Saturday, 30 May 2026

हिन्दी पत्रकारिता जितनी सशक्त होगी, लोकतंत्र उतना ही मजबूत बनेगा : प्रो. वंदना सिंह


हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष और नई पीढ़ी की भूमिका पर दो राष्ट्रीय वेबिनार संपन्न
जौनपुर, 30 मई। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, कम्युनिकेशन टुडे (त्रैमासिक मीडिया जर्नल, जयपुर) तथा भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस एंड मैनेजमेंट , नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हिन्दी पत्रकारिता विषयक दो राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किए गए। वेबिनारों में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, मीडिया संस्थानों एवं शोध संस्थाओं से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और मीडिया पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रथम राष्ट्रीय वेबिनार “हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” विषय पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा उदन्त मार्तण्ड से प्रारंभ होकर आज रेडियो, टेलीविजन और वेब मीडिया के विभिन्न मंचों से गुजरते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त एवं विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन की आवाज, लोकतांत्रिक मूल्यों की संरक्षक तथा सामाजिक चेतना की संवाहक रही है। हिन्दी पत्रकारिता जितनी अधिक सशक्त, विश्वसनीय और समृद्ध होगी, देश का लोकतंत्र भी उतना ही अधिक मजबूत और जनोन्मुखी बनेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार  संपादक दैनिक यशोभूमि, मुंबई श्रीनारायण तिवारी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास में अनेक परिवर्तन हुए हैं और उसने अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का युग है, लेकिन यह कभी भी मानवीय बौद्धिक क्षमता का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया में प्रकाशित समाचारों की विश्वसनीयता आज भी डिजिटल माध्यमों की तुलना में अधिक है।
मुख्य वक्ता संपादक, संचार माध्यम एवं भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि पत्रकारिता को समाज के रचनात्मक और सकारात्मक पक्ष को पाठकों के सामने लाना होगा।  उन्होंने कहा कि आज का पाठक समाचारों में सकारात्मक दृष्टिकोण और रचनात्मक सामग्री को अधिक महत्व देता है।
भारती विद्यापीठ के  निदेशक  प्रो. एम.एन. होडा ने एआई की बढ़ती चुनौतियों पर ध्यान आकृष्ट कराया।
इसके बाद आयोजित दूसरे राष्ट्रीय वेबिनार “नई पीढ़ी की नज़र से हिन्दी पत्रकारिता” में पूर्व डीन, एकेडमिक अफेयर्स, एम.डी. यूनिवर्सिटी, रोहतक के प्रो. हरीश कुमार तथा अध्यक्ष पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के प्रो. राघवेंद्र मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने हिन्दी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, वर्तमान चुनौतियों, डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। 
वेबिनार में शोधपत्रों की प्रस्तुति भी हुई।
आयोजन सचिव एवं अध्यक्ष, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर प्रो. मनोज मिश्र ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संपादक, कम्युनिकेशन टुडे , प्रो. संजीव भनावत
 संयोजन प्रियंका सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।
वेबिनार के सफल आयोजन में  जयंत राठी, पुष्पेंद्र सचान, डॉ. पृथ्वी सेंगर तथा आयोजन समिति के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर प्रो. बाला लखेंद्र, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अवध बिहारी सिंह, समेत देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े अनेक शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और मीडिया पेशेवर ऑनलाइन माध्यम से वेबिनार में जुड़े रहे।

विश्वविद्यालय में एआई वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आईईई  स्टूडेंट ब्रांच द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण हेतु आयोजित ‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत एआई आधारित वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता “प्रॉम्प्ट टू एआई विजन” का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला श्रृंखला का उद्देश्य छात्रों को एआई के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, उपकरणों और तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। 
इसी क्रम में आयोजित वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना तथा एआई आधारित कंटेंट निर्माण में उनकी दक्षता का मूल्यांकन करना रहा। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एआई टूल्स की सहायता से अपनी कल्पनाओं को वीडियो के रूप में प्रस्तुत किया।
यह एआई जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति की प्रेरणा तथा जनभवन के निर्देशों के क्रम में संचालित किया जा रहा है। कार्यशाला श्रृंखला का संचालन इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल तथा कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।ब्रांच के काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य एआई और उभरती तकनीकों के जरिए करियर के नए अवसरों की जानकारी देना था।
 
कार्यक्रम में फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वीडियो निर्माण में एआई की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर स्टूडेंट ब्रांच के सदस्य अनुराग पाल, निहार, आद्रिका, ऋचा, युगांत्रा, अमन, शिवांश, सागर, हिमानी, अदिति, पवन, आंचल, विवेक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन इप्सिता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन  ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।

Thursday, 28 May 2026

साथी: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय की नई पहल

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने जारी किया “साथी” अभियान का पोस्टर
मानसिक स्वास्थ्य के लिए  विद्यार्थियों को मिलेगा गोपनीय और पेशेवर सहयोग
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के वैलनेस सेंटर  ने “साथी” नामक नई पहल शुरू की है। बुधवार को कुलपति  प्रो. वंदना सिंह ने वैलनेस सेंटर  द्वारा संचालित इस अभियान का जागरूकता पोस्टर जारी किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सामने केवल शैक्षणिक चुनौतियाँ ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक दबाव भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों को सुरक्षित, संवेदनशील और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराए। कहा कि स्वस्थ मन ही बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की नींव है। विश्वविद्यालय चाहता है कि हर छात्र स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और समर्थ महसूस करे।
वैलनेस सेंटर  के समन्वयक एवं  व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि  जारी किए गए पोस्टर में विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि  वे मानसिक तनाव, अवसाद, भय या किसी भी प्रकार की परेशानी को मन में दबाने के बजाय साझा करें।
पोस्टर में परीक्षा और करियर का दबाव, असफलता का डर, घर की याद, रिश्तों में तनाव, साइबर बुलिंग तथा भविष्य को लेकर चिंता जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है, जिनसे आज बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय की “साथी” पहल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को समय पर परामर्श, भावनात्मक सहयोग और पेशेवर सहायता उपलब्ध कराना है।  इस पोस्टर को सोशल मीडिया के साथ ही साथ छात्रावासों के सभी कमरों, अध्ययन कक्षों एवं विभागों के डिस्प्ले बोर्ड पर लगाया जायेगा।
वैलनेस सेंटर  की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पोस्टर में यह भी भरोसा दिलाया गया है कि विद्यार्थियों की सभी बातचीत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें बिना किसी भेदभाव और पूर्वाग्रह के सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं वैलनेस सेंटर  के विशेषज्ञों की टीम लगातार कार्य कर रही है।
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की मानसिक समस्याओं से जुड़ी सहायता के लिए विश्वविद्यालय हेल्पलाइन नंबर +91 7518200147 जारी किया है। इसके अलावा विद्यार्थी टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 / 1-800-891-4416 तथा किरण हेल्पलाइन 1800-599-0019 पर भी संपर्क कर सकते हैं। साथ ही साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 भी पोस्टर में दिए गए हैं।

कराटे में ऋत्विक त्रिपाठी ने जीता सिल्वर मेडल


अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का बढ़ाया मान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज अंतर्गत एच.आर.डी. विभाग के शोध छात्र ऋत्विक त्रिपाठी ने इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप सीरीज–2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर वर्ग के -67 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त कर विश्वविद्यालय एवं जनपद का गौरव बढ़ाया है।
यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की गई थी, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन धामिकाकाई शीतो-रियु इंटरनेशनल संस्था द्वारा किया गया था, जो पारंपरिक कराटे की अनुशासित, तकनीकी एवं आत्मरक्षा आधारित शैली के प्रचार-प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती है। यह संस्था युवाओं में आत्मविश्वास, संयम, मानसिक दृढ़ता तथा शारीरिक क्षमता के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
ऋत्विक त्रिपाठी की इस उपलब्धि पर फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संकायाध्यक्ष, प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल एवं व्यक्तित्व विकास की सशक्त परंपरा को भी प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने ऋत्विक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडे, डॉ.  आशुतोष सिंह, डॉ. प्रवीण मिश्र, अनुपम कुमार, शोध छात्रा अंजली मौर्य सहित विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने बधाई दी है।

