Sunday, 29 March 2026

भविष्य की जरूरत केवल डिग्री नहीं, विजन और कौशल से मिलेगी सफलता- प्रो. रुम्की बनर्जी

दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न, विशेषज्ञों ने रखे विचार
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली में उभरते मुद्दे एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को आर्यभट्ट सभागार में हुआ। इस दौरान प्रबंधन, नेतृत्व, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कौशल विकास जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर अकादमिक विमर्श को समृद्ध किया।
समापन सत्र में केके विश्वविद्यालय, नालंदा की प्रति कुलपति प्रो. रुम्की बनर्जी ने कहा कि आज का वैश्विक कॉर्पोरेट जगत ‘डिग्री-फर्स्ट’ से आगे बढ़कर ‘स्किल-फर्स्ट इकोनॉमी’ की ओर अग्रसर है, जहाँ व्यावहारिक कौशल और विजन को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बावजूद जटिल समस्याओं के समाधान के लिए मानवीय संवेदना और रचनात्मक सोच अनिवार्य है।
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रो. कुशेन्द्र मिश्रा ने कहा कि केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल विकास आवश्यक है। उन्होंने बेरोजगारी की समस्या को कौशल की कमी से जोड़ते हुए व्यावहारिक ज्ञान पर बल दिया।
“नेतृत्व एवं सुशासन” विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो. पी.सी. पतंजलि ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति उसके प्रभावी नेतृत्व और सुशासन पर निर्भर करती है। प्रो. एच.सी. पुरोहित ने विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में मजबूत नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित किया। इस सत्र में बी.एल. आर्य विशिष्ट अतिथि रहे तथा प्रो. प्रदीप कुमार सह-अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
दूसरे तकनीकी सत्र में “कार्य और बाजार का भविष्य: मानव संसाधन प्रबंधन, कृषि-व्यवसाय, ई-वाणिज्य एवं व्यावसायिक अर्थशास्त्र का समन्वय” विषय पर चर्चा हुई। सत्र की अध्यक्षता प्रो. अजय वाघ ने की। उन्होंने बदलते कार्यपरिवेश और मानव संसाधन प्रबंधन के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं प्रो. अमित सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा को कॉर्पोरेट चुनौतियों के समाधान का आधार बताया।
संगोष्ठी के अंतर्गत “डिग्री बनाम कौशल,प्रतिभा की दौड़ में कौन जीतेगा” विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रो. वी.के. सिंह ने की। 
अंत में संयोजक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया एवं आयोजन सचिव डॉ. आशुतोष सिंह ने रिपोर्ट प्रस्तुत की. सत्रों का संचालन डॉ. रसिकेश एवं डॉ. सुशील कुमार ने किया. इस अवसर पर  प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मुराद अली, प्रो. एस के सिन्हा, डॉ. अमित वत्स, डॉ. अन्नू त्यागी समेत विभिन्न भागों से आये प्रतिभागी उपस्थित रहे।

संगीत संध्या ‘उमंग’ में सुरों की छटा बिखरी, कलाकारों ने बांधा समां


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार की शाम “संगीत संध्या उमंग” का आयोजन अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में अत्यंत भव्य एवं संगीतमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गायिका पल्लवी मुखर्जी की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी आत्मप्रकाश धर द्विवेदी ने भी अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान पल्लवी ने एक से बढ़कर एक गीतों और ग़ज़लों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें “होश वालों को खबर क्या”, “आज जाने की जिद न करो”, “लग जा गले”, “अजी रूठ कर”, “मोह मोह के धागे” और समापन में “कबिरा” जैसे लोकप्रिय गीत शामिल रहे। 
इस अवसर पर संगतकारों के रूप में ऑर्गन पर  राहुल, ढोलक पर सुनील, तबला पर डॉ. अवधेश तथा ऑक्टोपैड पर आशुतोष एवं गिटार पर  सविक मुखर्जी ने अपनी सधी हुई संगत से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह एवं पूर्व कुलपति प्रोफेसर पी.सी. पतंजलि द्वारा कलाकारों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक संध्या की संयोजक डॉ. अन्नू त्यागी ने किया।
शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने इस सुरमयी संध्या का भरपूर आनंद लिया।

Saturday, 28 March 2026

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शांति और सौहार्द के लिए गूँजा 'वसुधैव कुटुंबकम'


5 मिनट के लिए सभी ने की सामूहिक प्रार्थना

​जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परिसर में आज एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जब कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह की एक भावुक अपील पर पूरा विश्वविद्यालय परिवार एकजुट हो गया। वैश्विक अशांति और तनाव के दौर में मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से, कुलपति के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के समस्त विभागों में शनिवार को 'शांति एवं सौहार्द' के लिए सामूहिक प्रार्थना और ध्यान का आयोजन किया गया। इस दौरान शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां कुछ समय के लिए थम गईं और परिसर सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने इस आयोजन के लिए जारी अपने विशेष संदेश में वर्तमान विश्व की परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अशांति और असहिष्णुता का वातावरण है, तब भारतीय ज्ञान परंपरा का 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश ही मानवता को सही दिशा दिखा सकता है। कुलपति ने इसे एक 'पुनीत कार्य' बताते हुए कहा कि शांति और भाईचारे के मूल्यों को सुदृढ़ करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।

