Monday, 23 November 2015

पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालयीय क्रिकेट महिला प्रतियोगिता



विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में शनिवार को पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालयीय क्रिकेट महिला प्रतियोगिता 2015-16 का उद्घाटन पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने किया। यह प्रतियोगिता 30 नवम्बर तक चलेगी। प्रतियोगिता में पूर्वी क्षेत्र के कुल 20 टीमें भाग लेंगी।
प्रतियोगिता के शुभारम्भ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि खेल से विश्वविद्यालय भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। विश्वविद्यालय की गतिविधियों में खेल का बहुत बड़ा हिस्सा है। जौनपुर से पूरब की ओर राज्यों में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में है। पूर्वी क्षेत्र के विद्यार्थियों का विकास संस्कृति से जुड़कर हुआ है। पूर्वी क्षेत्र के राज्य खेल व संस्कृति में बहुत आगे है। उन्होंने कहा कि खिलाडि़यों को सिर्फ खेल के मैदान में ही अव्वल नहीं होना है बल्कि जिस संस्थान से आये है वहां पढ़ाई में भी आगे बढ़ना है। इस दोहरी चुनौती में सफल होने वालों को जीवन में दोहरा लाभ मिलता है। 
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता एक और अवसर प्रदान करती है जिसमें विभिन्न प्रदेशों से आये अलग-अलग सामाजिक परिवेश और संस्कृति के खिलाडि़यों से एक दूसरी टीम परिचित होगी और बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। 
खेलकूद परिषद के अध्यक्ष डा. हरिशंकर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार सफल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता चला आ रहा है। इसीलिए पूर्वी क्षेत्र की इस प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय को यह जिम्मेदारी मिली है। खेलकूद परिषद के पूर्व सचिव डा. देवेंद्र सिंह ने अपने स्वागत भाषण में भाग लेने आये खिलाडि़यों से टीम भावना से मिल जुलकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की अपील की। 
पूर्वांचल विश्वविद्यालय और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ की टीमों के मैच से प्रतियोगिता की शुरूआत हुई। उत्कल विश्वविद्यालय उड़ीसा, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग झारखण्ड, बरहमपुर विश्वविद्यालय उड़ीसा, सरगुजा विश्वविद्यालय अम्बिकापुर छत्तीसगढ़, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय विलासपुर छत्तीसगढ़, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, मणिपुर विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, पं. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय, सम्बलपुर विश्वविद्यालय उड़ीसा, एलएनएम विश्वविद्यालय दरभंगा बिहार, बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर, पटना विश्वविद्यालय, रांची विश्वविद्यालय, बीएचयू, कलकत्ता विश्वविद्यालय की टीमें भाग लेंगी। टीमों के साथ टीम प्रबंधक व कोच भी आ रहे है।
उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन अशोक सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन खेल सचिव विपिन चंद्र अस्थाना ने किया। इस अवसर पर प्रो. बीबी तिवारी, वित्त अधिकारी एमके सिंह, डा. एचसी पुरोहित, डा. अविनाश पाथर्डीकर, डा. बीडी शर्मा, डा. रामआसरे शर्मा, डा. हरेंद्र सिंह, डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अर्पिता मिश्रा, डा. रजनीश भास्कर, डा. केएस तोमर, भूपेंद्र वीर सिंह, रजनीश सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Tuesday, 6 October 2015

झंकार प्रतियोगिता-पुरस्कार वितरण कार्यक्रम


विश्वविद्यालय के झंकार प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को संगोष्ठी भवन में पुरस्कृत किया गया.परिसर के विद्यार्थियों के कला कौशल को निखारने के लिए रंगोली, पेंटिंग, कोलाज़, नृत्य, गायन,नाटक, वाद- विवाद आदि प्रतियोगिताएँ ३०

सितम्बर से ६ अक्टूबर तक आयोजित की गई थी.इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर अपनी कला प्रदर्शित की.

पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल ने विद्यार्थियों से कहा कि आप अध्ययन के पश्चात जीवन की एक  नई पारी की शुरुआत करेंगे। कैरियर के कैनवास पर आपको स्वयं रंग भरना है. झंकार ने आपके जीवन में एक नया रंग भर दिया है. एक  सप्ताह की  प्रतियोगिता में जो सौहार्द और टीम भावना विकसित हुई है वो आपके भविष्य निर्माण में मददगार होगी।

समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिता  प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल, कुलसचिव डॉ बी के पाण्डेय,वित्त अधिकारी एम के सिंह और प्रो डी डी दुबे ने पुरस्कृत किया।  रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम सौम्या, सृष्टि द्वितीय श्रवण, पूर्णिमा, शमी तृतीय विशाखा, फरजाना,निशा ,सुमन फेस पेंटिंग में प्रथम श्याली,सत्यम द्वितीय अनवर, सौरभ तृतीय अभिनव, रजत मेंहदी में प्रथम निवेदिता, दिव्या द्वितीय जया, सोनाली तृतीय श्वेता, सना कोलाज़ में प्रथम अपराजिता द्वितीय दीपक तृतीय शशिकला एकल नृत्य में प्रथम स्नेहलता,निहारिका द्वितीय शिप्रा तृतीय स्वाति समूह नृत्य में प्रथम   साइन ग्रुप द्वितीय माइक्रोबायोलॉजी ग्रुप तृतीय कोमल ग्रुप एकल गायन में प्रथम लाल बहादुर द्वितीय  प्रिया  तृतीय अनम  समूह गायन में प्रथम अमर भारती ग्रुप  द्वितीय कुमार पार्थ ग्रूप   तृतीय त्रिमूर्ति ग्रुप नाटक में प्रथम उड़ान ग्रुप द्वितीय   माइक्रोबायोलॉजी ग्रुप  तृतीय बायोटेक ग्रुप मूक अभिव्यक्ति में प्रथम सेवन स्टार ग्रुप (मुकेश कुमार तिवारी, बिरेन्द्र सिंह, नेहा,आदर्श,विनय,विशाल,पंकज ) वाद- विवाद में साक्षी प्रथम,ख़ुशी द्वितीय    प्रांशु और  रूपशंकर तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

सांस्कृतिक सचिव डॉ एच सी पुरोहित ने प्रतियोगिता की रिपोर्ट प्रस्तुत की.इस अवसर पर डॉ अविनाश पर्थिडकर ने स्वागत एवं डॉ आशुतोष सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ वंदना राय,  डॉ संगीता साहू, डॉ एस पी तिवारी,डॉ राजेश शर्मा,डॉ रजनीश भास्कर डॉ प्रदीप कुमार,, डॉ मनोज मिश्र,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ रुश्दा आज़मी,डॉ कार्तिकेय शुक्ल, डॉ के एस तोमर  समेत विद्यार्थीगण मौजूद रहे.  

नाटक प्रतियोगिता


विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अन्तर्गत झंकार प्रतियोगिता के छठें दिन सोमवार को संगोष्ठी भवन में नाटक प्रतियोगिताएं हुई। प्रतिभागियों ने नाटक के माध्यम से हंसाया, रूलाया और वहीं दूसरी ओर बहुत सारे सामाजिक मुद्दों पर सोचने को विवश भी कर दिया।

बतौर मुख्य अतिथि वित्त अधिकारी एमके सिंह ने कहा कि नाटक, साहित्य और समाज से जुड़ा व्यक्ति ही सफल हो सकता है। ऐसी विधाओं से जुड़े लोगों में जो प्रतिभा होती है वह उन्हें अन्य से अलग पंक्ति में खड़ा करती है। आज विद्यार्थियों ने जिस तरीके से नाटकों की प्रस्तुति कर मुद्दे उठाये है वह मर्मस्पर्शी है। नाटकों में आज के समाज की सच्ची तस्वीर दिखती है। 
जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डा. मनोज मिश्र ने कहा कि नाटक भारतीय परम्परा में लम्बे समय से जीवित है। नाटक अभी भी जनसंवाद के दृष्टिकोण से आम लोगों में बहुत लोकप्रिय माध्यम है। रामलीला रासलीलाएं नाटक के सशक्त स्वरूप है जो समाज में आज भी विद्यमान है। 