Monday, 25 May 2026

विश्वविद्यालय में आईट्रिपलई द्वारा एआई मेड ईजी कार्यशाला सीरीज का आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में IEEE स्टूडेंट ब्रांच द्वारा एआई की ट्रेनिंग के लिए एक कार्यशाला की सीरीज का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य एआई के क्षेत्र में हो रहे नए विषयों के बारे में विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग देना है। पूर्व में आयोजित सत्र में एआई के टूल्स और तकनीकी के बारे में तथा नवीनतम तकनीकी के  अनुप्रयोग को  छात्रों को  बताया गया। इसी क्रम में कार्यशाला के अगले सत्र में छात्रों को एआई के माध्यम से अपने करियर को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है इस बारे में बताया गया।  उक्त कार्यशाला का  आयोजन विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति की प्रेरणा और राजभवन के निर्देशों के अनुसार एआई पर जागरूकता अभियान   लगातार विश्वविद्यालय में चलाया जा रहा है। उक्त कार्यशाला इंजीनियरिंग संकाय के  संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल और कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन किया जा रहा है। आईट्रिपलई के ब्रांच काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने बताया कि कार्यशाला के तीसरे सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में अमन वर्मा और क्षितिज प्रताप सिंह ने विषय विशेषज्ञ के रूप में छात्रों का मार्गदर्शन किया और एआई तथा नवीनतम तकनीकी उन्नयन से करियर में नए अवसर कैसे प्राप्त किया जा सकता है तथा भविष्य की तकनीकी के बारे में बताया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप यादव ने कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एआई का परिचय और महत्व को बताया। उक्त कार्यक्रम में आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के सदस्य अनुराग पाल, निहार, आद्रीका, ऋचा, युगांत्रा, अमन, शिवांश, सागर, हिमानी, अदिति,  पवन, आंचल, विवेक,  सहित काफी छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन इप्सिता ने किया और धन्यवाद ज्ञापन आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव ने किया।

Sunday, 24 May 2026

ऑनलाइन एडमिशन के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान: डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर


​फर्जी वेबसाइटों और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को बनाते है निशाना

​पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी ने जारी की एडवायजरी

​जौनपुर। आने वाले नए शैक्षणिक सत्र के लिए  देश भर में एडमिशन के नाम पर साइबर अपराधी तेजी से सक्रिय हो गए है। इंटरनेट, फेसबुक, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन और लुभावने ऑफर देकर छात्रों और अभिभावकों को जाल में फंसाते है। प्रोसेसिंग फीस, सीट कन्फर्मेशन और विदेश में एडमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलने के बाद ठग गायब हो जाते हैं। 

​वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने बताया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर विज्ञापन और वेबसाइट पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। कई साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर उन्हें बिल्कुल असली संस्थानों जैसा रूप दे देते हैं। इनमें नामचीन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की तस्वीरें लगाकर लोगों को भ्रमित किया जाता है।
​डॉ. राठौर ने सचेत करते हुए कहा कि आजकल सीमित सीट, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट, घर बैठे एडमिशन और विदेश में पढ़ाई का सुनहरा मौका जैसे आकर्षक संदेशों के जरिए छात्रों पर जल्दी फैसला लेने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता है। कई बार छात्र बिना सत्यापन किए ही जल्दबाजी में फीस जमा कर देते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने अपील की है कि कभी भी टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर या एडमिशन के लिए आने वाले संदेशों के लिंक को क्लिक करके अपरिचित लोगों को पैसा ट्रांसफर न करें।

​कहा कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की जांच जरूर करें। इसके लिए संबंधित विश्वविद्यालय, यूजीसी, आईसीटीई, पीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी देखना जरूरी है। इसके साथ ही केवल ऑनलाइन जानकारी के भरोसे पैसा ट्रांसफर न करें। संस्थान का ऑफलाइन सत्यापन जरूर करें और संभव हो तो वहां जाकर स्वयं जानकारी लें। दाखिले से पहले वहां पढ़ रहे छात्रों या पूर्व छात्रों से फीडबैक लेना बेहद मददगार होता है।
​विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी ने बताया कि विदेश में पढ़ाई कराने के नाम पर भी फर्जी एजेंसियां सक्रिय हैं। ये खुद को अधिकृत एजेंट या काउंसलर बताकर एडवांस फीस लेती हैं, लेकिन वास्तविक प्रक्रिया के समय पूरा मामला फर्जी निकलता है।
​इसके अलावा, ऑनलाइन कोर्स के नाम पर भी बड़े स्तर पर धोखाधड़ी हो रही है। विज्ञान, फार्मेसी और फिजियोथैरेपी जैसे व्यावहारिक  पाठ्यक्रमों को पूरी तरह ऑनलाइन बताकर एडमिशन करा दिया जाता है, जबकि इनकी पढ़ाई बिना लैब और प्रैक्टिकल के ऑनलाइन संभव ही नहीं होती।

Tuesday, 19 May 2026

राष्ट्रीय सेवा योजना के नए समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कार्यभार किया ग्रहण



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के  नये कार्यक्रम समन्वयक के रूप में डॉ. शशिकांत यादव (सहायक आचार्य, भू एवं ग्रहीय विभाग, विश्वविद्यालय परिसर) ने सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने भी डॉ. शशिकांत यादव को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाजहित और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्यों को लेकर और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेगी तथा युवाओं को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात नवनियुक्त कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कहा कि महाविद्यालयों को समर्पित भाव से राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को जोड़ने हेतु प्रेरित किया जाएगा, ताकि युवा शक्ति समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभा सके।

इस अवसर पर संकाय अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मनोज मिश्रा, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, प्रो. लक्ष्मण सिंह, डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. अमरेंद्र सिंह डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह,डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ. एस.पी. तिवारी, पूर्व समन्वयक डॉ. राजबहादुर यादव, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. संजय शर्मा तथा डॉ. श्रवण कुमार उपस्थित रहे।
साथ ही कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री वारिंद्र यादव, महामंत्री राधेश्याम सिंह ‘मुन्ना’, पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, पूर्व महामंत्री रमेश यादव, महामंत्री डॉ. नीलेश सिंह, विनोद यादव, सर्वेश यादव, उत्कर्ष सिंह, डॉ. रजनीश सिंह एवं सत्येंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों ने डॉ. शशिकांत यादव को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

कुलपति ने सभी समितियों को दिए तैयारी के निर्देश

संयोजकों और सदस्यों के साथ कुलपति ने की तैयारी बैठक
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30 वां दीक्षांत समारोह आगामी 27 जुलाई 2026 को आयोजित होगा। इस संबंध में महंत अवेद्यनाथ सभागार में मंगलवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में तैयारी बैठक हुई। बैठक में समिति के संयोजकों और सदस्यों के साथ बिंदुवार चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह की तैयारियों में सभी निर्देशों का प्राथमिकता से पालन होगा। इस संबंध में जो भी प्रशासनिक कार्य कराने है उसकी फाइल बढ़ा कर उसे करा लिए जाएं। इस अवसर पर समारोह की गुणवत्ता और बेहतर बनाने के लिए संयोजकों से सुझाव भी लिए गए। बैठक में सभी पाठ्यक्रमों के परीक्षाफल 30 जून तक हर हाल में करा लें। बैठक में कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए। 
इस अवसर पर प्रो. देवराज सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादवा, प्रो. राजकुमार, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. गिरधर मिश्र, प्रो. मिथिलेश सिंह,  डॉ. मनीष गुप्ता,  डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. अनुराग मिश्र, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनु त्यागी,  डॉ. मंगला प्रसाद यादव,  दिव्येंदु मिश्र,  उपकुलसचिव अजीत प्रताप सिंह,  सुनील कुमार, डॉ. राजनारायन सिंह, कर्मचारी संघ अध्यक्ष वारींद्र सिंह, रमेश कुमार यादव, राधेश्याम सिंह मुन्ना, डॉ. इंद्रेश कुमार, डॉ. राजेश सिंह,  सुशील प्रजापति सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारी एवं सभी समितियों के संयोजक उपस्थित रहे।

Monday, 18 May 2026

व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग का फेयरवेल कार्यक्रम “सफर” आयोजित

