Saturday, 30 May 2026

हिन्दी पत्रकारिता जितनी सशक्त होगी, लोकतंत्र उतना ही मजबूत बनेगा : प्रो. वंदना सिंह


हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष और नई पीढ़ी की भूमिका पर दो राष्ट्रीय वेबिनार संपन्न
जौनपुर, 30 मई। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, कम्युनिकेशन टुडे (त्रैमासिक मीडिया जर्नल, जयपुर) तथा भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस एंड मैनेजमेंट , नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हिन्दी पत्रकारिता विषयक दो राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किए गए। वेबिनारों में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, मीडिया संस्थानों एवं शोध संस्थाओं से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और मीडिया पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रथम राष्ट्रीय वेबिनार “हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” विषय पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा उदन्त मार्तण्ड से प्रारंभ होकर आज रेडियो, टेलीविजन और वेब मीडिया के विभिन्न मंचों से गुजरते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त एवं विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन की आवाज, लोकतांत्रिक मूल्यों की संरक्षक तथा सामाजिक चेतना की संवाहक रही है। हिन्दी पत्रकारिता जितनी अधिक सशक्त, विश्वसनीय और समृद्ध होगी, देश का लोकतंत्र भी उतना ही अधिक मजबूत और जनोन्मुखी बनेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार  संपादक दैनिक यशोभूमि, मुंबई श्रीनारायण तिवारी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास में अनेक परिवर्तन हुए हैं और उसने अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का युग है, लेकिन यह कभी भी मानवीय बौद्धिक क्षमता का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया में प्रकाशित समाचारों की विश्वसनीयता आज भी डिजिटल माध्यमों की तुलना में अधिक है।
मुख्य वक्ता संपादक, संचार माध्यम एवं भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि पत्रकारिता को समाज के रचनात्मक और सकारात्मक पक्ष को पाठकों के सामने लाना होगा।  उन्होंने कहा कि आज का पाठक समाचारों में सकारात्मक दृष्टिकोण और रचनात्मक सामग्री को अधिक महत्व देता है।
भारती विद्यापीठ के  निदेशक  प्रो. एम.एन. होडा ने एआई की बढ़ती चुनौतियों पर ध्यान आकृष्ट कराया।
इसके बाद आयोजित दूसरे राष्ट्रीय वेबिनार “नई पीढ़ी की नज़र से हिन्दी पत्रकारिता” में पूर्व डीन, एकेडमिक अफेयर्स, एम.डी. यूनिवर्सिटी, रोहतक के प्रो. हरीश कुमार तथा अध्यक्ष पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के प्रो. राघवेंद्र मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने हिन्दी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, वर्तमान चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। 
वेबिनार में शोधपत्रों की प्रस्तुति भी हुई।
आयोजन सचिव एवं अध्यक्ष, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर प्रो. मनोज मिश्र ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संपादक, कम्युनिकेशन टुडे , प्रो. संजीव भनावत
 संयोजन प्रियंका सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।
वेबिनार के सफल आयोजन में  जयंत राठी, पुष्पेंद्र सचान, डॉ. पृथ्वी सेंगर तथा आयोजन समिति के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर प्रो. बाला लखेंद्र, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अवध बिहारी सिंह, समेत देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े अनेक शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और मीडिया पेशेवर ऑनलाइन माध्यम से वेबिनार में जुड़े रहे।

विश्वविद्यालय में एआई वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आईईई  स्टूडेंट ब्रांच द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण हेतु आयोजित ‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत एआई आधारित वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता “प्रॉम्प्ट टू एआई विजन” का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला श्रृंखला का उद्देश्य छात्रों को एआई के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, उपकरणों और तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। 
इसी क्रम में आयोजित वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना तथा एआई आधारित कंटेंट निर्माण में उनकी दक्षता का मूल्यांकन करना रहा। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एआई टूल्स की सहायता से अपनी कल्पनाओं को वीडियो के रूप में प्रस्तुत किया।
यह एआई जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति की प्रेरणा तथा जनभवन के निर्देशों के क्रम में संचालित किया जा रहा है। कार्यशाला श्रृंखला का संचालन इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल तथा कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।ब्रांच के काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य एआई और उभरती तकनीकों के जरिए करियर के नए अवसरों की जानकारी देना था।
 