निर्धारित समय पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर एकत्र हुए। कुलपति की अपील का पालन करते हुए सभी ने 5 मिनट का सामूहिक प्रार्थना-ध्यान किया। कुलपति के संदेश को दोहराते हुए यह साझा किया गया कि यह प्रार्थना न केवल मन को शांति प्रदान करेगी, बल्कि विचारों में एकता और सकारात्मकता का संचार भी करेगी।विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

मानव से मशीन तक: बदलती दुनिया में एआई बना नई प्रतिस्पर्धा का केंद्र- प्रो. योगेश उपाध्याय


डिजिटल परिवर्तन के दौर में नवाचार और समन्वय की आवश्यकता: प्रो. वंदना सिंह

विश्वविद्यालय में 'भारतीय कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली में उभरते मुद्दे और चुनौतियां' विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
दो दिवसीय आयोजन में देश भर से जुटे विद्वान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “कॉरपोरेट प्रणाली में उभरते मुद्दे एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत शनिवार को विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में हुई । इस संगोष्ठी में देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और समकालीन विषयों पर अपने विचार साझा किए।
उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि आईटीएम विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलपति प्रो. योगेश उपाध्याय ने कहा कि  आज विश्व भारतीय प्रतिभा को सम्मान दे रहा है, परंतु साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता  के बढ़ते प्रभाव ने नई चुनौतियों को जन्म दिया है। भारतीय समाज में ईमानदारी और आपसी विश्वास की सुदृढ़ परंपरा रही, किंतु समय के साथ इसमें गिरावट आई है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन आवश्यक है।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि पहले श्रम की आवश्यकता के लिए लोगों को विभिन्न देशों में भेजा गया, बाद में मशीनों ने मानव श्रम का स्थान लिया और अब बुद्धिमत्ता के स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा तीव्र हो गई है। उनके अनुसार, यह प्रतिस्पर्धा केवल मनुष्य और मशीन के बीच नहीं, बल्कि एक नई “प्रजाति” के उभरने का संकेत है, जिसका प्रभाव भविष्य में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई देगा। कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता  के माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर रचनात्मकता और नवाचार को बल मिला है, जिससे लोग कम समय में अनेक नए विचार उत्पन्न कर पा रहे हैं। हालांकि, समूह स्तर पर इसके उपयोग से कार्यों में एकरूपता बढ़ रही है, जिससे मौलिकता और विविधता प्रभावित होने की आशंका भी है।
अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि आज का समय डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बदलते कार्यबल की चुनौतियों से भरा है, जो नवाचार और उत्तरदायी नेतृत्व के नए अवसर भी देते हैं। उन्होंने संगठनात्मक उत्कृष्टता के लिए विभिन्न प्रबंधन क्षेत्रों के समन्वय पर बल दिया और कॉरपोरेट क्षेत्र को आर्थिक विकास के साथ सामाजिक परिवर्तन का भी प्रमुख माध्यम बताते हुए शिक्षा, उद्योग और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद की आवश्यकता बताई।
विशिष्ट अतिथि निदेशक, प्रबंधन संस्थान, बीएचयू  प्रो. आशीष बाजपेई ने कहा कि भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर अच्छा काम कर रहा है, लेकिन आज विश्वसनीयता का ह्रास चिंता का विषय है। उन्होंने कहा  कि धर्म से दूरी के कारण कॉरपोरेट और उपभोक्ता के बीच विश्वास कम हुआ है। ऐसे में कॉरपोरेट नेतृत्व की सोच सकारात्मक और नैतिक होना जरूरी है।
इसी क्रम में अतिथि प्रो. एस. रामनाथन, पूर्व डीन प्रबंधन, अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चेन्नई ने कहा कि लाभ ही व्यवसाय का एकमात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए। प्रत्येक संगठन चाहे वह गाँव की छोटी सहकारी समिति हो या बड़ी कंपनी को अपने वित्त का कुशल प्रबंधन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट फाइनेंस, व्यावसायिक अर्थशास्त्र एवं नीतियों में सरकार और व्यवसाय के समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण है। संगोष्ठी में प्लेनरी व्याख्यान आयोजित हुए जिसमें आईआईआईटी, प्रयागराज   प्रो. रंजीत  सिंह ने कहानी के माध्यम से स्पष्ट किया कि कृतिम बुधिमत्ता स्वयं ज्ञानी नहीं है, बल्कि यह मानव द्वारा दिए गए डेटा पर निर्भर करता है। तकनीकी सत्रों में देश के विभिन्न भागों से आये हुए प्रतिभागियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किया.
स्वागत एवं विषय प्रवर्तन संयोजक प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने किया। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ. आशुतोष के. सिंह ने किया।
इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रोफेसर पीसी पतंजलि, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मुराद अली, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. एच सी पुरोहित, प्रो. एस के सिन्हा, प्रो. अजय वाघ, प्रो. अमित सिंह, प्रो. रुम्की बनर्जी, प्रो. खुशेन्द्र मिश्र, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रदीप कुमार,  डॉ. बीएल आर्य, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. रसिकेश, डॉ. अन्नू त्यागी  समेत अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे.