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में प्रबंध संकाय के व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग द्वारा फेयरवेल कार्यक्रम “सफर” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षकों ने सफलता, अनुशासन और कठिन परिश्रम का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. मानस पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती है तथा अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहने पर निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है।
इसके बाद डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि कठिन परिश्रम, लगन और सतत अभ्यास से जीवन के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।
इसी क्रम में डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। डॉ. निशा पाण्डेय ने अनुशासन, संयम और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन जाह्नवी सिंह और दीक्षा सिंह ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा अंकित राय, आयुष मिश्र, अभिषेक सिंह एवं शिवानी सिंह आदि ने तैयार की। इस अवसर पर सीनियर विद्यार्थियों विवेक, औचित्य, पृथुल, विमलेश, सचिन, श्रेया, काजल, अलशिफा, साक्षी और मुस्कान आदि ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Friday, 15 May 2026

पीयू के आठ छात्र केमिस्ट पद पर चयनित

एमएससी केमिस्ट्री अंतिम वर्ष के छात्रों का कोडेल लाइफ साइंस में चयन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के लिए गर्व का विषय है कि एमएससी रसायन विज्ञान अंतिम वर्ष के आठ छात्रों का चयन कोडेल लाइफ साइंस में केमिस्ट (क्वालिटी कंट्रोल) के पद पर हुआ है।
चयनित विद्यार्थियों में प्रशांत कुमार सिंह, छाया यादव, दीक्षा मौर्य, गुड़िया रानी मौर्य, श्रुति गुप्ता, सोनू यादव, गौरव यादव एवं मोनेन्द्र यादव शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने अपनी मेहनत, लगन एवं प्रतिभा के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और रोजगारपरक शिक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी का परिणाम है कि यहाँ के छात्र विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित हो रहे हैं।
वहीं, रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और विभाग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतिफल है। विभाग विद्यार्थियों को अधिकतम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में भी विभाग के कई विद्यार्थी कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में चयनित होकर संस्थान का नाम रोशन कर चुके हैं।

Monday, 11 May 2026

मानसिक स्वास्थ्य की ओर पीयू का बड़ा कदम



 ‘आनंदम’ सेंटर से शुरू हुआ निःशुल्क परामर्श शिविर

जौनपुर।आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव, तनाव और अकेलेपन जैसी चुनौतियों के बीच वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक सराहनीय पहल की है। मा. कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षत्व में विश्वविद्यालय एवं नई सुबह संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवस्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ‘आनंदम’ के बैनर तले विद्यार्थियों के लिए प्रथम सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में वाराणसी से आए वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और समय रहते संवाद व परामर्श विद्यार्थियों को बड़ी समस्याओं से बचा सकता है।

उल्लेखनीय है कि विगत माह विश्वविद्यालय और नई सुबह संस्था के बीच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को 24×7 टेली-मानस काउंसलिंग सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, वहीं प्रत्येक माह वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में निःशुल्क भौतिक परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आज आयोजित प्रथम शिविर में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से खुलकर चर्चा की। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Saturday, 9 May 2026

पूर्वांचल के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा विश्वविद्यालय परिसर


 समर्थ पोर्टल से प्रवेश प्रक्रिया शुरू

जौनपुर। आधुनिक शिक्षा, उत्कृष्ट संसाधनों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों के स्वागत को तैयार है। विज्ञान, अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान, विधि, अभियांत्रिकी, फार्मेसी एवं व्यवसाय प्रबंधन जैसे विविध संकायों में संचालित पाठ्यक्रम छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उज्ज्वल भविष्य का अवसर प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।
विश्वविद्यालय परिसर में इस वर्ष कुल 56 विषयों एवं एक सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं। डिप्लोमा स्तर पर तीन विषय, स्नातक स्तर पर 31 विषय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 25 विषय संचालित किए जाएंगे। स्नातक स्तर पर बीटेक के नौ, बीएससी के नौ, बीए के तीन तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश के लिए विषयवार सीटों की संख्या, पात्रता एवं पूरी प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी शीघ्र ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सभी आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से सुलभ होंगी, जिससे प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बन सके।
विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रो. मिथिलेश सिंह ने बताया कि प्रवेश हेतु समर्थ पोर्टल 8 मई 2026 से प्रारंभ हो चुका है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध केंद्रीय पुस्तकालय, वाई-फाई युक्त परिसर, इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम, छात्रावास सहित आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के कारण विश्वविद्यालय परिसर पूर्वांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहला कदम बढ़ाएं।

फोटोग्राफी समाज और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम : डॉ. रुचिता चौधरी

जनसंचार विभाग की फोटो प्रदर्शनी में दिखे जौनपुर के रंग, संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में शनिवार को आयोजित फोटोग्राफी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में 200 से अधिक तस्वीरों के माध्यम से प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और ग्रामीण जीवन के विविध रंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की समन्वयक डॉ. रुचिता चौधरी ने किया. उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीरें लेने की कला नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
फोटो प्रदर्शनी में कहीं जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की भव्यता दिखाई दी तो कहीं गांव की सादगी और मिट्टी से जुड़े जीवन की भावनात्मक झलक देखने को मिली। शाही किला की ऐतिहासिकता, कुम्हारों की मेहनत, ग्रामीण परिवेश और काशी के घाट की आध्यात्मिक सुंदरता को विद्यार्थियों ने अपनी कैमरा कला से बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
रमन मिश्र ने जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, लक्ष्मण कुमार और रामानंद प्रजापति ने ग्रामीण जीवन की सहजता और संघर्ष को तस्वीरों में उकेरा। वहीं मनोज यादव और गिरजा शंकर ने मानव और गांव के रिश्तों को संवेदनशील अंदाज में प्रस्तुत किया। दिव्यांशु, कन्हैया और पृथ्वीराज ने कुम्हारों के जीवन और उनकी मेहनत को कैमरे में कैद कर दर्शकों को भावुक कर दिया।
शमलेश और सौरभ ने जौनपुर की ऐतिहासिक विरासत को अपनी तस्वीरों में जीवंत किया। मनीष यादव, सर्वेश और मोनू ने प्रकृति के बदलते रंगों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया। वहीं सौरभ, उत्कर्ष और अमन ने शाही किला की भव्यता को तस्वीरों में उतारा। कृष्णा, सचिन और अनुराग ने काशी के घाट की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक छटा को अपनी फोटोग्राफी से जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने अतिथि का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. सुरेन्द्र यादव, डॉ. अमित मिश्र समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

Friday, 8 May 2026

ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर



पीयू में एनसीसी यूनिट ने किया आयोजन, सेना के शौर्य को किया नमन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एनसीसी यूनिट द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ विश्वविद्यालय परिसर स्थित संकाय भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में अत्यंत उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भारतीय सेना के पराक्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना को याद करते हुए युवाओं को देशभक्ति का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ एनसीसी प्रभारी एवं संयोजक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” पर आधारित प्रेरणादायी लघु वीडियो प्रदर्शन से हुआ। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” केवल सैन्य अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित 98 यूपी बटालियन एनसीसी के पीआई हवलदार बलवीर कुमार ने बताया कि यह अभियान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई का उदाहरण बना।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने यह स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाली ताकतों को अब भारत करारा जवाब देगा। यह अभियान युवाओं को राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सुमित सिंह ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के साहस और शौर्य को नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

Friday, 1 May 2026

लोक संस्कृति समाज को जोड़ने और आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम : हिना देसाई

विविधता में एकता ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत: प्रो. वंदना सिंह

गुजरात दिवस पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं ने गरबा-डांडिया से बिखेरे रंग

