Monday, 31 August 2026

कुलपति ने हास्टल के छात्राओं संग किया भोजन,मेस की थाली में परखी खाने की गुणवत्ता


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित महिला छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मीराबाई छात्रावास में छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और खुद भोजन की गुणवत्ता को परखा। कुलपति के छात्राओं के साथ भोजन करने से छात्राओं में भी उत्साह देखने को मिला।

भोजन के दौरान कुलपति ने छात्राओं से छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनके पठन-पाठन, अध्ययन के माहौल तथा छात्रावास में आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।

कुलपति ने छात्रावास की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों एवं वार्डन को निर्देश दिया कि छात्राओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। 

उन्होंने छात्रावास में आने वाले अभिभावकों के लिए निर्धारित कक्ष में एसी लगवाने के भी निर्देश दिए, ताकि वहां आने वाले अभिभावकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ सुविधाजनक, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुविधाओं और उनकी आवश्यकताओं का लगातार ध्यान रखा जाना चाहिए।

इस अवसर पर कुलपति ने द्रौपदी, मीराबाई एवं रानी लक्ष्मीबाई महिला छात्रावास की वार्डन डॉ. कृष्णा सिंह, डॉ. निमिषा यादव एवं डॉ. जया शुक्ला से छात्रावासों की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर चीफ वार्डन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. वनिता सिंह एवं डॉ. श्वेता पांडेय उपस्थित रहीं।



Saturday, 29 August 2026

खेल, शिक्षा और नवाचार सफलता के तीन स्तंभ : कुलपति

राष्ट्रीय खेल दिवस पर पीयू में मनाई गयी मेजर ध्यानचन्द जयंती 

कुलपति का आह्वान—रोज एक घंटा खेल के मैदान में बिताएं विद्यार्थी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचन्द क्रीड़ा संकुल में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचन्द की जयंती उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने मेजर ध्यानचन्द के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को खेल को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की शपथ दिलाई।

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा, शोध और नवाचार के साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उतने ही आवश्यक हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है और स्वस्थ मस्तिष्क ही सृजनात्मक सोच, शोध एवं नवाचार को नई दिशा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताएं और फिट इंडिया के उद्देश्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाने वाली जीवनशैली है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं खेलों से जुड़ने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी खेल एवं योगाभ्यास के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कुलपति ने कहा कि मेरा सपना है कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षा और नवाचार के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। विश्वविद्यालय में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो वे विश्वविद्यालय और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बैडमिंटन (पुरुष एवं महिला), योगाभ्यास (पुरुष एवं महिला) तथा रस्साकसी (पुरुष एवं महिला) प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना।कुलपति ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और निरंतर मेहनत है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव श्री अजीत प्रताप सिंह, खेलकूद परिषद के सचिव प्रो. शेखर सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. देवराज, प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. रसिकेश. डाँ. शशिकांत यादव, डॉ. मनोज पाण्डेय, रजनीश कुमार सिंह, डॉ. राजेश सिंह, सतेन्द्र कुमार सिंह, अल्का सिंह,  विजय प्रकाश, जय सिंह गुहिलौत, सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर कुलपति ने विद्यार्थियों से खेल के साथ-साथ शिक्षा, शोध और नवाचार में उत्कृष्टता हासिल कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

Tuesday, 25 August 2026

तकनीक आधारित, छात्र-केंद्रित विश्वविद्यालय बनाने की प्राथमिकता : प्रो. राकेश कुमार सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने पूर्व कुलपति प्रो. वंदना सिंह से कार्यभार संभाला। प्रो. राकेश कुमार सिंह सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उच्च शिक्षा प्रशासन में कुलसचिव, परीक्षा कार्य से जुड़े दायित्व, छात्र कल्याण तथा योजना एवं विकास जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। प्रो. सिंह इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय से आए हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षक और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। 

कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य पूर्वांचल विश्वविद्यालय को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करना होगा। विश्वविद्यालय में पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम, प्रवेश, शोध, छात्र सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय पूर्वांचल क्षेत्र की उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है , इसलिए शोध और नवाचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। शोध को प्रोत्साहन मिले और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो—इसके लिए एक मजबूत डिजिटल प्रशासनिक ढांचा विकसित किया जाएगा। इंटरनेट और सुरक्षा जैसी बुनियादी छात्र सुविधाओं की लगातार निगरानी हो। विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा। विश्वविद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी, शोधार्थी और संबद्ध महाविद्यालय इस परिवर्तन यात्रा के सहभागी होंगे। इसके बाद मुक्तांगन परिसर में कुलपति जी ने पौधरोपण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।

Friday, 21 August 2026

नौकरी नहीं, उद्यमिता और उत्पादन की ओर बढ़ें युवा : प्रो. अजय द्विवेदी


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विश्व उद्यमिता दिवस पर स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत संगोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत शोध प्रमुख प्रो. अजय द्विवेदी ने युवाओं से नौकरी की मानसिकता से आगे बढ़कर उद्यमी और रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए। स्पष्ट लक्ष्य और नवाचार के माध्यम से युवा स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।

अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने स्वदेशी तकनीक और नवाचार को सफलता का आधार बताया। प्रबंध अध्ययन संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि हर विचार में संभावनाएं होती हैं, जरूरत उसे व्यवहारिक रूप देने की है।

स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह युवा प्रमुख उद्देश्य सिंह ने कहा कि भारत को केवल बड़ा बाजार नहीं, बल्कि विश्व का प्रमुख उत्पादन केंद्र बनाना होगा। इसके लिए उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, तकनीक और वैश्विक बाजार तक पहुंच पर ध्यान देना जरूरी है।

संचालन डॉ. मनोज पांडेय ने किया। इस अवसर पर सह संयोजक आदित्य जायसवाल, आलोक, दिव्यांशु सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Thursday, 20 August 2026

एचआरडी विभाग में गूंजा सावन का उल्लास

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग में पवित्र सावन माह के अवसर पर “रिमझिम सावन-2026” कार्यक्रम का आयोजन उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने भगवान शिव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।

कार्यक्रम में खुशी सिंह, अमृता सिंह, अनु पाण्डेय एवं संजना मिश्र ने विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया। अनुराग तिवारी एवं कुणाल मिश्रा ने शिव मंत्र का गायन किया। पूजा साहू एवं हर्षित श्रीवास्तव ने सावन के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विचार व्यक्त किए, जबकि साक्षी जायसवाल ने स्वरचित कविता प्रस्तुत की। निधि सिंह ने “सावन का महीना पवन करे शोर” गीत तथा शिवानी श्रीवास्तव ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

रुपाली सिंह और दीक्षा प्रिया यादव ने सावन थीम पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। शिक्षक अनुपम कुमार ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने परस्पर सहयोग एवं सामूहिक प्रगति की प्रेरणा दी और भजन प्रस्तुत किया।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रसिकेश ने कहा कि “सावन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्म-विकास, सद्भाव और सृजनशीलता का उत्सव है। यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का बेहतरीन माध्यम है।” उन्होंने विद्यार्थियों से व्यक्तित्व एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मेहंदी प्रतियोगिता रही। रितिका सिंह, अमृता सिंह, अरसला खानम, नंदनी सोनी, नंदनी यादव, वंशिका यादव, रुपाली सिंह एवं काजल वर्मा ने एचआरडी लोगो थीम पर मेहंदी डिजाइन प्रस्तुत किए। अरसला खानम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन्हें सावन थीम का गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संयोजन इवेंट हेड साक्षी जायसवाल, ऐश्वी अस्थाना एवं दीपा मोदनवाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन काजल वर्मा ने किया। समापन पर छात्राओं ने वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया।