Tuesday, 24 March 2026

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के सप्तम दिवस पर रक्तदान शिविर एवं समापन समारोह संपन्न




जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवतावादी कार्य है। युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं। जीवन में सफलता का मूल मंत्र समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास है, जिसे अपनाकर युवा निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

मुक्तांगन परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ कुलपति प्रो. वंदना सिंह एवं कुलसचिव केशलाल के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशिकांत यादव एवं डॉ. अनुराग मिश्र ने स्वयं रक्तदान कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया, साथ ही कुल 35 स्वयंसेवकों ने रक्तदान कर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

कुलसचिव केशलाल ने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा किया गया यह रक्तदान समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। ऐसे कार्यों से युवाओं में सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना सुदृढ़ होती है।समापन समारोह आर्यभट्ट सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें प्रत्येक इकाई से 5 उत्कृष्ट स्वयंसेवकों को कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग मिश्र द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. विशाल यादव, डॉ. प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. शशिकांत यादव एवं डॉ. अनुराग मिश्र उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में स्वयंसेवक ईशांत यादव, अभिनव कीर्ति पांडेय, प्रियांशी मौर्य, सुमित सिंह, प्रिया मौर्य, प्रभात तिवारी, मनीष जायसवाल, हिमांशु मिश्रा, सानिध्य मिश्रा, मुस्कान यादव, संजना यादव, आदिया गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, संस्कृति अस्थाना सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

Monday, 23 March 2026

युवाओं में जागरूकता, सुरक्षा और राष्ट्रप्रेम का संदेश बना शिविर का केंद्र



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के षष्ठम दिवस पर साइबर अपराध से बचाव एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया गया। इसके साथ ही शहीद दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता एवं प्रेरक कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने साइबर सुरक्षा विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम बड़े साइबर अपराधों से बच सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को साइबर क्राइम से बचाव हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा ‘संचार साथी’ उपयोगी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर उसके प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी।
इसके पश्चात वेलनेस सेंटर की नोडल अधिकारी एवं अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. अन्नू त्यागी ने ‘युवा और मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि खुश रहना हमारे अपने हाथ में है और हम सकारात्मक सोच के माध्यम से अपने जीवन में खुशियाँ भर सकते हैं। युवाओं के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन का विकास अत्यंत आवश्यक है।
अगले सत्र में प्रो. हरिओम त्रिपाठी एवं डॉ. ममता सिंह ने शहीद दिवस एवं राष्ट्र प्रेम विषय पर संयुक्त रूप से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यबोध की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। युवाओं को देशहित में सदैव अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा शहीद दिवस पर आधारित भाषण, नाटक एवं विचार प्रस्तुत किए गए, जिसने सभी को भावुक एवं प्रेरित किया। भोजनावकाश के पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा शहीदों की स्मृति में पदयात्रा निकाली गई, जिसके माध्यम से राष्ट्रप्रेम एवं जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. विशाल यादव, डॉ. प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. शशिकांत यादव एवं डॉ. अनुराग मिश्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वयंसेवक दिव्यांशु सिंह, पृथ्वी राज सिंह, मनीष यादव, मोनू कुमार, अर्पिता यादव, आलोक मिश्रा, शंभू चौरसिया, रजनीश कन्हैया यादव, सौरभ सिंह, सर्वेश सिंह, राघवेन्द्र यादव, अंकित सिंह, प्रभात तिवारी, संस्कृति अस्थाना, ईश्विका सिंह, अंश मौर्य, विनय पाल, किशन उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

जिंदल शॉ लिमिटेड में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 12 छात्रों का चयन

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित  जिंदल शॉ लिमिटेड की प्लेसमेंट ड्राइव में इस वर्ष शानदार सफलता प्राप्त हुई, जिसमें कुल 12 मेधावी छात्रों का चयन किया गया। चयनित छात्रों में 4 छात्र मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से तथा 8 छात्र इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग से हैं। 
कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने सभी छात्रों को बधाई दी और कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उत्कृष्ट रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय इस दिशा में सतत प्रयासरत है और परिणामस्वरूप विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां परिसर में आकर प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित कर रही हैं। 
मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संदीप सिंह सहित प्रोफेसर रजनीश भास्कर, डॉ. दीप प्रकाश सिंह एवं डॉ. अनुराग सिंह ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि विभागों में छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जाते हैं। 
ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के निदेशक  प्रो. प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित की जाती हैं। उनका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में और अधिक कंपनियों को आमंत्रित करने की योजना है, जिससे छात्रों को विविध क्षेत्रों में करियर बनाने का अवसर मिल सके।
चयनित छात्रों के बीच खुशी और गर्व का माहौल देखा गया। इसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र विपिन कुमार, राहुल कुमार गुप्ता ,राज पांडे, दिव्यांशु सिंह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र अमन कुमार मौर्य,अभिषेक कुशवाहा,संदीप,विवेक, नीरज चौहान, साहिल कुमार, राज ,आदेश श्रीवास्तव,  सत्यम विक्रम सिंह चयनित हुए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त अधिकारी एवं परीक्षा नियंत्रक सहित अन्य गणमान्य अधिकारी भी उपस्थित रहे और सभी चयनित छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