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुजरात दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राज्यपाल सचिवालय के निर्देश पर महिला छात्रावास में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने गुजरात की लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक गरबा और डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रामानंद सरस्वती पुस्तकालय आजमगढ़ की निदेशिका हिना देसाई ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में भारतीय परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वे गुजरात की निवासी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के लोगों से मिला प्रेम, अपनापन और स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो वंदना सिंह ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों का संगम है और गुजरात की संस्कृति से जुड़ाव हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि हमारा देश विविधता में एकता का प्रतीक है और हम सभी मिलकर देश को विकसित भारत बनायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी की भी यही भावना है कि विद्यार्थी देश की विभिन्न संस्कृतियों से परिचित हों और उनसे प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का विकास करें।
गुजरात दिवस के समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार ने दिवस के अंतर्गत आयोजित गए विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अन्नू त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुजराती परिधान में फैशन शो का आयोजन किया गया। संचालन श्रेया मौर्य और कृति पांडे ने किया।
गुजरात दिवस पर राज्यपाल सचिवालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में इंजीनियरिंग संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने चौकियां धाम का दर्शन किया।
इस अवसर पर चीफ वार्डन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सहायक कुलसचिव सरला यादव, डॉ. निमिषा यादव, डॉ. कृष्णा सिंह, अनामिका मिश्रा, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।

Thursday, 30 April 2026

गुजरात ने विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए रखा — कुलपति प्रो. वंदना सिंह

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया गुजरात स्थापना दिवस
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राज्यपाल सचिवालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में गुजरात स्थापना दिवस के पूर्व दिवस पर विविध कार्यक्रमों को  उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. वंदना सिंह  के नेतृत्व में पदयात्रा से हुआ। इसके साथ ही गोद लिए गए टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरण, विद्यालयों एवं गोद लिए गए गांवों में स्वच्छता अभियान, गुजरात के परंपरागत खेल जैसी सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। 
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात ने विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं को समझना राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गई।
कुलसचिव केशलाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि गुजरात दिवस भारत की सांस्कृतिक विविधता, विकास और एकता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की सांस्कृतिक विरासत को समझने और उससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
गोद लिए गए गांव जासोपुर के इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय में डॉ. अनुराग मिश्र के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वहीं आदमपुर स्थित कस्तूरबा गाँधी आवासीय स्कूल में डॉ. अन्नू त्यागी एवं डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ सफाई अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
विश्वविद्यालय परिसर में गुजरात के पारंपरिक खेल खो-खो, सतोलिया  का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के सफल संचालन में डॉ. सुशील कुमार, प्रभारी तथा डॉ. रजनीश सिंह, सह प्रभारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार तथा कार्यक्रम संयोजक प्रो. मनोज मिश्रा नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सह-नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी एवं डॉ. शशिकांत यादव की महत्वपूर्ण निभाई। इस अवसर पर प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. विनोद कुमार, प्रोफेसर गिरधर मिश्र, प्रोफेसर मिथिलेश सिंह, डॉ. रसिकेश, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ श्याम कन्हैया, डा. वनिता सिंह, प्रियंका सिंह, डॉ. पुनीत धवन, कर्मचारी सँघ के महामंत्री राधेश्याम सिंह मुन्ना, सुशील प्रजापति, डॉ. इन्द्रेश कुमार समेत कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

Saturday, 25 April 2026

पुस्तकालय ही विद्यार्थियों का सच्चा मार्गदर्शक-जस्टिस आर. के. अग्रवाल

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर. के. अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण, 6000 पुस्तकों का मिला अमूल्य दान

​जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ​अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीदहै।
 उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।

कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


विश्वविद्यालय की लॉ लाइब्रेरी को मिला ऐतिहासिक दान, छात्रों को मिलेगा लाभ

विधि की 6000 विधि की पुस्तकें मिली

विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा। 
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।
तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं। 
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।

Wednesday, 22 April 2026

रज्जू भैया संस्थान में पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण की गूंज

जौनपुर। पृथ्वी दिवस के अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भैया संस्थान में “ग्लोबल वार्मिंग: वन प्लेनेट, वन चांस” विषय पर एक प्रभावशाली व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग एवं ‘सस्टेनेबिलिटी कमेटी’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि पृथ्वी दिवस हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। उन्होंने बढ़ती वैश्विक तापवृद्धि, प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से ऊर्जा संरक्षण, वृक्षारोपण तथा सतत जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज अवस्थी ने कहा कि ग्रीनहाउस प्रभाव एवं ग्लोबल वार्मिंग आज विश्व स्तर की गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण हिमनदों का तेजी से पिघलना, समुद्र स्तर में वृद्धि एवं मौसम चक्र में असामान्य बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस एवं व्यावहारिक कदम उठाने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल वार्मिंग विषय पर एक जागरूकता वीडियो डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित छात्रों एवं शोधार्थियों को गहराई से प्रभावित किया। सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, प्लास्टिक उपयोग में कमी, हरित परिसर निर्माण एवं सामूहिक जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।

अंत में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने एवं पृथ्वी को सुरक्षित बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. श्याम कन्हैया सहित संस्थान के अन्य शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मूल्यों और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर ही लोकतंत्र होगा समावेशी: प्रो. वंदना सिंह

‘भारत में लोकतांत्रिक समावेशिता के 75 वर्ष’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ

उच्च शिक्षा निदेशालय प्रायोजित कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों की सहभागिता

जौनपुर। उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य शुभारंभ बुधवार को राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय, सिंगरामऊ में हुआ। राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस सेमिनार का विषय ‘भारत में लोकतांत्रिक समावेशिता के 75 वर्ष’ रहा।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक समावेशिता के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज को अपने मूल्यों और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब नई पीढ़ी नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक वातावरण को आत्मसात करे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार सिंह ने की।सेमिनार के मुख्य वक्ता आर्य कन्या पीजी महाविद्यालय, वाराणसी के प्रो. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने अर्थशास्त्री एडम स्मिथ की प्रसिद्ध पुस्तक ‘वेल्थ ऑफ नेशन्स’ का संदर्भ देते हुए वर्तमान वैश्विक आर्थिक असमानता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग 90 प्रतिशत संपत्ति केवल एक प्रतिशत लोगों के पास केंद्रित है, जो समावेशी लोकतंत्र के लिए चुनौती है।
विशिष्ट अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आर.के. मिश्र ने कहा कि लोकतांत्रिक समावेशिता तभी सार्थक होगी जब स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेंगे।
आयोजन सचिव प्रो. जय कुमार मिश्र ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि समावेशिता ही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ. राजेश कुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर प्रो. इंदु प्रकाश, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. बृजेश प्रताप सिंह, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. गिरीश मणि त्रिपाठी, डॉ. राजीव त्रिपाठी सहित अनेक प्राध्यापकों ने अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में प्रो. चंद्रलेखा, प्राचार्यगण प्रो. सुरेश कुमार पाठक, प्रो. सुधाकर सिंह, प्रो. शम्भू राम, प्रो. अखिलेश्वर शुक्ला,  प्रो. पंकज सिंह, डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. संजय सिंह, डॉ. अजय कुमार दुबे सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Tuesday, 21 April 2026

छात्रों को मिला एआई और डेटा साइंस का व्यावहारिक ज्ञान



“एआई मेड ईज़ी” कार्यशाला हुई संपन्न 


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आईईईई छात्र शाखा द्वारा आयोजित ‘एआई मेड ईज़ी’ कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं डाटा साइंस विषय पर द्वितीय सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को एआई के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास एवं उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना है।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति की प्रेरणा तथा राजभवन के निर्देशों के अनुरूप चलाए जा रहे एआई जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।

द्वितीय सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में अलायंग्ड ऑटोमेशन, पुणे में डेटा साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत पी. राहुल राव ने छात्रों को एआई और डाटा साइंस के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एआई के विविध इंडस्ट्री अनुप्रयोगों, उभरते रोजगार अवसरों तथा प्रोफेशनल करियर के लिए आवश्यक कौशलों पर प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच छात्रों को स्वयं को कैसे तैयार करना चाहिए।

कार्यशाला का संचालन इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल एवं संगणक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आईईईई छात्र शाखा के परामर्शदाता डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस श्रृंखला के माध्यम से छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के संकाय समन्वयक डॉ. दिलीप यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस के महत्व को विस्तार से समझाया।

इस अवसर पर आईईईई छात्र शाखा के सदस्य आदित्य, वैभव, अनुराग पाल, निहार, इप्शिता, सृजन, शिवांश, सागर, आंचल, अदिति, अर्चना, शिवांगी, विजय मल, अमन, मयंक, विवेक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन इप्सिता द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आईईईई छात्र शाखा की उपाध्यक्ष अदिति श्रीवास्तव ने किया।