कार्यक्रम में फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वीडियो निर्माण में एआई की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर स्टूडेंट ब्रांच के सदस्य अनुराग पाल, निहार, आद्रिका, ऋचा, युगांत्रा, अमन, शिवांश, सागर, हिमानी, अदिति, पवन, आंचल, विवेक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन इप्सिता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन  ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।

Thursday, 28 May 2026

साथी: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय की नई पहल

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने जारी किया “साथी” अभियान का पोस्टर
मानसिक स्वास्थ्य के लिए  विद्यार्थियों को मिलेगा गोपनीय और पेशेवर सहयोग
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के वैलनेस सेंटर  ने “साथी” नामक नई पहल शुरू की है। बुधवार को कुलपति  प्रो. वंदना सिंह ने वैलनेस सेंटर  द्वारा संचालित इस अभियान का जागरूकता पोस्टर जारी किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सामने केवल शैक्षणिक चुनौतियाँ ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक दबाव भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों को सुरक्षित, संवेदनशील और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराए। कहा कि स्वस्थ मन ही बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की नींव है। विश्वविद्यालय चाहता है कि हर छात्र स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और समर्थ महसूस करे।
वैलनेस सेंटर  के समन्वयक एवं  व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि  जारी किए गए पोस्टर में विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि  वे मानसिक तनाव, अवसाद, भय या किसी भी प्रकार की परेशानी को मन में दबाने के बजाय साझा करें।
पोस्टर में परीक्षा और करियर का दबाव, असफलता का डर, घर की याद, रिश्तों में तनाव, साइबर बुलिंग तथा भविष्य को लेकर चिंता जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है, जिनसे आज बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय की “साथी” पहल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को समय पर परामर्श, भावनात्मक सहयोग और पेशेवर सहायता उपलब्ध कराना है।  इस पोस्टर को सोशल मीडिया के साथ ही साथ छात्रावासों के सभी कमरों, अध्ययन कक्षों एवं विभागों के डिस्प्ले बोर्ड पर लगाया जायेगा।
वैलनेस सेंटर  की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पोस्टर में यह भी भरोसा दिलाया गया है कि विद्यार्थियों की सभी बातचीत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें बिना किसी भेदभाव और पूर्वाग्रह के सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं वैलनेस सेंटर  के विशेषज्ञों की टीम लगातार कार्य कर रही है।
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की मानसिक समस्याओं से जुड़ी सहायता के लिए विश्वविद्यालय हेल्पलाइन नंबर +91 7518200147 जारी किया है। इसके अलावा विद्यार्थी टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 / 1-800-891-4416 तथा किरण हेल्पलाइन 1800-599-0019 पर भी संपर्क कर सकते हैं। साथ ही साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 भी पोस्टर में दिए गए हैं।

कराटे में ऋत्विक त्रिपाठी ने जीता सिल्वर मेडल


अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का बढ़ाया मान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज अंतर्गत एच.आर.डी. विभाग के शोध छात्र ऋत्विक त्रिपाठी ने इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप सीरीज–2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर वर्ग के -67 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त कर विश्वविद्यालय एवं जनपद का गौरव बढ़ाया है।
यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की गई थी, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन धामिकाकाई शीतो-रियु इंटरनेशनल संस्था द्वारा किया गया था, जो पारंपरिक कराटे की अनुशासित, तकनीकी एवं आत्मरक्षा आधारित शैली के प्रचार-प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती है। यह संस्था युवाओं में आत्मविश्वास, संयम, मानसिक दृढ़ता तथा शारीरिक क्षमता के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
ऋत्विक त्रिपाठी की इस उपलब्धि पर फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संकायाध्यक्ष, प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल एवं व्यक्तित्व विकास की सशक्त परंपरा को भी प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने ऋत्विक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडे, डॉ.  आशुतोष सिंह, डॉ. प्रवीण मिश्र, अनुपम कुमार, शोध छात्रा अंजली मौर्य सहित विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने बधाई दी है।

