Tuesday, 14 May 2019

बदलते दौर में संस्कार युक्त शिक्षा की जरूरत- कुलपति डॉ श्रेयांश

विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया भौतिकी विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में बदलते परिवेश में उच्च की शिक्षा एवं चुनौतियां विषय पर  मंगलवार को एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल हरियाणा के कुलपति डॉ श्रेयांश द्विवेदी ने कहा कि भारत अर्पण, समर्पण और तर्पण की भूमि है हम शिक्षा के क्षेत्र में अपने विद्यार्थियों को इससे दूर रख रहे हैं जिससे निराशाजनक परिणाम आ रहे हैं।आज रोजगार के पैकेज के चक्कर में उन्हें संस्कारविहीन शिक्षा की ओर धकेला जा रहा है जो समाज के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में हमें संस्कारयुक्त शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीकी के क्षेत्र में हमें अपने परंपरागत विज्ञान को भी संजोए रखने की जरूरत है आज ऐसे शोध की आवश्यकता है जिससे विदेशों में हमारे देश के योगदान पर प्रकाश डाला जा सके।
कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय का मतलब विश्व के सभी विधाओं की एक जगह शिक्षा उपलब्ध कराने से है इन उद्देश्यों की पूर्ति भारत के नालंदा जैसे विश्वविद्यालय करते थे। बदलते दौर में विश्वविद्यालय को पूर्ण स्वायत्तता की आवश्यकता है जिससे वह शीघ्र पाठ्यक्रमों को मूर्त रूप दे सके।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने कहा कि बेरोजगारी रोकने के लिए विद्यार्थियों में कौशल युक्त शिक्षा की जरूरत है। 
संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने डॉक्टर श्रेयांश द्विवेदी को कुलाधिपति राम नाईक की पुस्तक चरैवेति- चरैवेति एवं विश्वविद्यालय की पत्रिका गतिमान भेंट की।
इस अवसर पर प्रो के पी सिंह, प्रो ए के श्रीवास्तव, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ राजकुमार, डॉ संतोष कुमार, डॉ सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ पुनीत धवन, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ गिरिधर मिश्र, डॉ नीरज अवस्थी समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

Wednesday, 1 May 2019

विश्वविद्यालय के उन्नयन के लिए मिल कर करें काम



माननीय  कुलपति जी के कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने पर शिक्षकों ने दी बधाई
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव को कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर बुधवार को कुलपति सभागार में शिक्षकों एवं  अधिकारियों ने बधाई दी. कुलपति प्रो डॉ राजराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय नया कीर्तिमान स्थापित करें इसके लिए सबको मिल कर काम करना पड़ेगा। कुलपति डॉ राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में अशोक सिंहल  परम्परागत विज्ञान एवं तकनीकी संस्थान की स्थापना अन्तिम चरण में है। जिसके अंतर्गत योग चिकित्सा विज्ञान, संगीत विभाग, गौ विज्ञान अनुसंधान केन्द्र, परम्परागत औषधि विज्ञान रक्षा एवं आन्तिरिक सुरक्षा विज्ञान जैसे पाठ्यक्रमों की शिक्षा दी जाएगी.उन्होंने कहा कि शिक्षकों आवसीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 36 भवनों का निर्माण कराया जा रहा है इस के साथ ही केन्द्रीयकृत मूल्यांकन के लिए बहुमंजिलीय बाला साहब देवरस मूल्यांकन केंद्र  का निर्माण शीघ्र पूरा होने वाला है. प्रो बी बी तिवारी ने कहा कि अनुसंधान उन्नयन हेतु इन्स्टीटयूशनल प्रोस्ट डाक्टरेट फैलोशिप देने वाला   यह पहला विश्वविद्यालय है . ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की सक्रियता से  लगभग दो हजार  छात्रों का कैंपस सेलेक्शन  हुआ। निःशुल्क कोचिंग की शुरूआत एवं बीए एलएलबी पंचवर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम से यहाँ के विद्यार्थियों को बहुत सहूलियत मिली है. इसी क्रम में प्रो वंदना राय  ने कहा कि परिसर में राजेन्द्र सिंह प्रो0 राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान की स्थापना से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेसिक साइंस की बेहतर शिक्षा मिली है. प्रो मानस पाण्डेय ने कहा कि आपके कार्यकाल में विश्वविद्यालय  शोध गंगा पोर्टल पर प्रदेश में पहले और देश में तीसरे स्थान पर है . विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की पूरे देश में सर्वाधिक 600 इकाइयों का गठन हुआ एवं ‘‘युवादिवस समारोह’’ के आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों के माध्यम से सम्पन्न हए। जिसका प्रशस्ति पत्र  भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुआ। इसी के साथ केरल त्रासदी पर राष्ट्रीय सेवा योजना के विश्वविद्यालय  तीन लाख उनचास  हजार का योगदान भी किया जो कि विश्वविद्यालय के  मानवीय पक्ष को दिखाता है .इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम के सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो अशोक  श्रीवास्तव, प्रो वी डी शर्मा, प्रो अजय प्रताप सिंह,डॉ मनोज मिश्र, प्रो रामनारायण,डॉ रजनीश भास्कर, डॉ रसिकेस, डॉ संजीव गंगवार, डॉ के एस तोमर, डॉ मुराद अली, डॉ पुनीत धवन समेत तमाम शिक्षक उपस्थित रहे .

Thursday, 25 April 2019

अल्ट्रासोनिक तरंगों से होगी नैनो पदार्थों की जांच



रज्जू  भैया भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं  शोध संस्थान में लगा देश का नवीनतम जीटा  एपीएस 

विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया भौतिकीय  विज्ञान अध्ययन  एवं शोध संस्थान में शोध कार्य के लिए जीटा  एपीएस एवं टीपीएस 500 की स्थापना की गई।  यह  नवीनतम उपकरण देश में पहली बार किसी विश्वविद्यालय में लगाया गया है। इसके लगने से शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी। गुरुवार को कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने इसका निरीक्षण कर वैज्ञानिकों से इस पर चर्चा की। इसको स्थापित कराने के लिए दिल्ली और मुंबई के वैज्ञानिक विश्वविद्यालय परिसर में आए हुए है। यह जीटा उपकरण मेडिकल साइंस,टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज की जरूरतों के साथ वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों  के लिए उपयोगी है। 
यह उपकरण विलियन में 05 नैनोमीटर से लेकर 100 माइक्रॉन तक के पदार्थ का आकार माप सकता है। साथ ही यह कणों के आकार का भी आकलन  करेगा।  संस्थान में टीपीएस 500 एस उपकरण की भी  स्थापना की गई है। इस उपकरण से बहुत कम प्रवाह वाले विलयन  को भी नापा जा सकता है।  साथ ही यह किसी भी पदार्थ की कंडक्टिविटी -40 (माइनस चालीस ) से 200 सेंटीग्रेट के तापमान पर भी माप  कर सकता है.
इस  संस्थान में  स्थापित विश्वस्तरीय उपकरणों की सुविधा का लाभ देश के शोध छात्र, वैज्ञानिक एवं  उद्योग जगत के लोग ले सकेंगे।  इन उपकरणों के  संचालन की जिम्मेदारी  संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद कुमार यादव को दी गयी  है। उपकरणों की तकनीकी की जानकारी  के लिए  संस्थान के  शिक्षक डॉ पुनीत धवन एवं डॉ गिरिधर मिश्र ने  अमेरिका के वैज्ञानिकों से ऑनलाइन ट्रेनिंग ली। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम के सिंह,  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो के पी सिंह,प्रो मानस पांडे, प्रो अशोक  श्रीवास्तव, डॉ मनोज मिश्र,  प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ राजकुमार, डॉ संतोष कुमार, डॉ के एस  तोमर, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ मनोज पांडेय, डॉ नितेश जायसवाल, डॉ अजीत सिंह, डॉ अभिषेक,डॉ अमित वत्स, डॉ पी के कौशिक, डॉ  संजय श्रीवास्तव  सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। 

Wednesday, 24 April 2019

सूचना तकनीकी से उच्च शिक्षण संस्थान हुए लाभान्वित


विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सयुंक्त तत्वाधान में शौक्षिणक नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन वक्ताओं ने उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए अनेक उपायों पर विचार विमर्श किया। यह सात दिवसीय अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक मिशन एवं शिक्षण द्वारा आयोजित है।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज, के व्यवसाय प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जी.पी.साहू ने उच्च शिक्षा के प्रभावी शासन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने पर बल दिया। सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति से उच्च शिक्षण संस्थान लाभान्वित हुए हैं। ऑनलाइन परीक्षा आवेदन, ऑनलाइन परीक्षा परिणाम एवं अंक पत्र प्राप्त करना, ऑनलाइन पाठ्यक्रम सामग्री से छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने में आसानी हुई है। इससे भ्रष्टाचार पर भी रोक लगी है। ई-पुस्तक ,ई-जर्नल एवं मूक्स( एम.ओ.ओ.सी.एस) आदि के द्वारा उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों एवं छात्रों के पाठय-पठन कार्यक्रम से शिक्षा और प्रगतिशील हुई है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एन.सी.ई.आर.टी नई दिल्ली,के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एस.के.यादव ने उच्च शिक्षा संस्थान के बुनियादी ढांचों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अच्छे भवन एवं आधुनिक प्रयोगशाला से विश्वविद्यालय के पाठय-पठन कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में सरलता होती है। भारत के आई.आई.टी एवं  आई.आई.एम इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। 
व्यवसाय प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ मुराद अली ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं डॉ सुशील सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। 

Tuesday, 23 April 2019

शिक्षा की उन्नति के लिए छात्र सक्रियता जरुरी - प्रो कल्पलता


सात दिवसीय अकादमी नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू 

विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध विभाग व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एकेडमिक लीडरशिप एंड एजुकेशन मैनेजमेंट के द्वारा सात दिवसीय अकादमी नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह प्रशिक्षण  कार्यक्रम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से प्रायोजित  एवं पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक मिशन एवं शिक्षण के तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ,वाराणसी के शिक्षा विभाग की  प्रोफेसर कल्पलता पांडेय ने कहा शिक्षा की  उन्नति के लिए छात्र सक्रियता आवश्यक है। उन्होंने कहा समाज के विकास में शिक्षक अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षक छात्रों के प्रेरणा स्रोत होते हैं एवं छात्रों के कैरियर चुनने में सहायक होते हैं। प्रोफ़ेसर कल्पलता पांडेय ने कहा कि संपूर्ण और सफल शिक्षा के लिए छात्र सक्रियता जरूरी है। छात्र सक्रियता न सिर्फ उनके उत्तरदायित्व और कर्तव्यों को निभाने में मदद करती है बल्कि उनके भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छात्र सक्रियता छात्रों को कुशल नागरिक के रूप में परिवर्तित करने में सुसाध्य होती है। 

कार्यक्रम के संयोजक एवं व्यवसाय प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ मुराद अली ने कार्यशाला के विषय पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में  विभिन्न जनपदों के विश्वविद्यालय एवं कॉलेजो से 60 से अधिक उच्च शिक्षक एवं प्रशासनिक अधिकारी भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण देने वालों में एन.सी.ई.आर.टी, नई दिल्ली के प्रोफ़ेसर एस.के. यादव, पूर्व कुलपति एवं आई.ए.एस अधिकारी प्रोफेसर के.एम. शाहिद, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान,प्रयागराज के प्रोफेसर जी.पी.साहू ,अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग के संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर परवेज तालिब, जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रोफेसर आफताब आलम इत्यादि शामिल होंगे।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध संकाय के प्रोफेसर एच.पी. माथुर ने कहा वितरित नेतृत्व एवं विसरण प्राधिकार से प्रभावी शासन संभव है। इससे योजनाएं बेहतर ढंग से क्रियान्वित होती हैं। अकादमिक नेतृत्व के लिए शिक्षक प्रबंधकों को प्रेरणा स्रोत बनना चाहिए जिससे उनके प्रयास सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
अतिथियों का स्वागत , कार्यक्रम संयोजक डॉ० मुराद अली ने किया, धन्यवाद ज्ञापन व्यवसाय प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ सुशील सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन  अमित सिंह वत्स ने किया।