सम सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर पूर्वांचल विश्वविद्यालय सख्त, कॉलेजों को कई निर्देश


अंक अपलोड न करने, केंद्राध्यक्ष नियुक्त न करने व सीसीटीवी मॉनिटरिंग से न जुड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी

भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों के लिए पेयजल, बिजली व पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश


जौनपुर:वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सम सेमेस्टर परीक्षाओं के संचालन को लेकर संबद्ध महाविद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।विश्वविद्यालय प्रशासन ने जहां  आंतरिक व प्रायोगिक अंक समय से अपलोड करने के लिए कॉलेजों को अंतिम चेतावनी दी है, वहीं परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष नियुक्त करने, सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेल से जुड़ने और परीक्षार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को विश्वविद्यालय के सीसीटीवी मॉनिटरिंग कक्ष में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के साथ परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव केशलाल, प्रो. मनोज मिश्र ने महाविद्यालय में चल रही परीक्षाओं का ऑनलाइन निरीक्षण किया।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने जौनपुर जनपद के केडीएस महाविद्यालय और श्रद्धा शंकर महिला महाविद्यालय में चल रही परीक्षाओं का भौतिक निरीक्षण किया। 
परीक्षा नियंत्रक  ने सभी केंद्राध्यक्षों और प्राचार्यों को कार्यालय ज्ञाप जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
​कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने इसके लिए आदेश दिए है। इस निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त रोशनी और पंखों की उचित व्यवस्था रहनी चाहिए। 
​विश्वविद्यालय ने बीएससी (एग्रीकल्चर), एमएससी (एग्रीकल्चर), बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों के आंतरिक और प्रायोगिक अंक पोर्टल पर अपलोड न करने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, कई कॉलेजों द्वारा अंक देरी से भेजने के कारण रिजल्ट घोषित करने में विलंब हो रहा है।
​परीक्षा नियंत्रक ने इसे लेकर 'कठोर चेतावनी' जारी करते हुए सभी संबंधित कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वे 23 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अंक पोर्टल पर अपलोड कर दें। 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय की सम सेमेस्टर परीक्षाओं की शुचिता और निगरानी को लेकर प्रशासन सख्त है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिन महाविद्यालयों ने अभी तक अपने परीक्षा केंद्रों को विश्वविद्यालय के सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेल से नहीं जोड़ा है और केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति नहीं की है, उन्हें 23 अप्रैल 2026 तक का अंतिम मौका दिया गया है।
​विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कॉलेज सीसीटीवी निगरानी से नहीं जुड़ता है या किसी अन्य माध्यम से शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित केंद्र के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Monday, 20 April 2026

मनो-सामाजिक, चिकित्सकीय उपायों पर विशेषज्ञों का मंथन




पीयू में ‘ड्रग-फ्री कैंपस’ पर राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

 ‘नई सुबह’ संस्था, के साथ विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर हुआ समझौता

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “मिशन ड्रग फ्री कैंपस एवं सोसाइटी” अभियान के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सोमवार  संपन्न हुई। अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग एवं डीन छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के विभिन्न आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला का विषय “ड्रग-फ्री सोसाइटी एवं कैंपस का निर्माण: मनो-सामाजिक, चिकित्सकीय एवं आध्यात्मिक मार्ग” रहा। विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में नई सुबह, वाराणसी और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ । इस समझौते का उद्देश्य शैक्षणिक, शोध एवं सामुदायिक कार्यक्रमों में संयुक्त सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत दोनों संस्थान मिलकर कई गतिविधियाँ संचालित करेंगे, जिनमें अतिथि व्याख्यान, विशेषज्ञ वार्ता, फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, छात्र प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं फील्डवर्क, संयुक्त कार्यशालाएँ, सेमिनार एवं सम्मेलन, शोध सहयोग एवं प्रकाशन शामिल हैं।

साथ ही मनोवैज्ञानिक आकलन, परामर्श एवं थेरेपी अनुभव, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, “नशा मुक्त भारत@2047” अभियान के अंतर्गत ड्रग-फ्री कैंपस एवं समाज अभियान, आत्महत्या रोकथाम पहल, विश्वविद्यालय छात्रों के लिए मुफ्त टेली-काउंसलिंग तथा मासिक ऑफलाइन मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन एवं परामर्श शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।

समझौते के तहत प्रशिक्षण एवं वार्षिक भ्रमण के लिए न्यूनतम बैच आकार आपसी सहमति से तय होगा तथा प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के लिए गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नई सुबह और विश्वविद्यालय का “आनंदम: सेंटर फॉर एक्सीलेंस” मिलकर सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य, हैप्पीनेस अध्ययन, प्रशिक्षण एवं सामुदायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगे। इस समझौता ज्ञापन को मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और छात्र कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्य अतिथि प्रो. आर. बी. कमल ने कहा कि नशा समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। विशिष्ट अतिथि कर्नल आलोक डी. सिंह ने अनुशासन और जागरूकता को नशा उन्मूलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि देवेश सिंह (क्षेत्राधिकारी सदर, जौनपुर) ने प्रशासनिक स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने की। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया। सह-संरक्षक एवं मुख्य वक्ता डॉ. अजय तिवारी (नई सुबह, वाराणसी) ने मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

तकनीकी सत्रों में डॉ. विनोद वर्मा (मनोरोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज) ने चिकित्सा एवं मनोचिकित्सकीय दृष्टिकोण से नशा मुक्ति पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. क्षितिज शर्मा (आर्ट ऑफ लिविंग, बेंगलुरु) ने आध्यात्मिक उपायों की भूमिका को रेखांकित किया। रागिनी प्रसाद, श्रेया गुप्ता, खुशबू मोदनवाल, ईशा एवं डिम्पल सैनी द्वारा नशा मुक्ति से जुड़े केस स्टडी प्रस्तुत किए गए।

राउंड टेबल पैनल चर्चा में डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रो. देव राज सिंह, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. प्रमोद के. यादव, श्रीमती सीमा सिंह, प्रो. रुचिरा सेठी, अमरेंद्र पांडेय तथा डॉ. सरिता पांडेय सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने “ड्रग फ्री कैंपस एवं सोसाइटी: विभिन्न हितधारकों की भूमिका” विषय पर अपने विचार साझा किए।
समापन सत्र में क्षेत्राधिकारी सदर, जौनपुर देवेश सिंह, वित्ताधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी एवं प्रो. अजय द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मनोज पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान आयोजक सचिव डॉ. चंदन सिंह, अमरेश यादव ,दिव्यांशु सिंह, पवन सोनकर, पृथ्वी सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ईश्विका सिंह ने किया।

Friday, 17 April 2026

नारी शक्ति वंदन के समर्थन में छात्राओं ने बनाई रंगोली


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण संसदीय सत्र का सजीव प्रसारण आयोजित किया गया। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत चल रहे विमर्श को विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक एक साथ देखा।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में सामूहिक रूप से आयोजित किया गया, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनते हुए महिलाओं के सशक्त नेतृत्व और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराया। पूरे आयोजन के दौरान सभागार में गंभीरता, जागरूकता और उत्साह का वातावरण बना रहा।
सभी प्रतिभागियों ने सजीव प्रसारण को ध्यानपूर्वक देखा और इसे भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिलाओं के नेतृत्व को प्रोत्साहित करने तथा समाज में समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह,  प्रो. प्रमोद कुमार यादव, कार्यक्रम संयोजक डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव सहित प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. रसिकेश, डॉ. मनोज कुमार पांडेय, डॉ. रामांशु प्रभाकर सिंह, डॉ. नितेश जायसवाल एवं अन्य शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इसके बाद रज्जू भैया संस्थान में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निर्णायक मंडल में प्रो. प्रमोद यादवा और प्रो. मिथिलेश सिंह थे। दो ग्रुपों में पहले ग्रुप से अंकुर मौर्य, गौतम चौहान, आयुष श्रीवास्तव प्रथम, दूसरे ग्रुप से कुंकुम मौर्य श्रेया मौर्य पूजा खुशबू प्रथम। इसी प्रकार प्रथम ग्रुप से शिवानी चौरसिया, अभिषेक कुमार बिंद, नोमान फजल द्वितीय, दूसरे ग्रुप से गुंजा कश्यप आर्या वैष्णवी, निशा सागर, हिमांशी श्रीवास्तव द्वितीय रहे। 
 