Monday, 25 May 2026

विश्वविद्यालय में आईट्रिपलई द्वारा एआई मेड ईजी कार्यशाला सीरीज का आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में IEEE स्टूडेंट ब्रांच द्वारा एआई की ट्रेनिंग के लिए एक कार्यशाला की सीरीज का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य एआई के क्षेत्र में हो रहे नए विषयों के बारे में विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग देना है। पूर्व में आयोजित सत्र में एआई के टूल्स और तकनीकी के बारे में तथा नवीनतम तकनीकी के  अनुप्रयोग को  छात्रों को  बताया गया। इसी क्रम में कार्यशाला के अगले सत्र में छात्रों को एआई के माध्यम से अपने करियर को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है इस बारे में बताया गया।  उक्त कार्यशाला का  आयोजन विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति की प्रेरणा और राजभवन के निर्देशों के अनुसार एआई पर जागरूकता अभियान   लगातार विश्वविद्यालय में चलाया जा रहा है। उक्त कार्यशाला इंजीनियरिंग संकाय के  संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल और कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन किया जा रहा है। आईट्रिपलई के ब्रांच काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने बताया कि कार्यशाला के तीसरे सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में अमन वर्मा और क्षितिज प्रताप सिंह ने विषय विशेषज्ञ के रूप में छात्रों का मार्गदर्शन किया और एआई तथा नवीनतम तकनीकी उन्नयन से करियर में नए अवसर कैसे प्राप्त किया जा सकता है तथा भविष्य की तकनीकी के बारे में बताया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप यादव ने कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एआई का परिचय और महत्व को बताया। उक्त कार्यक्रम में आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के सदस्य अनुराग पाल, निहार, आद्रीका, ऋचा, युगांत्रा, अमन, शिवांश, सागर, हिमानी, अदिति,  पवन, आंचल, विवेक,  सहित काफी छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन इप्सिता ने किया और धन्यवाद ज्ञापन आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव ने किया।

Sunday, 24 May 2026

ऑनलाइन एडमिशन के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान: डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर


​फर्जी वेबसाइटों और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को बनाते है निशाना

​पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी ने जारी की एडवायजरी

​जौनपुर। आने वाले नए शैक्षणिक सत्र के लिए  देश भर में एडमिशन के नाम पर साइबर अपराधी तेजी से सक्रिय हो गए है। इंटरनेट, फेसबुक, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन और लुभावने ऑफर देकर छात्रों और अभिभावकों को जाल में फंसाते है। प्रोसेसिंग फीस, सीट कन्फर्मेशन और विदेश में एडमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलने के बाद ठग गायब हो जाते हैं। 

​वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने बताया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर विज्ञापन और वेबसाइट पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। कई साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर उन्हें बिल्कुल असली संस्थानों जैसा रूप दे देते हैं। इनमें नामचीन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की तस्वीरें लगाकर लोगों को भ्रमित किया जाता है।
​डॉ. राठौर ने सचेत करते हुए कहा कि आजकल सीमित सीट, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट, घर बैठे एडमिशन और विदेश में पढ़ाई का सुनहरा मौका जैसे आकर्षक संदेशों के जरिए छात्रों पर जल्दी फैसला लेने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता है। कई बार छात्र बिना सत्यापन किए ही जल्दबाजी में फीस जमा कर देते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने अपील की है कि कभी भी टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर या एडमिशन के लिए आने वाले संदेशों के लिंक को क्लिक करके अपरिचित लोगों को पैसा ट्रांसफर न करें।

​कहा कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की जांच जरूर करें। इसके लिए संबंधित विश्वविद्यालय, यूजीसी, आईसीटीई, पीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी देखना जरूरी है। इसके साथ ही केवल ऑनलाइन जानकारी के भरोसे पैसा ट्रांसफर न करें। संस्थान का ऑफलाइन सत्यापन जरूर करें और संभव हो तो वहां जाकर स्वयं जानकारी लें। दाखिले से पहले वहां पढ़ रहे छात्रों या पूर्व छात्रों से फीडबैक लेना बेहद मददगार होता है।
​विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी ने बताया कि विदेश में पढ़ाई कराने के नाम पर भी फर्जी एजेंसियां सक्रिय हैं। ये खुद को अधिकृत एजेंट या काउंसलर बताकर एडवांस फीस लेती हैं, लेकिन वास्तविक प्रक्रिया के समय पूरा मामला फर्जी निकलता है।
​इसके अलावा, ऑनलाइन कोर्स के नाम पर भी बड़े स्तर पर धोखाधड़ी हो रही है। विज्ञान, फार्मेसी और फिजियोथैरेपी जैसे व्यावहारिक  पाठ्यक्रमों को पूरी तरह ऑनलाइन बताकर एडमिशन करा दिया जाता है, जबकि इनकी पढ़ाई बिना लैब और प्रैक्टिकल के ऑनलाइन संभव ही नहीं होती।