इस अवसर पर दिव्यांशु सिंह, खुशी सिंह, अवंतिका यादव, ऋषिता चौरसिया, कुणाल मिश्रा, संजना मिश्र, उज्ज्वल सिंह, कपिल यादव, अभय सिंह सहित विभाग के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Tuesday, 18 August 2026

पीयू में मनायी गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि

जौनपुर। 18 अगस्त 2026 को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने रोवर्स-रेंजर्स परिसर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नेताजी के जीवन, संघर्ष, अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को स्मरण करते हुए कहा कि नेताजी का जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस और नेतृत्व से देशवासियों में स्वाधीनता की भावना को प्रबल किया। उनका जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है।

इस अवसर पर उत्कर्ष सिंह, आर्यन, संतोष, मुन्ना रावत सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने नेताजी के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।

राष्ट्रभक्ति और युवा संकल्प के साथ हर घर तिरंगा अभियान का समापन

जौनपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में चलाए गए हर घर तिरंगा अभियान-2026 का समापन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरक झलकियाँ देखने को मिलीं।  
कार्यक्रम में सामूहिक वन्दे मातरम गीत, लोकनृत्य और कजरी गायन ने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने “मेरा स्वस्थ, समृद्ध एवं विकसित भारत” विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।  
मुख्य अतिथि कर्नल आलोक सिंह धर्मराज ने “एक भारत-श्रेष्ठ भारत एवं नशा मुक्त युवा” पर विशेष संदेश दिया। कर्नल धर्मराज ने युवाओं को यह स्पष्ट किया कि “नशा मुक्त युवा ही श्रेष्ठ भारत की नींव हैं।” यदि युवा वर्ग अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाए, तो भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि विश्व पटल पर एक आदर्श राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।  
कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि अभियान की सफलता युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का सशक्त उदाहरण है। समन्वयक डॉ मनोज कुमार पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया तथा इस अभियान के निमित्त आयोजित कार्यक्रमों की विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पाँच सुरक्षा प्रहरियों एवं 98 यूपी बटालियन के छः प्रशिक्षकों को अंगवस्त्रम एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में इस अभियान के निमित्त आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय विजेताओं को प्रमाणपत्र, मेडल एवं चॉकलेट प्रदान किए गए। इस अवसर डॉ. रसिकेश, डॉ राधिका उर्मालिया ने भी विचार व्यक्त किए। सहायक आचार्य डॉ श्वेता पाण्डेय ने धन्यवाद प्रस्तुत किया।

Monday, 17 August 2026

नवप्रवेशितयों को उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए किया प्रेरित



बीएससी एवं एमएससी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में नवप्रवेशित बीएससी एवं एमएससी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम के अंतर्गत अधिष्ठापन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के सामूहिक गायन से हुआ।

संस्थान के निदेशक प्रो. मिथिलेश सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान-विस्तार और शोध के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक एवं शोध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव ने विश्वविद्यालय की छात्र कल्याणकारी गतिविधियों एवं सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ अनुशासन, रचनात्मक गतिविधियों और सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, संदर्भ सामग्री एवं ई-संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और पाठ्य पुस्तकों के साथ उच्च स्तरीय संदर्भ सामग्री पढ़ने का आग्रह किया।

इस अवसर पर  प्रो. देवराज सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार,डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. सुजीत चौरसिया एवं डॉ. संदीप वर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समय प्रबंधन, प्रयोगात्मक शिक्षा एवं शोध के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं संस्थान के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराते हुए उनके सफल शैक्षणिक जीवन की आधारशिला तैयार करना रहा।

Saturday, 15 August 2026

ईमानदारी और निष्ठा से हीं पूरा होगा विकसित भारत का सपना: प्रो. वंदना सिंह


पीयू में कुलपति ने किया ध्वजारोहण  

एनसीसी कैडटों और सुरक्षाबलों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने मुक्तांगन परिसर में ध्वजारोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर तिरंगे के रंग में रंगा रहा।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह  ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हम सबके लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का दिन है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद  और भगवान बुद्ध को याद करते हुए कहा कि हमें ऐसे विद्यार्थी का सृजन करना है जो अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, नैतिकता के साथ – साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी रक्षा करें। साथ ही समाज के भी काम आएं तभी हम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे।  
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए पर्व या समारोह ही नहीं आत्ममंथन का भी दिन है। आज हमें यह  विचार करना होगा कि जिस देश के लिए हमारे पूर्वजों ने अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया, उनके सपनों को पूरा करने के लिए हम ईमानदारी, निष्ठा के साथ काम करने का संकल्प लें।  इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा के हमें अपने अधिकार के साथ-साथ कर्तव्यों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके बाद कुलपति जी ने नशामुक्ति के लिए उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। इसके बाद नोडल अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय ने नशामुक्त युवा फार विकसित भारत के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अवसर पर एनसीसी के कैडटो ने गाड आफ आनर दिया। समारोह का संचालन डॉ. राजेश सिंह ने किया। इसके बाद कर्मचारी संघ के दफ्तर के महाराणा प्रताप द्वार का आनलाइन लोकार्पण कुलपति जी ने किया। कुलपति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डॉ. रसिकेश ने देश भक्ति पर गीत सुनाया। इस अवसर पर प्रो.अविनाश डी. पाथर्डीकर, प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. देवराज सिंह,  प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. प्रमोद यादव,  प्रो. राज कुमार, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. गिरधर मिश्र. प्रो मिथिलेश सिंह, डा.रसिकेश, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. चंदन सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. मनोज पांडेय, उप कुलसचिव,  अजीत सिंह,  बबिता सिंह, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, राधेश्याम सिंह मुन्ना, सुशील प्रजापति समेत समस्त संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष शिक्षक, कर्मचारी और छात्र मौजूद थे।

