हमारी योजना है कि हम वृक्षों के नाम पर सड़कों का नाम रखेंगे।

कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि पौधरोपण के  लक्ष्य को सफल बनाने में  विश्वविद्यालय अपनी अहम् भूमिका अदा करेगा।  उन्होंने कहा कि  विद्यार्थी वृक्षों को अपना मित्र बनाएं, जो जीवन भर साथ देते है । हम जब भी विश्वविद्यालय में 5 या 10 साल बाद आएंगे तो यही वृक्ष  हमें सर्वाधिक सुख देंगे । उन्होंने विभिन्न पौधों के औषधि गुण के बारे में भी चर्चा की । 
कार्यक्रम में जिलाधिकारी को अभियान की सफलता के लिए डॉ मनोज मिश्र ने अशोक का पौधा भेंट किया एवम धन्यवाद् ज्ञापित किया।  कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के संयोजक राकेश यादव ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंता बी एन सिंह, प्रो मानस पांडेय, प्रो बीडी शर्मा, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अनुराग मिश्र, डॉ राजीव कुमार, डॉ विनय वर्मा,डॉ नृपेन्द्र सिंह, डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ झाँसी मिश्र, डॉ अलोक दास, डॉ संजय श्रीवास्तव, शील निधि सिंह,विशाल चौबे आदि उपस्थित रहें।

Monday, 29 July 2019

गुणवत्ता युक्त दुग्ध उत्पादन में नई तकनीकी की भूमिका विषयक विशेष व्याख्यान


नई तकनीकी से  दुग्ध  उत्पादन में जीविका की असीम   सम्भावनाएं - डॉ उमेश

विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में सोमवार को गुणवत्ता युक्त दुग्ध उत्पादन में नई तकनीकी की भूमिका विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय  विश्वविद्यालय चित्रकूट में  कृषि संकाय में एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ उमेश कुमार शुक्ल ने कहा कि आज   नई तकनीकी से  दुग्ध  उत्पादन में जीविका  की असीम  सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि  राज्य सरकारें  इस दिशा में सक्रिय हैं और इस पेशे से जुड़े लोंगो को सहायता प्रदान कर रहीं है.  उन्होंने अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों को दुग्ध उत्पादन में प्रयुक्त होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की जानकारी दी एवं उनके उपयोग के तरीकों पर प्रकाश डाला। 
उन्होंने इस अवसर पर  केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए  इस व्यवसाय के लिए मिलने वाले  अनुदान से भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इससे हम  आजीविका के साधनों को और  बेहतर बना सकते हैं। संचालन डॉ संतोष कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ पुनीत धवन ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रमोद कुमार  यादव,डॉ राजकुमार सोनी,डॉ दीप्ती पांडेय,डॉ गिरिधर मिश्र,अनिल कुमार मौर्य सहित   विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

Saturday, 27 July 2019

शिक्षकों के शिक्षण एवम् शोध कार्यों से रूबरू हुए कुलपति

विश्वविद्यालय के उमा नाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में शनिवार को कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव  इंजीनियरिंग के शिक्षकों की दो साल की गतिविधियों से रूबरू हुए।
इंजीनियरिंग संस्थान के 9 विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों ने अपने शिक्षण - शोध कार्य एवं उपलब्धियों को विस्तार पूर्वक प्रस्तुत किया. कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने विभाग के हर शिक्षक से सीधे संवाद  कर बेहतर काम करने वालों का उत्साहवर्धन  किया.  उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्ता युक्त  शिक्षण एवं शोध कार्य करने  की सलाह भी दी।उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान वहां के शिक्षकों से होती है जितना उच्च स्तरीय शिक्षण व शोध कार्य होगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की छवि उतनी ही मजबूत होगी। विश्वविद्यालय के शिक्षक जो  सृजन  एवं शोध कर रहे है उससे छात्रों को भी लाभान्वित करें. कुलपति ने बीते दिनों विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों की दो साल की गतिविधियों की प्रस्तुति के लिए दिशानिर्देश दिया था जिसकी शुरुआत शनिवार को इंजीनियरिंग संस्थान से हुई।
इंजीनियरिंग संस्थान के प्रोफेसर के प्रोफेसर बीवी तिवारी ने सर्वप्रथम इलेक्ट्रानिक्स विभाग के शिक्षकों की प्रस्तुति दी। इसी क्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर एके श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापति किया।
इस अवसर पर डॉ संदीप सिंह,डॉ संजीव गंगवार, डॉ नूपुर तिवारी, डॉ रजनीश भास्कर, प्रशांत कुमार, डॉ संतोष कुमार, डॉ सौरभ पाल, डॉ रामनरेश यादव, डॉ राजकुमार, ज्योति सिंह, डॉ महेंद्र यादव, शैलेश प्रजापति समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