Tuesday, 19 May 2026

राष्ट्रीय सेवा योजना के नए समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कार्यभार किया ग्रहण



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के  नये कार्यक्रम समन्वयक के रूप में डॉ. शशिकांत यादव (सहायक आचार्य, भू एवं ग्रहीय विभाग, विश्वविद्यालय परिसर) ने सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने भी डॉ. शशिकांत यादव को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाजहित और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्यों को लेकर और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेगी तथा युवाओं को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात नवनियुक्त कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कहा कि महाविद्यालयों को समर्पित भाव से राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को जोड़ने हेतु प्रेरित किया जाएगा, ताकि युवा शक्ति समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभा सके।

इस अवसर पर संकाय अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मनोज मिश्रा, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, प्रो. लक्ष्मण सिंह, डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. अमरेंद्र सिंह डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह,डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ. एस.पी. तिवारी, पूर्व समन्वयक डॉ. राजबहादुर यादव, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. संजय शर्मा तथा डॉ. श्रवण कुमार उपस्थित रहे।
साथ ही कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री वारिंद्र यादव, महामंत्री राधेश्याम सिंह ‘मुन्ना’, पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, पूर्व महामंत्री रमेश यादव, महामंत्री डॉ. नीलेश सिंह, विनोद यादव, सर्वेश यादव, उत्कर्ष सिंह, डॉ. रजनीश सिंह एवं सत्येंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों ने डॉ. शशिकांत यादव को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

कुलपति ने सभी समितियों को दिए तैयारी के निर्देश

संयोजकों और सदस्यों के साथ कुलपति ने की तैयारी बैठक
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30 वां दीक्षांत समारोह आगामी 27 जुलाई 2026 को आयोजित होगा। इस संबंध में महंत अवेद्यनाथ सभागार में मंगलवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में तैयारी बैठक हुई। बैठक में समिति के संयोजकों और सदस्यों के साथ बिंदुवार चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह की तैयारियों में सभी निर्देशों का प्राथमिकता से पालन होगा। इस संबंध में जो भी प्रशासनिक कार्य कराने है उसकी फाइल बढ़ा कर उसे करा लिए जाएं। इस अवसर पर समारोह की गुणवत्ता और बेहतर बनाने के लिए संयोजकों से सुझाव भी लिए गए। बैठक में सभी पाठ्यक्रमों के परीक्षाफल 30 जून तक हर हाल में करा लें। बैठक में कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए। 
इस अवसर पर प्रो. देवराज सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादवा, प्रो. राजकुमार, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. गिरधर मिश्र, प्रो. मिथिलेश सिंह,  डॉ. मनीष गुप्ता,  डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. अनुराग मिश्र, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनु त्यागी,  डॉ. मंगला प्रसाद यादव,  दिव्येंदु मिश्र,  उपकुलसचिव अजीत प्रताप सिंह,  सुनील कुमार, डॉ. राजनारायन सिंह, कर्मचारी संघ अध्यक्ष वारींद्र सिंह, रमेश कुमार यादव, राधेश्याम सिंह मुन्ना, डॉ. इंद्रेश कुमार, डॉ. राजेश सिंह,  सुशील प्रजापति सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारी एवं सभी समितियों के संयोजक उपस्थित रहे।

Monday, 18 May 2026

व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग का फेयरवेल कार्यक्रम “सफर” आयोजित

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में प्रबंध संकाय के व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग द्वारा फेयरवेल कार्यक्रम “सफर” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षकों ने सफलता, अनुशासन और कठिन परिश्रम का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. मानस पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती है तथा अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहने पर निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है।
इसके बाद डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि कठिन परिश्रम, लगन और सतत अभ्यास से जीवन के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।
इसी क्रम में डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। डॉ. निशा पाण्डेय ने अनुशासन, संयम और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन जाह्नवी सिंह और दीक्षा सिंह ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा अंकित राय, आयुष मिश्र, अभिषेक सिंह एवं शिवानी सिंह आदि ने तैयार की। इस अवसर पर सीनियर विद्यार्थियों विवेक, औचित्य, पृथुल, विमलेश, सचिन, श्रेया, काजल, अलशिफा, साक्षी और मुस्कान आदि ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Friday, 15 May 2026