Tuesday, 16 April 2019

टाइम मशीन से भूत और भविष्य को देख सकेंगे- प्रो नवल किशोर

विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में टाइम मशीन पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।  व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता प्रख्यात भौतिकविद एवं  केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ हरियाणा के  प्रोफ़ेसर नवल किशोर  ने  प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंस ,यूएसए के टाइम मशीन  पर पुस्तक  "ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम " पर केंद्रित करते हुए अपने विचार व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम टाइम मशीन से अपने भूत और भविष्य को देख सकेंगे। इस मशीन को निर्मित करने के लिए वैज्ञानिकों को सभी अवयव पता है और एक न एक दिन यह सम्भव हो जायेगा।उन्होंने कहा कि अल्बर्ट आइंस्टीन ने  एक समीकरण दिया था जिसमें भार को ऊर्जा में बदल सकते हैं जोकि सापेक्षता के सिद्धांत पर आधारित थी।  इस सिद्धांत में अल्बर्ट आइंस्टीन ने बताया कि कोई भार लाइट की गति से ज्यादा तेज नहीं चल सकता और भार से ऊर्जा पैदा की जा सकती है पर इस सिद्धांत पर उनको नोबेल प्राइज नहीं दिया गया बल्कि फोटो इलेक्ट्रिक इफेक्ट पर नोबेल पुरस्कार दिया गया।
प्रोफेसर नवल किशोर जी ने कहा कि  समय यंत्र से हम भूत काल और भविष्य काल में घूम सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोई जुड़वा बच्चों में से एक बच्चा समय यंत्र से 10 साल भूतकाल में घूम कर आता है तो दोनों जुड़वा बच्चों की आयु सामान नहीं रहेगी क्योंकि दोनों का समय अलग अलग रहेगा। उन्होंने बताया कि समय यंत्र अभी रियल में नहीं है परंतु सिद्धांत में इसकी मौजूदगी है। टेकिप के समन्वयक प्रो बी बी तिवारी ने स्वागत एवं संचालन छात्रा तन्वी सिंह न किया।
इस अवसर कर प्रो हरि प्रकाश, डॉ रवि प्रकाश, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ प्रवीण सिंह, रितेश बरनवाल, विशाल, जया समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

Friday, 5 April 2019

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के कार्यकम में योगदान देगा विश्वविद्यालय

प्रदूषण,जनसंख्या वृद्धि एवं लोक परम्परा  पर  करेंगे जागरूक 

विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना भवन  में शुक्रवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद, मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के नई तालीम  एवं ग्रामीण प्रक्षालन व सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित करने  के लिए बैठक आयोजित हुई।  

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद  हैदराबाद  के वरिष्ठ फैकल्टी डॉ अनिल कुमार दुबे  ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना एवं पत्रकारिता के विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण विकास के लिए काम करेगा।  उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ हम संस्कृति, संस्कार से दूर होते जा रहे हैं।  गांव के लोगों का शहरों की तरफ  पलायन  होना चिंतनीय है।  देश के विकास में ग्रामीण विकास सबसे जरूरी है इसके लिए ग्रामीण सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इसमें जनसंख्या वृद्धि, प्रदूषण,लोक परम्परा के संरक्षण   एवं गरीबी को केंद्रित करते हुए ग्रामीणों जागरूक किया जायेगा।  शिक्षा संकाय के साथ नई तालीम कार्यक्रम को पूर्वांचल में चलाया जाएगा।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक राकेश यादव ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेविकाएं  इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका अदा करेंगे।  जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने ग्रामीण संस्कृति के विविध आयामों पर अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि सदियों से जीवंत  ग्रामीण संस्कृति को अब संरक्षित किये जाने की जरूरत  है। नए दौर में युवाओं का अपनी परम्परा और  संस्कृति से विमुख होना  भविष्य के लिए सुखद नही है।  ग्रामीण संस्कृति को संजोकर ग्रामीण विकास जरूरी है। 
बैठक के पूर्व डॉ अनिल कुमार दुबे  ने कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव से भेंट की। उन्होंने परिषद के कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से चर्चा की।कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया। 
बैठक में रोवर्स रेंजर्स के समन्वयक डॉ जगदेव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ राम कुमार मौर्य, डॉ राममूर्ति यादव, डॉ राजेश कुमार, डॉ नीरज श्रीवास्तव, डॉ राम मोहन अस्थाना,डॉ अखिलेश चंद्र यादव,  डॉ संदीप कुमार यादव समेत तमाम लोग मौजूद।

Friday, 29 March 2019

प्रौद्योगिकी के अनुकूल विकसित करें अकादमिक योजना - डॉ० एहतेशाम

चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न 

विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सयुंक्त तत्वाधान में पंडित मदन मोहन मालवीय शिक्षक मिशन एवं शिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में उच्च शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार लाने के अनेक रणनीतियों के बारे में बताया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से आयोजित हुआ।  

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ऊर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय लखनऊ के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष  डॉ० एहतेशाम अहमद ने चौथे औघोगिक क्रांति में शिक्षकों की चुनौतियों के बारे में बताया । सूचना  प्रौद्योगिकी युग में शिक्षकों को अपने शिक्षण कला को नवीनीकृत  करने की जरूरत है। इसके साथ शिक्षण संस्थानों की अपने अकादमिक  योजना को बदलते हुए प्रौद्योगिकी के अनुकूल विकसित करना चाहिए। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ०मुराद अली ने चार दिवस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत किया। इस दैरान 58 प्रतिभागियों  को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें  संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष एवं महाविद्यालयों  के प्रचार्य शामिल रहे । प्रतिभागीयों  ने प्रशिक्षण के दौरान अपना अनुभव व्यक्त किया। 

इससे पहले सत्र में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ऊर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ० नीरज शुक्ल ने भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय परिवेश में उच्च शिक्षण संस्थानों  के बारे में जानकारी दी। संचालन डॉ० मुराद अली,स्वागत अमित सिंह वत्स एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ० सुशील सिंह ने किया।इस अवसर पर प्रो० ए०के० श्रीवास्तव, डॉ० राजकुमार सोनी, डॉ० प्रमोद कुमार यादव, डॉ० वन्दना दूबे, डॉ० सोनाली बिसोय, डॉ० प्रदीप कुमार सोनकर आदि उपस्थित रहे।

Wednesday, 27 March 2019

ऑनलाइन एस.एल.ए परीक्षा

विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग व् इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के द्वितीय एवं चतुर्थ  वर्ष के विद्यार्थियों  ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी व एन०पी०आई०यू० भारत सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन एस.एल.ए परीक्षा में भाग लिया I  प्रथम पाली  में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग व द्वितीय पाली  में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों की  परीक्षा हुई  I परीक्षा की अवधि  ढाई घंटे थी  जिसमे फिजिक्स, मैथ्स  व डिपार्टमेंट के विषयों के प्रश्न के साथ ही मानसिक दक्षता के प्रश्न तथा  इंजीनियरिंग संस्थान  के विषय में सर्वे शामिल था I
टेस्ट कोऑर्डिनेटर सत्यम उपाध्याय ने बताया कि  ये टेस्ट टेकनिकल एजुकेशन क़्वालिटी  इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम-III में चयनित हुए देश के सभी अग्रणी संस्थानों में हर वर्ष होता है I पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने इसका आयोजन दूसरी बार किया हैI  इस टेस्ट का उद्देश्य अपने देश में इंजीनियरिंग की पढाई करने वाले छात्रो का विदेशी छात्रो से पढाई व मानसिक क्षमता का स्तर मापना है। ये परीक्षा दो दिवसीय  है जिसमे द्वितीय एवं चतुर्थ  वर्ष के छात्रो के साथ साथ शिक्षको का भी सर्वे होना है I
इस टेस्ट में छात्रो की उपस्थिति शत प्रतिशत रही तथा छात्रो ने इसे बड़े उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।  इस टेस्ट को कराने के लिये टेकनिकल एजुकेशन  क़्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम द्वारा मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज,गोरखपुर के प्रोफेसर अमर नाथ तिवारी को प्राक्टर नियुक्त किया गया है I इनके निर्देशन में दोनों दिन का टेस्ट होना है I इस परीक्षा के दौरान टेकिप कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर बी० बी० तिवारी , डा० दीप प्रकाश सिंह व श्री रोहित रस्तोगी मौजूद रहेI

