दैनिक जागरण की विचार संगोष्ठी में भारतीय और पश्चिमी मूल्यबोध, धर्म, कर्तव्य, चरित्र और बदलते सामाजिक सरोकारों पर हुआ मंथन
पूरबबानी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का आधिकारिक ब्लॉग
Thursday, 24 September 2026
आधुनिकता की तेज रफ्तार में शाश्वत मूल्यों को बचाए रखना जरूरी : प्रो. राकेश कुमार सिंह
Wednesday, 23 September 2026
शिक्षा ही राष्ट्र का असली सशक्तिकरण : प्रो. आर. के. सिंह
अपोलो पाइप्स लिमिटेड की सीएसआर ने की पहल
प्रेरणा पाठशाला के 64 बच्चों को मिले शैक्षणिक किट और चॉकलेट
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा ग्राम देवकली में 12 वर्षों से निरंतर संचालित 'निःशुल्क प्रेरणा पाठशाला' के 64 मेधावी छात्र-छात्राओं को बुधवार को अपोलो पाइप्स लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत शैक्षणिक किट और चाकलेट वितरित की गईं।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के स्मार्ट क्लास में बुधवार को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा वह आधारशिला है जो न केवल व्यक्ति का बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने कहा कि जब समाज के वंचित वर्ग के बच्चे शिक्षा के दीये से जुड़ते हैं, तो केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा समाज प्रकाशमान होता है। प्रेरणा पाठशाला इसी दीपोत्सव का प्रतीक है। बच्चों के विकास के लिए निरंतर प्रयास होने चाहिए ताकि उनका समग्र विकास हो सके।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति के हाथों स्कूल बैग, पानी की बोतल, पेंसिल किट एवं बिस्कुट पाकर बच्चों में उत्साह दिखा। किट में चॉकलेट न होने पर के लिए कुलपति जी ने चाकलेट मंगाकर बच्चों में वितरित किया, इससे बच्चों के चेहरे पर तुरंत मुस्कुराहट आ गई।
बताते चले की कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रेरणा पाठशाला के संस्थापक-संचालक प्रो. राज कुमार (विभागाध्यक्ष, गणित विभाग) के अथक प्रयासों को इस अवसर पर विशेष रूप से सराहा गया।प्रो. राज कुमार ने कोचिंग की गतिविधियों एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'प्रेरणा कोचिंग' का संचालन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में अपोलो पाइप्स लिमिटेड के डिप्टी रीजनल सेल्स मैनेजर (सेल्स एवं विपणन) शशिभूषण सिंह ने कहा कि कंपनी अपनी सीएसआर की गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करती रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना उनके शैक्षणिक सफर को सुगम बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 से विश्वविद्यालय से सटे देवकली गांव में 'प्रेरणा कोचिंग' का संचालन किया जा रहा है। संचालन डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो. सौरभपाल. डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, प्रशांत कुमार, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य समेत कई शिक्षक उपस्थित थे।
Tuesday, 22 September 2026
वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन
विद्यार्थियों की शिकायतों के समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादव को अध्यक्ष/समन्वयक नियुक्त किया गया है। प्रबंधन अध्ययन संकाय के प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर, विज्ञान संकाय के प्रो. राजेश शर्मा, इंजीनियरिंग संकाय के प्रो. रजनीश भास्कर तथा अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. अन्नू त्यागी को समिति का सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त एलएलएम छात्र सत्र 2026–27 के अभिनव कीर्ति पाण्डेय को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में समिति में शामिल किया गया है।
समिति विद्यार्थियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया को सुगम, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएगी। कुलपति की इस संवेदनशील, विद्यार्थी-केंद्रित और उत्तरदायी पहल से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है। छात्र शिकायत निवारण समिति के गठन से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत और प्रभावी मंच उपलब्ध होगा और छात्रों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा।
इनसेट
विद्यार्थियों से प्रतिदिन संवाद करेंगे कुलपति
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की एक सराहनीय और विद्यार्थी-केंद्रित पहल की है। मंगलवार एवं शनिवार को यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। संवाद का समय प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को निकटता से समझना, उनके सुझावों को विश्वविद्यालय के विकास से जोड़ना तथा आवश्यक मामलों में समयबद्ध और संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित करना है। छात्र-छात्राएँ अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक, छात्रावास, परीक्षा, पुस्तकालय, खेलकूद, छात्र कल्याण तथा विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य विषयों पर कुलपति के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे।