Monday, 15 July 2019

कौशल विकास के लिए हुआ एमओयू



 विश्वविद्यालय ने भारत सरकार की कौशल विकास योजना को अमलीजामा पहनाने की पहल शुरू की है। इसके तहत नई दिल्ली की डेजाव्यू  स्किल लर्निंग एंड डेवलपमेंट सिस्टम के साथ सोमवार को कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य  ग्रामीण एवं शहरी बेरोजगारों का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार प्रदान करना है। विश्वविद्यालय के छात्र सुविधा केंद्र में इसका प्रशिक्षण कराया जाएगा । विश्वविद्यालय परिसर में डेजाव्यू  के डायरेक्टर एवं कॉरपोरेट अफेयर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ पीयूष सक्सेना एवं डेजाव्यू  मुंबई की ट्रेनिंग मैनेजर डॉ चैताली पहुचीं । इसके बाद कुलपति प्रो डॉ राजा राम यादव ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय की ओर से पूर्वांचल विश्वविद्यालय ग्रामोदय समिति के संचालक शीलनिधि सिंह, राजन गुप्ता, संतोष कुमार यादव द्वारा विश्वविद्यालय के आसपास के बेरोजगारों की रोजगार में अभिरुचि, योग्यता आदि का विस्तृत रूप से सर्वे कर रिपोर्ट निरीक्षण मंडल को सौंपा। विश्वविद्यालय एक  टीम एक सप्ताह की ट्रेनिंग के लिए मुंबई जाएगी इसके बाद बेहतर ढंग से इस कार्य को अंजाम दिया जा सके।
इस कार्य को बेहतर ढंग से करने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर संचालित करने के लिए कुलपति प्रोफेसर डॉ  राजाराम यादव ने अपने नेतृत्व में  प्रो बी बी तिवारी, डॉ राजकुमार समेत  की समिति बनाई है । इस कार्य में आर्थिक सहयोग टेकिप की आउटरीच एक्टिविटी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रोफेसर बी बी तिवारी, डॉ राजकुमार, डॉ पुनीत धवन उपस्थित थे।

Tuesday, 9 July 2019

फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने दिया व्याख्यान


विश्वविद्यालय परिसर  के  उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में मंगलवार  को  फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्यख्यान दिया। संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम  दूसरे  दिन देश के प्रख्यात  भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के प्रोफेसर गोपालकृष्णन हेगड़े ने कहा  कि नैनोफोटोनिक्स के माध्यम से नई डिवाइस बनेगी जिसकी कार्यक्षमता और दक्षता अधिक होगी. इससे नए सोलर सेल बनाये जा सकते है. उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी के द्वारा उद्योगों में आने वाली क्रांति के तरफ इशारा भी किया.
इसी क्रम में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के प्रोफेसर डॉ टी श्रीनिवास ने फोटोनिक्स इंटीग्रेटेड सर्किट पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम से आने वाले दिनों में ओद्योगिक क्रांति ला सकेगें.गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एव तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के इन्जीनियरिंग  के प्रोफेसर डॉ अजय शंकर ने कहा कि माइक्रो मशीनिंग एवं अन्य सेंसर अनुप्रयोगों में मैट्रोलोजी उपयुक्त है.
टेकिप समन्वयक प्रो बीबी तिवारी  अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में संयोजक डॉ रवि प्रकाश एवं ज्योति सिंहडॉ रजनीश भास्करडॉ शैलेश प्रजापतिप्रवीण सिंहपारुल त्रिवेदीअजय कुमार मौर्यामोहम्मद अनीश,रितेश बरनवालसुधीर सिंहपूनम सोनकरदीपक सिंहसमेत तमाम शिक्षक उपस्थित रहे.

