Friday, 23 January 2015

दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी, २४ जनवरी को ५४ विद्यार्थियों को राज्यपाल देंगे स्वर्ण पदक




जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 18वें दीक्षांत समारोह का शुक्रवार को संगोष्ठी भवन में पूर्वाभ्यास किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने पूर्वाभ्यास में सफल दीक्षांत समारोह के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। पूर्वाभ्यास में शोभायात्रा की अगुवाई कुलसचिव डा. बीके पाण्डेय ने किया। राज्यपाल राम नाईक की भूमिका में संकायाध्यक्ष प्रो. रामजी लाल एवं मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य डा. वीके सारस्वत की भूमिका में संकायाध्यक्ष इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी प्रो. बीबी तिवारी रहे। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यार्थियों के साथ समूह फोटो की भी पूर्वाभ्यास हुआ। विश्वविद्यालय में पहली बार इस दीक्षांत समारोह में समूह फोटो की शुरूआत हो रही है। जो स्वर्णपदक धारकों के लिए यादगार रहेगी।
पूर्वाभ्यास में वित्त अधिकारी अमरचंद्र, डा. अजय प्रताप सिंह, डा. एके श्रीवास्तव, डा. प्रवीण प्रकाश, रजनीश भाष्कर, डा. संदीप सिंह मंचासीन रहे। डा. एचसी पुरोहित ने दीक्षांत समारोह का संचालन किया। विश्वविद्यालय के प्राक्टर डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि सभी आगन्तुकों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत किया गया ड्यूटी पास एवं निमंत्रण पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रानिक गैजेट लाने की अनुमति नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन चैकन्ना है। दीक्षांत समारोह के पूर्व पूविवि परिसर पुलिस छावनी में तब्दील है। पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार एवं एडीएम गंगाराम गुप्त ने सुरक्षा में लगे कर्मियों एवं अधिकारियों के साथ संगोष्ठी भवन में बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल से मुलाकात कर एसपी बबलू कुमार ने सुरक्षा मामलों की चर्चा की। राजभवन से एसपीजी सुरक्षा की टीम ने देर शाम विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
दीक्षांत समारोह को सम्पन्न कराने के लिए बनायी गयी समितियों के संयोजकों से कुलपति ने रिपोर्ट ली। महाविद्यालयों से आये हुए रंग बिरंगें झंडों से पूरा विश्वविद्यालय परिसर सजा गया है। दीक्षांत समारोह की तैयारियों में उपकुलसचिव संजय कुमार, नारायण प्रसाद, डा. मानस पाण्डेय, डा. अविनाश पार्थडिकर, डा. वंदना राय, डा. केएस तोमर, अमलदार यादव, श्याम त्रिपाठी, अशोक सिंह, पीके कौशिक समेत तमाम कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक लगे रहे।

