Monday, 31 August 2026

कुलपति ने हास्टल के छात्राओं संग किया भोजन,मेस की थाली में परखी खाने की गुणवत्ता


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित महिला छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मीराबाई छात्रावास में छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और खुद भोजन की गुणवत्ता को परखा। कुलपति के छात्राओं के साथ भोजन करने से छात्राओं में भी उत्साह देखने को मिला।

भोजन के दौरान कुलपति ने छात्राओं से छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनके पठन-पाठन, अध्ययन के माहौल तथा छात्रावास में आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।

कुलपति ने छात्रावास की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों एवं वार्डन को निर्देश दिया कि छात्राओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। 

उन्होंने छात्रावास में आने वाले अभिभावकों के लिए निर्धारित कक्ष में एसी लगवाने के भी निर्देश दिए, ताकि वहां आने वाले अभिभावकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ सुविधाजनक, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुविधाओं और उनकी आवश्यकताओं का लगातार ध्यान रखा जाना चाहिए।

इस अवसर पर कुलपति ने द्रौपदी, मीराबाई एवं रानी लक्ष्मीबाई महिला छात्रावास की वार्डन डॉ. कृष्णा सिंह, डॉ. निमिषा यादव एवं डॉ. जया शुक्ला से छात्रावासों की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर चीफ वार्डन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. वनिता सिंह एवं डॉ. श्वेता पांडेय उपस्थित रहीं।



Saturday, 29 August 2026

खेल, शिक्षा और नवाचार सफलता के तीन स्तंभ : कुलपति

राष्ट्रीय खेल दिवस पर पीयू में मनाई गयी मेजर ध्यानचन्द जयंती 

कुलपति का आह्वान—रोज एक घंटा खेल के मैदान में बिताएं विद्यार्थी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचन्द क्रीड़ा संकुल में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचन्द की जयंती उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने मेजर ध्यानचन्द के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को खेल को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की शपथ दिलाई।

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा, शोध और नवाचार के साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उतने ही आवश्यक हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है और स्वस्थ मस्तिष्क ही सृजनात्मक सोच, शोध एवं नवाचार को नई दिशा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताएं और फिट इंडिया के उद्देश्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाने वाली जीवनशैली है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं खेलों से जुड़ने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी खेल एवं योगाभ्यास के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कुलपति ने कहा कि मेरा सपना है कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षा और नवाचार के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। विश्वविद्यालय में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो वे विश्वविद्यालय और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बैडमिंटन (पुरुष एवं महिला), योगाभ्यास (पुरुष एवं महिला) तथा रस्साकसी (पुरुष एवं महिला) प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना।कुलपति ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और निरंतर मेहनत है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव श्री अजीत प्रताप सिंह, खेलकूद परिषद के सचिव प्रो. शेखर सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. देवराज, प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. रसिकेश. डाँ. शशिकांत यादव, डॉ. मनोज पाण्डेय, रजनीश कुमार सिंह, डॉ. राजेश सिंह, सतेन्द्र कुमार सिंह, अल्का सिंह,  विजय प्रकाश, जय सिंह गुहिलौत, सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर कुलपति ने विद्यार्थियों से खेल के साथ-साथ शिक्षा, शोध और नवाचार में उत्कृष्टता हासिल कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

Tuesday, 25 August 2026

तकनीक आधारित, छात्र-केंद्रित विश्वविद्यालय बनाने की प्राथमिकता : प्रो. राकेश कुमार सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने पूर्व कुलपति प्रो. वंदना सिंह से कार्यभार संभाला। प्रो. राकेश कुमार सिंह सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उच्च शिक्षा प्रशासन में कुलसचिव, परीक्षा कार्य से जुड़े दायित्व, छात्र कल्याण तथा योजना एवं विकास जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। प्रो. सिंह इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय से आए हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षक और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। 

कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य पूर्वांचल विश्वविद्यालय को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करना होगा। विश्वविद्यालय में पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम, प्रवेश, शोध, छात्र सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय पूर्वांचल क्षेत्र की उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है , इसलिए शोध और नवाचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। शोध को प्रोत्साहन मिले और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो—इसके लिए एक मजबूत डिजिटल प्रशासनिक ढांचा विकसित किया जाएगा। इंटरनेट और सुरक्षा जैसी बुनियादी छात्र सुविधाओं की लगातार निगरानी हो। विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा। विश्वविद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी, शोधार्थी और संबद्ध महाविद्यालय इस परिवर्तन यात्रा के सहभागी होंगे। इसके बाद मुक्तांगन परिसर में कुलपति जी ने पौधरोपण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।

Friday, 21 August 2026

नौकरी नहीं, उद्यमिता और उत्पादन की ओर बढ़ें युवा : प्रो. अजय द्विवेदी


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विश्व उद्यमिता दिवस पर स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत संगोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत शोध प्रमुख प्रो. अजय द्विवेदी ने युवाओं से नौकरी की मानसिकता से आगे बढ़कर उद्यमी और रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए। स्पष्ट लक्ष्य और नवाचार के माध्यम से युवा स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।

अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने स्वदेशी तकनीक और नवाचार को सफलता का आधार बताया। प्रबंध अध्ययन संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि हर विचार में संभावनाएं होती हैं, जरूरत उसे व्यवहारिक रूप देने की है।

स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह युवा प्रमुख उद्देश्य सिंह ने कहा कि भारत को केवल बड़ा बाजार नहीं, बल्कि विश्व का प्रमुख उत्पादन केंद्र बनाना होगा। इसके लिए उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, तकनीक और वैश्विक बाजार तक पहुंच पर ध्यान देना जरूरी है।

संचालन डॉ. मनोज पांडेय ने किया। इस अवसर पर सह संयोजक आदित्य जायसवाल, आलोक, दिव्यांशु सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।