  
गुरुवार की ढेर शाम विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने एडिशनल चीफ वार्डन डॉ. अन्नू त्यागी के नेतृत्व में “नारी शक्ति वंदन” के तहत विशाल पदयात्रा निकाली। इस अवसर पर सभी छात्रावासों की छात्राएं पूरे उत्साह और जोश के साथ शामिल हुईं। इस अवसर पर डॉ. निमिषा यादव, डॉ. कृष्णा सिंह समेत सभी छात्रावासों की छात्राएं शामिल रही ।

Thursday, 16 April 2026

नारी शक्ति वंदन से बदलेगी सामाजिक चेतनाः सुषमा पटेल



नारी शक्ति वंदन के प्रति जागरूकता हेतु निकली पदयात्रा 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से नारी शक्ति वंदन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से गुरुवार को एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लिया, जो महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प को दर्शाता है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व विधायक श्रीमती सुषमा पटेल ने नारी शक्ति वंदन पर अपना बयान देते हुए कहा, "नारी शक्ति वंदन न केवल एक अभियान है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की संस्कृति को मजबूत करने का माध्यम है। प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि नारी शक्ति का वंदन हर घर, हर गली में गूंजे।" उन्होंने कहा कि पहली बार केंद्र की सरकार ने महिलाओं के हितों के लिए यह कदम उठाया है, जो कि सराहनीय कदम है। 
कुलसचिव केश लाल ने कहा कि विश्वविद्यालय इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्ध है। नारी शक्ति वंदन जैसे प्रयास विद्यार्थियों में नैतिकता और सम्मान की भावना विकसित करेंगे। यह विद्यार्थियों को दायित्व के साथ साथ कर्तव्यबोध भी कराता है।  
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने कहा, "शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज-सेवी बनाना है। यह पदयात्रा छात्रों को नारी सम्मान के प्रति जागरूक करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।" उन्होंने वहां उपस्थित सभी लोगों ने 9667173333 नंबर पर मिस्ड काल कर भारत सरकार की वेबसाइट पर नारी शक्ति वंदन के पक्ष में अपना समर्थन दिया। 
कार्यक्रम संयोजक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि  "नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत यह पदयात्रा मुख्य द्वार से होते हुए परिसर में भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि इस संदेश को हर स्तर तक पहुंचाया जाए।"
इस अवसर पर प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ.सुनील कुमार, डॉ. मंगला यादव, उपकुलसचिव बबिता सिंह, डॉ.अनु त्यागी, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका, डॉ. सोनम झा,
सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। पदयात्रा उत्साहपूर्ण रही, जिसमें नारे लगाए गए और पोस्टर बांटे गए।

Wednesday, 15 April 2026

महिलाओं की भागीदारी के लिए सरकार का सशक्त कदमः मनोरमा मौर्या

नारी शक्ति वंदन एक्ट के समर्थन में हुआ मेगा हस्ताक्षर अभियान 
जौनपुर। नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने एवं महिलाओं के अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रचार-प्रसार के अंतर्गत एक भव्य मेगा हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और महिलाओं के सम्मान, समानता एवं अधिकारों के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जौनपुर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मनोरमा मौर्या में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 देश में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु आगे आएं और सकारात्मक सोच का प्रसार करें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव केश लाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।
मिशन शक्ति समन्वयक डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के लागू होने से महिलाओं की राजनीति में 33 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जब महिलाएं नेतृत्व करेंगी, तो महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भारत की संसद में प्रभावी रूप से उठाए जा सकेंगे। 
कार्यक्रम में एनसीसी प्रभारी डॉ. मनोज पांडे, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी शशिकांत यादव, डॉ. प्रियंका, डॉ. वनिता सिंह एवं सोनम झा सहित अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस अभियान को समय की आवश्यकता बताया और अधिक से अधिक लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्र स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान दिव्यांशु सिंह, सुमित सिंह, पृथ्वी राज सिंह, मोनू कुमार, अंश मौर्य, तनु सिंह, कन्हैया यादव एवं अर्पिता यादव सहित अन्य छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और आयोजन को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में योगदान दिया।

भौतिकी विभाग में ‘ब्लैक होल थर्मोडायनेमिक्स’ पर आमंत्रित व्याख्यान, छात्रों को मिली नई वैज्ञानिक दृष्टि

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान संस्थान के भौतिकी विभाग द्वारा बुधवार को “ब्लैक होल थर्मोडायनेमिक्स” विषय पर एक आमंत्रित व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के.एल.एस. कॉलेज, नवादा, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के डॉ. सुधाकर उपाध्याय, जो विजिटिंग एसोसिएट, IUCAA, पुणे भी हैं, ने ब्लैक होल के ऊष्मागतिक गुणों, हॉकिंग विकिरण तथा एंट्रॉपी के सिद्धांतों पर विस्तृत एवं रोचक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने जटिल अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाते हुए ब्लैक होल थर्मोडायनेमिक्स के वैज्ञानिक महत्व तथा आधुनिक भौतिकी में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने ब्लैक होल की एंट्रॉपी, तापमान और ऊर्जा के बीच संबंध को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया, जिससे उपस्थित विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक एवं भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आमंत्रित व्याख्यान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ शोध के नए आयामों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का आयोजन भौतिकी विभाग द्वारा किया गया, जिसके संयोजक डॉ. आलोक कुमार वर्मा रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. देवराज सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रो. राजकुमार, डॉ. पुनीत कुमार धवन, डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. काजल डे, डॉ. रामांशु प्रभाकर सिंह एवं डॉ. संदीप कुमार वर्मा सहित अन्य प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

Tuesday, 14 April 2026

समानता, न्याय एवं बंधुत्व के प्रतीक है डॉ अंबेडकर: प्रो वंदना सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस मौके पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं थे, बल्कि वे महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री और दूरदर्शी चिंतक भी थे। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों के माध्यम से शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। प्रो. सिंह ने कहा कि बाबा साहब का पूरा जीवन समानता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा, संगठन और संघर्ष का मंत्र दिया। उनका मानना था कि जब तक समाज में शिक्षा का प्रसार नहीं होगा, तब तक वास्तविक सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है। कुलपति ने कहा कि आज के युवाओं के लिए बाबा साहब का जीवन प्रेरणा का स्रोत है और उनके विचारों को आत्मसात कर ही एक समतामूलक एवं विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
प्रो. वंदना सिंह ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों को विकसित करने का भी माध्यम है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के आदर्शों को अपनाते हुए संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने जीवन में उतारें तथा समाज के सर्वांगीण विकास में योगदान दें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व दिवस आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को कुलपति द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अपेक्षा सिंह, द्वितीय स्थान अभिनव कीर्ति पांडेय एवं शादमा प्रवीन तथा तृतीय स्थान आकाश यादव और मूलचंद ने प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शताक्षी श्रीवास्तव, द्वितीय स्थान अंकुर मौर्य तथा तृतीय स्थान अंजलि विश्वकर्मा और मुस्कान शाक्य ने प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अनुराग यादव, द्वितीय स्थान गरिमा बौद्ध तथा तृतीय स्थान हितेश विश्वकर्मा और दीपिका यादव ने प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अमित कुमार और आलोक विश्वकर्मा, द्वितीय स्थान शुभम यादव एवं अंतिमा तथा तृतीय स्थान अनुराग यादव ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव अजीत सिंह, प्रो. अविनाश पार्थडिकर, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो संतोष कुमार, प्रो गिरिधर मिश्र, प्रो मिथिलेश सिंह, प्रो प्रमोद कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

Monday, 13 April 2026

समाज सुधारक और संविधान के शिल्पी थे बाबा साहेबःडॉ. रमेश यादव


अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर विविध कार्यक्रम सम्पन्न
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओ का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों एवं संख्या के विद्यार्थियों  ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर  रज्जू भैया संस्थान में पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और डॉ. अंबेडकर के जीवन, विचारों एवं उनके सामाजिक योगदान को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रतियोगिताओ में सफल प्रतिभागियों को डॉ अम्बेडकर की जन्मजयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जायेगा। 