Tuesday, 26 March 2019

समय के अनुसार अपनी भूमिका निभाए शिक्षक - प्रो आर एन सिंह




विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध विभाग व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एकेडमिक लीडरशिप एंड एजुकेशन मैनेजमेंट के द्वारा मंगलवार को  चार दिवसीय अकादमी नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक मिशन एवं शिक्षण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित है। 
विश्वेश्वरैया सभागार में कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के आचार्य  आर०एन०सिंह ने कहा कि शिक्षकों को समाज के परिवर्तन में एवं भूमिका निभानी चाहिए | आज के बाजारीकरण युग में शिक्षकों को  में प्रबंधकीय नेतृत्व का गुण होना चाहिए जिससे वह अपने विद्यार्थियों के रोजगारपरक  गुणवत्ता को बढ़ा सकें।  शिक्षकों को समय के अनुसार अपने भूमिका में परिवर्तन लाना चाहिए। 
कार्यक्रम के विशेष अतिथि जामिया मिलिया इस्लामिया ,नई दिल्ली ,के व्यवसाय प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर आफताब आलम ने कहा कि ज्ञान के प्रसार के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को पारंपारिक विधि के  अलावा ऑनलाइन कार्यक्रम, डिजिटल पाठ्यक्रम और दूरस्थ शिक्षा आदि को अपनाना चाहिए। इसके  लिए शिक्षकों को इन विधियों में भी कार्मिक प्रशिक्षण देना जरूरी है।  अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय बाध्य हैं और भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने के लिए हर संसाधन उपलब्ध करवाएगा । कार्यक्रम के संयोजक एवं व्यवसाय प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर मुराद अली ने परिचय देते हुए कहा कि प्रशिक्षण  कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से विश्वविद्यालय एवं कालेज से 60 से अधिक संकाय अध्यक्ष, प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष आदि प्रति भाग कर रहे हैं। उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित शिक्षक बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एच०पी० माथुर, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद अकत्तर सिद्दिकी,इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की  डॉक्टर सारा नशरिन आदि प्रशिक्षण देंगे।अतिथियों का स्वागत अमित सिंह  वत्स एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुशील सिंह ने किया और कार्यक्रम संचालन डॉ मुराद अली ने किया।

Sunday, 17 March 2019

पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन प्रारम्भ


परिसर में पहली बार शुरू होगा बीकॉम (ऑनर्स)  

विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रम में सत्र 2019 -20 में  प्रवेश की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित है। परिसर में पहली बार बीकॉम (ऑनर्स) का पाठ्यक्रम शुरू किया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव  सुजीत कुमार जायसवाल ने बताया कि प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस फॉर स्टडी एंड  रिसर्च में एमएससी फिजिक्स, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी मैथमेटिक्स, एमएससी अप्लाइड जियोलॉजी और फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज के अंतर्गत बीकॉम (ऑनर्स) पाठ्यक्रम और बीए -एलएलबी (ऑनर्स) पंचवर्षीय  इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश प्रारम्भ  किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में एमएससी  बायो टेक्नोलॉजी,एमएससी माइक्रोबायोलॉजी ,एमएससी बायोकेमेस्ट्री, एमएससी एनवायरमेंटल साइंस, प्रबंध अध्ययन संकाय के एमबीए,एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स, एमबीए एचआरडी, एमबीए फाइनेंस कंट्रोल, एमबीए ईकॉमर्स , एमबीए एग्रीबिजनेस,  इंजीनियरिंग संकाय में  एमसीए और अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान संकाय  में एमए जनसंचार एवं पत्रकारिता ,.एमए व्यावहारिक मनोविज्ञान विषयों में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित   हैं।  कुलसचिव ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्र करने की  अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। प्रवेश परीक्षा 11 जून को एवं परिणाम की घोषणा  21  जून को होगी।  प्रवेश परीक्षा में सफल परीक्षार्थियों का प्रवेश 1 से 5 जुलाई 2019 को होगा। उन्होंने बताया कि सामान्य और पिछड़ी जाति के परीक्षार्थियों के लिए आवेदन शुल्क ₹500 और एससी-एसटी के परीक्षार्थियों के लिए ढाई सौ रुपए है । आवेदन पत्र और इससे संबंधित समस्त  जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

Saturday, 16 March 2019

ऊर्जावान है पूर्वांचल का खिलाड़ी - गोकर्ण

खिलाडी सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में शनिवार को पूर्वी क्षेत्र की विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले खिलाडियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव आवास एवं  विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति नितिन रमेश गोकर्ण कहा कि पूर्वांचल का विद्यार्थी हमेशा ऊर्जावान रहा है बस जरूरत अवसर उपलब्ध होने की है।   विश्वविद्यालय के खिलाडियों के प्रदर्शन के कारण खेलकूद में यह विश्वविद्यालय प्रदेश में सबसे आगे है। उन्होंने इस सत्र में विश्वविद्यालय के  खिलाडियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर  अभी तक  66 मेडल अर्जित किये जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा  कि लक्ष्य पाने के बाद रुके नहीं बल्कि लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रयास करते रहे। 
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के खिलाडियों की मेहनत के कारण हर साल मेडलों की संख्या में इजाफा हो रहा है। विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलसचिव डॉ बी एल आर्य ने कहा कि हमारे यहां के युवाओं में अनंत ऊर्जा है इसे बनाए रखने की जरूरत है।   खेलकूद परिषद के सचिव डॉ शेखर सिंह ने खेल की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत डॉ के एस  तोमर ने किया । मुख्य अतिथि नितिन रमेश गोकर्ण एवं कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल  ने खो खो महिला टीम, कबड्डी महिला टीम, हॉकी महिला टीम और कबड्डी पुरुष टीम के खिलाड़ियों और कोच को सम्मान स्वरूप ब्लेजर,  चेक के जरिये धनराशि  और अन्य  ड्रेस वितरित किया। इस अवसर पर कुल अस्सी खिलाडियों को सम्मानित किया गया। 
समारोह का संचालन अशोक सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ विजय प्रताप तिवारी ने किया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह  देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर  परीक्षा नियंता राजीव कुमार, डॉ मनराज यादव, डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ जेबी सिंह, डॉ रामाश्रय शर्मा, डॉ मनोज मिश्र, राकेश यादव, डॉ आलोक सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार,  डॉ संजय नारायण, डॉ मुन्ना सिंह, डॉ प्रशांत कुमार राय, डॉ त्रिपुरारी उपाध्याय, रजनीश सिंह,राजेश सिंह  आदि मौजूद थे।