Sunday, 22 March 2026

संवाद और ध्यान से ही संभव है विश्व शांति: कुलपति प्रो. वंदना सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर के अंतर्गत रविवार को विश्व शांति हेतु शांति-ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं और वैश्विक कल्याण के प्रति जागरूकता विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, बल्कि शांति ही मानवता का वास्तविक भविष्य है।

उन्होंने समकालीन दार्शनिकों और आध्यात्मिक विचारकों के विचार साझा करते हुए कहा कि शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर की एक अवस्था है। जब तक व्यक्ति का मन शांत नहीं होगा, तब तक विश्व में स्थायी शांति की स्थापना संभव नहीं है। वर्तमान वैश्विक संघर्षों का समाधान संवाद, सहिष्णुता और ध्यान की शक्ति से ही संभव है।
कुलपति ने अंतरराष्ट्रीय तनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समय में वैश्विक भाईचारे और शांति का संदेश प्रसारित करना अत्यंत आवश्यक है। ।
शिविर में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संकायाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने कहा कि इस शांति-ध्यान के माध्यम से विश्वविद्यालय ने यह संदेश दिया है कि युवा शक्ति अपनी सकारात्मक ऊर्जा से बड़े से बड़े वैश्विक संघर्षों को भी वैचारिक रूप से प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि शांति-ध्यान न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता में सहायक है, बल्कि यह वैश्विक शांति और मानवीय मूल्यों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विश्व जल दिवस के परिप्रेक्ष्य में डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. अजय विक्रम सिंह एवं प्रो. देवराज सिंह ने संयुक्त रूप से विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय और सतत विकास के लिए अनिवार्य है। जल प्रबंधन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाकर ही वास्तविक समानता स्थापित की जा सकती है।
इस दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा जल संरक्षण विषय पर प्रस्तुति दी गई तथा विश्वविद्यालय परिसर स्थित अमृत सरोवर में स्वच्छता अभियान चलाकर जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का स्वागत एवं संचालन डॉ. अनुराग मिश्र द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. विशाल यादव, डॉ. प्रमेन्द्र विक्रम सिंह,  सहित स्वयंसेवक दिव्यांशु सिंह, पृथ्वी राज सिंह, मनीष यादव, मोनू कुमार, अर्पिता यादव, आलोक मिश्रा, शंभू चौरसिया, रजनीश कन्हैया यादव, सौरभ सिंह, सिद्धार्थ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

Saturday, 21 March 2026

एआई के नवीनतम तकनीक से अवगत कराया


विश्वविद्यालय में आईईईई द्वारा ‘एआई मेड ईज़ी’ कार्यशाला श्रृंखला का आयोजन

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आईईईई छात्र शाखा द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रशिक्षण हेतु ‘एआई मेड ईज़ी’ कार्यशाला श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्रों को एआई के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विषयों एवं तकनीकों से अवगत कराना है।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न औजारों एवं तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में छात्रों को विस्तार से जानकारी दी गई। यह आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति की प्रेरणा एवं राजभवन के निर्देशों के अनुरूप चलाए जा रहे एआई जागरूकता अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है।

कार्यशाला का संचालन इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल एवं संगणक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आईईईई छात्र शाखा के परामर्शदाता डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने बताया कि प्रथम सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में अमन वर्मा एवं क्षितिज प्रताप सिंह ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए एआई के विविध अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के संकाय समन्वयक डॉ. दिलीप यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिचय एवं उसके महत्व को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर आईईईई छात्र शाखा के सदस्य अनुराग पाल, निहार, आद्रीका, ऋचा, युगांत्रा, अमन, शिवांश, सागर, हिमानी, अदिति, पवन, आंचल, विवेक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन इप्सिता द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आईईईई छात्र शाखा के अध्यक्ष सृजन श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।

Friday, 20 March 2026

सोशल मीडिया के दौर में मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन ही सच्ची खुशी: प्रो. पाथर्डीकर

युवाओं में खुशी का स्तर कम होना चिंताजनक: प्रो. अजय प्रताप
विश्वविद्यालय में विश्व प्रसन्नता दिवस पर हुआ  प्रेरक आयोजन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वेलनेस सेंटर द्वारा शुक्रवार को ‘विश्व प्रसन्नता दिवस’ के अवसर पर संकाय भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “सोशल मीडिया और वेल-बीइंग (सुख-समृद्धि)” रही, जिसमें डिजिटल जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार व्यक्त किए।
मुख्य वक्ता प्रबंध अध्ययन संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि “सुख कोई मंज़िल नहीं, बल्कि एक निरंतर यात्रा है।” उन्होंने बताया कि सच्चा सुख भौतिक वस्तुओं की अंधी दौड़ में नहीं, बल्कि धर्मानुकूल आचरण, त्याग और संयम में निहित है। उन्होंने कहा कि धन हमें सुविधाएँ तो दे सकता है, लेकिन मानसिक शांति और संतोष की गारंटी नहीं दे सकता। सोशल मीडिया के इस दौर में वास्तविक आनंद आत्मिक संतुलन और सादगी में ही निहित है। 
वेलनेस सेंटर के समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने ‘हैप्पीनेस इंडेक्स 2026’ के संदर्भ में कहा कि 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं में खुशी का स्तर कम होना गंभीर चिंता का विषय है। इसके पीछे सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता और वर्चुअल दुनिया में खुशी तलाशने की प्रवृत्ति प्रमुख कारण है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर होकर अपनी खुशी स्वयं निर्मित करने का आह्वान किया।जनसंचार विभाग के डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि जीवन में प्रसन्न रहने के लिए दिखावे की आवश्यकता नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी बातों में खुशियाँ खोजने की आदत विकसित करनी चाहिए।
विषय प्रवर्तन करते हुए नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संतुलित उपयोग आवश्यक है। साथ ही, जीवन में प्राप्त प्रत्येक उपलब्धि के प्रति कृतज्ञता का भाव ही सकारात्मकता का आधार बनता है। डॉ. अवधेश मौर्य ने ख़ुशी पर एक कविता सुनायी। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज पांडे, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अमित मिश्र, अजय मौर्य, अभिषेक सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Thursday, 19 March 2026

