Saturday, 24 September 2022

अत्याधुनिक टेक्निकल सेल का उद्घाटन किया कुलपति ने

सारी सुविधाएं ऑनलाइन कर दी गई: अमरेंद्र सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित टेक्निकल सेल के अत्याधुनिक कार्यालय का उद्घाटन शनिवार को कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि  टेक्निकल सेल में अब विद्यार्थियों  की समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। इससे किसी भी विद्यार्थी को अपनी समस्या के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।  टेक्निकल सेल के प्रभारी डॉ अमरेंद्र सिंह ने कहा कि सारी सुविधाएं ऑनलाइन कर दी गई है। मार्कशीट, सर्टिफिकेट, पुनर्मूल्यांकन, स्क्रुटनी की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है , ताकि कार्य में पारदर्शिता हो और विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके।
इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव दीपक सिंह, अजीत सिंह, प्रो. वंदना राय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर,प्रो.अशोक श्रीवास्तव, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार,‌ प्रो. संदीप सिंह,  प्रो.रजनीश भास्कर, प्रो. नुपुर तिवारी, डॉ.संतोष कुमार, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ.राजकुमार, डॉ.मनीष गुप्ता, डॉ मनोज मिश्र, डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ.रसिकेश, सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ.धीरेंद्र चौधरी, डॉ.अमित वत्स, डॉ.पुनीत धवन, डॉ. मंगला यादव, प्रवीण कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, धर्मेंद्र सिंह, डॉ पीके कौशिक,सतीश सिंह, अंकुर, श्रीमती मीना, लाल बहादुर आदि उपस्थित थे।

Thursday, 22 September 2022

हुनरमंद को विश्वविद्यालय आगे बढ़ाएं: सांसद सीमा द्विवेदी

कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र में सिलाई मशीन आपरेटर प्रशिक्षण का हुआ उद्घाटन
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र में सिलाई मशीन आपरेटर प्रशिक्षण का उद्घाटन मंगलवार को राज्यसभा सांसद श्रीमती सीमा द्विवेदी के कर कमलों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि श्रीमती सीमा द्विवेदी ने कहा कि कौशल हर व्यक्ति में होता है आज इसे पहचान कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना कौशल विकास का उद्देश्य है। विश्वविद्यालय ऐसे लोगों की पहचान कर उनके हुनर का सम्मान कर उन्हें  आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि परिवार के भरण पोषण का माध्यम बने कौशल विकास। ये ब्लॉक स्तर पर शुरू करके कार्यक्रम को सफल बनाएं ताकि लोकल फार वोकल के बढ़ावा मिले।
बतौर अध्यक्ष कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि कौशल विकास में  विश्वविद्यालय हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय काम पर विश्वास रखता है हमारे में अगर चाह है तो हम हर काम को अंजाम दे सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि पीएमजी कामर्स एज लिमिटेड भदोही के प्रबंध निदेशक  डॉ. प्रतीक सिंह ने कहा
कि विश्वविद्यालय के कौशल विकास के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार का विकास किया जा रहा है। सबको आत्मनिर्भर बनाने और अपना उद्योग शुरू करने के लिए कई योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि पीएमजी ग्रुप इसमें प्रशिक्षणार्थियों का सहयोग करेगी।
कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक राजीव कुमार सिंह ने कहा कि कौशल है तो कदर है। सबको हुनर सबको काम सरकार की योजना का लाभ उनको मिल सके। उन्होंने कहा कि शार्टकम ट्रेनिंग के माध्यम से रोजगार के अवसर का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास को इसीलिए महत्व दिया गया ‌है।
कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. राजकुमार ने प्रगति आख्या प्रस्तुत की। साथ ही कौशल विकास की गतिविधियों और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेगा।
वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने स्वागत भाषण, संचालन डॉक्टर जाह्नवी श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन सुनील कुमार ने किया।
इस अवसर पर प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ.लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, संतोष उपाध्याय, सहायक कुलसचिव श्रीमती बबिता सिंह, दीपक सिंह आदि शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय हिंदी सप्ताह समापन समारोह

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भैया संस्थान के आर्यभट्ट सभागार में राष्ट्रीय हिंदी सप्ताह समारोह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं  में स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी एवं कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर उत्साहवर्धन किया।
समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है और जब हम हिंदी में एक दूसरे से बात करते हैं तो जो प्रेम उमड़ता है वह दूसरी भाषा में नहीं है। नारी की शोभा बिंदी से और देश की शोभा हिंदी से है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में हिंदी भाषा की बड़ी भूमिका रही है हिंदी की रचनाओं से जो संदेश प्रेषित किए गए उनसे क्रांति पैदा हुई।
कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय हिंदी सप्ताह की विविध गतिविधियां निश्चित तौर पर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में बड़ी भूमिका अदा करेगी।  अतिथियों का स्वागत जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मानस पांडे ने किया। राष्ट्रीय हिंदी सप्ताह के संयोजक डॉ आलोक गुप्ता ने गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ विनय वर्मा एवं संचालन  ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो वंदना राय, प्रोफ़ेसर प्रदीप कुमार,डॉ राजकुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ गिरिधर, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ अन्नू त्यागी समेत शिक्षक विद्यार्थी उपस्थित रहे.

सभी बुराइयों की जड़ है नशाः अन्नू त्यागी

विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन में राज्य में नशा मुक्ति अभियान को क्रियान्वित किए जाने के तहत बुधवार को बीएएलएलबी के विद्यार्थियों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर की नोडल अधिकारी और मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर अन्नू त्यागी ने नशे को सभी बुराइयों की जड़ बताया। कहा कि इससे व्यक्ति हीं नहीं उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है। नशा किसी भी प्रकार का हो वह नशा अपने परिवार को अपने पड़ोस को अपने समाज को खत्म करने की ओर ले जाता है, इसलिए हमें समाज में इस जागरूकता अभियान को मजबूती के साथ चलाना है। जनसंचार विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डा. सुनील कुमार ने कहा कि नशा उस दीमक की तरह है जो हमारी संस्कृति और सामाजिक ताना-बाना को अंदर-अंदर चाल देती है, इसलिए हमारे विद्यार्थियों की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने परिवार के साथ-साथ पास पड़ोस को भी नशा करने से रोकें और उन्हें नशा ने होने वाले रोग और नुकसान के बारे में बताएं। दतोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के निदेशक मंगला प्रसाद ने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन करने से विभिन्न प्रकार की बीमारियां जन्म लेती हैं जिससे समाज में लोगों को शारीरिक और आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने इसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को शपक्ष छात्र प्रद्यम त्रिपाठी ने दिलाई। इस अवसर पर शिक्षक राजित सोनकर, डा. प्रमोद कुमार, डा. राहुल राय, डा. अंकित कुमार, डा. दिनेश सिंह आदि उपस्थित थे।