21वीं सदी में मानव संसाधन प्रबंधन के समक्ष चुनौतियां विषयक संगोष्ठी का हुआ आयोजन


विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा शनिवार को 21वीं सदी में मानव संसाधन प्रबंध के समक्ष 
चुनौतियां विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 

संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव आवास एवं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि अर्थव्यवस्था में हो रहे परिवर्तन के कारण प्रबंध प्रक्रिया में भी बदलाव आया है।  परिवर्तन के इस दौर में मानव संसाधन प्रबंधक चुनौतियां  का सामना करते हुए बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं।  उन्होंने सकल घरेलू उत्पादन, जनसंख्या लाभांश, भारत की युवा पीढ़ी एवं तकनीकी विकास के परिप्रेक्ष्य  में मानव विकास प्रबंधन कौशल विकसित करने पर जोर दिया।  श्री गोकर्ण ने उत्तर प्रदेश एवं देश में हो रहे आर्थिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश के आधारभूत ढांचे में तेजी से विकास हो रहा है उसका सकारात्मक असर उद्योगों एवं अन्य क्षेत्र पर भी पड़ा है।

विशिष्ठ अतिथि दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर एस सी पुरोहित ने कहा कि 21वीं शताब्दी में चुनौतियों का सामना करने के लिए बुद्धिमता, संवेदना के साथ ही साथ आध्यात्मिक रूप से सशक्त होने की आवश्यकता है।  प्रबंधकों को कार्यस्थल पर साधारण कार्यों को भी प्रोफेशनल कौशल के साथ करना चाहिए। उन्होंने  उद्योग जगत में  वर्तमान में अपनाई जा रही मानव संसाधन नीतियों एवं योजनाओं को उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए छात्रों को सही दिशा में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर ने अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र का योगदान जीडीपी में 50% है जबकि उनकी भागीदारी 93% है असंगठित क्षेत्र के लोगों की क्षमता  बढ़ाने के लिए शोध कार्य की आवश्यकता है। प्रोफेसर मानस पांडे ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रसिकेश ने किया .इस अवसर पर प्रो अजय द्विवेदी, प्रो बीडी शर्मा, डॉ मुराद अली, डॉ मनोज मिश्र, डॉ सचिन अग्रवाल, डॉ आशुतोष सिंह,डॉ कमलेश पाल, अंजली मौर्या समेत विद्यार्थी गण मौजूद रहे।

Tuesday, 12 March 2019

मूल्याङ्कन कार्य शुरु

विश्वविद्यालय  परिसर स्थित केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र  पर मंगलवार को  उत्तर पुस्तिकाओं का   मूल्याङ्कन कार्य  शुरु हुआ।  कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव   के साथ अधिकारियों ने  केंद्र पर विधिवत पूजन अर्चन किया।पहले दिन पत्रकारिता, सैन्य विज्ञान एवं राजनीतिशास्त्र  विषय की  पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुआ है। समय से परीक्षाफल घोषित करने के लिए  इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याङ्कन हेतु  परिसर में 5  मूल्यांकन केंद्र बनाये गए है।
कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव  ने मूल्यांकन के  लिए की गई तैयारियों का निरीक्षण  किया एवं व्यवस्था संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्वविद्यालय का  परीक्षाफल समय से घोषित होगा। 
परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार ने बताया कि पहले दिन 100  अधिक परीक्षकों ने मूल्याङ्कन कार्य प्रारम्भ किया है। सम्बंधित विषय के परीक्षकों को मूल्याङ्कन  लिए पत्र भेजा गया है। विश्वविद्यालय की  परीक्षाएं आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर एवं गाज़ीपुर जनपदों में 24 अप्रैल तक चलेगी। शासन के दिशा निर्देश के क्रम में शुचिता के साथ परीक्षाएं चल रही है। 
इस  अवसर पर वित्त अधिकारी एम के सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल , डॉ मनोज मिश्र,डॉ अम्बिकेश्वर  सिंह, डॉ केबी यादव ,डॉ  रजनीकांत द्विवेदी , डॉ के एस तोमर, डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव,एम एम भट्ट, अमलदार यादव, श्याम त्रिपाठी,अशोक सिंह  समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 

Monday, 11 March 2019

वार्षिक खेल प्रतियोगिता समापन सत्र


विजयी खिलाडी हुए पुरस्कृत 

 विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में चल रही पांच दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का सोमवार को समापन हुआ समापन सत्र में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों ने पुरस्कृत किया ।अंतिम दिन दौड़ की प्रतियोगिताएं हुई। सोमवार को दौड़ की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।  विद्यार्थियों की  100 मीटर पुरुष दौड़  में इंजीनियरिंग के संतोष राजभर, महिला वर्ग में बीफार्मा की आकांक्षा दुबे, 100 मीटर शिक्षकों की रेस में डॉ प्रदीप कुमार,कर्मचारियों के लिए आयोजित 100 मीटर की रेस में नीलेश ने पहला स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों की 200 मीटर पुरुष दौड़ में इंजीनियरिंग के शिवेंद्र यादव,महिला दौड़ में माइक्रोबायोलॉजी की क्रांति यादव ने बाजी मारी।400 मीटर पुरुष रिले रेस में सैय्यद इकबाल,महिला वर्ग में फार्मेसी की आकांक्षा अव्वल रही। 50 मीटर  शिक्षक मटका रेस में फार्मेसी के डॉ धर्मेंद सिंह जीतें। रस्साकसी प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग के शिक्षकों ने बाजी मारे। चौथे दिन को  शाम को हुई भाला फेंक महिला प्रतियोगिता में कंप्यूटर साइंस की सुप्रिया सिंह प्रथम एवं 400 मीटर  इकबाल हुसैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शिक्षक वर्ग में हुई प्रतियोगिताओं में सबसे  अधिक पुरस्कार डॉ मनोज पांडेय को मिला। 
बतौर मुख्य अतिथि वित्त अधिकारी एम के सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है नियमित खेलकर और भी बेहतर कर सकते हैं। खिलाडियों  को विश्वविद्यालय की तरफ उच्च स्तरीय  सुविधा उपलब्ध कराई जाती रहेगी। विशिष्ट अतिथि परीक्षा नियंत्रक राजीव कुमार ने खिलाड़ियों  कहा कि आज पूरी लगन और मेहनत के साथ खेला  है। अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर बीबी तिवारी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से व्यक्तित्व का विकास होता है।
प्रतियोगिता के संयोजक  रजनीश भास्कर ने स्वागत किया। सहसंयोजक डॉ प्रवीण सिंह ने  प्रतियोगिता की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय प्रतियोगिता में परिसर के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 450 अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया है। धन्यवाद् डॉ संतोष कुमार एवं सञ्चालन अशोक सिंह ने किया।
समापन सत्र में प्रो अजय द्विवेदी, प्रो अशोक श्रीवास्तव, प्रो वंदना राय, डॉ मनोज मिश्र, डॉ नूपुर तिवारी, डॉ  राजकुमार, डॉ अमरेंद्र सिंह, , डॉ एस  तिवारी, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, अन्नू त्यागी, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव,  डॉ सुशील कुमार, डॉ सुनील कुमार, डॉ विवेक पांडेय, वंदना सिंह,डॉ विनय वर्मा, रजनीश सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 

