Tuesday, 23 June 2026

98 यूपी बटालियन एनसीसी के सीएटीसी कैंप में एडीसी मेजर जनरल गौरव गौतम का आगमन


जौनपुर। 98 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर द्वारा आयोजित सीएटीसी कैंप-318 में विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित उत्तर प्रदेश के एनसीसी मुख्यालय, लखनऊ के एडीजी मेजर जनरल गौरव गौतम का आगमन हुआ। उनके आगमन पर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय वाराणसी के ग्रुप कमांडर विकास पंजियार, कैंप कमांडेंट कर्नल आलोक डी सिंह तथा एनसीसी अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

मेजर जनरल गौरव गौतम ने कैंप का निरीक्षण करते हुए कैडेटों को प्रदान किए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ड्रिल, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट एवं बैटल क्राफ्ट, फायरिंग तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियों का अवलोकन किया। कैडेटों द्वारा प्रस्तुत प्रशिक्षण प्रदर्शन की उन्होंने सराहना करते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को एनसीसी की सबसे बड़ी विशेषता बताया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में मेजर जनरल गौरव गौतम ने कैडेटों को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं निर्णय लेने की योग्यता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कैडेट के पास कोई न कोई रचनात्मक शौक अवश्य होना चाहिए, आत्मरक्षा में दक्षता प्राप्त करनी चाहिए तथा अपनी आंतरिक प्रतिभा और विशेष क्षमताओं को पहचान कर उन्हें निरंतर निखारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने दूसरी भाषा सीखने, जीवन में निडर एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा जीवन में एक आदर्श रोल मॉडल का अनुसरण करने पर भी विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि नेशनल कैडेट कोर युवाओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व, आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का विकास करती है। उन्होंने कैडेटों से कैंप में मिल रहे प्रशिक्षण के प्रत्येक अवसर का लाभ उठाने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। 
इस अवसर पर मेजर जनरल गौरव गौतम ने कैंप की व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने 98 यूपी बटालियन एनसीसी की प्रशिक्षण टीम—सूबेदार मेजर कृष्ण पाल सिंह, सूबेदार बलवीर सिंह, सूबेदार प्रदीप, सूबेदार शांत राणा, राजीव कुमार, त्रिवेंद्र सिंह चौहान, इशांत शाही, प्रकाश, संजय, अरुण तथा बलवीर कुमार को उत्कृष्ट एवं कुशल प्रशिक्षण के लिए विशेष रूप से शाबाशी दी।

कैंप के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई विशेष आवासीय एवं प्रशिक्षण स्थल व्यवस्था को देखते हुए मेजर जनरल गौरव गौतम ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह एवं विश्वविद्यालय प्रशासन का विशेष आभार व्यक्त किया ।

कार्यक्रम में एनसीसी अधिकारी, एएनओ तथा बड़ी संख्या में कैडेट उपस्थित रहे। एडीसी मेजर जनरल गौरव गौतम के प्रेरणादायी मार्गदर्शन और आगमन से कैडेटों में उत्साह, आत्मविश्वास तथा राष्ट्रसेवा के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ।

Sunday, 21 June 2026

योग को शामिल करें नियमित दिनचर्या में : कुलपति

जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है योग : विकास पंजियार

पीयू में मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, भारत सरकार, नई दिल्ली मेजर ध्यानचंद इंडोर स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम का विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय , राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स, शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

मुख्य अतिथि  विकास पंजियार, ग्रुप कमांडर, एनसीसी वाराणसी ने कहा कि आज का युवा प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर की चिंता, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और मानसिक तनाव जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है। योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।

अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने  योग की महत्ता पर बल देते हुए अपना 15 वर्ष पुराना प्रेरणादायक अनुभव साझा किया कि डॉक्टरों द्वारा दोनों घुटनों के ऑपरेशन की सलाह दिए जाने के बावजूद, केवल नियमित योग के बल पर वे आज तक बिना ऑपरेशन पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने आह्वान किया कि वे शारीरिक कष्टों से बचने और मानसिक प्रसन्नता के लिए योग को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