Monday, 8 July 2019

देश के प्रख्यात वैज्ञानिकों से रूबरू हुए शिक्षक

विश्वविद्यालय परिसर  के  उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में सोमवार को  एक सप्ताह के फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत को हुई। एक सप्ताह के इस  कार्यक्रम में  संचार एवं फोटानिक्स विषय पर देश के प्रख्यात वैज्ञानिक शिक्षकों से रूबरू होंगें। संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में पहले दिन आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक प्रोफेसर विपुल रस्तोगी ने फाइबर ऑप्टिक्स पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि फाइबर ऑप्टिकल की वजह से इंटरनेट को तीब्र गति मिली है. फाइबर-ऑप्टिक संचार प्रणाली ने टेलिकम्युनिकशन में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है एवं सूचना युग के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।आने  समय में ऑप्टिकल कंप्यूटर बनेगें जिससे कई क्षेत्रों में बड़े  परिवर्तन आयेंगें। 
अगले सत्र में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एव तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के इन्जीनियरिंग  के प्रोफेसर डॉ अजय शंकर ने ऑप्टिकल मैट्रोलोजी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मापन के सिद्धांत इंजीनियरिंग डिजाइन के लिए आवश्यक है. उद्घाटन  सत्र में टेकिप समन्वयक प्रो बीबी तिवारी  कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की । कार्यक्रम में संयोजक डॉ रवि प्रकाश एवं ज्योति सिंह ने अतिथियों स्वागत किया। इस अवसर पर हासन कर्नाटक के मलनाड इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर डॉ पी सी श्रीकांत , डॉ डी एन नागालक्ष्मी, प्रो ए के श्रीवास्तव, डॉ संतोष, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ शैलेश प्रजापति, प्रवीण सिंह, दीपक सिंह, पारुल त्रिवेदी, अजय कुमार मौर्या, मोहम्मद अनीश समेत तमाम लोग उपस्थित रहे.

Tuesday, 2 July 2019

इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए लाभकारी है फाइव जी



विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया हाल में मंगलवार को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत संचार निगम लिमिटेड के पूर्व सीएमडी डॉ आरके उपाध्याय ने मोबाइल प्रौद्योगिकी की अगली पीढ़ी 5जी पर विशेष व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि 5G भारत में डिजिटल क्रांति के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा जिससे स्वचालित यातायात नियंत्रण, ड्राइवर विहीन कार, ऑटोमेटिक रोबोट, सुदूर शल्य चिकित्सा, भारी मशीनरी का रिमोट नियंत्रण एवं आभासी वास्तविकता प्रदान होगी। उन्होंने कहा कि 5G तकनीकी से इंटरनेट की हाई स्पीड निम्न विलंबता और क्षमता में वृद्धि होगी इसके लिए हमें बड़े निवेश करना होगा। 5G के लाभों को विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि इससे इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के समय में काफी बचत होगी और देश के विभिन्न क्षेत्रों में  लाभ होगा।
अगले सत्र में पी ई एस कॉलेज आफ इंजीनियरिंग मांड्या के डॉक्टर महेश कुमार एवं डॉक्टर चेतन में पी स्पाइस एवं सिमुलेशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सर्किट पर विशेष व्याख्यान दिया।
टेकिप के निदेशक प्रोफेसर बी बी तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ रवि प्रकाश, शैलेश प्रजापति, पीसी यादव, दीपक सिंह, अनीश, ज्योति सिंह समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