समाज में सकारात्मक परिवर्तन पैदा करें विद्यार्थीः डॉ. विनोद सिंह


एनएसएस शिविर के दूसरे दिन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना  के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन विविध कार्यक्रमों का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।
मुख्य अतिथि परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे कार्यों में भागीदारी से छात्र समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। स्वच्छता अभियान और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे सार्थक कार्यों में सक्रिय भागीदारी से छात्र न केवल अपने आसपास का पर्यावरण स्वच्छ बनाते हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की लहर पैदा करते हैं। डॉ. सिंह ने छात्रों से अपील की कि वे एनएसएस के माध्यम से स्वयंसेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाएं, ताकि एक स्वच्छ, समृद्ध और जिम्मेदार भारत का निर्माण हो सके। यह पहल युवा पीढ़ी को नेतृत्व प्रदान करने और सामाजिक समस्याओं का समाधान खोजने में सक्षम बनाएगी।
विशिष्ट अतिथि प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान न मानकर जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। जब तक हम अपशिष्ट के सही प्रबंधन को नहीं अपनाएंगे, तब तक स्वच्छ समाज की कल्पना अधूरी रहेगी।
इस अवसर पर शिविरार्थियों ने मुक्तांगन परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलायी।
कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन  के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. विशाल यादव, डॉ. प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. शशिकांत यादव एवं डॉ. अनुराग मिश्र,  उद्देश्य सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा शिविर के उद्देश्यों को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
शिविर में स्वयंसेवक दिव्यांशु सिंह, पृथ्वी राज सिंह, प्रियांशी मौर्य, प्रिया मोर्य, मनीष यादव, मोनू कुमार, मनीष जायसवाल, अर्पिता यादव, आलोक मिश्रा, शंभू चौरसिया, रजनीश कन्हैया यादव सौरभ सिंह सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

Wednesday, 18 March 2026

शिविर से युवाओं में होगा सेवा, अनुशासन का विकास :केशलाल



युवाओं के जोश और सेवा भावना के साथ एनएसएस शिविर का भव्य आगाज़


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन बुधवार को हुआ। 
मुख्य अतिथि केशलाल ने एनएसएस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह शिविर युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का विकास करती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक है।
मुख्य वक्ता आत्म प्रकाशधर द्विवेदी ने कहा,"आज का युवा यदि रील लाइफ की चमक से निकलकर रियल लाइफ की चुनौतियों को स्वीकार करेगा, तभी समाज और राष्ट्र का वास्तविक विकास संभव होगा।"
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम है, जो उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है।
स्वागत भाषण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनुराग मिश्र ने दिया।
इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अजय मौर्या, डॉ. विशाल यादव, डॉ. प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उद्देश्य सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया।

शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियां, स्वास्थ्य शिविर, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम सेवा सहित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर दिव्यांशु सिंह, पृथ्वी राज सिंह, मनीष यादव, मोनू कुमार, अर्पिता यादव, आलोक मिश्रा, शंभू चौरसिया, रजनीश कन्हैया यादव, सौरभ सिंह, सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

उद्यमिता की दिशा में सोच विकसित करें छात्र : शेखर आनंद



एलुमनाई–इंडस्ट्री एकेडेमिया के संयुक्त तत्वाधान में व्याख्यान आयोजित

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव रसायन विभाग में उद्योग–शिक्षा समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र (एलुमनाई) एवं शेखर आनंद, सह-संस्थापक, हीथॉक्स-के प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली ने सहभागिता की।

अपने संबोधन में श्री आनंद ने छात्रों को केवल रोजगार तक सीमित न रहकर उद्यमिता की दिशा में सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से ग्रसित नवजात शिशुओं के लिए डायग्नोस्टिक किट विकसित की, जिससे समय पर पहचान कर बेहतर उपचार एवं प्रबंधन संभव हो सके और रोगियों के जीवन की गुणवत्ता एवं अवधि में सुधार किया जा सके।

उन्होंने विचार (आइडिया) से उत्पाद (प्रोडक्ट) तक की पूरी यात्रा, अनुसंधान, नवाचार तथा विभिन्न फंडिंग स्रोतों पर विस्तार से चर्चा की। 