Friday, 14 August 2026

विद्यार्थियों ने दिखाई देशभक्ति और रचनात्मक प्रतिभा


हर घर तिरंगा अभियान–2026 के तहत
स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को होगी राज्य स्तरीय ऑनलाइन क्विज़ प्रतियोगिता
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में “हर घर तिरंगा अभियान–2026” के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना का प्रभावी प्रदर्शन किया।
अभियान के अंतर्गत भाषण, निबंध लेखन, स्लोगन लेखन, पोस्टर एवं पेंटिंग तथा रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में “तिरंगा और राष्ट्रीय एकता” तथा “युवा और राष्ट्र निर्माण” विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय “हर घर तिरंगा : राष्ट्रीय एकता का प्रतीक” रहा, जबकि स्लोगन, पोस्टर-पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिताएँ तिरंगा, राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना पर आधारित रहीं।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा, विचारों और देशभक्ति की भावना का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के गौरव, स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया।
निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में डॉ. रशिकेश गुप्ता, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. शशिकांत यादव, अभियान समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ. अखिलेश विश्वकर्मा, श्री आदित्य कुमार एवं सुश्री प्रियंका जसवाल शामिल रहे। 
“आजादी की विभीषिका” वीडियो का हुआ प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान दूरदर्शन द्वारा तैयार विशेष वीडियो “आजादी की विभीषिका” का भी प्रसारण किया गया। वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान उत्पन्न मानवीय त्रासदी, विस्थापन, पीड़ा और सामाजिक परिस्थितियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया गया।
15 अगस्त को होगी ऑनलाइन क्विज़ प्रतियोगिता
विश्वविद्यालय द्वारा 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय ऑनलाइन क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर इकाई एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी।
ऑनलाइन क्विज़ में निम्नलिखित विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे—
• भारतीय तिरंगा।
• वन्दे मातरम् गीत।
• भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन।
• आजादी के रणबांकुरे।
• राष्ट्रीय प्रतीक।
• पुरस्कार एवं सम्मान।
प्रथम 10 प्रतिभागियों को किया जाएगा सम्मानित
क्विज़ प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम 10 प्रतिभागियों, जिनमें पाँच छात्र एवं पाँच छात्राएँ शामिल होंगे, को 17 अगस्त 2026 को “हर घर तिरंगा अभियान–2026” के समापन समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सभी चयनित प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी कर सकते हैं प्रतिभाग
राज्य स्तरीय ऑनलाइन क्विज़ प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के किसी भी विद्यालय, महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थी निम्नलिखित लिंक के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं—
पंजीकरण लिंक: ऑनलाइन क्विज़ के लिए पंजीकरण करें
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में प्रतिभाग कर “हर घर तिरंगा अभियान–2026” को सफल बनाने का आह्वान किया है। विश्वविद्यालय ने कहा कि ऐसे आयोजनों से राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।

Thursday, 13 August 2026

डिजिटल दौर में पत्रकारिता के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी: बृजेश सिंह


मीडिया के बदलते दौर में मल्टी-स्किल पत्रकारिता जरूरी

बृजेश सिंह ने विद्यार्थियों को बताए लेखन और कैमरा फेसिंग के गुर

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों और मीडिया के बदलते स्वरूप पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। विभाग के पूर्व विद्यार्थी एवं इंडिया वॉइस चैनल के पूर्व प्रमुख, लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता के बदलते दौर में तकनीकी दक्षता, लेखन, बोलने की कला और कैमरे के सामने प्रभावी प्रस्तुति के महत्व के बारे में जानकारी दी।
व्याख्यान में बृजेश सिंह ने कहा कि एक समय पत्रकारिता मुख्य रूप से अखबारों और फिर टेलीविजन तक सीमित थी। उस दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार नहीं था और प्रशिक्षण के अवसर भी सीमित थे। आज मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल चुका है। डिजिटल मीडिया में गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की मांग बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में मीडिया संस्थानों को मल्टी-स्किल प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है। पहले जिस काम को करने के लिए चार लोगों की जरूरत होती थी, आज तकनीक के कारण कई काम एक ही व्यक्ति को करने पड़ रहे हैं। इसलिए पत्रकारिता के विद्यार्थियों को लेखन, बोलने, कैमरा फेसिंग, वीडियो निर्माण और डिजिटल कंटेंट तैयार करने सहित विभिन्न कौशलों में दक्ष होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को लेखन की बारीकियां समझाते हुए कहा कि बोलना आसान है, लेकिन लिखना कठिन है। पत्रकारिता में अच्छे लेखन के लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने लिखे हुए कंटेंट को बार-बार पढ़ना चाहिए और उसमें आवश्यक सुधार एवं संपादन करना चाहिए। जितना अधिक व्यक्ति अपने लेखन और प्रस्तुति पर काम करेगा, पत्रकारिता की राह उतनी ही आसान होती जाएगी।
बृजेश सिंह ने जनसंचार विभाग के ऑडियो-विजुअल स्टूडियो में विद्यार्थियों को साक्षात्कार लेने की तकनीक तथा कैमरे को फेस करने के गुर भी बताए। उन्होंने व्यावहारिक रूप से समझाया कि इंटरव्यू लेते समय पत्रकार के भीतर आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल पूछने के तरीके, बॉडी लैंग्वेज और कैमरे के सामने सहज रहने की तकनीक के बारे में भी जानकारी दी।
जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने प्रायोगिक तौर पर टेलीविजन इंटरव्यू की तकनीक समझाई। उन्होंने विद्यार्थियों को कैमरे के सामने सहज रहने, प्रभावी ढंग से सवाल पूछने और साक्षात्कार को स्वाभाविक संवाद में बदलने की तकनीक बताई।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पत्रकार के पास बेहतर कंटेंट और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता है तो डिजिटल मीडिया में उसके लिए अवसर और पहचान दोनों हैं। विद्यार्थियों को बदलती तकनीक को चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखना चाहिए। पत्रकारिता के पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखते हुए नई तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थी स्वयं को भविष्य के मीडिया के लिए तैयार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया तथा संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. चन्दन सिंह, डॉ. अमित मिश्र, आनंद सिंह, पंकज सिंह समेत विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

तिरंगे का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान: प्रो प्रमोद यादव

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत गुरुवार को देशभक्ति और स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने "हर घर तिरंगा अभियान- 2026" के अंतर्गत विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "तिरंगा एवं स्वच्छता अभियान" रहा, जिसका नारा था— ‘तिरंगा सम्मान - स्वच्छ परिसर’।

स्वच्छता कार्यक्रम का शुभारंभ 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9 बजे मुक्तांगन परिसर में हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडटो ने परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि “तिरंगे का सम्मान करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय चरित्र और जिम्मेदारी का प्रतीक है। स्वच्छ परिसर और स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।” राष्ट्रीय सेवा योजना  के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कहा कि “स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि आज युवा पीढ़ी राष्ट्रहित और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सजग है। यह अभियान तिरंगे के सम्मान और स्वच्छता के संकल्प को एक साथ जोड़ता है।”

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, एनसीसी के प्रभारी ने कहा कि यह अभियान न केवल राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विश्वविद्यालय का संकल्प भी है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के अधिकारियों एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स ने एक स्वर में आह्वान किया-
“आओ, तिरंगे का सम्मान करें और मिलकर बनाए अपने परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर!”
शाम को समन्वयक द्वारा विभिन्न विभागों में हर घर तिरंगा अभियान एवं विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त परिसर एवं समाज अभियान के बारे में जागरूक किया गया।

Wednesday, 12 August 2026

नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव: शिवेंद्र प्रताप


नशे को नहीं—नए सपनों को चुनें, निष्क्रियता को नहीं—नए भारत को चुनें: शिवेंद्र प्रताप सिंह 