Saturday, 9 March 2019

लंदन के अकादमिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे डॉक्टर आलोक





वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ आलोक दास 11 से 15 मार्च तक इंग्लैंड की राजधानी लंदन में आयोजित विभिन्न अकादमिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए शनिवार को रवाना हुए।

हीथ्रो लंदन में 11 से 12 मार्च तक यूरोसाइकान भैषज्य ज्ञान  एवं औषधीय पौधे विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग कर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। 14 से 15 मार्च तक स्टेम सेल पर आयोजित विश्व कांग्रेस में रीजेनरेटिव मेडिसिन विषय पर अपनी बात रखेंगे। इसके साथ ही विश्व कांग्रेस में नैनो मेडिसिन पर एलाइड एकेडमिक्स यूएसए एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान  में कार्यशाला आयोजित करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने डॉ आलोक दास को बधाई दी है। डॉ दास के 35 शोध पत्र प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में पूर्व में प्रकाशित हो चुके हैं इसके साथ ही राष्ट्रीय गौरव एवं भारत विकास अवार्ड से सम्मानित भी किए जा चुके है।

पीयूके व्यवसाय प्रबंध विभाग के पुरातन छात्रों का सम्मेलन सम्पन्न



 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में शनिवार को व्यवसाय प्रबंधन विभाग द्वारा पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया।  सम्मेलन में देश-विदेश में कार्यरत पुरातन छात्रों ने शिरकत की।  उन्होंने अपने अनुभवों को वैश्विक परिदृश्य में विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इन अनुभवों से विद्यार्थियों ने नए गुर सीखे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो बी बी तिवारी ने कहा कि आने वाले दिनों में हमारे पुरातन छात्र और विश्वविद्यालय के वर्तमान छात्र मिलकर  वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनायेंगे। उन्होंने कहा कि नवागत छात्रों के लिए पुरातन विद्यार्थियों का स्नेह  सम्बल  का कार्य करता है। 

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्र हित में सदैव सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के  प्रशासनिक निर्णय सदा विद्यार्थियों के हित में  रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है विभाग भविष्य में भी ऐसे सम्मेलनों को आयोजित करता रहेगा।
व्यवसाय प्रबंध विभाग के अध्यक्ष डॉ मुराद अली ने विभाग के पुरातन छात्रों के बारे में बताते हुए कहा कि पुरातन छात्र अतीत एवं भविष्य को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय मैनेजमेंट पुरातन छात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि देश -विदेश के कार्यरत पुरातन छात्र विभाग के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निश्चित रूप से निभाएंगे और ट्रेनिंग तथा प्लेसमेंट विश्वविद्यालय को सदैव अपना योगदान देते रहेंगे। इस अवसर पर विभाग के पुरातन छात्रों के एक डायरेक्टरी का विमोचन किया गया। 


व्यवसाय प्रबंध विभाग के पुरातन विद्यार्थियों द्वारा स्थापित की गई एलएम प्रसाद मेरिट कम मिन्स स्कॉलरशिप अवार्ड 2018 को  विभाग की 2018 बैच की विद्यार्थी रोशनी गौतम को प्रदान किया गया। विभाग के प्राध्यापक डॉ सुशील कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया एवं डॉ अमित वत्स ने  धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन आयशा खान एवं प्रतीक श्रीवास्तव ने किया। 

एकेडमिक इंडस्ट्री इंटरफेस 2019 का हुआ आयोजन

 इस अवसर पर एकेडमिक इंडस्ट्री इंटरफेस 2019 का भी आयोजन आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश से कई वरिष्ठ मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स एवं उद्योग उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभाग में संचालित पाठ्यक्रमों को विश्वस्तरीय एवं उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार विकसित करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसाय प्रबंध विभाग के अध्यक्ष डॉ मुराद अली ने की। इस अवसर पर डॉ सुशील सिंह, प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, राजेश कुमार,मनोज कुमार त्रिपाठी ,अंकुर शुक्ला,आदि उपस्थित रहे।

सभी बाधाओं को पार करने वाला ही खिलाड़ी


 वार्षिक खेल का हुआ शुभारम्भ 

 पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार  को  वार्षिक खेल प्रतियोगिता 2019 का एकलव्य स्टेडियम में मार्चपास्ट कर शुभारम्भ हुआ। सलामी मुख्य अतिथि  सीओ सदर  सुशील कुमार ने ली। विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी  विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। 
शुभारम्भ के अवसर पर  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  कुलपति प्रो.डॉ राजाराम यादव ने  कहा कि जो सभी क्षेत्र की बाधाओं को पार करने में सफल होते हैं, वास्तव में वही सफल खिलाड़ी होते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में हमारा विश्वविद्यालय पूरे प्रदेश में अव्वल नंबर पर है। उन्होंने खिलाडियों को बड़े सपने देखने की सलाह दी।
 मुख्य अतिथि सीओ सदर सुशील कुमार ने कहा स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत, पक्का इरादा, दूरदृष्टि और अनुशासन बहुत जरूरी है ।  
विशिष्ट अतिथि   परीक्षा नियंत्रक  डॉ राजीव कुमार ने  कहा कि  खिलाड़ी हार जीत   से आगे बढ़ कर  खेल भावना से खेलें  । 
इसके पूर्व आयोजन सचिव राजकुमार ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रो बी बी तिवारी  प्रो बीडी शर्मा ,प्रो अशोक  श्रीवास्तव,डॉ मनोज मिश्र, डॉ विजय प्रताप तिवारी , डॉ प्रदीप कुमार, डॉ संजीव गंगवार,डॉ रसिकेश, डॉ नूपुर तिवारी, डॉ अमरेंद्र सिंह , प्रवीण सिंह,  डॉ मनोज कुमार पांडेय,  डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ अन्नू  त्यागी, डॉ महेंद्र यादव, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ. एसपी तिवारी ,डॉ सुशील कुमार सिंह, शैलेश प्रजापति, विनय वर्मा, डॉ विवेक पांडे, अंकुश गौरव आदि उपस्थित रहे। स्वागत डॉ रजनीश भास्कर द्वारा  संचालन   अशोक सिंह   एवं  आभार ज्ञापन डॉ संतोष  कुमार ने  किया  ।
बॉक्स 
घोषित हुए परिणाम 