कार्यक्रम का आयोजन  प्रो. राजेश शर्मा के निर्देशन में किया गया। अंत में डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने मुख्य वक्ता, उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्रों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव कुमार मौर्य द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. एस. पी. तिवारी, डॉ. सिपाही लाल, डॉ. दिनेश कुमार सहित शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Friday, 13 March 2026

संजीव कोठारी बने ‘ऑनरेरी प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस



--पूर्वांचल विश्वविद्यालय में उद्योग जगत से जुड़ाव को बढ़ावा
-उद्योग के अनुभव से विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
-एक वर्ष की अवधि के लिए हुई नियुक्ति
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में उद्योग और अकादमिक जगत के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अहमदाबाद, गुजरात के उद्योग जगत के विशेषज्ञ श्री संजीव कोठारी को विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग में ऑनरेरी प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के पद पर नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति स्क्रीनिंग सह चयन समिति की संस्तुति तथा कार्यपरिषद के 24 फरवरी 2026 को आयोजित बैठक में अनुमोदन के बाद की गई है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार यह नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से उद्योग जगत के विशेषज्ञों का अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान विद्यार्थियों तक पहुंचेगा, जिससे उनके शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया और अधिक समृद्ध होगी तथा अकादमिक जगत और उद्योग के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सकेगा।
नियुक्ति की शर्तों के अनुसार श्री संजीव कोठारी का कार्यकाल एक वर्ष का है। उन्हें आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। 
संजीव कोठारी ने विश्वविद्यालय से कोई भी पारिश्रमिक नहीं लेने पर अपनी सहमति दी है उन्होंने कहा कि उनकी यह सेवा पूर्वांचल के विकास के लिए समर्पित है। विदित है कि  संजीव कोठारी  पूर्व में अदानी ग्रुप में टेक्नो हेड के पद पर कार्यरत रहे हैं साथ ही अदानी ग्रीन एनर्जी तथा विश्व की बड़ी कोयले की खदान (कार माइकल) ऑस्ट्रेलिया में भी अपनी सेवा दे चुके हैं।
कुलपति प्रो वंदना सिंह ने उम्मीद जताई है कि संजीव कोठारी के अनुभव और विशेषज्ञता से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं और व्यावहारिक पक्षों को समझने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी पेशेवर क्षमता और रोजगारपरक कौशल में वृद्धि होगी।

Thursday, 12 March 2026

पूर्वांचल विश्वविद्यालय: ऑयस्टर मशरूम उत्पादन बढ़ाने की नई तकनीक विकसित


शोध एल्सेविएर की अंतरराष्ट्रीय पत्रिका “बायोरेसोर्स टेक्नोलॉजी रिपोर्ट्स” में प्रकाशित
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में हुए शोध में ऑयस्टर मशरूम के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक नई और प्रभावी तकनीक विकसित की गई  है। यह महत्वपूर्ण शोध अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन संस्था एल्सेविएर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिका “बायोरेसोर्स टेक्नोलॉजी रिपोर्ट्स” में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है, जिसका इम्पैक्ट फैक्टर चार से अधिक है।
इस शोध में बरमूडा घास और प्रयुक्त मशरूम सब्सट्रेट  के मिश्रण का उपयोग कर मशरूम उत्पादन की नई पद्धति विकसित की गई  है। अध्ययन में पाया गया कि इस मिश्रण के उपयोग से न केवल मशरूम की पैदावार बढ़ती है, बल्कि उसकी पोषण गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।
यह शोध कार्य बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शोधकर्ता रोशन लाल गौतम ने विभाग के प्रो. राम नारायण के निर्देशन में किया। अध्ययन के दौरान बरमूडा घास और एसएमएस को अलग-अलग अनुपातों में मिलाकर मशरूम की खेती की गई। परिणामों में यह सामने आया कि 80 प्रतिशत बरमूडा घास और 20 प्रतिशत एसएमएस का संयोजन सबसे अधिक प्रभावी रहा। इस संयोजन में मशरूम के माइसीलियम का विकास बहुत तेज़ी से हुआ और केवल 16 दिनों में पूरा माइसीलियल रन पूरा हो गया।
शोध के अनुसार इसी संयोजन में मशरूम की कुल उपज लगभग 1711 ग्राम दर्ज की गई, जबकि जैविक दक्षता 336.4 प्रतिशत रही, जो अन्य सभी संयोजनों की तुलना में सबसे अधिक है। वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि एसएमएस के उपयोग से मशरूम की पोषण गुणवत्ता जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और खनिज तत्वों में भी वृद्धि होती है।
यह तकनीक मशरूम उत्पादन को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मददगार साबित हो सकती है। प्रयुक्त मशरूम सब्सट्रेट के पुनः उपयोग से कृषि अपशिष्ट को उपयोगी जैव उत्पाद में बदला जा सकता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा।
शोधकर्ताओं के अनुसार यह तकनीक किसानों और मशरूम उत्पादकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकती है और भविष्य में मशरूम आधारित कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शोधकर्ता रोशन लाल गौतम जौनपुर के निवासी हैं और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में शोधकर्ता हैं। उनका शोध कार्य मुख्य रूप से मशरूम प्रौद्योगिकी, लिग्नोसेलुलोजिक एंजाइम, जीन अभिव्यक्ति, सूक्ष्मविज्ञान तथा जैव रसायन जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।