पीयू में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन

जौनपुर। 12 अगस्त 2026 को क्षेत्रीय निदेशालय, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त परिसर एवं सामाजबके संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत युवा कनेक्ट (VBYCP-2026) के अंतर्गत “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षकत्व में रज्जू भैया संस्थान स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूथ आइकॉन श्री शिवेंद्र प्रताप सिंह तथा नशा मुक्त वॉरियर श्री त्रिलोकीनाथ गुप्ता रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक वंदे मातरम् के गायन, मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। डॉ. शशिकांत यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य प्रस्तुत किया। युवा अधिकारी श्री तन्मय मोहन ने स्वयंसेवकों को माई भारत के संबंध में जानकारी दी। इसके पश्चात माई भारत गीत एवं विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग पर आधारित चलचित्र प्रदर्शित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि “भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, मानसिक क्षमता, परिवार एवं सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डालती है। युवाओं को नशे से दूर रहने, साथियों के दबाव का विरोध करने तथा नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को अपमानित करने के बजाय उपचार एवं परामर्श के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि “नशे को नहीं—नए सपनों को चुनें, निष्क्रियता को नहीं—नए भारत को चुनें।” उन्होंने युवाओं से खेल, योग, कौशल विकास एवं सकारात्मक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में विकसित भारत @2047 के विजन पर भी चर्चा हुई। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, आधारभूत संरचना, सतत विकास, महिला नेतृत्व वाला विकास, विनिर्माण एवं MSME, अंतरिक्ष एवं नवाचार, रक्षा आत्मनिर्भरता तथा भारत की वैश्विक भूमिका जैसे विषयों पर युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर श्री त्रिलोकीनाथ गुप्ता, नशा मुक्त वारियर ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर युवाओं एवं उपस्थित शिक्षकों को ऑफलाइन एवं ऑनलाइन नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे  हर घर तिरंगा अभियान- 2026 के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान के समन्वयक डॉ मनोज कुमार पाण्डेय एवं मुख्य अतिथि के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन एनसीसी एवं एनएसएस के छात्रों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का संचालन यूथ वालंटियर श्री अभिनव कीर्ति पांडेय, समन्वय डॉ. शशिकांत यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन नशा मुक्त परिसर एवं समाज के समन्वयक डॉ मनोज कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार यादव, सुमित सिंह , अर्पिता यादव, सिद्धार्थ सिंह, शिवम गुप्ता, उदय प्रताप सिंह, हर्ष चतुर्वेदी, यश एवं  सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को नशामुक्त भारत प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

Tuesday, 11 August 2026

तिरंगा एकता, अखंडता और स्वाभिमान का प्रतीक : कुलपति


मातृ शक्ति हुंकार रैली में छात्राओं ने लिया हिस्सा

हर घर तिरंगा अभियान के लोगो का कुलपति ने किया अनावरण

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के अंतर्गत मंगलवार को अभियान के लोगो का अनावरण किया गया। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव, राष्ट्रीय सेवा योजना के शशिकांत यादव तथा ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे।

अभियान का लोगो विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की अंतिम वर्ष की छात्राओं कुमकुम माहौर, मुस्कान साहू एवं श्रेया मौर्य द्वारा डिजाइन किया गया है। लोगो के अनावरण के अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने छात्राओं के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर ‘एक आग्रह अपने तिरंगे के नाम’ अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार से अपील की गई कि हर घर तिरंगा अभियान-2026 के लोगो को अपने व्हाट्सऐप स्टेटस एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर अभियान को व्यापक जनभागीदारी प्रदान करें।
मातृ शक्ति हुंकार रैली में 79 छात्राओं की सहभागिता।
हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय में ‘मातृ शक्ति हुंकार रैली’ का भी आयोजन किया गया। 
छात्रा समन्वयक ईश्विका सिंह ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय दायित्व की भावना को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
रैली में डॉ. श्वेता पाण्डेय, डॉ. राधिका उर्मालिया, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. साक्षी सिंह, डॉ. कृष्ण सिंह, डॉ. ऋचा सिंह एवं डॉ. जया शुक्ला सहित महिला छात्रावास की 79 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्रा समन्वयक ईश्विका सिंह ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।

Monday, 10 August 2026

चुनौतियों से न घबराएं , साहस अनुशासन के साथ करें सामना: लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा सोमवार को आर्यभट्ट सभागार में छात्र-छात्राओं के लिए “चुनौतियों से कैसे लड़ा जाए” विषय पर प्रेरणादायी मोटिवेशनल टॉक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कीर्ति चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह रहे।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह, कीर्ति चक्र ने कहा कि जीवन में चुनौतियां प्रत्येक व्यक्ति के सामने आती हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखते हैं। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे कठिनाइयों से घबराएं नहीं और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहें।

उन्होंने कहा, “वीर तुम बढ़े चलो, कठिनाइयों से मत डरो। लक्ष्य कितना भी कठिन क्यों न हो, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से उसे प्राप्त किया जा सकता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को नेतृत्व की भावना विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि नेतृत्व केवल आदेश देने का नाम नहीं है, बल्कि कठिन समय में स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करने का नाम है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह, कीर्ति चक्र का जीवन युवा पीढ़ी के लिए साहस, कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की प्रेरणादायी पाठशाला है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्य वक्ता के सैन्य अनुभव और जीवन-संघर्ष विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।

इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना, दीप प्रज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुआ। दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने मुख्य वक्ता एवं उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल श्री पुष्पेंद्र सिंह, कीर्ति चक्र को अभिनंदन-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्रम् भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया। इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी,श्री प्रकाश यादव, डॉ. राजित राम सोनकर, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. राहुल कुमार राय, डॉ. इन्द्रजीत सिंह, श्री रविकेश कुमार मौर्य, डॉ. विपिन कुमार सिंह, डॉ. आश्रया दुबे, डॉ. शुभम सिंह एवं योगेश उत्तम सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Friday, 7 August 2026

विज्ञान संकाय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के विज्ञान संकाय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन हेतु इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं मानव आनुवंशिकी विशेषज्ञ प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे रहे।

प्रो. चौबे ने अपने प्रेरक व्याख्यान में भारत की जनसंख्या के इतिहास, मानव प्रवासन, भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता तथा जीनोमिक्स के माध्यम से प्राचीन इतिहास को समझने की वैज्ञानिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. प्रदीप कुमार ने की। उन्होंने विज्ञान संकाय की शैक्षणिक उपलब्धियों, आधुनिक प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं की जानकारी दी। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने छात्रवृत्तियों एवं छात्र सुविधाओं, जबकि मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. अविनाश डी. पाथर्डिकर ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं एवं अनुशासन संबंधी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राधिका ने किया। इस अवसर पर प्रो. राम नारायण, डॉ. एस.पी. तिवारी, डॉ. विवेक पांडे, डॉ. संजीव कुमार मौर्य सहित विज्ञान संकाय के शिक्षक उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताते हुए इसे अपने विश्वविद्यालय जीवन की सफल शुरुआत के लिए उपयोगी बताया।

Wednesday, 5 August 2026

स्टार्टअप और नवाचार से छात्र गढ़ सकते हैं अपना भविष्य: प्रो. पाथर्डीकर


हैप्पीनेस और मेडिटेशन से सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास का होता है विकास: आनंद राय

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम के द्वितीय दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रम एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों से परिचित कराते हुए उन्हें सकारात्मक, अनुशासित एवं स्वस्थ विश्वविद्यालय जीवन के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन प्रत्येक छात्र के लिए अपने सपनों को साकार करने का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का मूल मंत्र है। आज के समय में विद्यार्थी केवल नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को अपनाकर स्वयं रोजगार सृजित करें तथा दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं जैसे छात्रावास, इन्क्यूबेशन सेंटर, आधुनिक पुस्तकालय, जिम, खेलकूद एवं चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने का आह्वान किया। साथ ही इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।

