Thursday, 1 January 2015
28वें बापू बाजार का आयोजन
बापू बाजार
विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा मऊ जनपद के रामदेव रामहर्ष महाविद्यालय चिरैयाकोट में 31 दिसंबर को 28वें बापू बाजार का आयोजन किया गया. बापू बाजार में आसपास के गरीब वर्ग के लोग जब उमड़े तो उन्होंने अपनी जरूरत के हर सामानों की खरीद की। चाकू-छूरी, बर्तन, खुरपी, कुदाल, शाल, स्वेटर, कपड़े, साड़ियां, कुर्ते, शर्ट आदि उपलब्ध कराये गए थे. वह भी महज दो से दस रुपये में।यह सामान राष्ट्रीय स्वयं सेवकों द्वारा समाज के संभ्रांत लोगों से मांग कर इकठ्ठा किया गया था.आजमगढ़,मऊ और ग़ाज़ीपुर के लगभग २ दर्जन महाविद्यालयों के स्टाल लगाये गए थे.

बाजार का उद्घाटन प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव, विशिष्ट अतिथि डॉ. एम हसीन खां, परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी आदि ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव ने कहा कि महात्मा गांधी का उद्देश्य समाज से गैर बराबरी का खात्मा और समता मूलक समाज की स्थापना था। इसीलिए उन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी और बिना किसी हथियार के अंग्रेजों को देश से भागने के लिए विवश कर दिया। आज हमें महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, सरदार भगत सिंह के आदर्शो पर चलने की जरूरत है। महात्मा गांधी के आदर्शो के अनुरूप देश से गरीबी दूर करने के लिए बापू बाजार एक सशक्त माध्यम है।विश्वविद्यालय को इस नेक पहल के लिए बधाई का पात्र है. डॉ. एम हसीन खां ने कहा कि बापू बाजार एक प्रयास है स्वयंसेवकों के गरीबों तक पहुंचने का। इस मौके पर परमवीर अब्दुल हमीद की बेवा रसूलन बीबी को शाल व प्रतीक चिह्न् भेंट किया गया। कार्यक्रम में डा. दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ. हृदयनारायण उपाध्याय, शिवप्रताप यादव, जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार सिंह, रामप्रताप यादव, हरिश्चंद्र यादव, विक्रांत सिंह रीशू, लालजी यादव, जयप्रताप यादव, जेपी यादव, आजाद अहमद आदि ने सिरकत की । प्रबंधक रामवृक्ष यादव ने सभी अतिथियों का आभार जताया। संचालन रामअवतार यादव ने किया।
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67 वें वाणिज्यि अधिवेशन में पूर्वांचल के डॉ. अविनाश पाथर्डीकर एवं संगीता ने जीता रजत पदक
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के प्रबंध अध्ययन संकाय के डॉ. संगीता साहू, विभाध्यक्ष, एच.आर.डी. विभाग एवं अविनाश पाथर्डीकर, उपाचार्य ने 67 वे अखिल भारतीय वाणिज्यिक अधिवेशन में उत्कृष्ट शोध-पत्र की प्रस्तुति कर बेस्ट बिजनेस एकेडेमिक ऑफ द इयर अवार्ड (बीबे) प्राप्त कर एक बार पुनरू विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। ज्ञात हो कि भारतीय वाणिज्यिक संघ प्रतिवर्ष यह आयोजन करता है, इस वर्ष यह आयोजन भुबनेश्वर, ओडिशा मे दिनांक 27-29 दिसंबर को आयोजित किया गया। इस वर्ष इस अधिवेशन मे कुल मिलाकर 1165 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए जिसमे रजत पदक इन दौनो को दिया गया एवं मानव संसाधन सत्र मे यह सर्वोत्कृष्ट शोध पत्र घोषित किया गया। यह सम्मान ओडिशा के राज्यपाल डॉ. एस.सी. जमीर के हाथों दिया गया। इस अवसर पर उत्कल विश्वविद्यालय, भुबनेश्वर के कुलपति, प्रोफेसर ए.के. दास, भारतीय वाणिज्यिक संघ के महासचिव प्रोफेसर बलविंदर सिंह, वाणिज्यिक संघ के उपाध्यक्ष प्रोफेसर पी.टी. चैधरी, के.आई.आई.टी.एस विश्विद्यालय के संस्थापक डॉ. ए. सामन्ता सहित देश विदेश के वाणिज्य समुदाय के शिक्षाविद उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी डॉ. अविनाश पाथर्डीकर एवं डॉ. संगीता साहू ने इंडियन सोसायटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवेलपमेंट के 2010 एवं 2012 के उत्कृष्ट शोध पत्र हेतु पदक प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से विश्विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्रों मे खुशी है डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ. मानस पांडेय, डॉ. एच.सी. पुरोहित, चीफ वार्डन डॉ.एस. के सिन्हा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ मनोज मिश्र, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. कार्तिकेय शुक्ला सहित अन्य शिक्षकों एवं छात्रों ने बधाई दी।