 वालीबाल पुरुष में एमबीए प्रथम ईसी एवं  सीआई दूसरे नंबर पर और ईईसी तीसरे नंबर पर। इसी तरह महिला में बीटेक प्रथम , फार्मेसी दूसरे नंबर पर और बायोटेक विभाग  तीसरे नंबर पर रहा । कबड्डी पुरुष में ईसी प्रथम, फार्मेसी दूसरे तथा बायोटेक विभाग  तीसरे नंबर पर रहा। महिला मे सीएसआईटी प्रथम, बायोटेक विभाग दूसरे स्थान पर, एमसीए  विभाग तीसरे स्थान पर रहा । बास्केटबॉल पुरुष में सीएसआईटी प्रथम, फार्मेसी दूसरे स्थान पर एमबीए तीसरे स्थान पर, बास्केटबॉल महिला में फार्मेसी प्रथम, साइंस फैकल्टी दूसरे स्थान पर रहे। बैडमिंटन  महिला प्रतियोगिता में ईआई प्रथम ,ईसी विभाग दूसरे पर, सीएसई विभाग तीसरे स्थान पर रहा ।

Tuesday, 5 March 2019

केजीएमयू से पीयू का शोध के लिए हुआ समझौता






लखनऊ में दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति ने एमओयू- समझौता ज्ञापन पर  किया हस्ताक्षर

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं  किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ का शोध के लिए समझौता हुआ। मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ के कलाम भवन में दोनों विश्वविद्यालय के कुलपति ने एमओयू- समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर  केजीएमयू  लखनऊ के कुलपति प्रो. एम एल बी भट्ट ने कहा कि   वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय जौनपुर  के साथ किये गए एमओयू- समझौता ज्ञापन से  शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को दोनों  संस्थानों में अकादमिक, ट्रेनिंग, शोध कार्य, संयुक्त शोध प्रकाशन एवं पेंटेंट को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही फैकेल्टी विजिट, स्टूडेंट, एकेडमिक एक्सचेंज प्रोग्राम एवं संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम होंगे।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं  किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय में शोध की उच्च स्तर की सुविधाएं है। इससे विश्वविद्यालय के  फार्मेसी संस्थान , बायो टेक्नोलॉजी विभाग  , राजेंद्र सिंह रज्जू  भइया  भौतिकीय विज्ञान संस्थान एवं इंजीनियरिंग  संस्थान  में होने वाले शोध में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न  फंडिंग एजेंसीज में दोनों विश्वविद्यालय का संयुक्त रूप से मेजर रिसर्च प्रोजेक्ट हेतु आवेदन किया जाएगा। इस अवसर पर केजीएमयू  से  डॉ सुधीर सिंह एवं पीयू से डॉ मनीष कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।  

Wednesday, 27 February 2019

जॉब फेयर में 830 विद्यार्थियों को मिला जॉब ऑफर

120 विद्यार्थियों को मिला 4.5 लाख  का सालाना  पैकेज 

विश्वविद्यालय में संपन्न हुए दो दिवसीय जॉब फेयर में 830 विद्यार्थियों को जॉब ऑफर विभिन्न कंपनियों द्वारा  दिया गया ।  एटीएस कंपनी द्वारा सर्वाधिक चार लाख पचास हजार का  सालाना पैकेज  120 विद्यार्थियों को दिया गया। दो दिवसीय जॉब फेयर में 2250 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
केंद्रीय ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की निदेशक  प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने कुलपति कक्ष में चयनित विद्यार्थियों की सूची कुलपति प्रोफेसर डॉ  राजाराम यादव को सौंपी। कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए सदैव रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उनकी मंजिल मिले इसलिए सतत सक्रिय है।  केंद्रीय प्लेसमेंट सेल की निदेशक  प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने बताया कि इस सत्र में 5 सितंबर से 21 फरवरी के मध्य विभिन्न विभागों के 250 एवं जॉब फेयर में कुल 830 विद्यार्थियों को जॉब ऑफर दिया गया है। इस सत्र में अभी तक विश्वविद्यालय के 1080 विद्यार्थियों को रोजगार के लिए कंपनियों द्वारा चयनित करना खुशी की बात है। 25- 26 फ़रवरी जो आयोजित जॉब फेयर में परिसर पाठ्यक्रमों के अलावा  महाविद्यालयों के 124 विद्यार्थी भी  चयनित हुए है। 
इस अवसर पर प्रो विलास तभाने,प्रो हरि प्रकाश, प्रो बीबी तिवारी, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार,  प्रो अशोक श्रीवास्तव, प्रो बीडी शर्मा, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, डॉ  मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ प्रमोद यादव, श्याम त्रिपाठी, कपिल त्यागी आदि  मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय में दो दिवसीय विज्ञान दिवस का हुआ आयोजन


विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई प्रतियोगिताएं 


विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में बुधवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का शुभारंभ हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों के लिए क्विज, रंगोली एवं मॉडल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।

रंगोली प्रतियोगिता में 75 विद्यार्थियों ने अपने सृजन क्षमता प्रदर्शित की। उन्होंने साइबरक्राइम, मिराज, सीवी रमन, ग्लोबल वार्मिंग, सेव वाटर, तकनीकी प्रयोग आदि विषय पर रंगो से संदेश दिया। विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित हुई प्रतियोगिता में 117 विद्यार्थी शामिल हुए।  साइंस एवं टेक्नोलॉजी विषय पर यह प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसके साथ ही फार्मेसी एवं इंजीनियरिंग संस्थान के विद्यार्थियों ने सोलर एनर्जी, बीपी मशीन, स्मार्ट सिटी, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, हाइड्रॉलिक लिफ्ट आदि विषयों पर आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए।


निर्णायक मंडल में अनु त्यागी, पूजा सक्सेना, डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ कमलेश पाल, डॉ राजकुमार, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ संतोष कुमार, डॉ प्रवीण कुमार, नितेश जायसवाल, इंद्रेश कुमार शामिल रहे। इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रो ए के श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों की हौसला अफजाई की।