दीक्षांत पूर्व विशेष व्याख्यान माला सम्पन्न

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह के पूर्व विभिन्न संकायों में विशेष व्याख्यान का आयोजन हुआ। 21 जनवरी से प्रारम्भ हुए दीक्षांत समारोह के पूर्व विशेष व्याख्यान की श्रृंखला मोती लाल नेहरू एनआईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. पी. चक्रवर्ती के इंजीनियरिंग संस्थान में ‘माइक्रोइलेक्ट्रानिक्स से लेकर नैनो इलेक्ट्रानिक्स’ तक की यात्रा विषय पर दिये गये व्याख्यान से सम्पन्न हुई।
प्रो. चक्रवर्ती ने कहा कि इलेक्ट्रानिक्स के प्रादुर्भाव निर्वात वाल्ब से लेकर फोटोनिक्स डिवाइसेस तक के विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विश्व के तमाम वैज्ञानिकों के सांझा शोध द्वारा राडार, संचार एवं मेडिकल के तमाम उपकरण सामने आये। 1998 में टेक्सास इन्स्ट्रूमेंट अमेरिका के वैज्ञानिक किल्बी ने चिप का आविष्कार कर इलेक्ट्रानिक के क्षेत्र में क्रान्ति ला दी। वैज्ञानिक किल्बी को इस शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था।
प्रो. चक्रवर्ती ने मूरे लाॅ का जिक्र करते हुए इलेक्ट्राॅनिक के क्षेत्र में चिप की नाप और समय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक्स में साइज जितनी छोटी होगी उसकी कार्यशीलता उतनी बढ़ती जाती है। इस प्रकार से नैनो टेक्नोलाॅजी का प्रादुर्भाव होता है। व्याख्यान के प्रारम्भ में कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने प्रो. चक्रवर्ती का स्वागत किया एवं उनका परिचय कराया। संकायाध्यक्ष इंजीनियरिंग प्रो. बीबी तिवारी ने प्रो. चक्रवर्ती का बाॅयोडाटा प्रस्तुत किया। व्याख्यान में डा. एके श्रीवास्तव, डा. एचसी पुरोहित, डा. मानस पाण्डेय, डा. संतोष, डा. राजकुमार, डा. राजकुमार, रविप्रकाश, शैलेश, अजय मौर्या एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
गुरूवार को सामाजिक विज्ञान संकाय में मनोसांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में संचार विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के आचार्य डा. आरसी मिश्रा ने कहा कि संचार हमारे मनोविज्ञान से जुड़ा हुआ है और उसको परिप्रेक्ष्य में समझे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सम्प्रेषण में संदेश का अर्थ देश, काल व परिस्थिति के अनुरूप परिवर्तित होता रहता है। उन्होंने संचार कौशल से जुड़े तमाम पहलुओं पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही आदिवासियों पर किये गये अपने शोध के निष्कर्षों को भी रखा। इसी क्रम में बीएचयू की प्राध्यापिका डा. पूर्णिमा अवस्थी ने मनोविज्ञान एवं संचार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बतायी। संकायाध्यक्ष प्रो. रामजी लाल ने स्वागत एवं डा. अजय प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. रूश्दा आजमी, डा. सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे।
वहीं गुरूवार को विज्ञान संस्थान में बौद्धिक सम्पदा अधिकार एवं रोग प्रतिरोधी क्षमता तथा मानव स्वास्थ्य विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में लखनऊ विश्वविद्यालय के बाॅयोटेक्नोलाॅजी विभाग के प्रो. एस. मल्होत्रा ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा अधिकार का ज्ञान होना सबके लिए जरूरी है। उन्होंने बिल गेट्स एवं जापान की आॅटो मोबाइल कम्पनियों का उदाहरण देते हुए बताया कि पेटेंट ज्ञान के चलते ही आज पूरी दुनिया में इनका वर्चस्व है। उन्होंने रोग प्रतिरोधी विज्ञान को सरलता से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया एवं कतिपय टीकाकरण की चर्चा की। संचालन एवं स्वागत प्रो. वीके सिंह ने किया। इस अवसर पर डा. वंदना राय, डा. प्रदीप कुमार सहित समस्त विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फार्मेसी संस्थान में बौद्धिक सम्पदा अधिकार एवं परम्परागत ज्ञान विषय पर  एनबीआरआई लखनऊ के वैज्ञानिक डा. सीएचवी राव ने विद्यार्थियों के समक्ष इस विषय पर व्याख्यान दिया। प्रबंध संकाय संस्थान में प्रबंधन एवं भगवत गीता विषय पर देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के प्रो. पीएन मिश्रा ने बहुत रोचक तरीके से अपनी बात रखी।

विश्वविद्यालय परिसर में मनायी गयी नेताजी की जयंती

'नेताजी का देश के प्रति समर्पण हमें बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा देता है'