द्वितीय सत्र में आयोजित हैप्पीनेस एवं मेडिटेशन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षक श्री आनंद राय ने कहा कि "हैप्पीनेस और मेडिटेशन केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।" उन्होंने कहा कि नियमित योग एवं ध्यान से मन शांत रहता है, सकारात्मक सोच विकसित होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है तथा विद्यार्थी अधिक एकाग्रता और ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त, संतुलित एवं स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन योग और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
इसके उपरांत विद्यार्थियों के लिए योग, मेडिटेशन, खेलकूद एवं विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित की गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं सक्रियता के साथ सभी गतिविधियों में भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर का स्वागत डॉ. प्रियंका कुमारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. वनिता सिंह, जय सिंह, विकास सिंह सहित संस्थान के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Tuesday, 4 August 2026

अनुशासन से ही बनता है श्रेष्ठ व्यक्तित्व : कुलपति प्रो. वंदना सिंह


पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विधि संस्थान में तीन दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ, साइबर सुरक्षा और हैप्पीनेस पर हुए विशेष सत्र
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह एवं अन्य अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
इनडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि अनुशासन ही विद्यार्थी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। अनुशासित विद्यार्थी ही अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और चरित्र का समुचित विकास कर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करते हुए अध्ययन, शोध, खेलकूद तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा केवल कानून का अध्ययन नहीं, बल्कि न्याय, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रक्रिया है।
संस्थान में आयोजित प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने "साइबर सुरक्षा" विषय पर व्याख्यान देते हुए विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन में बरती जाने वाली सावधानियों, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा तथा साइबर अपराध की रिपोर्टिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार को भी साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। विधि के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की प्रकृति और कानूनी पहलुओं को गहराई से समझने की आवश्यकता है।
द्वितीय सत्र में आयोजित हैप्पीनेस एवं मेडिटेशन कार्यक्रम के अंतर्गत श्री आनंद राय ने योग, मेडिटेशन तथा प्रेरणादायक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, मानसिक एकाग्रता एवं तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) के साथ-साथ बी.एससी. एग्रीकल्चर एवं बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बी.पी.ई.एस.) के नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत डॉ. वनिता सिंह ने किया। विभागाध्यक्ष एवं निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. प्रियंका कुमारी, जय सिंह एवं रजनीश सिंह का विशेष सहयोग रहा तथा संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया।

Sunday, 2 August 2026

युवा ठान लें तो नशा हो सकता है खत्म : कुलपति प्रो. वंदना सिंह

नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प के तहत पीयू में नई पहल

जौनपुर, 2 अगस्त। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं संबंधित विभागों के निर्देश के क्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में "नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान" का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में एक साथ प्रारंभ हुए इस 100 सप्ताहीय राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की बुराइयों से दूर रखते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम के दौरान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), नई दिल्ली द्वारा प्रस्तुत लघु नाटक ने उपस्थित युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। नाटक में यह दर्शाया गया कि किस प्रकार युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, उनका जीवन और परिवार प्रभावित होता है तथा जागरूकता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के माध्यम से इस समस्या से मुक्ति पाई जा सकती है।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश के लाइव प्रसारण से हुआ। इसके उपरांत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि "आज का दिन भारतीय युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक संकल्प का दिन है। यदि युवा ठान लें तो समाज से नशे की बुराई को समाप्त करना कठिन नहीं है। देशभर के विश्वविद्यालयों में एक साथ आयोजित यह अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत का संकल्प केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कुलपति ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए युवाओं से नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की। वहीं वित्तीय अध्ययन विभाग के शोध छात्र उद्देश्य सिंह ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे का त्याग किए बिना सशक्त भारत का निर्माण संभव नहीं है।

इस अवसर पर एनसीसी कैडेट अदिति मिश्रा ने "नशा मुक्त युवा और विकसित भारत" विषय पर प्रेरक वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम से पूर्व प्रतिभागियों ने विकसित भारत-2047 एवं नशा मुक्त युवा अभियान के लिए बनाए गए विशेष सेल्फी स्टैंड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र के साथ सेल्फी लेकर अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं नशा मुक्त परिसर एवं समाज अभियान के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2023 से विश्वविद्यालय द्वारा संचालित नशा मुक्त परिसर अभियान को सभी का निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आगामी 100 सप्ताह तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने उपस्थित जनसमूह से स्वयं तथा अपने परिजनों का माई भारत पोर्टल पर ई-प्लेज एवं प्रमाणपत्र के लिए पंजीकरण कराने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी रक्षित प्रताप सिंह ने किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापकगण, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Monday, 27 July 2026

सपनों को संकल्प में बदलें युवा, विकसित भारत के बनें सहभागी: राज्यपाल


किताबों के ज्ञान के साथ तकनीक दक्षता भी जरूरीः गौरव गौतम
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट पेश की
जनसंचार विभाग के शुभम गुप्ता को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30 वां दीक्षांत समारोह सोमवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी हाल में मनाया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति,  श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर 83 मेधावियों (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) को 84 स्वर्ण पदक प्रदान की।  339 शोधार्थियों को पीएच.डी. एवं एक को डीएससी की उपाधि दी। 39 छात्राओं को एचपीबी वैक्सीनेशन हुआ।  
कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ज्ञान, साधना और परिश्रम की इस पावन धरती पर आकर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रही हूं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं। विद्यार्थियों को अपने भविष्य के साथ-साथ भारत के भविष्य को भी दिशा देने का संकल्प लेना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह के परिणाम यह संकेत दे रहे हैं कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने में छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि शोध के क्षेत्र में अभी भी छात्र आगे हैं। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अधिक परिश्रम करें और छात्राओं से प्रेरणा लें। बेटियां अपने भविष्य के प्रति अधिक सजग हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने परिवार, समाज, विश्वविद्यालय और देश का गौरव हैं।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अनेक राज्य एवं निजी विश्वविद्यालय महापुरुषों के नाम पर स्थापित हैं। ऐसे सभी विश्वविद्यालयों में उन महापुरुषों के जीवन, विचारों और योगदान पर आधारित भाषण, चित्रकला, निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनसे परिचित हो सके। इससे विश्वविद्यालयों की विलुप्त होती गौरवशाली परंपराओं और स्मृतियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।


राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल रोजगार खोजने की मानसिकता तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का लक्ष्य रखें। आज भारत का युवा स्टार्टअप, नवाचार और तकनीक के माध्यम से दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि देश के युवा अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा, सेमीकंडक्टर, कृषि एवं आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के युवाओं ने कम उम्र में रॉकेट निर्माण जैसे नवाचार किए हैं, वहीं ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी भारतीय युवाओं की प्रतिभा विश्व स्तर पर पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगी। विद्यार्थियों को अपने सपनों को संकल्प में बदलना होगा तथा समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण भी उतना ही आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए नशा-मुक्त भारत, स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाओं का सफल टीकाकरण किया गया है। विश्वविद्यालय में भी सैकड़ों छात्राओं का टीकाकरण कराया गया, जो महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल होते हैं और स्वस्थ एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम (एडीजी, उ.प्र. एनसीसी) ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्रों का हृदय से अभिवादन करते हुए कहा कि आज का पराक्रमी युवा राष्ट्र की पहली पंक्ति है। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं; तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल और आत्मनुशासन आज की मांग हैं। मेजर जनरल ने एससीसी के अनुभवों से उदाहरण देते हुए अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया तथा कहा कि ये गुण किसी भी करियर को ऊँचाइयाँ प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे एआई, डेटा साइंस और उद्यमशीलता जैसे भविष्योन्मुख क्षेत्र में खुद को प्रशिक्षित करें और रोजगारोन्मुखी कौशल सीखें ताकि वे प्रतिस्पर्धी बाजार में सफल हो सकें। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समान महत्व देते हुए उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और मानसिक सुदृढ़ता पर बल दिया। साथ ही सामाजिक दायित्वों स्वच्छता, स्त्री सम्मान और सामुदायिक सेवा का निर्वाह करने की बात कही। वित्तीय विवेक के संदर्भ में मेजर जनरल ने बचत और दीर्घकालिक योजना बनाने की सलाह दी। उन्होंने प्रतिभाओं को नैतिकता और ईमानदारी के साथ काम करने का संदेश दिया और स्नातकों से अनुरोध किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल को समाज और राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित करें। 
विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आज प्राप्त होने वाला पदक और उपाधि केवल विद्यार्थियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय परिवार के वर्षों के परिश्रम एवं समर्पण का सम्मान है। उन्होंने सभी पदक एवं उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन का एक नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर वे न केवल स्वयं आगे बढ़ें, बल्कि समाज को भी शिक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को लगातार बढ़ावा दे रही है। वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता और नवाचार की समझ युवाओं की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का भी केंद्र होता है। शिक्षा राज्यमंत्री ने बेटियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बेटियां विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, शिक्षा, अनुसंधान और सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ चुनौतियां अवश्य आएंगी, लेकिन दृढ़ संकल्प, परिश्रम और सकारात्मक सोच से हर कठिनाई का समाधान निकाला जा सकता है। 
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम, अतिथि गणों तथा विद्यार्थियों का स्वागत एवं अभिवादन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षिक और शोध की प्रगति का उल्लेख करते हुए एशिया एवं भारत रैंकिंग, एच-इन्डेक्स और प्रकाशन के आंकड़े बताए। कहा कि "शोध प्रोत्साहन एवं उत्कृष्टता नीति–2025", 205 शोध-पत्र, 10 ग्रांटेड पेटेंट और डीएसटी- पर्स तथा पीएम-ऊषा अनुदान जैसी उपलब्धियों से विश्वविद्यालय गौरवान्वित हुआ है। विश्वविद्यालय में आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस आधारित पहलों, नए पाठ्यक्रम ( एआई/ एमएल, डेटा साइंस, बीएस-सी बायोटेक आदि), एग्रो-ए डब्ल्यू एस स्थापना तथा एआई वर्कशॉप का जिक्र किया गया। सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों – पौधरोपण, एसएसएस गतिविधियाँ, स्मार्ट क्लासरूम, लॉ लाइब्रेरी स्थापना, एनसीसी यूनिट और प्लेसमेंट वृद्धि को भी रेखांकित किया गया। प्रशासनिक सुधारों (जीरो डिपेंडेंसी), वित्तीय सुदृढ़ता और आईएसओ प्रमाणन से संस्थागत क्षमता बढ़ने का उल्लेख किया गया। कुलपति ने स्नातकों को ज्ञान, नीतिशीलता और सामाजिक दायित्व के साथ देश-और समाज की सेवा करने के लिए शुभकामना दी। 
समारोह में  कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कुलाधिपति को अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न और जौनपुर में निर्मित चमेली का इत्र देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि और शिक्षा राज्यमंत्री का भी इसी क्रम में सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर कार्य परिषद के सदस्य, विद्या परिषद के सदस्यों के साथ कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह,  वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी, प्रो. वीके पांडेय, प्रो. मानस पांडेय, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. रवि प्रकाश, डा. विजय सिंह, डॉ. राहुल सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मिथलेश सिंह, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. रसिकेश, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, कर्मचारी संघ के महामंत्री राधेश्याम सिंह मुन्ना, नंदकिशोर सिंह, रमेश यादव, सुशील प्रजापति समेत विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल ने बच्चों को उपहार स्वरूप शिक्षा-सामग्री वितरित की
प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत के पावन अवसर पर प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट कीं। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाकर लोगों को भावुक कर दिया।  जिससे बच्चों के सपनों को उज्जवल प्रोत्साहन मिला।
शुभम गुप्ता को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक
जनसंचार विभाग में एम.ए. जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में एमए में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शुभम गुप्ता को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसी के साथ शुभम गुप्ता को दो स्वर्ण पदक मिले। 
83 मेधावियों को 84 स्वर्ण पदक
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने 83 छात्र-छात्राओं को उनके प्रथम-स्पर्धा प्रावीण्य के लिए कुल 84 स्वर्ण पदक (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) प्रदान किए। विज्ञान संकाय में डॉ.मुकेश कुमार झोपे को डी. एससी की उपाधि प्रदान की गई।  स्नातक और परास्नातक स्तरों पर यह सांस्कृतिक और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्सव रहा।
339 शोधार्थियों को पीएच.डी., एक को डीएससी उपाधि
दीक्षांत समारोह में कुल 339 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। कला संकाय में सर्वाधिक 221, इसके बाद शिक्षा 35, विज्ञान 40, कृषि 14 तथा अन्य संकायों में कुल मिलाकर 339 उपाधि दी गई। इसमें पुरुष और महिलाओं का सम्यक योगदान दिखा, जो विश्वविद्यालय की शोध-शक्ति का दर्पण है।

गतिमान पत्रिका का हुआ  लोकार्पण
विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में वार्षिक पत्रिका "गतिमान" का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने पत्रिका का अनावरण किया। पत्रिका में वर्ष भर की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ, स्वर्ण पदक विजेताओं के गौरवमय क्षण और प्रतिष्ठित अतिथियों के प्रेरक विचार शामिल हैं। हर पृष्ठ पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ, शोध कार्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियाँ स्पष्ट और रोचक तरीके से प्रस्तुत की गई हैं। विमोचन समारोह में कुलपति, दीक्षांत के मुख्य अतिथि के साथ साथ प्रधान संपादक डॉ. मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर और संपादन मंडल के डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अन्नू त्यागी,  डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ.चंदन सिंह और डॉ. शशिकांत डॉ.लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, पंकज सिंह भी उपस्थित रहे। "गतिमान" पत्रिका न केवल घटनाओं का संकलन है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रगति और सामूहिक प्रयासों का जीवंत दस्तावेज है जो पाठकों को प्रेरित करता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्यपाल ने किट सौंपे
500 आंगनबाड़ी किट का वितरण किया गया। इसमें 100 किट वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, 200 आंगनबाड़ी किट जिला प्रशासन जौनपुर और 200 किट जिला प्रशासन गाजीपुर की ओर से दिया गया। गोद ली गई ग्रामीण आंगनबाड़ियों तथा अन्य के लिए 67 वस्तुओं के किट (ट्राइसाइकिल, झूला, स्टोरी बुक, व्हाइट बोर्ड, कुर्सी, किडनी सेप टेबल, हार्स राइडिंग आदि) का वितरण कर राज्यपाल ने बाल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण ताकत दी। इस दौरान डीएम, सीडीओ जौनपुर और गाजीपुर के साथ-साथ विश्वविद्यालय के सीएसआर प्रतिनिधि आनन्द कुमार, उप महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक वाराणसी मंडल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलाधिपति ने डीएम, सीडीओ जौनपुर और गाजीपुर को एचपीवी टीकाकरण प्रमाण पत्र तथा चुनौतियां मुझे पसंद है पुस्तक भेंट की गई। यह पुस्तक माननीय कुलाधिपति जी के जीवनवृत्त को समेटे हुए अनुपम कृति है।  




