Saturday, 30 May 2026

हिन्दी पत्रकारिता जितनी सशक्त होगी, लोकतंत्र उतना ही मजबूत बनेगा : प्रो. वंदना सिंह


हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष और नई पीढ़ी की भूमिका पर दो राष्ट्रीय वेबिनार संपन्न
जौनपुर, 30 मई। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, कम्युनिकेशन टुडे (त्रैमासिक मीडिया जर्नल, जयपुर) तथा भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस एंड मैनेजमेंट , नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हिन्दी पत्रकारिता विषयक दो राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किए गए। वेबिनारों में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, मीडिया संस्थानों एवं शोध संस्थाओं से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और मीडिया पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रथम राष्ट्रीय वेबिनार “हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” विषय पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा उदन्त मार्तण्ड से प्रारंभ होकर आज रेडियो, टेलीविजन और वेब मीडिया के विभिन्न मंचों से गुजरते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त एवं विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन की आवाज, लोकतांत्रिक मूल्यों की संरक्षक तथा सामाजिक चेतना की संवाहक रही है। हिन्दी पत्रकारिता जितनी अधिक सशक्त, विश्वसनीय और समृद्ध होगी, देश का लोकतंत्र भी उतना ही अधिक मजबूत और जनोन्मुखी बनेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार  संपादक दैनिक यशोभूमि, मुंबई श्रीनारायण तिवारी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास में अनेक परिवर्तन हुए हैं और उसने अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का युग है, लेकिन यह कभी भी मानवीय बौद्धिक क्षमता का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया में प्रकाशित समाचारों की विश्वसनीयता आज भी डिजिटल माध्यमों की तुलना में अधिक है।
मुख्य वक्ता संपादक, संचार माध्यम एवं भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि पत्रकारिता को समाज के रचनात्मक और सकारात्मक पक्ष को पाठकों के सामने लाना होगा।  उन्होंने कहा कि आज का पाठक समाचारों में सकारात्मक दृष्टिकोण और रचनात्मक सामग्री को अधिक महत्व देता है।
भारती विद्यापीठ के  निदेशक  प्रो. एम.एन. होडा ने एआई की बढ़ती चुनौतियों पर ध्यान आकृष्ट कराया।
इसके बाद आयोजित दूसरे राष्ट्रीय वेबिनार “नई पीढ़ी की नज़र से हिन्दी पत्रकारिता” में पूर्व डीन, एकेडमिक अफेयर्स, एम.डी. यूनिवर्सिटी, रोहतक के प्रो. हरीश कुमार तथा अध्यक्ष पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के प्रो. राघवेंद्र मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने हिन्दी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, वर्तमान चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। 
वेबिनार में शोधपत्रों की प्रस्तुति भी हुई।
आयोजन सचिव एवं अध्यक्ष, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर प्रो. मनोज मिश्र ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संपादक, कम्युनिकेशन टुडे , प्रो. संजीव भनावत
 संयोजन प्रियंका सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।
वेबिनार के सफल आयोजन में  जयंत राठी, पुष्पेंद्र सचान, डॉ. पृथ्वी सेंगर तथा आयोजन समिति के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर प्रो. बाला लखेंद्र, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अवध बिहारी सिंह, समेत देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े अनेक शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और मीडिया पेशेवर ऑनलाइन माध्यम से वेबिनार में जुड़े रहे।

विश्वविद्यालय में एआई वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आईईई  स्टूडेंट ब्रांच द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण हेतु आयोजित ‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत एआई आधारित वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता “प्रॉम्प्ट टू एआई विजन” का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला श्रृंखला का उद्देश्य छात्रों को एआई के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, उपकरणों और तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। 
इसी क्रम में आयोजित वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना तथा एआई आधारित कंटेंट निर्माण में उनकी दक्षता का मूल्यांकन करना रहा। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एआई टूल्स की सहायता से अपनी कल्पनाओं को वीडियो के रूप में प्रस्तुत किया।
यह एआई जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति की प्रेरणा तथा जनभवन के निर्देशों के क्रम में संचालित किया जा रहा है। कार्यशाला श्रृंखला का संचालन इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल तथा कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।ब्रांच के काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य एआई और उभरती तकनीकों के जरिए करियर के नए अवसरों की जानकारी देना था।
 