Sunday, 21 December 2014
गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा एवं मूल्यांकन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
पहला दिन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन में शनिवार को आन्तरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ द्वारा गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा एवं मूल्यांकन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के पूर्व कुलपति प्रख्यात शिक्षाविद प्रो0 एस0पी0 गौतम ने कहा कि उच्चशिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता का मूल्यांकन समय-समय पर होता रहे इसके लिए संस्थानों को सक्रिय होना होगा। शिक्षकों को शोध कार्यो की मौलिकता एवं गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। विद्यार्थियों के कौशल विकास को निखारने की दिशा में अनवरत प्रयास करने की जरूरत है।प्रो0 गौतम ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं को समाज में अपना सर्वोच्च योगदान देने के लिए नित्यप्रति आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। कालेज व उसके कर्मचारी समाज को जोड़ते व जागरूक करते है।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से की गयी। मुख्य अतिथि को कुलपति द्वारा स्मृति चिन्ह भेट किया गया। स्वागत कार्यक्रम संयोजक डा0 मानस पाण्डेय एवं आभार संकायाध्यक्ष प्रो0 बी0बी0 तिवारी किया गया। संचालन डा0 एच0सी0 पुरोहित ने किया।
कार्यशाला में उद्घाटन सत्र के बाद प्रथम तकनीकी सत्र को डा0 अरूण कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए नैक मूल्यांकन के विभिन्न प्रपत्रों एवं प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो0 बी0बी0 तिवारी ने विश्वविद्यालय द्वारा नैक मूल्यांकन के बारें में किये गये कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रो0 डी0डी0 दूबे, प्रो0 वी.के. सिंह, डा0 लालजी त्रिपाठी, डा0 मनोज कुमार सिंह, डा0 प्रमोद तिवारी, डा0 कौशलेन्द्र मिश्र, डा0 ज्योतिष यादव, डा0 विजय प्रताप तिवारी, डा0 सुनीता गुप्ता, डा0 वन्दना राय, डा0 प्रदीप कुमार, डा0 ए0के0 श्रीवास्तव, डा0 अजय प्रताप सिंह, डा0 मनोज मिश्र, डा0 आशुतोष सिंह, डा0 दिग्विजय सिंह राठौर, डा0 अवध विहारी सिंह, सहित महाविद्यालयों के प्रतिभागी मौजूद रहे।
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(दूसरा दिन )
महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन करवाने के लिए कार्यविधि व औपचारिकताओं का भलिभांति ख्याल रखना चाहिए जिससे नैक कराने के बाद महाविद्यालय उच्च शिक्षा के मापदंड को पूरा कर सकें। यह बातें पूर्व कुलपति रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली प्रो.एसपी गौतम ने रविवार को पूर्वाचल विश्वविद्यालय में गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा एवं नैक मूल्यांकन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर कही। उन्होंने नैक द्वारा प्रदत्त समस्त मापदंडों व उनके अंर्तगत आने वाले विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान शैक्षणिक कैलेंडर, शिक्षण प्रविधि, छात्र सहभागिता, सामाजिक सरोकार, छात्र उन्नयन, शोध आंतरिक गुणवत्ता, प्रकोष्ठ की भूमिका, बिन्दुओं का उच्च शिक्षा गुणवत्ता संवर्धन में भूमिका पर प्रकाश डाला। इस मौके पर उपस्थित डा.रविशंकर, डा.राजकुमार गुप्ता, डा.बीके त्रिपाठी, डा.अवधेश कुमार ने अपने महाविद्यालयों की विशेष परिस्थितियों व समस्याओं के संभावित निस्तारण की जानकारी दी। इस मौके पर वीके सिंह, डा.एचसी पुरोहित, डा.आशुतोष सिंह, डा.मनोज मिश्र, डा.अवध बिहारी सिंह, डा.सुरजीत यादव, नीरज कुमार, विनोद तिवारी, डीपी घिल्डियाल, अनुपम कुमार, डा.मनोज मिश्र आदि मौजूद रहे। संचालन आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ सेल के प्रभारी डा.मानस पांडेय व आभार डा.अजय द्विवेदी ने व्यक्त किया।