Tuesday, 10 March 2026

शिक्षा, समानता एवं सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा है सावित्री बाई फुले : प्रो हरिओम त्रिपाठी

सामाजिक परिवर्तन की प्रतीक थीं सावित्रीबाई: डॉ. विनोद सिंह
पीयू में सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि एवं विशेष व्याख्यान आयोजित
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक एवं नारी शिक्षा की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को पुष्पांजलि कार्यक्रम एवं विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह की प्रेरणा से आर्यभट्ट सभागार, प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर शिक्षकों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके महान योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता तिलकधारी पी.जी. कॉलेज, जौनपुर के प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. हरिओम त्रिपाठी ने “सावित्रीबाई फुले: भारतीय महिला शिक्षा की अग्रदूत” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले ने ऐसे समय में महिलाओं की शिक्षा का अलख जगाया, जब समाज में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर समाज में शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन साहस, संघर्ष और समाज सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण है, जो आज भी नई पीढ़ी को शिक्षा और समानता के लिए प्रेरित करता है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की सशक्त प्रतीक थीं। उन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से समाज में महिलाओं तथा वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के द्वार खोले। उनके विचार आज भी समाज को प्रगतिशील और समतामूलक दिशा प्रदान करते हैं।
शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. अजय दुबे ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया। 
कार्यक्रम के संयोजक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महान व्यक्तित्वों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन हमें शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ।

शिक्षा से ही मिलती है जीवन की असली मंज़िल: कुलपति प्रो. वंदना सिंह

प्रेरणा कोचिंग के विद्यार्थियों को वितरित किया गया  शैक्षिक किट
अपोलो पाइप्स लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा  देवकली गाँव में संचालित  “प्रेरणा कोचिंग” से जुड़े ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के बच्चों  के लिए शैक्षिक सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अपोलो पाइप्स लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत सम्पन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को स्कूल बैग, पानी की बोतल, पेंसिल किट एवं बिस्किट वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों को किट वितरित की तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बल पर ही जीवन में हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों से उनके सपनों के बारे में भी बातचीत की और उन्हें अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर परिश्रम करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर अपोलो पाइप्स लिमिटेड के डिप्टी रीजनल सेल्स मैनेजर (सेल्स एवं विपणन) शशिभूषण सिंह की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत शिक्षा और समाज के विकास से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों में आगे भी सहयोग करती रहेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 से विश्वविद्यालय से सटे देवकली गाँव में ग्रामीण बच्चों के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा “प्रेरणा कोचिंग” का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. इंद्रेश कुमार, सुमित सिंह, दिव्यांशु सिंह  सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। “प्रेरणा” टीम के शिक्षकों में शिवम यादव (समन्वयक), विकास पटेल, रवि सिंह यादव, श्रवण कुमार, अभय राज निषाद एवं निलेश यादव का विशेष सहयोग रहा।

Monday, 9 March 2026

पीयू में जिंदल सॉ लिमिटेड की कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सीटीपीसी) द्वारा मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए जिंदल सॉ लिमिटेड की कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। इस प्लेसमेंट ड्राइव का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में रोजगार के अवसर प्रदान करना तथा उन्हें व्यावसायिक जीवन के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम के अंतर्गत कंपनी के प्रतिनिधियों ने सीटीपीसी/इन्क्यूबेशन सेंटर (फार्मेसी भवन) में चयन प्रक्रिया प्रारंभ की। कंपनी की ओर से टीम में उप महाप्रबंधक (मैकेनिकल) मनोज कुमार यादव, वरिष्ठ प्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) दीपन कुमार पित्रोदा, प्रबंधक (मानव संसाधन एवं कर्मचारी संबंध) सुरिंदर कुमार तथा सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन एवं कर्मचारी संबंध) कुनाल कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार द्वारा कंपनी से आए प्रतिनिधियों के स्वागत एवं परिचय के साथ हुई।  उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि अधिक से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियाँ परिसर में आकर विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान करें।
इसके पश्चात कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा जिंदल सॉ लिमिटेड की कार्यप्रणाली, औद्योगिक गतिविधियों, विकास की संभावनाओं तथा कंपनी में उपलब्ध करियर अवसरों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। 
चयन प्रक्रिया के अंतर्गत सर्वप्रथम अभ्यर्थियों का ऑनलाइन तकनीकी परीक्षा एवं योग्यता परीक्षा (एप्टीट्यूड टेस्ट) आयोजित किया गया, जिसमें उनके विषयगत ज्ञान, तार्किक क्षमता तथा तकनीकी दक्षता का आकलन किया गया। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों का आमने-सामने साक्षात्कार लिया गया, जिसमें उनके व्यक्तित्व, संप्रेषण कौशल तथा व्यावसायिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया गया।

Sunday, 8 March 2026

पीयू में शूटिंग प्रतियोगिता, छात्राओं ने साधा सटीक निशाना



अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ आयोजन 

जौनपुर।  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परिसर स्थित शूटिंग रेंज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्राओं के लिए एक भव्य शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने  किया। 

