Wednesday, 8 December 2021

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का विश्वविद्यालय में किया गया स्वागत

कुलपति और अधिकारियों के साथ उपमुख्यमंत्री ने की बैठक

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के अतिथि गृह में बुधवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का आगमन हुआ।इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस.मौर्य एवं अधिकारियों के साथ बैठक की।बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस अवसर पर कुलपति जी ने उन्हें जानकारी दी कि नया पाठ्यक्रम संबद्ध महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय में लागू कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में भी बातचीत की। इसके पूर्व उपमुख्यमंत्री को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर कुलपति ने स्वागत किया। इस अवसर पर आवास एवं शहरी नियोजन मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यों की प्रशंसा की । इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अजय साहनी, वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, प्रो.मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, उपकुलसचिव वीरेंद्र मौर्या, सहायक कुलसचिव अमृत लाल, बबिता सिंह, दीपक सिंह,डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. सुनील कुमार, अमित वत्स डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ.अमित, डॉ. पी.के. कौशिक, सुशील कुमार प्रजापति और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।




 

विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी

  गुरुवार को होगा दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास

• राज्यपाल मेधावियों को देंगी 65 स्वर्णपदक

• पद्मश्री प्रो. जे. एस. राजपूत होंगे मुख्य अतिथि

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का पच्चीसवां दीक्षांत समारोह 10 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल दीक्षांत समारोह कअध्यक्षता करेंगी। एनसीइआरटी के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रो. जे. एस. राजपूत मुख्य अतिथि होंगे।

दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों को 65 स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। इसमें स्नातक के 18 विद्यार्थियों जिसमें 7 छात्र एवं 11 छात्राएं हैं। इसी तरह परास्नातक में 47 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिलेगा जिसमें 13 छात्र और 34 छात्राएं शामिल हैं। विभिन्न संकायों के 96 शोधार्थियों को भी दीक्षांत समारोह में पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की जायेगी।

मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. जे. एस. राजपूत को विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए योगदान को देखते हुए दीक्षांत समारोह में डी.एससी. की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। रसायन विज्ञान विषय में प्रो. दीपक पठानिया को डी.एससी. की उपाधि मिलेगी।

इस अवसर पर राजकीय स्कूलों के 51 छात्र- छात्राओं को आमंत्रित किया गया है। राज्यपाल इन बच्चों को स्कूल बैग ज्योमेट्रिक बाक्स, फल और पुस्तक प्रदान करेंगी।

कुलपति प्रोफेसर डा. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि पद्मश्री प्रो. जे.एस. राजपूत ने मुख्य अतिथि के तौर पर हमारा निमंत्रण स्वीकार कर समारोह का गौरव बढ़ाया है। विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता के लिए 10 दिसंबर को माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल का आगमन विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में बने हैलीपैड पर होगा।

दीक्षांत समारोह सुबह 10 बजे से अपराह्न 12.30 तक अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में सम्पन्न होगा। इसके लिए नौ दिसंबर को पूर्वाभ्यास किया जाएगा। समारोह में शामिल होने के लिए स्वर्णपदक धारकों को वेशभूषा के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। छात्राओं को सफेद सलवार, सफेद दुपट्टा हल्के रंग का कुर्ता या हल्के रंग की साड़ी धारण करने को कहा गया है। स्वर्णपदक छात्र हल्के रंग की पूरी बांह की शर्ट, गाढ़े रंग की पैंट ही पहनें। छात्राओं को जींस, टाप वर्जित है वहीं छात्राओं को काला, नेवी ब्लू, ब्राउन रंग की पैंट जींस टी शर्ट पहनना वर्जित है।

दीक्षांत समारोह में आमंत्रित आगंतुओं को अनिवार्य रूप से आमंत्रण पत्र लाना होगा। मोबाइल, ब्रीफकेस हैंडबैक और इलेक्ट्रानिक उपकरण साथ न लाने के लिए कहा गया है। दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले सभी लोग अनिवार्य रूप से मास्क पहनेगें.

बुधवार को कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह समेत अन्य अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ परिसर में दीक्षांत समारोह की तैयारियों का निरीक्षण किया।



Monday, 6 December 2021

जिस क्षेत्र में भी रहें समरसता का भाव स्थापित करें: घनश्याम शाही

समाज को एकता के सूत्र में पिरोती है समरसता: कुलपति

बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर पीयू में हुई संगोष्ठी

 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में सोमवार को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय सामाजिक समरसता एवं सद्भाव था।
इस अवसर पर संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि बाबा साहेब का संघर्ष ही भारती संविधान में उतारा गया है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सामाजिक समरसता एवं सद्भाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि समरसता हमारी संस्कृति का मूल आधार है यह सभी धर्मों, विचारों और समाज को एकता के सूत्र में पिरोती है।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री घनश्याम शाही ने कहा कि हम जिस क्षेत्र में भी रहे वहां समरसता का भाव स्थापित करें। उन्होंने कहा कि भेदभाव अंधेरे के समान है। इसे ज्ञानरूपी दीया जलाकर ही दूर किया जा सकता। यह काम विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी ही कर सकते हैं।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि समाज और समरसता एक दूसरे से जुड़े हैं। हम जब एक दूसरे समाज के महापुरुषों को नहीं जानेंगे तो बताएंगे कैसे? उन्होंने कहा कि देश के विकास और अखंडता के लिए सामाजिक समरसता बहुत जरूरी है।
संगोष्ठी का संचालन उद्देश्य सिंह और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक डॉ मनोज पांडेय ने किया।
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय, प्रो.वंदना राय, प्रो. रामनारायण, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो.बीडी शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, डॉ.प्रदीप कुमार, डा.मनीष गुप्ता, डॉ रसिकेश. गिरधर मिश्र, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ.सुशील कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमित वत्स, डॉ.जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ.अमरेंद्र सिंह, डॉ.नीतेश जायसवाल, डॉ.अनुराग मिश्र, डॉ.राजीव कुमार, डॉ. आलोक दास आदि लोग उपस्थित थे।

विनोद दुआ का निधन पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति: कुलपति

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में हुई शोकसभा

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के निधन पर शोक सभा का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि वह बेहतरीन इन्सान थे और बेबाकी से अपनी बात रखते थे। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को नया आयाम दिया।  देश के समसामयिक मुद्दे पर लोग उनके विचारों का सम्मान करते थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
इस अवसर पर उप कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य सहायक कुलसचिव बबीता सिंह, प्रोफ़ेसर मानस पांडेय, प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर, प्रो .देवराज सिंह ,प्रो. मनोज मिश्र, डॉ मनोज पांडेय, डॉ सुनील कुमार, डॉ धर्मेंद्र सिंह, श्री कृष्ण कुमार यादव, डॉ मिथिलेश यादव, लक्ष्मी मौर्य आदि शामिल थे।