पीयू के आठ छात्र केमिस्ट पद पर चयनित

एमएससी केमिस्ट्री अंतिम वर्ष के छात्रों का कोडेल लाइफ साइंस में चयन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के लिए गर्व का विषय है कि एमएससी रसायन विज्ञान अंतिम वर्ष के आठ छात्रों का चयन कोडेल लाइफ साइंस में केमिस्ट (क्वालिटी कंट्रोल) के पद पर हुआ है।
चयनित विद्यार्थियों में प्रशांत कुमार सिंह, छाया यादव, दीक्षा मौर्य, गुड़िया रानी मौर्य, श्रुति गुप्ता, सोनू यादव, गौरव यादव एवं मोनेन्द्र यादव शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने अपनी मेहनत, लगन एवं प्रतिभा के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और रोजगारपरक शिक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी का परिणाम है कि यहाँ के छात्र विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित हो रहे हैं।
वहीं, रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और विभाग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतिफल है। विभाग विद्यार्थियों को अधिकतम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में भी विभाग के कई विद्यार्थी कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में चयनित होकर संस्थान का नाम रोशन कर चुके हैं।

Monday, 11 May 2026

मानसिक स्वास्थ्य की ओर पीयू का बड़ा कदम



 ‘आनंदम’ सेंटर से शुरू हुआ निःशुल्क परामर्श शिविर

जौनपुर।आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव, तनाव और अकेलेपन जैसी चुनौतियों के बीच वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक सराहनीय पहल की है। मा. कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षत्व में विश्वविद्यालय एवं नई सुबह संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवस्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ‘आनंदम’ के बैनर तले विद्यार्थियों के लिए प्रथम सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में वाराणसी से आए वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और समय रहते संवाद व परामर्श विद्यार्थियों को बड़ी समस्याओं से बचा सकता है।

उल्लेखनीय है कि विगत माह विश्वविद्यालय और नई सुबह संस्था के बीच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को 24×7 टेली-मानस काउंसलिंग सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, वहीं प्रत्येक माह वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में निःशुल्क भौतिक परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आज आयोजित प्रथम शिविर में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से खुलकर चर्चा की। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Saturday, 9 May 2026

पूर्वांचल के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा विश्वविद्यालय परिसर


 समर्थ पोर्टल से प्रवेश प्रक्रिया शुरू

जौनपुर। आधुनिक शिक्षा, उत्कृष्ट संसाधनों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों के स्वागत को तैयार है। विज्ञान, अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान, विधि, अभियांत्रिकी, फार्मेसी एवं व्यवसाय प्रबंधन जैसे विविध संकायों में संचालित पाठ्यक्रम छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उज्ज्वल भविष्य का अवसर प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।
विश्वविद्यालय परिसर में इस वर्ष कुल 56 विषयों एवं एक सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं। डिप्लोमा स्तर पर तीन विषय, स्नातक स्तर पर 31 विषय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 25 विषय संचालित किए जाएंगे। स्नातक स्तर पर बीटेक के नौ, बीएससी के नौ, बीए के तीन तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश के लिए विषयवार सीटों की संख्या, पात्रता एवं पूरी प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी शीघ्र ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सभी आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से सुलभ होंगी, जिससे प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बन सके।
विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रो. मिथिलेश सिंह ने बताया कि प्रवेश हेतु समर्थ पोर्टल 8 मई 2026 से प्रारंभ हो चुका है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध केंद्रीय पुस्तकालय, वाई-फाई युक्त परिसर, इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम, छात्रावास सहित आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के कारण विश्वविद्यालय परिसर पूर्वांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहला कदम बढ़ाएं।

फोटोग्राफी समाज और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम : डॉ. रुचिता चौधरी