विशिष्ट अतिथि डॉ. शारदा द्विवेदी, इंटरनेशनल फैकल्टी, आर्ट ऑफ लिविंग, बेंगलुरु ने प्रतिभागियों को ध्यान कराया। अपने संबोधन में कहा कि योग केवल आसन नहीं है बल्कि मन की शांति है। उन्होंने बताया कि मानव जीवन केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सात स्तरों पर आधारित एक समग्र अस्तित्व है। इनमें शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति, अहंकार और चेतना शामिल हैं। इन सभी स्तरों के बीच संतुलन स्थापित होने पर व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ जीवन जी सकता है।
इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि कर्नल आलोक सिंह धर्मराज, कमांडिंग ऑफिसर, 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर ने भी संबोधित किया और जीवन में योग के महत्व को रेखांकित किया। योग प्रशिक्षक जय सिंह गुहिलोत ने सभी को प्रोटोकॉल के अनुसार योग कराया। योग दिवस का संयोजन डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने किया।धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह एवं संचालन डॉ. राजेश सिंह ने किया।

इस अवसर पर प्रो. मनोज मिश्र, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो मिथिलेश सिंह, डॉ.शेखर सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ नीतेश जायसवाल, डॉ. पुनीत सिंह, डीआर अजीत प्रताप सिंह, त्रिवेन्द्र सिंह चौहान,  कृष्णपाल सिंह, राधे श्याम सिंह मुन्ना, रजनीश सिंह, श्याम श्रीवास्तव समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

Wednesday, 17 June 2026

पीयू द्वारा वृद्धाश्रम में योग कार्यक्रम का हुआ आयोजन

जौनपुर।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग के अंतर्गत कुलपति प्रो. वंदना सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा बुधवार को वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम), सैय्यद अलीपुर, सुक्खीपुर, जौनपुर में योग जन जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षक श्री जय सिंह ने वृद्धजनों,को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। 

उन्होंने  बताया कि नियमित योग स्वस्थ, सक्रिय एवं सम्मानजनक वृद्धावस्था का आधार है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का माध्यम है जो जीवन के प्रत्येक चरण में लाभकारी सिद्ध होता है। वृद्धाश्रम के सभी वृद्धजनों  योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। डॉ. ध्रुवराज योगाचार्य ने भी गीत के माध्यम से योग एवं स्वस्थ जीवन जीने का तरीका बताया। साथ योगाचार्य जी ने बताया कि वृद्धजनों के लिए हाथ एवं पैर का सूक्ष्म अभ्यास और भक्तिका , अनुलोम विलोम एवं भ्रामरी प्रायाणाम से स्वस्थ जीवन का निर्वहन किया जा सकता है। कार्यक्रम का समन्वय कार्यक्रम समन्वयक डॉ.शशिकांत यादव एवं वृद्धाश्रम के संयोजक रवि चौबे ने किया।
इस अवसर पर डॉ. पुनीत सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. सोमारू राम, विकास सिंह, सत्यम त्रिपाठी सहित  अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

Saturday, 13 June 2026

योग से जागता है ऊर्जा और आत्मविश्वास: कुलपति



प्रो. वंदना सिंह ने 600 एनसीसी कैडेटों को कराया योगाभ्यास

जौनपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व आयोजित विशेष योग सत्र में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के नेतृत्व में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का इनडोर स्टेडियम सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और उत्साह से सराबोर हो उठा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने स्वयं योग प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के लगभग 600 छात्र-छात्राओं को योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया।

इस अवसर पर कुलपति ने विभिन्न योगासनों एवं ध्यान की विधियों का प्रशिक्षण देते हुए योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार है। योग व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को जोड़कर जीवन को संतुलित, स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण बनाता है।

प्रो. वंदना सिंह ने कैडेटों से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग तनाव को कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे सरल योगाभ्यास हैं जिन्हें अध्ययन या कार्यालय के दौरान बैठकर भी किया जा सकता है।

उन्होंने भारतीय ऋषि-मुनियों और महापुरुषों के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि योग के माध्यम से उन्होंने न केवल दीर्घायु प्राप्त की, बल्कि अद्भुत ऊर्जा, एकाग्रता और कार्यक्षमता का परिचय भी दिया। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर युवा पीढ़ी स्वस्थ एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेटों में विशेष उत्साह देखने को मिला। योगाभ्यास के बाद विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा, जिसने सभी प्रतिभागियों को योग के प्रति प्रेरित किया।

Thursday, 4 June 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर पीयू में हुआ पौधरोपण


जौनपुर, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर तथा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भवन परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. वन्दना सिंह ने अशोक का पौधा लगाकर किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वन्दना सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य प्रदान कर सकती है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. मनोज पांडेय, राधेश्याम सिंह, उत्कर्ष सिंह, शीलनिधि सिंह, सर्वेश यादव सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।