प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कड़े मुकाबले के बाद उजाला बिंद ने प्रथम स्थान, शालिनी भारती ने द्वितीय स्थान तथा मुस्कान मौर्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने एनसीसी की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस प्रतियोगिता का आयोजन 98 बटालियन एनसीसी, जौनपुर से आए मुख्य प्रशिक्षक सूबेदार संता बहादुर राणा, जीसीआई रुचि यादव एवं पीआई राजकुमार के मार्गदर्शन में हुआ।

महिलाएं हर क्षेत्र में उपलब्धि का परचम लहरा रहीं : सीमा द्विवेदी


उत्कृष्ट योगदान देने वाली 42 महिलाओं को मिला सम्मान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीयू में कार्यशाला

जौनपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में महिला अध्ययन केंद्र/वूमेन सेल के तत्वावधान में “लैंगिक असमानता के प्रति जागरूकता” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला, सम्मान समारोह तथा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित फायरिंग रेंज में छात्राओं के लिए शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन रविवार को किया गया। 
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि आज महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रही हैं और समाज को उन्हें उचित सम्मान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर हर परिस्थिति से संघर्ष कर आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता होती है। उनके विचार छात्राओं एवं उपस्थित महिलाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहे।

उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में इस प्रकार के प्रशिक्षण से छात्राओं में न केवल शारीरिक क्षमता का विकास होता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और राष्ट्र सेवा की भावना भी सुदृढ़ होती है।

इस अवसर पर कुलसचिव केश लाल तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में अनुशासन और देशभक्ति को प्राथमिकता दें, यही सच्ची देश सेवा है।

शूटिंग प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें प्रथम स्थान उजाला बिंद, द्वितीय स्थान शालिनी भारती तथा तृतीय स्थान मुस्कान मौर्य ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन स्वागत एवं विषय प्रवर्तन महिला अध्ययन केंद्र की प्रभारी डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज और शैक्षणिक परिसर में महिलाओं के प्रति लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना तथा छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, अवसरों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर शिक्षा, सामाजिक सेवा, प्रशासन, चिकित्सा, उद्यमिता, कला एवं संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 42 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के अंतर्गत लैंगिक असमानता से जुड़े विषयों पर रोल प्ले, संवाद और सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा और आत्मविश्वास से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के नवनिर्मित फायरिंग रेंज में एयर रायफल से शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 98 बटालियन एनसीसी, जौनपुर के मुख्य प्रशिक्षक सूबेदार संता बहादुर राणा, जीसीआई रुचि यादव तथा पीआई राजकुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
 इस अवसर पर  एनसीसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ मनोज वत्स, श्याम तिवारी, प्रो. अखिलेश्वरी सिंह, डॉ ममता सिंह डॉ.मंजू, डॉ. संगीता, राकेश सिंह विमल श्रीवास्तव,श्रेया, मुस्कान, नंदिनी, अर्पणा, प्रतीक्षा आदि रहीं।

Sunday, 1 March 2026

विकसित भारत के लिए युवाओं को जागरूक करना जरूरी : बृजेश सिंह प्रिंसू


युवा शक्ति ही विकसित भारत की आधारशिला

 विकसित भारत युवा संसद 2026 में गूंजा लोकतंत्र का स्वर

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार (रज्जू भैया संस्थान) में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षकत्व में “विकसित भारत युवा संसद 2026” के अंतर्गत जनपद स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था — “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख”। प्रतियोगिता में जौनपुर जनपद के 150 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बृजेश सिंह प्रिंसू (सदस्य विधान परिषद, जौनपुर) द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक चेतना, स्वतंत्रता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। आपातकाल का इतिहास हमें संविधान की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की सीख देता है। लोकतंत्र की मजबूती युवाओं के हाथ में है।”
उन्होंने आगे कहा कि युवा संसद का उद्देश्य केवल वाद-विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को तर्कसंगत संवाद, असहमति का सम्मान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा जागरूक, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ होंगे।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह का संदेश प्रतिनिधि के रूप में प्रो. मनोज मिश्र ने पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि युवा संसद युवाओं की बौद्धिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और लोकतांत्रिक समझ को विकसित करने का सशक्त मंच है, जो उन्हें भविष्य में समाज और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाएगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री नितीश पाण्डेय (प्रदेश कार्य समिति सदस्य, भाजपा युवा मोर्चा), डॉ. पंकज कुमार (जिला सूचना अधिकारी, भदोही) उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच संचालन एवं अतिथियों का स्वागत नोडल अधिकारी डॉ. शशिकांत यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन उद्देश्य सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर माई भारत जौनपुर के युवा अधिकारी राम गोपाल सिंह चौहान, डॉ. श्याम कन्हैया,  डॉ. राज बहादुर यादव, डॉ अवधेश कुमार मौर्य, डॉ सिकंदर यादव, डॉ सुशील यादव, डॉ सोमारू, डॉ प्रमेंद्र विक्रम सिंह, दिव्यांशु सिंह, हर्ष यादव, आनन्द राव, डॉ नीरज सिंह, डॉ संजय शर्मा, सर्वेश यादव, सत्यम त्रिपाठी, सुमित सिंह, प्रशांत सिंह , विशाल सिंह अभिषेक आदि लोग उपस्थित रहें।