डीजी लॉकर में डिग्रियाँ हुईं अपलोड
डिजिटल क्रान्ति का जीवंत उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने आईपैड पर बटन दबाकर 2025–26 की स्नातक एवं स्नातकोत्तर की 77463 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड कराया। उपकुलसचिव अजीत सिंह ने प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया। इससे विद्या के प्रमाण डिजिटल, त्वरित और सुरक्षित हुए।
दीक्षोत्सव कार्यक्रम की लघु फिल्म का प्रसारण
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में सम्पन्न दीक्षोत्सव के रंगीन और गरिमापूर्ण क्षणों पर आधारित यह लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इस मार्मिक एवं सूक्ष्म दृष्यावली का निर्देशनात्मक परिचय डॉ. चंदन सिंह द्वारा दिया गया, जिनके शब्दों ने कार्यक्रम की गरिमा और विश्वविद्यालय की आत्मा को सहजता से उद्घाटित किया। फिल्म ने न केवल दीक्षान्त समारोह के औपचारिक अनुष्ठानों को पटकथा का रूप दिया, बल्कि उन छोटे-छोटे पलों को भी संजोया जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी मिलकर शिक्षा के पर्व को एक सांस्कृतिक उत्सव में परिवर्तित करते हैं।
इंडोर स्टेडियम का अभिवृद्धि और आनंदी वाटिका का उद्घाटन
इंडोर स्टेडियम के स्वरूप में किए गए उत्कर्ष ने विश्वविद्यालय के खेल और उत्सवों को नई ऊचाइयों में पहुँचाया है, जहाँ उत्साह और अनुशासन का संगम सजीव होगा। महिला छात्रावास में निर्मित "आनंदी वाटिका" एक सूक्ष्म स्वर्ग की तरह खिल उठा है, जहां शान्ति, सौंदर्य और स्नेहमयी साथ मिलकर छात्राओं के सशक्त अनुभव को पोषित करेंगे। दोनों उद्घााटन न केवल भौतिक संरचना का संवर्धन हैं, बल्कि विश्वविद्यालय के समृद्धि और समावेशन की प्रतिबद्धता के प्रतीक भी हैं।
छः पुस्तकों का विमोचन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों पर केंद्रित छः पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें मुराद अली की ‘टीम बिल्डिंग एंड लीडरशिप’ तथा ‘फाइनेंसिंग न्यू बिजनेस वेंचर’, प्रो. गिरिधर मिश्र की ‘टीनों और ऊर्जा की अद्भुत दुनिया’, डॉ. आलोक गुप्ता की ‘फाउंडेशन ऑफ फाइनेंशियल मॉडलिंग एंड मॉडर्न अकाउंटिंग स्ट्रेटजी’, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ तथा डॉ. प्रियंका कुमारी सिंह की ‘संघर्ष से अस्तित्व तक: एक स्त्री की यात्रा’ एवं ‘भारतीय समाज में विधवा महिलाओं की परिस्थिति’ पुस्तकों का विमोचन किया गया।

चार शिक्षकों को दिया उत्कृष्ट पुरस्कार
ज्ञान, समर्पण और सतत शैक्षणिक साधना को सम्मानित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया। सम्मानित होने वालों में टी.डी. कॉलेज, जौनपुर के प्राचार्य प्रो. राम आसरे सिंह, टीडी कालेज के डॉ. विशाल सिंह,  राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमुहाई के डॉ. प्रशांत सिंह तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) शोध संस्थान के डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी सहित कुल चार शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

Sunday, 26 July 2026

30वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास सम्पन्न, कुलपति ने बारीकी से परखी व्यवस्थाएं


83 मेधावियों को मिलेंगे 84 पदक, 339 शोधार्थियों को पीएचडी एवं एक को डीएससी की उपाधि
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मिनट-टू-मिनट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्पन्न हुआ। पूर्वाभ्यास में समारोह की प्रत्येक गतिविधि का क्रमवार अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह का संचालन सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से किया जा सके।
विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई (सोमवार) को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल), अपर महानिदेशक, एनसीसी (उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहेंगी।
दीक्षांत समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने पूर्वाभ्यास के दौरान दीक्षांत समारोह की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने समारोह को और अधिक सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा, ताकि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पन्न हो।
पूर्वाभ्यास में मुख्य अतिथि की भूमिका प्रो.आलोक सिंह ने निभाई।  राज्यपाल एवं कुलाधिपति की भूमिका डॉ अनू त्यागी और  उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय की भूमिका प्रो. सौरभ पाल तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी की भूमिका डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने निभाई।
पूर्वाभ्यास के दौरान अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, मंचासीन होने, दीप प्रज्ज्वलन, उपाधि एवं पदक वितरण सहित समारोह के विभिन्न चरणों का निर्धारित समय के अनुरूप अभ्यास किया गया। संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप व्यवस्थाओं को परखा।
प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट का रिहर्सल कराया गया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाया। बच्चों को रिहर्सल कराने में एनसीसी समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, प्रो, राकेश यादव, डॉ. राजबहादुर यादव ने सराहनीय भूमिका निभाई। 
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समारोह की गरिमा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी विद्यार्थी और शोधार्थी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
उन्होंने बताया कि मुख्य समारोह में प्रवेश केवल परिचय-पत्र के आधार पर दिया जाएगा। समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना भी आवश्यक होगा।
दीक्षांत समारोह के पूर्वाभ्यास का संयोजन प्रो. अविनाश ने किया तथा संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर समारोह से जुड़ी विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और अपने-अपने दायित्वों से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पार्थीडेकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजकुमार, प्रो. संतोष सिंह, प्रो. अजय दूबे, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर समेत कार्य परिषद और विद्या परिषद के लोग उपस्थित थे।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम पहुंचे विश्वविद्यालय


कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने किया स्वागत, वरिष्ठ एनसीसी अधिकारी भी रहे साथ
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम, विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित, अपर महानिदेशक (एडीजी), एनसीसी उत्तर प्रदेश का विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने स्वागत किया।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम के साथ ग्रुप कैप्टन विकास पंजियार, ग्रुप कमांडर, एनसीसी वाराणसी ग्रुप ‘बी’ तथा कर्नल आलोक सिंह धर्मराज, कमांडिंग ऑफिसर, 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर भी विश्वविद्यालय पहुंचे। विश्वविद्यालय की ओर से उनका भी स्वागत किया गया।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने मुख्य अतिथि एवं उनके साथ आए अधिकारियों का अभिनंदन करते हुए विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले 30वें दीक्षांत समारोह से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं से उन्हें अवगत कराया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी उपस्थित थे।