इस अवसर पर मुख्य वक्ता विधि संकाय, टी डी कॉलेज के रमेश चंद्र यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता और भारतीय संविधान के शिल्पकार थे। उनका जीवन दर्शन समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता के खिलाफ संघर्ष करते हुए दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने का कार्य किया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि डॉ अम्बेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना। श्रमिकों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनके विचार आज भी एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और लोकतांत्रिक समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।
सभी कार्यक्रमों का संचालन डॉ नितेश जायसवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, डॉ सुशील कुमार, डॉ रामांशु सिंह, सौरभ सिंह, डॉ दिनेश सिंह, डॉ मंगला यादव व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

Friday, 10 April 2026

समर ट्रेनिंग कॉरपोरेट सफलता की पहली सीढ़ी – डॉ. नवीन शर्मा


“समर ट्रेनिंग: डूज़ एंड डोन्ट्स” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग में प्रशिक्षण 2026 के अंतर्गत “समर ट्रेनिंग: डूज़ एंड डोन्ट्स” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समर ट्रेनिंग के दौरान आवश्यक व्यवहारिक कौशल एवं सावधानियों के प्रति जागरूक करना था। यह एक दिवसीय कार्यशाला  कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह की प्रेरणा एवं संरक्षण में संपन्न हुई।
मुख्य वक्ता के रूप में गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बीकानेर (राजस्थान) के प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. नवीन शर्मा 
ने कहा कि समर ट्रेनिंग के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन, संचार कौशल एवं प्रोफेशनल व्यवहार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी गलतियों से बचकर विद्यार्थी अपने प्रशिक्षण अनुभव को अधिक प्रभावी और उपयोगी बना सकते हैं। साथ ही, उन्होंने कॉरपोरेट जगत में सफलता के लिए आवश्यक गुणों पर चर्चा करते हुए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक जीवन में लागू करने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. शर्मा ने कोलगेट, निरमा सहित विभिन्न कंपनियों के केस स्टडी प्रस्तुत करते हुए समर इंटर्न्स द्वारा दिए गए सुझावों को साझा किया, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने की। उन्होंने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों के समग्र विकास में अत्यंत सहायक होते हैं और समर ट्रेनिंग उनके जीवन का महत्वपूर्ण चरण है।
   संचालन पूजा साहू एवं श्रेया श्रीवास्तव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संजना मिश्र द्वारा प्रस्तुत किया गया।

प्रश्नोत्तर सत्र में अवंतिका यादव, अनु पांडेय, आस्था सिंह, श्रेया सिंह, मैज़बीन बानों सहित अनेक विद्यार्थियों ने अपने प्रश्नों के माध्यम से जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

इस अवसर पर विभाग के शिक्षक अनुपम कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र सहित कुणाल मिश्रा, दिव्यांशु सिंह, निधि सिंह, उज्ज्वल सिंह, राज सैनी, जान्हवी राय, शिवम सिंह एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Thursday, 9 April 2026

माइक्रोबायोलॉजी के चार छात्रों का प्रतिष्ठित कंपनी में चयन



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय के अंतर्गत संचालित माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एमएससी माइक्रोबायोलॉजी के (चतुर्थ सेमेस्टर, सत्र 2024-26) चार छात्रों - अविनाश पाठक, श्याम सुंदर चौहान, नितिन चौहान एवं आयुष सिंह का चयन प्रतिष्ठित कंपनी जेए स्टेराइल प्राइवेट लिमिटेड, मेसाना, गुजरात मे चयन हुआ है। यह चयन विभागीय कार्यालय में 16 मार्च 2026 को आयोजित साक्षात्कार के आधार पर किया गया।
 कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के मार्गदर्शन में  विश्वविद्यालय प्लेसमेंट सेल के प्रोफेसर एवं विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में ट्रेनिंग देकर विद्यार्थियों को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वह प्रतियोगिताओं में अपने दक्षता हासिल कर सके।
चयनित छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से विश्वविद्यालय और  विभाग का नाम गौरवान्वित किया है। डॉ एस पी तिवारी एवं शिक्षकों ने सभी चयनित छात्रों को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विभागाध्यक्ष ने कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

पीयू विधि के विद्यार्थियों ने न्यायालय में क्रिया भ्रमण


 न्यायालय की कार्यवाही को बारिकी से देखा और समझा 

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की  कुलपति प्रोफेसर वन्दना सिंह जी की प्रेरणा से विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के बीएएलएलबी (आनर्स) कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की टीम का गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायालय जौनपुर में भ्रमण कार्यक्रम दत्तोपंत ठेंगड़ी विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र के तत्वाधान में आयोजित किया गया।

छात्र-छात्राओं की टीम ने जिला एवं सत्र न्यायालय, अपर जिला जज न्यायालयों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पारिवारिक न्यायालयों एवं मजिस्ट्रेट न्यायालयों में भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सभी न्यायालयों की विभिन्न कार्रवाइयों से अवगत हुए तथा उनकी बारीकियों को सीखा।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार शशि  ने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें विधि के विभिन्न विषयों का निर्देशन दिया तथा टीम को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान की।

उक्त भ्रमण कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की टीम के साथ विधि संस्थान के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार, डॉ. मंगला प्रसाद यादव, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. इंद्रजीत सिंह एवं डॉ. शुभम सिंह उपस्थित रहे।

वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय में खिलाड़ी सम्मान समारोह संपन्न, खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

जौनपुर- वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की खेलकूद परिषद के तत्वावधान में सत्र 2024-25 का खिलाड़ी सम्मान समारोह गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित आर्यभट्ट सभागार में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, टीम प्रबंधकों और प्रशिक्षकों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
   कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चन्द्र यादव ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में सम्मानित होने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि खेल अनुशासन और टीम भावना सिखाता है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
    समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० वन्दना सिंह ने की। उन्होंने विश्वविद्यालय की खेल उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा कि हमारे छात्र लगातार राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं, प्रयागराज से पधारे जाने-माने समाज सेवी डॉ० समर बहादुर सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
       इस भव्य समारोह में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के अलावा खेलकूद परिषद के पूर्व सचिवों को भी उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
   कार्यक्रम के सफल आयोजन में खेलकूद परिषद की अहम भूमिका रही। खेलकूद परिषद के अध्यक्ष, प्राचार्य प्रो० विजय कुमार राय और सचिव प्रो० शेखर सिंह ने सभी अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया और कार्यक्रम के अंत में वहां उपस्थित सभी महानुभावों, शिक्षकों, और खिलाड़ियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में भारी संख्या में खेल प्रेमी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
   सत्र 2024-2025 में विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिता में कुल 11 पदक जीते, जिसमें पावर लिफ्टिंग महिला में एक स्वर्ण जिनको रू0 25000.00 की पुरस्कार राशि दी गई रजत पदक जिसमें किग बॉक्सिंग में दो तथा ग्रैपलिंग में दो जिनको रू0 20000.00 की धनराशि से पुरस्कृत किया गया तथा 6 कांस्य पदक जिसमें बेस्ट फिजिक्स में एक किक बॉक्सिंग में एक ग्रैपलिंग में एक योगा तथा बॉक्सिंग में 1-1 जिनको रू0 18000.00 की धनराशि देकर पुरस्कृत किया गया।
    इसके अलावा, पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय क्रिकेट मैं स्वर्ण पदक प्राप्त किया जिसमें प्रति खिलाड़ी रू0 6000.00 से पुरस्कृत किया गया। पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय पुरुष कबड्डी एवं पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय पुरुष बैडमिंटन में प्रथम स्थान प्राप्त किया। साथ ही पूर्वी क्षेत्र अंतर्विश्वविद्यालय हैंडबॉल महिला, हाकी पुरुष, पूर्वी क्षेत्र हाकी महिला में कांस्य पदक प्राप्त किया है जिनको रू0 3500.00 प्रति खिलाड़ी पुरस्कृत किया गया तथा पूर्वी क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय बैडमिंटन पुरुष महिला ने चैथा स्थान प्राप्त किया जिनको रू0 3000.00 से पुरस्कृत किया गया। साथ ही सभी खिलाड़ियों को अंगवस्त्रम एवं स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक भी प्रदान किया गया। सत्र 2025-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर कुल 17 पदक अब तक प्राप्त किया गया है, जिसमें शरीर सौष्ठव में एक स्वर्ण, सात रजत, तीरंदाजी में एक रजत तथा क्रॉस कंट्री में छह एवं एथलेटिक्स में दो कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में 21 स्वर्ण, 50 रजत तथा 50 कांस्य पदक शामिल हैं जिसमें क्रिकेट पुरुष में स्वर्ण पदक क्रिकेट महिला में तृतीय स्थान हैंडबाल पुरुष में रजत पदक हैंडबाल महिला में रजत पदक, कबड्डी पुरुष में कांस्य पदक, हॉकी पुरुष में कांस्य पदक, हॉकी महिला में चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।