(जागरण )
Wednesday, 10 December 2014
विश्वविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
-एसपी ने मानवाधिकार दिवस पर दिलायी शपथ


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को संगोष्ठी भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा कि पृथ्वी पर सभी मानवों को अधिकार मिला हुआ है। इसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। किसी मानव से जाति, धर्म, लिंग के कारण भेदभाव करना मानवाधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सोच थी कि हमें ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जो हमें नहीं पसंद है। अगर इस बात का अमल हम अपने जीवन में करें तो निश्चित तौर पर हर मानव के सम्मान की रक्षा होगी। उन्होंने मानवाधिकार दिवस पर छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को शपथ भी दिलाया।
संचेतनाओं को ठेस पहुंचाना ही मानवाधिकारों का उलंघन है। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से अगर आम आदमी वंचित होता है तो वह भी मानवाधिकार के उलंघन की श्रेणी में आता है। सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके मानवाधिकारों की रक्षा करें और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संकायाध्यक्ष डा. इश्यिाक अहमद ने कहा कि आज एक तरफ हमारा देश प्रतिदिन विकास के नये पथ पर आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ संवेदनशीलता में कमी आ रही है, यह चिंताजनक है। सड़क पर दुर्घटना के बाद तड़पते व्यक्ति से मुंह फेरना भी आज समाज का एक सच है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए

धन्यवाद ज्ञापन डा. अजय प्रताप सिंह एवं संचालन डा. एचसी पुरोहित ने किया। इस अवसर पर डा. मानस पाण्डेय, डा. एसके सिन्हा, डा. अजय द्विवेदी, डा. प्रदीप कुमार, डा. अविनाश पार्थडिकर, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. एसपी तिवारी, डा. सुशील कुमार, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. आशुतोष सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. रूश्दा आजमी, डा. सुशील सिंह, डा. आलोक सिंह, अंशुमान समेत परिसर के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- भाषण प्रतियोगिता में अनम बेग प्रथम
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को संगोष्ठी भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा कि पृथ्वी पर सभी मानवों को अधिकार मिला हुआ है। इसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। किसी मानव से जाति, धर्म, लिंग के कारण भेदभाव करना मानवाधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सोच थी कि हमें ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जो हमें नहीं पसंद है। अगर इस बात का अमल हम अपने जीवन में करें तो निश्चित तौर पर हर मानव के सम्मान की रक्षा होगी। उन्होंने मानवाधिकार दिवस पर छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को शपथ भी दिलाया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता विधि विशेषज्ञ डा. पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि किसी मानव की संवेदनाओं,
पूर्व कुलपति प्रो. डीडी दुबे ने कहा कि मानव के जीवन में हस्तक्षेप होने पर उसके जीवन का आनंद समाप्त हो जाता है। आज उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों को बनाने की आवश्यकता है। अगर हम किसी को किसी भी प्रकार से पीड़ा पहुंचाते है तो वह उसके मानवाधिकारों के हनन का मामला बनता है। इसके पूर्व परिसर के विद्यार्थियों के लिए मानवाधिकार भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतिभागियों ने मानवाधिकार के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी।
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