Saturday, 13 July 2013

124 खिलाड़ियों सहित दस प्रशिक्षक सम्मानित


जौनपुर : भारतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान व पद्मश्री मो.शाहिद ने कहा कि खिलाड़ी केवल अच्छे खेल का प्रदर्शन करे सम्मान स्वयं उनको आकर मिलेगा। हमें समर्पण के भाव से खेलना चाहिए सिर्फ सम्मान पाने के लिए नही। यह बातें उन्होंने शुक्रवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में आयोजित खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में कही।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने वाले कुल 124 खिलाड़ियों सहित दस प्रशिक्षकों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। इसके अलावा अ‌र्न्तराष्ट्रीय स्तर के तीरन्दाज अविनाश
कुमार को एक लाख रुपये का चेक दिया गया।

अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.सुंदरलाल ने कहा कि असली खुशी खेलने में है न कि तमाशबीन बनने में। विश्वविद्यालय खिलाड़ियों के सम्मान के लिए कटिबद्ध है। इसलिए परिसर स्थित सड़क का नामकरण भी ओलम्पिक विजेता खिलाड़ी पहलवान केडी जाधव के नाम पर रखा गया। सचिव खेलकूद परिषद डा.देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वाचल विश्वविद्यालय खेलकूद के क्षेत्र में अपना अहम स्थान रखता है। समारोह को निवर्तमान अध्यक्ष डा.विरेंद्र विक्रम यादव व अध्यक्ष खेलकूद डा.दीदार सिंह ने संबोधित किया।

इस मौके पर प्रो.रामजी लाल, प्रो.एमपी सिंह, डा.रमेशमणि त्रिपाठी, डा.मनोज मिश्र, डा.अवध बिहारी सिंह, डा.सरिता सिंह, डा.आलोक सिंह, खेल सहायक रजनीश सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन अशोक सिंह ने किया।
Sabhar- Dainik jagran 





Wednesday, 5 June 2013

विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित होगा स्मृति वन एवं जल संरक्षण तालाब



विश्व पर्यावरण दिवस पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुन्दरलाल ने पर्यावरण संरक्षण हेतु विश्वविद्यालय परिसर में स्मृति वन एवं जल संरक्षण तालाब बनाने की घोषणा की. संकाय भवन में आयोजित गोष्ठी के पूर्व प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के साथ वृक्षारोपण भी किया.
पर्यावरण दिवस पर विज्ञान संकाय में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. सुन्दर लाल ने पर्यावरण संकट से लोगों को आगाह करते हुए कहा कि यदि रोजमर्रा के जीवन में हम इसके प्रति सजग नही हुए तो आने वाला कल भयावह होगा . उन्होंने कहा कि वि.वि. परिसर में स्थापित होने वाले स्मृति वन में बाहर से आने  वाले आगन्तुको से वृक्षारोपण करा कर परिसर को हरा-भरा बनाया जायेगा . इसी तरह परिसर में ही बारिश के पानी के संरक्षण हेतु तालाब का निर्माण कराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आज के दिन हमें पर्यावरण से जुड़े हर बिंदु पर चिंतन की जरूरत है . धूम्रपान से दूरी, पालीथीन उन्मूलन एवं पानी की एक एक बूँद को बचाने का एहसास हम सब को होना चाहिए . हम दिन प्रतिदिन पालीथीन का उपयोग कम करते हुए इसको बंद कर देगे. पर्यावरण से जुड़े कागज एवं अन्न के दुरुपयोग को भी हमे रोकना होगा. पौराणिक कथा कालिया मर्दन का जिक्र करते हुए यमुना के प्रदूषण की बात की. उन्होंने कहा कि इस कथा का वैज्ञानिक पक्ष यह है कि तत्कालीन समय में भी यमुना प्रदूषित हो चली थी जिसे श्रीकृष्ण ने प्रदूषण मुक्त किया था.

इसके पूर्व आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. एम. पी. सिंह ने पर्यावरण संरक्षण से जुडी लघु फिल्म प्रदर्शित की तथा पर्यावरण से जुड़े तमाम जन जागरूकता के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने प्राचीन परंपरा का उल्लेख करते हुए जैसा अन्न वैसा मन, जैसा पानी वैसी वाणीद्वारा पर्यावरण की महत्ता को समझाया.
धन्यवाद ज्ञापन प्रो. वी. के. सिंह द्वारा किया गया. इस अवसर पर प्रो. डी. डी. दुबे, डा. अजय द्विवेदी, डा. मनोज मिश्र, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. एस. पी. तिवारी, डा. कार्तिकेय शुक्ल, डा. विवेक पाण्डेय, डा. सुधीर उपाध्याय, डा. धर्मेश मणि त्रिपाठी, अभिषेक श्रीवास्तव, पंकज कुमार सिंह, संजय विश्वकर्मा, दीपक मौर्या सहित विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.


Saturday, 1 June 2013

अब फेसबुक पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय


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अब फेसबुक पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहले ब्लॉग पूरब बानी और अब फेसबुक के माध्यम से अपनी बात को वैश्विक मंच पर साझा कर रहा है।विश्वविद्यालय ने आज चर्चित सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेस बुक पर अपना अधिकारिक पेज बनाया है। इस पर कुलपति प्रो सुंदर लाल का सन्देश पोस्ट है जिसमें लिखा है कि  आज फेसबुक जैसी सोशल  नेटवर्किंग वेबसाईट ने समाज में सूचना के आदान प्रदान में एक नई क्रांति ला दी है।