Monday, 1 July 2019

पीयू के परीक्षा नियंत्रक को कुलपति,शिक्षक एवं कर्मचारियों ने दी विदाई

विश्वविद्यालय में  सोमवार को कुलपति सभागार में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार को विदाई दी गई। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार का स्थानांतरण आगरा के बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में इसी पद पर हुआ है।  कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने परीक्षा नियंत्रक के कार्यों की सराहना की और कहा कि भविष्य में आशा है कि वह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का सहयोग सदैव करते रहेंगे । इस अवसर परकुलपति ने उन्हें अंगवस्त्रम पहनाकर विदाई दी।
उधर एक अन्य समारोह में इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में पीयू के परीक्षा नियंत्रक को शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। 
विदाई समारोह में भावुक होते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में बहुत कुछ सीखने को मिला है। यहां के शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग से इतने अल्प समय में मैं हर चुनौतियों का सामना कर सका। समय से परीक्षा संपन्न कराकर परीक्षाफल घोषित करना टीमवर्क के कारण संभव हो पाया।
इस अवसर पर प्रोफेसर बीबी तिवारी,वित्त अधिकारी एमके सिंह,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल,राकेश यादव , प्रोफेसर बी डी शर्मा, प्रोफेसर अशोक श्रीवास्तव, प्रोफेसर अजय द्विवेदी, डॉ मनोज मिश्र, डॉ राजकुमार, श्याम त्रिपाठी उपस्थित रहे। विश्वेश्वरैया  सभागार में परीक्षा नियंत्रक को शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्मृति चिन्ह एवम अंगवस्त्रम भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर संतोष कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ रजनीश भास्कर ने किया। इस अवसर पर डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, अन्नू त्यागी, आरपी सिंह, ए एच रिजवी, डॉ संजय श्रीवास्तव समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Wednesday, 26 June 2019

भारत माता के अनन्य उपासक थे पद्म भूषण पूज्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर विश्वविद्यालय में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
जौनपुर।  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में पद्म भूषण पूज्य  स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।  सभा को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि पूज्य स्वामी जी  ने अपना पञ्च भौतिक  शरीर त्याग कर  ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने से आज परम्परागत धर्म संवाहक के रूप में   एक अलौकिक युग का अंत हो गया है।  उन्होंने बताया कि  परम पूज्य गुरुदेव भारत माता  के अनन्य उपासक   और निवृत्त  जगद्गुरु शंकराचार्य रहे हैं। स्वामी जी के साथ अपने संस्मरणों को ताज़ा करते हुए उन्होंने कहा कि संत विश्व का कल्याण करता है। संत के स्मरण, आशीर्वाद  तथा उनके आदर्शों पर चलकर हम जीवन में आशानुरूप चमत्कारिक परिणाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी आध्यात्मिक गुरु थे।  बहुत कम आयु में आप  महामंडलेश्वर और शंकराचार्य बने थे।  सत्य सनातन धर्म को वैश्विक छवि देने और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए आप ने शंकराचार्य से निवृत्त  होकर हरिद्धार  में भारत माता मंदिर की  स्थापना की।  उन्होंने कहा कि  आप अवतारी संत  थे  ।   ऐसे महामानव धरती पर कम अवतरित होते हैं।  श्रद्धांजलि सभा को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार एवं प्रोफेसर विक्रमदेव  ने भी संबोधित किया। सभा का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने किया।  इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल , प्रो अजय द्विवेदी, डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ के एस  तोमर, डॉ  राजकुमार,डॉ संतोष कुमार, डॉ जगदेव, डॉ पुनीत धवन,डॉ  सुधीर कुमार उपाध्याय,डॉ एसपी तिवारी , डॉ  शैलेश प्रजापति,  डॉ महेंद्र यादव ,डॉ नितेश जायसवाल, डॉ संजय  श्रीवास्तव, एमएम  भट्ट, अनिल मौर्य,अशोक सिंह ,डॉ राजेश सिंह ,अरुण आदर्श   सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

Thursday, 20 June 2019

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मना पंचम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस






वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुक्तांगन  में पंचम  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।  योग दिवस के अवसर पर योग आचार्य अमित आर्य ने कॉमन प्रोटोकॉल  के तहत  वृक्षासन ताड़ासन, प्राणायाम, त्रिकोणासन समेत एक दर्जन से अधिक   योगाभ्यास करवाया। उन्होंने योग के लाभों  पर  विस्तार पूर्वक  चर्चा की । 
बतौर मुख्य अतिथि सामजसेवी एवं आशु कवि दरबारी लाल प्रेमी ने योग की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए   कहा कि आज पूरी दुनिया योग के लाभों से भिज्ञ है। नवीन शोध भी बताते है कि  नित्य योगाभ्यास से हम गंभीर बीमारियों पर विजय पा सकते हैं।  अध्यक्षीय  संबोधन में  आचार्य संजीव जी ने कहा कि मन में विकारों की निवृत्ति करना ही योग है। डॉ संतोष कुमार  ने आभार एवं  संचालन डॉ संजय श्रीवास्तव ने  किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम के  सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल , प्रो वीडी शर्मा , डॉ अनिल यादव ,राकेश कुमार यादव ,डॉ जगदेव ,डॉ मनोज मिश्र,  एमएम भट्ट ,  डॉ रसिकेश ,डॉ सुनील कुमार, डॉ पुनीत धवन, डॉ अवध  बिहारी सिंह,डॉ गिरधर मिश्र,डॉ मनोज  पांडे,  ‌डा विनय वर्मा ,  अशोक सिंह, रजनीश  सिंह,  अरुण  सिंह आदर्श  समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं क्षेत्रवासियों ने  प्रतिभाग किया।

योग दिवस की पूर्व संध्या पर निकली योग यात्रा




विश्वविद्यालय परिसर  में पांचवें  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को योग यात्रा का आयोजन किया गया।  योग यात्रा  को मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं आशु कवि श्री दरबारीलाल प्रेमी एवं कुलसचिव ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।  यह यात्रा वीर बहादुर सिंह की प्रतिमा से शुरू होकर विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम से होते हुए मुक्तांगन तक आई । मुख्य अतिथि ने योग के महत्व को बताया। इसके बाद मुक्तांगन परिसर और रोवर्स रेंजर्स भवन  के बाहर कुलसचिव सुजीत जायसवाल ने पौधरोपण किया ।
इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि योग मन, मस्तिष्क एवं शरीर का एक अभ्यास है।  यह सिर्फ व्यायाम भर नहीं है, बल्कि विज्ञान पर आधारित शारीरिक क्रिया है। यह जीवन को सही प्रकार से जीने का एक मार्ग है। इसके बाद मुक्तांगन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। रोवर्स रेंजर्स के अभिषेक मिश्र एवं साथियों के समूह गायन पर श्रोता झूम उठे। इसी क्रम में पर्यावरण जागरूकता  पर आधारित  नाटक के मंचन को दर्शकों ने काफी सराहा।
 संचालन डॉ संजय श्रीवास्तव ने  किया। इस अवसर पर हरिद्वार से आए सह राज्य प्रभारी आचार्य संजीवजी, अचल हरिमूर्ति, आचार्य कृष्ण मुरारी,शशिभूषण, डा. हेमंत, डा. ध्रुवराज, अमित आर्य, प्रो. बी.डी. शर्मा, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ मनोज मिश्र, एनएसएस समन्वयक राकेश यादव, रोवर्स रेंजर्स समन्वयक डॉ. जगदेव, एम.एम भट्ट, डॉ सुनील कुमार,डा. अमरेन्द्र सिंह, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ पुनीत कुमार धवन, डॉ गिरधर मिश्र,  डॉ विनय वर्मा, डा. सुधीर कुमार उपाध्याय, डॉ राजेश सिंह, अशोक सिंह, रजनीश  सिंह, सुशील प्रजापति सहित  विश्वविद्यालय के शिक्षक,विद्यार्थी  और कर्मचारी उपस्थित रहे।