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रोवर्स रेंजर परिसर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 118वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी। समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि नेताजी का देश के प्रति समर्पण हमें बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे देश के नागरिक हैं जहां हर बच्चा समान रूप से सोच सकता है। हमें एक अच्छे नागरिक बनने के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। इसके पूर्व परिसर स्थित नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। 
आयोजन सचिव डा. मनोज कुमार तिवारी ने रोवर्स रेंजर्स के साथ परिसर में 15 पौध रोपित किये। इस अवसर पर कुलपति एवं वित्त अधिकारी अमरचन्द्र द्वारा भी पौधरोपित किया गया। संयोजक रोवर्स रेंजर डा. राघवेंद्र पाण्डेय ने नेताजी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला एवं अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। रोवर्स रेंजर के कैडेटों द्वारा मार्च पास्ट किया गया एवं मुख्य अतिथि को सलामी दी गयी। इस अवसर पर डा. मानस पाण्डेय, डा. अजय द्विवेदी, डा. एके श्रीवास्तव, डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुशील सिंह, डा. बीडी शर्मा, अमलदार यादव, रामजी सिंह आदि उपस्थित रहे।





Monday, 12 January 2015

स्वामी जी ने शताब्दी पूर्व भारत की आत्मा को विश्व की आत्मा से जोड़ा- कुलपति

विश्वबंधुत्व मे विवेकानन्द का सबसे बड़ा योगदान

वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय के विवेकानन्द केन्द्रीय पुस्तकालय सभागार में सोमवार को स्वामी विवेकानन्द जयन्ती युवा दिवस के रूप में मनायी गयी। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो0 पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि विश्वबंधुत्व के क्षेत्र. में विवेकानन्द जी का सबसे बडा़ योगदान है।भारतीय संस्कृति के इस पुरोधा विद्वान ने भारत के विश्व बंधुत्व की भावना, दर्शन, आध्यात्म, धर्म के मूल तत्व एवं सद्आचरण से पूरी दुनिया को परिचित कराया।आज आई0टी0 युग मे पूरी दुनिया को जोड़ने का काम हो रहा है स्वामी विवेकानन्द जी ने शताब्दी पूर्व भारत की आत्मा को विश्व की आत्मा से जोड़ने का काम किया था।  विश्वविद्यालय में ऐसे अनुकरणीय व्यक्तित्व वाले महापुरूषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व बारे में सतत् कार्यक्रम चलते रहना चाहिए। विद्यार्थी इन  महापुरूषों के व्यक्तित्व से प्रेरणा प्राप्त कर समाज और देश का मान बढ़ा सकता है। अच्छे संस्कारों के साथ विद्या प्राप्ति ही शैक्षिक संस्थानों का प्रमुख उद्देश्य है। 
इस अवसर पर गोष्ठी को प्रो0 वी0के0 सिंह, प्रो0बी0बी0तिवारी, डाॅ0मनोज मिश्र, डाॅ0 एच0सी0 पुरोहित एवं त्रयंबक उपाघ्याय ने भी संबोधित किया।उपस्थित लोगों का स्वागत मानद पुस्तकालय अघ्यक्ष डाॅ0मानस पाण्डेय तथा आभार  डाॅ0प्रदीप कुमार द्वारा किया गया। संचालन डाॅ0विद्युत मल्ल ने किया। इसके पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में स्थित
 विवेकानन्द की मूर्ति पर कुलपति प्रो0 पीयूष रंजन अग्रवाल एवं उपस्थित समस्त प्राघ्यापकों तथा कर्मचारियों द्वारा माल्र्यापण कर पुष्पांजलि अर्पित किया गया। इस अवसर पर डाॅ0 ए0 के0 श्रीवास्तव, डाॅ0सगीता साहू डाॅ0 नुपुर तिवारी, डाॅ0संदीप सिंह, डाॅ0 संजीव गंगवार, डाॅ0रजनीश भाष्कर, डाॅ0राजेश शर्मा, डाॅ0 आशुतोष सिंह, डाॅ0रवि प्रकाश, डाॅ0अवध बिहारी सिंह, डाॅ0दिग्विजय सिंह राठौर, डाॅ0सुशील कुमार, डाॅ0 विनय वर्मा, डाॅ0के0एस0तोमर, श्याम त्रिपाठी,पंकज सिंह,अवधेश प्रसाद, द्विजेन्दु उपाध्याय, मनु मिश्रा सहित प्रशिक्षु पुस्तकालय सहायक उपस्थित रहे।