Monday, 16 September 2019

केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र का उदघाटन


=प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा अपने सपनों को करेंगे  साकार  - डॉ महेंद्र

विश्वविद्यालय परिसर में  सोमवार को  कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के केन्द्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। इसके पश्चात अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने कौशल विकास और प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत कर एक अच्छी पहल की है। युवाओं की आबादी  वर्किंग फ़ोर्स बने यह हमारे प्रधानमंत्री जी की सोच है। इसके लिए युवाओं का कौशल विकास जरूरी है। कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा अपने सपनों को साकार करेंगें। परंपरागत रूप से कार्य करने वाले बहुत से लोग कुशल है लेकिन उनके पास कोई प्रमाण पत्र नहीं होता उन्हें कौशल विकास केंद्रों से प्रमाणपत्र देकर मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि  परंपरागत पढ़ाई के साथ साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण भी विद्यार्थियों को मिले जिससे पढाई पूरी करते ही उन्हें रोजगार उपलब्ध हो सके. इसके लिए राज्य सरकारों से सहमति ली जाएगी।उन्होंने  कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से हमारा देश मजबूत हुआ है। हमारी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की टीम आएगी और अध्ययन करेगी कि किस क्षेत्र में यहाँ के लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए.

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने  विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने पूरे देश में विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। पतवार चलाते जायेगे मंजिल आएगी आएगी गीत के माध्यम से विद्यार्थियों में ऊर्जा का संचार किया।विशिष्ट विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुंदर लाल ने कहा कि जिनके पास कौशल है कुशलता है समाज उन्हें सम्मान देगा।  विश्वविद्यालय में स्थापित कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र निश्चित तौर पर कारीगरों और युवाओं के लिए वरदान साबित होगा।
डेजा व्यू के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी पूर्व आईएएस शिवराज अस्थाना ने कौशल विकास केंद्र में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के पश्चात युवाओं को आसानी से रोजगार उपलब्ध होगा। आयोजन सचिव डॉ राजकुमार ने अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी रहे। आभार प्रो अविनाश पाथर्डीकर एवं   कार्यक्रम का संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया।

इस  अवसर पर विधायकद्वय हरेंद्र प्रसाद सिंह, रमेश मिश्र, सीमा द्विवेदी, पीयूष सक्सेना, प्रो आर एन त्रिपाठी, प्रो रंजना प्रकाश, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो ए के श्रीवास्तव, प्रो मानस पांडेय, प्रो बी डी शर्मा, प्रो वंदना राय, प्रो राम नारायण, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव, पुष्पराज सिंह, डॉ सतेंद्र सिंह, डॉ आलोक सिंह, राकेश यादव, डॉ जगदेव, डॉ सुरजीत यादव, डॉ संतोष कुमार, डॉ  सुनील कुमार, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर समेत शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुस्तक का किया विमोचन
श्री अग्रसेन महिला पीजी कॉलेज आज़मगढ़ की प्राचार्या डॉ निशा कुमारी द्वारा लिखित पुस्तक संगीतिका का विमोचन केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया।

 प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया अवलोकन   

केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय ने प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया अवलोकन  किया. संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद यादव ने केन्द्रीय मंत्री को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम भेंट किया. 


Sunday, 15 September 2019

जुलियस सीजर की तकनीकी का नेटवर्क सुरक्षा में हो रहा है प्रयोग



मोबाइल सुरक्षा  लिए जागरूक हो उपभोक्ता 
विश्वविद्यालय के  कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी  विभाग के सभागार कक्ष में क्रिप्टोग्राफ़ी एवं नेटवर्क सुरक्षा विषयक  साप्ताहिक कार्यशाला के दुसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि  विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर  सुन्दर लाल ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है एक सिरे से दूसरे सिरे तक सूचना सुरक्षित पहुचें यह महत्वपूर्ण है. उन्होंने  क्रिप्टोग्राफ़ी की विस्तृत ऐतिहासिक जानकारी दी. कहा कि  यूनानी शासक जुलियस सीजर द्वारा निर्मित सीजर साइफर का प्रयोग आज भी नेटवर्क सुरक्षा में हो रहा है | उन्होंने कहा कि मौजूदा नेटवर्क सुरक्षा मैकेनिज्म बहुत मजबूत नहीं  है | भविष्य में आरएसए अल्गोरिथम द्वारा इसे और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाया जा सकता है | इस दिशा में खोज छात्रों एवं कंप्यूटर साइंस वैज्ञानिकों  के लिए यह क्षेत्र बहुत ही सुनहरा अवसर प्रदान करता है |

अगले सत्र में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रोफेसर कारण सिंह द्वारा मोबाइल सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने कहा  कि आज मोबाइल का प्रयोग सिर्फ बात करने के लिए नहीं वरन तमाम तरह की जानकारियों को एकत्रित और साझा करने  किया जा रहा है, सुरक्षा उपायों की जानकारी न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है इसकी सुरक्षा के लिए जागरूक होने की जरुरत है  |कार्यक्रम में कुल ९० प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया | इस मौके पर डा संजीव गंगवार डॉ सौरभ पाल, डॉ कमलेश पाल, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,  ज्ञानेंद्र कुमार पाल, दिलीप, प्रशांत, अशोक,संतोष, सुनील, कृष्ण कुमार, पुर्नेंद्र श्रीवास्तव , रितेश,दीप्ति सहित विभाग के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।

Saturday, 14 September 2019

हिंदी दिवस

विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस हाल में जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई. गोष्ठी में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के विविध आयामों पर अपने विचार व्यक्त किये. विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि अंतरजाल ने हिंदी को वैश्विक बना दिया है. विश्व में निरंतर हिंदी लिखने, बोलने और पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि सुखद है. विभाग के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह ने हिंदी की  दशा और दिशा पर प्रकाश डाला. विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति की. कार्यक्रम का सञ्चालन आदित्य भारद्वाज ने किया. इस अवसर पर विभगा के विद्यार्थी उपस्थित रहे. 

Friday, 13 September 2019

उमानाथ सिंह को कुलपति ने किया नमन




विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने विश्वविद्यालय में उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान परिसर में  स्थापित   शहीद उमानाथ सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी  पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने कहा कि   उमानाथ सिंह सामाजिक चेतना के प्रकाशवान पुंज  थे। उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रवाद से प्रभावित था। उन्होंने कहा कि वे अपनी  कार्य कुशलता और समाजसेवा से जौनपुर का नाम रोशन किया।  इस अवसर पर प्रो ए के श्रीवास्तव,  डॉ के एस तोमर, श्याम त्रिपाठी, सी पी सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।