Saturday, 25 July 2026

एज-एआई से करियर की नई राह तलाशें छात्र : प्रो. राणा

मलेशिया के विशेषज्ञ ने तकनीकी अनुप्रयोग और केस स्टडी से कराया परिचय

‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला में भविष्य की संभावनाओं पर हुई चर्चा

जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव-2026 के तहत आईईईई स्टूडेंट ब्रांच की ओर से आयोजित ‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला में छात्रों को एज-एआई की तकनीक और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी गई। एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन, मलेशिया के प्रो. डॉ. मोहम्मद एहसान राणा ने छात्रों को तकनीक के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं के साथ करियर के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. राणा ने एज-एआई के तकनीकी पहलुओं के साथ इसके विभिन्न अनुप्रयोगों और केस स्टडी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विस्तार के दौर में छात्रों को नई तकनीकों की समझ विकसित करने के साथ अपने कौशल को भी लगातार अपडेट करना चाहिए। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई के नवीन विकास से परिचित कराकर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना रहा।कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय और एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन के बीच हुए एमओयू के तहत किया गया। कुलपति के मार्गदर्शन और राजभवन के निर्देशों के क्रम में विश्वविद्यालय में एआई जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल और कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में आईईईई ब्रांच काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। डॉ. विक्रांत भटेजा ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप यादव ने एआई के महत्व पर विचार रखे। संचालन इप्सिता श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्र ने किया। इस दौरान आईईईई स्टूडेंट ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

माँ-बेटी संवाद’ से सशक्त हुई स्वास्थ्य जागरूकता

पीयू में छात्राओं एवं माताओं को विशेषज्ञों ने दिए स्वास्थ्य परामर्श

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के विद्युत अभियंत्रण विभाग में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में ‘माँ-बेटी कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं उनकी माताओं को महिला स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य तथा गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान एवं रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।

उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम की श्रृंखला के अंतर्गत 21 जुलाई को 91 छात्राओं का रक्त परीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था। इसी क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता पाण्डेय एवं जनरल फिजिशियन डॉ. पूजा पाठक ने विशेषज्ञ के रूप में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें महिला शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान एवं समय पर उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली तथा जागरूकता को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।

विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर छात्राओं को व्यक्तिगत परामर्श भी प्रदान किया तथा मातृ स्वास्थ्य और किशोरियों के समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं एवं उनकी माताओं ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के तकनीकी समन्वय का दायित्व डॉ. सत्यम उपाध्याय ने निभाया, जबकि संचालन विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर ने किया। उन्होंने कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच, सही परामर्श और जागरूकता के माध्यम से अनेक गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है। विश्वविद्यालय छात्राओं के समग्र विकास एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।

इस अवसर पर आयोजन समिति की सदस्य डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. प्रियंका, डॉ. राधिका उरमालिया, डॉ. ऋचा सिंह, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. कृष्णा सिंह एवं डॉ. साक्षी सिंह सहित अन्य शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्राएँ एवं उनकी माताएँ गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन भी जुड़ीं और विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परामर्श का लाभ प्राप्त किया।

पीयू दीक्षांत की तैयारियों का कुलपति ने लिया जायजा

83 मेधावियों को 84 पदक, 339 शोधार्थियों को पीएचडी एवं एक को मिलेगी डीएससी की उपाधि

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने समारोह स्थल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं, ताकि विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह गरिमा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न हो।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन सहित समारोह से जुड़े विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने अतिथियों के स्वागत, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, मंच संचालन, यातायात तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए विद्यालय के विद्यार्थियों से भी उन्होंने आत्मीय संवाद किया और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की कठिन साधना, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का गौरवपूर्ण उत्सव है। उन्होंने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल एवं संस्कारों का उपयोग समाज, राष्ट्र और मानवता के कल्याण के लिए करें। उन्होंने यह भी बताया कि समारोह में उपस्थित होने वाले प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से भी संवाद कर उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई (सोमवार) को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल), अपर महानिदेशक, एन.सी.सी. (उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएंगी।

दीक्षांत समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक शोधार्थी को डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी।

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास 26 जुलाई को अपराह्न 12:30 बजे महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। पूर्वाभ्यास एवं मुख्य समारोह में प्रवेश केवल परिचय-पत्र के आधार पर दिया जाएगा। समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।

उन्होंने बताया कि समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। छात्राओं के लिए सफेद सलवार, सफेद दुपट्टा एवं हल्के रंग का कुर्ता अथवा हल्के रंग की साड़ी, जबकि छात्रों के लिए सफेद अथवा हल्के रंग की पूरी बांह की शर्ट एवं पैंट अनिवार्य होगी। जींस एवं टी-शर्ट पहनकर समारोह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

Thursday, 23 July 2026

पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

विकसित भारत @2047' की परिकल्पना और 'माँ' की ममता रंगों व शब्दों में हुई साकार

जौनपुर। माननीय राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित दीक्षोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा "विकसित भारत @2047" एवं "मेरी माँ" विषय पर पोस्टर एवं काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लाइब्रेरी में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं साहित्यिक संवेदनशीलता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों और कविताओं के माध्यम से विकसित भारत के सपनों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी।

पोस्टर प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. आश्रेया दुबे ने किया। प्रतियोगिता में सानिया मौर्य (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने प्रथम, आशीष शैलेंद्र प्रजापति (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने द्वितीय तथा खुशी सिंह (एमबीए-एचआरडी) एवं अंकुर मौर्य (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

काव्य लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. इंद्रजीत सिंह एवं डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने किया। इसमें हिमांशी श्रीवास्तव (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने प्रथम, अनुराग यादव (फार्मेसी विभाग) ने द्वितीय तथा शशिकांत (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग मिश्र ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मक चिंतन, साहित्यिक एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती हैं।

दीक्षोत्सव में खेल प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन

 विजेता खिलाड़ियों को कुलपति ने किया सम्मानित
जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांतपूर्व दीक्षोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को परंपरागत खेल प्रतियोगिताओं का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। रस्साकशी एवं कबड्डी प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के समापन पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विजेता टीमों को सम्मानित किया।

महिला रस्साकशी प्रतियोगिता में एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम उपविजेता रही, जबकि बी.एससी. जेडबीसी की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया।

पुरुष रस्साकशी प्रतियोगिता में बीसीए की टीम विजेता बनी। एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम द्वितीय तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम तृतीय स्थान पर रही।

महिला कबड्डी प्रतियोगिता में बी.एससी. जेडबीसी की टीम ने प्रथम, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने द्वितीय तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता में बीसीए की टीम विजेता घोषित हुई।

पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का भी विकास करते हैं।  अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. प्रदीप कुमार के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिताओं एवं पुरस्कार वितरण समारोह में खेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, रजनीश, राजेश,  शिक्षक डॉ. संजीव मौर्य, डॉ. ईशानी भारती, डॉ. ऋषि श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।