पूरबबानी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का आधिकारिक ब्लॉग
Tuesday, 18 March 2025
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम
Monday, 17 March 2025
पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत में नेचर इंडेक्स रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में दूसरा स्थान
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2024 में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है । इसके साथ ही भारत में 125 वां स्थान है ।
विश्वविद्यालय का काउंट 2 और शेयर 0.74 दर्ज किया गया है, जो इसके शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। बताते चले कि विश्वविद्यालय द्वारा उच्च श्रेणी के रिसर्च जर्नल्स में प्रकाशन के फलस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। जो विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक शोध क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा में बढ़ती प्रतिष्ठा को प्रमाणित करती है।
नेचर इंडेक्स एक प्रतिष्ठित वैश्विक मानक है, जो शोध पत्रों की गुणवत्ता और प्रभाव को मापता है। यह सूचकांक शिक्षण संस्थानों और शोध केंद्रों के शोध कार्यों का आकलन करता है, जिससे उनकी वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को आँका जाता है।इसमें दो प्रमुख मैट्रिक्स का उपयोग किया जाता है। काउंट किसी संस्थान द्वारा प्रकाशित कुल शोध पत्रों की संख्या, किसी शोध पत्र में संस्थान के योगदान का अनुपात, विशेष रूप से जब शोध में कई संस्थान शामिल होते हैं । नेचर इंडेक्स नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मानक है, जिससे वे उन्नत शोध और नवाचार के लिए संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर सकें।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह द्वारा शोध की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिसके फलस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में, पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। साथ ही साथ विज्ञान, पर्यावरण, चिकित्सा, कंप्यूटर विज्ञान और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ शोध सहयोग से शोध कार्य चल रहे है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने शोध को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, शोध अनुदान, और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सहयोग जैसे कई कदम उठाए हैं। उच्च गुणवत्ता वाले शोध के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रयोगशालाएं, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग, इंडस्ट्री- शोध को उद्योगों से जोड़कर व्यावहारिक समाधान विकसित किया जा रहा है । विश्वविद्यालय को (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) द्वारा A+ की उच्च रैंकिंग प्राप्त हुई है । विश्वविद्यालय को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा डीएसटी-पर्स योजना के अंतर्गत 07 करोड़ 13 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है । विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश और भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय शोध मानकों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि "पूर्वांचल विश्वविद्यालय का मुख्य लक्ष्य शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना और वैज्ञानिक नवाचारों में विश्वविद्यालय की भागीदारी बढ़ाना है। शिक्षकों और शोधार्थियों की मेहनत का परिणाम है कि आज पूर्वांचल विश्वविद्यालय इस सम्मानजनक स्थान पर पहुंचा है। इस वर्ष विश्वविद्यालय नेचर इंडेक्सिंग में प्रथम बार आया है, विश्वविद्यालय उच्च श्रेणी के शोध कार्यों को बढ़ावा दे है जिससे हमें आशा ही पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में रैंकिंग में और सुधार हो सकेगा।"
Monday, 10 March 2025
विद्यार्थी कॉरपोरेट की गतिविधियों से होंगे परिचित- प्रो. वंदना सिंह
कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव की तैयारियों को लेकर कुलपति ने की बैठक
विश्वविद्यालय में 25 मार्च को होगा कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में सोमवार को कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह की अध्यक्षता में कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव की तैयारी को लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों की बैठक आहूत की गई.बैठक में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव में देश के कारपोरेट सेक्टर के विशेषज्ञ विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे. इससे जहां एक तरफ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कॉरपोरेट सेक्टर में हो रही गतिविधियों से सीधे परिचित होंगे. विश्वविद्यालय अपनी गतिविधियों को कॉरपोरेट सेक्टर को परिचित करा सकेगा.कॉरपोरेट कॉन्क्लेव के लिए उन्होंने गठित समिति के सदस्यों से विचार विमर्श किया.
कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाला कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव विद्यार्थियों के बहुत हितकर है. उन्होंने विभागाध्यक्षों से विद्यार्थियों के बड़ी संख्या में सहभागिता लिये चर्चा की.
कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव के प्रोफेसर अविनाश ने कहा कि कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव का आयोजन 25 मार्च को विश्वविद्यालय में होगा जिसमें एक दर्जन से अधिक कॉरपोरेट सेक्टर के उच्च पदों पर कार्यरत लोग जुड़ेंगे. विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों के लिए समानांतर सत्रों का आयोजन भी किया जायेगा. उन्होंने कहा कि आज कॉर्पोरेट सेक्टर में तेजी से प्रगति और परिवर्तन हो रहे है, विद्यार्थी उसके लिए अपने को तैयार कर सके यह बहुत जरूरी है.
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. मुराद अली, डॉ. राजकुमार सोनी, डॉ. आशुतोष सिंह, उप कुलसचिव अमृत लाल, डॉ. रसिकेश, डॉ. अमरेन्द्र सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. नृपेन्द्र सिंह समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.
Saturday, 8 March 2025
महिलाएं सशक्त होंगी, तभी होगा समाज का विकास: प्रो मानस पांडेय
विशिष्ट वक्ता डॉ. आशुतोष सिंह ने कहा कि 2001 को महिला सशक्तिकरण वर्ष घोषित किया गया था और इससे संबंधित राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई थी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह और गैर-सरकारी संगठन महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने में सहायक रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता और आत्म सम्मान प्राप्त होता है।कार्यक्रम में डॉ. निशा पांडे ने स्वागत उद्बोधन दिया और महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा हेतु शपथ दिलाई। संचालन दीपांजलि ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राकेश उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, डॉ. सुशील कुमार सिंह, प्रिंस सिंह, हर्ष एवं डॉ. नितिन डॉ. नितिन चौहान उपस्थित रहे।