कार्यक्रम में फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वीडियो निर्माण में एआई की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर स्टूडेंट ब्रांच के सदस्य अनुराग पाल, निहार, आद्रिका, ऋचा, युगांत्रा, अमन, शिवांश, सागर, हिमानी, अदिति, पवन, आंचल, विवेक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन इप्सिता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन  ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।

Thursday, 28 May 2026

साथी: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय की नई पहल

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने जारी किया “साथी” अभियान का पोस्टर
मानसिक स्वास्थ्य के लिए  विद्यार्थियों को मिलेगा गोपनीय और पेशेवर सहयोग
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के वैलनेस सेंटर  ने “साथी” नामक नई पहल शुरू की है। बुधवार को कुलपति  प्रो. वंदना सिंह ने वैलनेस सेंटर  द्वारा संचालित इस अभियान का जागरूकता पोस्टर जारी किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सामने केवल शैक्षणिक चुनौतियाँ ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक दबाव भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों को सुरक्षित, संवेदनशील और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराए। कहा कि स्वस्थ मन ही बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की नींव है। विश्वविद्यालय चाहता है कि हर छात्र स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और समर्थ महसूस करे।
वैलनेस सेंटर  के समन्वयक एवं  व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि  जारी किए गए पोस्टर में विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि  वे मानसिक तनाव, अवसाद, भय या किसी भी प्रकार की परेशानी को मन में दबाने के बजाय साझा करें।
पोस्टर में परीक्षा और करियर का दबाव, असफलता का डर, घर की याद, रिश्तों में तनाव, साइबर बुलिंग तथा भविष्य को लेकर चिंता जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है, जिनसे आज बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय की “साथी” पहल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को समय पर परामर्श, भावनात्मक सहयोग और पेशेवर सहायता उपलब्ध कराना है।  इस पोस्टर को सोशल मीडिया के साथ ही साथ छात्रावासों के सभी कमरों, अध्ययन कक्षों एवं विभागों के डिस्प्ले बोर्ड पर लगाया जायेगा।
वैलनेस सेंटर  की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पोस्टर में यह भी भरोसा दिलाया गया है कि विद्यार्थियों की सभी बातचीत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें बिना किसी भेदभाव और पूर्वाग्रह के सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं वैलनेस सेंटर  के विशेषज्ञों की टीम लगातार कार्य कर रही है।
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की मानसिक समस्याओं से जुड़ी सहायता के लिए विश्वविद्यालय हेल्पलाइन नंबर +91 7518200147 जारी किया है। इसके अलावा विद्यार्थी टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 / 1-800-891-4416 तथा किरण हेल्पलाइन 1800-599-0019 पर भी संपर्क कर सकते हैं। साथ ही साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 भी पोस्टर में दिए गए हैं।

कराटे में ऋत्विक त्रिपाठी ने जीता सिल्वर मेडल


अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का बढ़ाया मान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज अंतर्गत एच.आर.डी. विभाग के शोध छात्र ऋत्विक त्रिपाठी ने इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप सीरीज–2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर वर्ग के -67 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त कर विश्वविद्यालय एवं जनपद का गौरव बढ़ाया है।
यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की गई थी, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन धामिकाकाई शीतो-रियु इंटरनेशनल संस्था द्वारा किया गया था, जो पारंपरिक कराटे की अनुशासित, तकनीकी एवं आत्मरक्षा आधारित शैली के प्रचार-प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती है। यह संस्था युवाओं में आत्मविश्वास, संयम, मानसिक दृढ़ता तथा शारीरिक क्षमता के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
ऋत्विक त्रिपाठी की इस उपलब्धि पर फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संकायाध्यक्ष, प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल एवं व्यक्तित्व विकास की सशक्त परंपरा को भी प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने ऋत्विक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडे, डॉ.  आशुतोष सिंह, डॉ. प्रवीण मिश्र, अनुपम कुमार, शोध छात्रा अंजली मौर्य सहित विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने बधाई दी है।