संगोष्ठी भवन में नाटक, मूक अभिव्यक्ति, हांस्य नाटिका की कुल 13 प्रस्तुतियां हुई। बाॅयोटेक्नोलाॅजी 
विभाग के विद्यार्थियों द्वारा एक कदम स्वच्छता की ओर नाटक में स्वच्छता के विभिन्न मुद्दों को उठाया गया। ‘मेरी पहचान’ नाटक में उड़ान ग्रुप ने महिला करें सपना साकार का संदेश दिया। ‘उफ! ये टेक्नोलाॅजी’ नाटक में मोबाइल के बढ़ते प्रयोग से परिवार में बढ़ते तनाव को बड़े रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। इसमें वाचक की भूमिका एहसान हाश्मी ने निभायी। यह दोनों नाटक जनसंचार विभाग के विद्यार्थी शायली मौर्य, मूलचन्द्र द्वारा लिखित थे। बाॅयोकमेस्ट्री के विद्यार्थियों ने ‘पानी रे पानी तेरा रंग कैसा’ नाटक में समाज के विविध रंगों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। एमबीए के विद्यार्थियों ने भारतीय फौजी, एमबीई ने दहेज प्रथा, माइक्रोबाॅयोलाॅजी ने सर्व शिक्षा अभियान, मैनेजमेंट ने मास्टर जी के मास्टर माइंड, बाॅयोकमेस्ट्री के सब्सट्रैक्ट ग्रुप ने एंजाइम, एमएपी ग्रुप ने कन्या भ्रूण हत्या व सौतेली मां नाटक का मंचन हुआ। वहीं सेवन स्टार ग्रुप ने मूक अभिव्यक्ति के माध्यम से ट्रिब्यूट टू सोल्जर की प्रस्तुति की। एक हास्य नाटिका की भी प्रस्तुति हुई। 

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डा. एसपी तिवारी, डा. सुनील कुमार व डा. रजनीश भाष्कर रहे। प्रतियोगिता का संचालन डा. अवध बिहारी सिंह ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. एचसी पुरोहित ने किया। 
इस अवसर पर डा. आशुतोष सिंह, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, आलोक गुप्ता, रविप्रकाश, डा. रूश्दा आजमी, ऋषि श्रीवास्तव, सुबोध पाण्डेय, पंकज सिंह समेत विद्यार्थी उपस्थित रहे। 
नोट: सांस्कृतिक सचिव डा. एचसी पुरोहित ने बताया कि झंकार 2015 में हुई प्रतियोगिताओं का परिणाम निर्णायक मंडल से प्राप्त हो चुका है और स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को छह अक्टूबर को पुरस्कृत किया जाएगा।

Sunday, 4 October 2015

झंकार -पोस्टर प्रतियोगिता

झंकार प्रतियोगिता के पांचवे दिन पर्यावरण संरक्षण प्रौध्योगिकी व ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित रही पोस्टर प्रतियोगिता

विश्वविद्यालय स्थापना समारोह सप्ताह के क्रम में पांचवे दिन प्रबंध अध्ययन संकाय में पर्यावरण संरक्षण, प्रौध्योगिकी व ऊर्जा संरक्षण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतियोगिता का उद्घाटन एच.आर.डी. विभाग के डॉ. अविनाश पाथर्डीकर ने किया। इस अवसर पर डॉ पाथर्डीकर ने कहा कि चित्रों के माध्यम से हम किसी भी संदेश को प्रभावी एवं सरलता से पहुंचा सकते हैं। चित्रकारी न सिर्फ़ संदेश वाहक का कार्य करती है बल्कि हमारे व्यक्तित्व को भी परिलक्षित करती है । चित्रकारी में भरे गए रंग और उसकी आकृति अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम हो सकती है। बिना शब्दों के भी किसी आकृति में छिपे संदेश को हम समझ सकते हैं और रंगों से उसकी परिभाषा एवं छात्र की कल्पना शक्ति को जान सकते हैं । प्रतियोगिता के दिशा निर्देशन व संयोजन डॉ. रुश्दा आजमी ने किया । डॉ रुश्दा आज़मी ने कहा कि पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन छात्रों की सृजन शक्ति को विकसित करने मे सहायक सिद्ध होगा और उनकी छिपी हुई प्रतिभा निखरेगी । प्रबंध संकायाध्यक्ष डॉ. एच सी पुरोहित ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल का सदैव प्रयास रहता है कि छात्रों में बहु आयामी गुणों का समावेश हो। उनके निर्द्देश के क्रम में ही स्थापना दिवस सप्ताह समारोह की प्रतियोगिता में पर्यावरण संरक्षण, प्रौध्योगिकी व ऊर्जा संरक्षण विषय पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है । निर्णायक मंडल डॉ प्रदीक कुमार एवं डॉ आशुतोष सिंह ने निर्धारित मापदंडों पर कृतियों को परखा। चार्ट प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया । प्रतियोगिता मुख्यत: ग्रीन एनर्जी, सौर्य ऊर्जा, ग्लोबल वार्मिंग, धरती बचाओ, औध्योगिक-प्रदूषण, जल-प्रदूषण आदि विषयों पर केंद्रित रही । अंत में डॉ अनुपम कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया । इस अवसर पर सांस्कृतिक परिषद के सदस्य व समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।