प्रो बीबी तिवारी ने बताया कि 28 फरवरी को विज्ञान दिवस के दूसरे दिन देश के विख्यात वैज्ञानिकों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया गया है जिसमें अनुसंधान एवं विज्ञान संगठन के प्रो के एन पांडे, आईआईटी के प्रो एस राम, खड़कपुर पूना विश्वविद्यालय के प्रो विलास तभाने,वैदिक गणित के विद्वान डॉ कैलाश वैदिक शामिल है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के समन्वयक रवि प्रकाश ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन डॉ शैलेश कुमार प्रजापति ने किया।

Monday, 25 February 2019

दो दिवसीय जॉब फेयर का हुआ आयोजन


 विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हर परिस्थितियों में कार्य करने में  है सक्षम- कुलपति 

  विश्वविद्यालय परिसर में  सोमवार को दो दिवसीय विशाल जाँब फेयर का उद्घाटन कुलपति प्रो. डॉ  राजाराम यादव ने  किया। विश्वविद्यालय परिसर के इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रबंध और संकाय भवन में कैंपस प्लेसमेंट के लिए  विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों  द्वारा चयन प्रक्रिया शुरू हुई । कैंपस प्लेसमेंट के लिए विद्यार्थियों ने काफी उत्साह रहा। 
उद्घाटन सत्र में अपने उद्बोधन में कुलपति प्रो.डाँ. राजाराम यादव  कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने सृजनधर्मिता से कंपनियों के लिए संपत्ति बनेंगे । उन्होंने कहा कि  पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हर परिस्थितियों में बेहतरीन कार्य करने में सक्षम है क्योंकि उनके अंदर परिश्रम एवं आगे बढ़ने की ललक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बड़े स्तर पर  विद्यार्थियों को कैंपस सलेक्शन के माध्यम से रोजगार  उपलब्ध कराया गया है। कंपनियों द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के कामों की प्रशंसा सुनने को मिलती है तो अच्छा लगता है। 
प्लेसमेंट सेल की निदेशिका प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने कहा कि केंद्रीय ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के गठन के विद्यार्थियों को रोजगार मुहैया कराने के लिए किया गया। सेल ने इस दिशा में निरंतर प्रयास किया है औ इस  जॉब फेयर में 28 कंपनियां आई है, हमारी पूरी कोशिश होगी कि दो दिवसीय इस फेयर में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार मिल सके। उन्होंने बताया कि मंगलवार  को आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल, सत्या माइक्रो फाइनेन्स और जी आई पी यल के लिए चयन प्रक्रिया होगी। 
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा की इस जॉब फेयर के लिए विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षक कर्मचारी और जिम्मेदार लोगों ने एकजुट होकर विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन कराया है इससे यह संभावना दिखती है कि हमारा विश्वविद्यालय प्रदेश में रोजगार दिलाने वाला  पहला विश्वविद्यालय है ।
जॉब फेयर में  पेटीएम,अवसर वेंचर्स,स्वीगी ,हाइपर फिल्ट्रेशन,रिसर्च पैनल इंश्योरेंस,जोमाटो, केंट आरो,कार्स 24 ,स्नैपडील,  इंफोसिस, एक्सिस बैंक, क्लब जेबी, इंडिया बुल्स, एनआईआईटी, पेसिफिक साइबर टेक्नोलॉजी, जस्ट डायल, पुखराज हेल्थ केयर, एटीएस इंडिया, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस, ग्रेनटेक, नियोक्ता एचआर, यश ग्रुप, यूरेका  फोर्ब्स, सत्य माइक्रो कैपिटल, इसाफ्ट  इण्डिया , मैक्स लाइफ,  अमेरिकन एक्सप्रेस,  सिग्निटी  कारपोरेट, जीआईपीएल ,एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स  आदि कंपनियों के प्रतिनिधियों ने चयन प्रक्रिया की। कुलपति प्रो राजाराम यादव ने जॉब फेयर में आई कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जानकारी प्राप्त की। जॉब फेयर में विश्वविद्यालय परिसर के पाठ्यक्रमों एवं  सम्बद्ध महाविद्यालयों के लगभग दो हजार  विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। 

कार्यक्रम का संचालन  प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक राजीव कुमार चौधरी, प्रो हरि प्रकाश, प्रो एल एन हाजरा, आर के उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह, अनिमेश बिशारिया, अनिरुद्ध सिंह,  प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. अजय प्रताप सिंह प्रो.वंदना  राय, प्रो. रामनारायण, प्रो. बीडी शर्मा , प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो राजेश शर्मा, डॉ मनोज मिश्र, डॉ संजीव गंगवार,  डॉ राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ रसिकेश, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ नृपेन्द्र सिंह,डॉ प्रवीण सिंह, डॉ एसपी तिवारी,डॉ अवध बिहारी सिंह, श्याम  त्रिपाठी  आदि लोग उपस्थित रहे।

दूर संचार के कारण हो रही है सामाजिक क्रांति-जी के उपाध्याय


पूर्व दूरसंचार सचिव भारत सरकार का विशेष व्याख्यान आयोजित 
विश्वविद्यालय के प्रो राजेंद्र सिंह भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान  में विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। बतौर वक्ता  पूर्व सचिव दूरसंचार भारत सरकार जी के उपाध्याय  ने  सरकार के दूरसंचार नीति पर प्रकाश डाला।  कहा  कि भारत संचार नेट सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी  योजना है जिसका मकसद गांव गांव में इंटरनेट पहुंचाना है। इस प्रोजेक्ट की वजह से बहुत सारे रोजगार पैदा हुए हैं। भारत संचार पालिसी 2018 में सभी लोगों तक 2022 तक   इंटरनेट पहुंचाना है। भारत में अधिकांश  लोगों के पास मोबाइल है और इसमें डाटा है, अति गोपनीय जानकारी अगर कोई जान ले तो उनको आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि दूर संचार के कारण सामाजिक क्रांति हो रही है और आने वाले समय में और बदलाव देखने को मिलेंगे। भारत में 4 मिलीयन डिजिटल जॉब इन डिजिटल कम्युनिकेशन सेक्टर में पैदा करना है। उन्होंने कहा कि  टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर का कंट्रीब्यूशन भारत की जीडीपी में आठ प्रतिशत है ।
इस मौके पर टेकिप समन्वयक  प्रो बी बी तिवारी,  डॉ रवि प्रकाश, जे पी लाल, प्रवीण सिंह,  रीतेश बरनवाल, प्रीति शर्मा ,पी सी यादव , दीपक सिंह, पारुल त्रिवेदी,संतोष त्रिपाठी  आदि शिक्षक  एवं छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉo शैलेश कुमार प्रजापति ने किया l