Wednesday, 8 April 2026

विश्वविद्यालय परिसर के लिए जारी आदेश से हुए भ्रम से पहुंचे विश्वविद्यालय


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बुधवार को टीडी कॉलेज एवं अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्क्रूटनी शुल्क को लेकर उत्पन्न भ्रम के कारण परिसर पहुँचकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना था कि पुनर्जांच के लिए शुल्क लिया जाएगा, जिससे वे नाराज़ होकर विश्वविद्यालय पहुँच गए।स्थिति स्पष्ट होने के बाद विद्यार्थियों ने स्वीकार किया कि उन्हें भ्रामक जानकारी मिली थी, जिसके कारण वे विरोध करने विश्वविद्यालय पहुँच गए थे।

दरअसल, विश्वविद्यालय द्वारा परिसर (कैम्पस) के विद्यार्थियों के लिए जारी नोटिस को विद्यार्थियों ने महाविद्यालयों के लिए लागू समझ लिया। टीडी कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में किसी के द्वारा यह पत्र साझा कर दिया गया, जिससे भ्रम की स्थिति और बढ़ गई।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह, कुलसचिव केश लाल एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में विद्यार्थियों को स्पष्ट किया गया कि यह शुल्क केवल विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित है, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों पर यह लागू नहीं होता। विश्वविद्यालय द्वारा जारी पूर्व नोटिस में भी परिसर का ही उल्लेख किया गया था।
प्रशासन ने बताया कि स्क्रूटनी शुल्क से संबंधित पत्र केवल कैम्पस के विद्यार्थियों के लिए था, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के कारण महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उसे अपने ऊपर लागू मान लिया, जिससे यह भ्रम उत्पन्न हुआ।
 विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में पुनर्मूल्यांकन से जुड़े निर्णय के तहत विद्यार्थियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

Tuesday, 7 April 2026

पीयू को भारत सरकार से मिला प्रशस्ति-पत्र


 कुलपति के मार्गदर्शन में मिली बड़ी उपलब्धि
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत सरकार के नेशनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए 'प्रशस्ति-पत्र'  प्रदान किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय द्वारा 26 फरवरी 2026 को बौद्धिक संपदा अधिकारों  पर आयोजित सफल जागरूकता कार्यक्रम और इसमें सक्रिय भागीदारी के लिए मिला है।
यह गौरवपूर्ण प्रशस्ति-पत्र भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के महानियंत्रक (पेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिह्न) प्रो. (डॉ) उन्नत पी. पंडित की ओर से जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय आई पी आर सेल के नोडल प्रभारी प्रो. रवि प्रकाश ने विश्वविद्यालय को प्राप्त यह सम्मान कुलपति प्रो. वंदना सिंह को भेंट किया। इस अवसर पर यह रेखांकित किया गया कि कुलपति के कुशल मार्गदर्शन और विजन के कारण ही विश्वविद्यालय इस राष्ट्रीय मिशन का सफल हिस्सा बन सका।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह एवं डॉ. प्रवीण कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के सफल आयोजन में आई पी आर सेल के सदस्य प्रो. राजेश शर्मा,  डॉ. रसिकेश, डॉ. सुनील कुमार एवं डॉ. मंगला यादव सहित इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के शिक्षकगण—डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. शैलेश प्रजापति, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. पारुल त्रिवेदी,  डॉ. विशाल यादव,  पूनम सोनकर,  डॉ. तुषार श्रीवास्तव एवं डॉ. ज्योति सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर समस्त शिक्षकों और कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।

Monday, 6 April 2026

पैथान प्रोग्रामिंग और एआई पर दी गई विस्तार से जानकारी

सीटीपीसी सेल की ओर से किया गया कार्यशाला का आयोजन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ  द्वारा सोमवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सिफेर वेब प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से संपन्न हुई।
कार्यशाला में बी.टेक और बीसीए के प्रथम वर्ष से प्री-फाइनल वर्ष तक के छात्रों को पैथान प्रोग्रामिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें छात्रों को बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक के कॉन्सेप्ट समझाए गए, जिससे उनकी तकनीकी समझ मजबूत हो सके।
इसके अलावा, फाइनल ईयर के छात्रों के लिए “कैंपस टू कॉरपोरेट –कैरियर गाइडेंस” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में छात्रों को इंडस्ट्री की अपेक्षाओं, इंटरव्यू तैयारी, स्किल डेवलपमेंट और कॉरपोरेट वर्ल्ड में सफल होने के तरीके बताए गए।
इस कार्यशाला में कंपनी की ओर से आए डॉ. इरफान खान, इंजी. सादीया अंजुम एवं इंजी. अवनीश कुमार ने प्रेरक व्याख्यान दिए।
कार्यशाला निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार  के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस दौरान प्रो. प्रदीप कुमार ने छात्रों को बताया कि आज के समय में पैथान  और नई तकनीकों का ज्ञान करियर निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को उद्योग के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

Saturday, 4 April 2026

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में क्रीड़ोत्सव-2026 का भव्य समापन

जौनपुर।कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के निर्देशन में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित क्रीड़ोत्सव-2026 का  एकलव्य स्टेडियम में  समापन हुआ। यह क्रीड़ोत्सव 24 एवं 25 मार्च तथा 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

समापन समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर प्रमोद यादव (डीएसडब्ल्यू) ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में खेल भावना, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
क्रीड़ोत्सव के अंतर्गत कबड्डी, योग एवं ट्रैक एंड फील्ड की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विशेष रूप से 2 एवं 4 अप्रैल को आयोजित ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता परिणाम:
100 मीटर दौड़ (पुरुष वर्ग) में पियूष विश्वकर्मा प्रथम, सार्थक सिंह द्वितीय एवं अहम सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में प्रीति यादव ने प्रथम, सानिया पाल ने द्वितीय एवं काजल यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
110 मीटर हर्डल (पुरुष वर्ग) में नीरज यादव प्रथम, सार्थक सिंह द्वितीय एवं सत्यम गुप्ता तृतीय स्थान पर रहे।
महिला वर्ग की 100 मीटर हर्डल प्रतियोगिता में अंजलि सिंह प्रथम, प्रियांशी द्वितीय एवं रूपाली मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं।
क्रीड़ोत्सव का प्रमुख आकर्षण 4×100 मीटर रिले रेस रही। पुरुष वर्ग में इंजीनियरिंग संस्थान की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि महिला वर्ग में विज्ञान संकाय की टीम विजेता रही।
इस सफल आयोजन में आयोजन सचिव डॉ. सुशील कुमार, डॉ. दीप प्रकाश सिंह, डॉ. शशिकांत यादव एवं डॉ. राहुल राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि संयोजक के रूप में प्रो. प्रदीप कुमार ने नेतृत्व किया।
कोच के रूप में योगाचार्य जयसिंह, क्रिकेट कोच विजय एवं भानू प्रताप शर्मा का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा क्रीड़ा परिषद, खेलकूद कार्यालय के कर्मचारियों एवं अन्य सहयोगियों का योगदान सराहनीय रहा।
समारोह में डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. सोनम झा, डॉ. प्रियंका जायसवाल, डॉ. मनोज पांडे, एचआरडी विभाग से डॉ. अनुपम एवं डॉ. प्रवीण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।