जनसंचार विभाग की फोटो प्रदर्शनी में दिखे जौनपुर के रंग, संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में शनिवार को आयोजित फोटोग्राफी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में 200 से अधिक तस्वीरों के माध्यम से प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और ग्रामीण जीवन के विविध रंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की समन्वयक डॉ. रुचिता चौधरी ने किया. उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीरें लेने की कला नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
फोटो प्रदर्शनी में कहीं जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की भव्यता दिखाई दी तो कहीं गांव की सादगी और मिट्टी से जुड़े जीवन की भावनात्मक झलक देखने को मिली। शाही किला की ऐतिहासिकता, कुम्हारों की मेहनत, ग्रामीण परिवेश और काशी के घाट की आध्यात्मिक सुंदरता को विद्यार्थियों ने अपनी कैमरा कला से बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
रमन मिश्र ने जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, लक्ष्मण कुमार और रामानंद प्रजापति ने ग्रामीण जीवन की सहजता और संघर्ष को तस्वीरों में उकेरा। वहीं मनोज यादव और गिरजा शंकर ने मानव और गांव के रिश्तों को संवेदनशील अंदाज में प्रस्तुत किया। दिव्यांशु, कन्हैया और पृथ्वीराज ने कुम्हारों के जीवन और उनकी मेहनत को कैमरे में कैद कर दर्शकों को भावुक कर दिया।
शमलेश और सौरभ ने जौनपुर की ऐतिहासिक विरासत को अपनी तस्वीरों में जीवंत किया। मनीष यादव, सर्वेश और मोनू ने प्रकृति के बदलते रंगों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया। वहीं सौरभ, उत्कर्ष और अमन ने शाही किला की भव्यता को तस्वीरों में उतारा। कृष्णा, सचिन और अनुराग ने काशी के घाट की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक छटा को अपनी फोटोग्राफी से जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने अतिथि का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. सुरेन्द्र यादव, डॉ. अमित मिश्र समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

Friday, 8 May 2026

ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर



पीयू में एनसीसी यूनिट ने किया आयोजन, सेना के शौर्य को किया नमन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एनसीसी यूनिट द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ विश्वविद्यालय परिसर स्थित संकाय भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में अत्यंत उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भारतीय सेना के पराक्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना को याद करते हुए युवाओं को देशभक्ति का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ एनसीसी प्रभारी एवं संयोजक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” पर आधारित प्रेरणादायी लघु वीडियो प्रदर्शन से हुआ। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” केवल सैन्य अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित 98 यूपी बटालियन एनसीसी के पीआई हवलदार बलवीर कुमार ने बताया कि यह अभियान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई का उदाहरण बना।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने यह स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाली ताकतों को अब भारत करारा जवाब देगा। यह अभियान युवाओं को राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सुमित सिंह ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के साहस और शौर्य को नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

Friday, 1 May 2026

लोक संस्कृति समाज को जोड़ने और आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम : हिना देसाई

विविधता में एकता ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत: प्रो. वंदना सिंह

गुजरात दिवस पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं ने गरबा-डांडिया से बिखेरे रंग

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुजरात दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राज्यपाल सचिवालय के निर्देश पर महिला छात्रावास में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने गुजरात की लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक गरबा और डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रामानंद सरस्वती पुस्तकालय आजमगढ़ की निदेशिका हिना देसाई ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में भारतीय परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वे गुजरात की निवासी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के लोगों से मिला प्रेम, अपनापन और स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो वंदना सिंह ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों का संगम है और गुजरात की संस्कृति से जुड़ाव हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि हमारा देश विविधता में एकता का प्रतीक है और हम सभी मिलकर देश को विकसित भारत बनायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी की भी यही भावना है कि विद्यार्थी देश की विभिन्न संस्कृतियों से परिचित हों और उनसे प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का विकास करें।
गुजरात दिवस के समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार ने दिवस के अंतर्गत आयोजित गए विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अन्नू त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुजराती परिधान में फैशन शो का आयोजन किया गया। संचालन श्रेया मौर्य और कृति पांडे ने किया।
गुजरात दिवस पर राज्यपाल सचिवालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में इंजीनियरिंग संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने चौकियां धाम का दर्शन किया।
इस अवसर पर चीफ वार्डन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सहायक कुलसचिव सरला यादव, डॉ. निमिषा यादव, डॉ. कृष्णा सिंह, अनामिका मिश्रा, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।