Thursday, 22 September 2016

वित्तीय अध्ययन विभाग में शिक्षक -अभिभावक बैठक 'मंथन' का आयोजन




 विश्वविद्यालय के वित्तीय अध्ययन विभाग में शिक्षक -अभिभावक बैठक 'मंथन' का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उनसे  जुड़े विभिन्न विषयों पर अभिभावकों के साथ चर्चा हुई. 

विभाग के अध्यक्ष  डा० अजय द्विवेदी  ने मंथन कार्यक्रम में अभिभावकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के विविध पहलुओं  पर विस्तार से अपनी बात रखी.  
उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में उद्द्योग जगत में जिस प्रकार के विशेषज्ञों की मांग है हमारा विभाग उनकी मांग के अनुसार विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में वित्त प्रबंधकों की जो फौज तैयार की रही है वह वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है.अन्तर राष्ट्रीय स्तर पर जो वित्त के उच्च संस्थानों की मांग है उसकी पूर्ति करने में विभाग हर स्तर पर प्रयासरत है. इसी क्रम में विभाग द्वारा फाइनेंसियल मॉडलिंग, बिज़नेस वैल्यूएशन, मर्जर एवं टेक ओवर जैसे गंभीर विषय पाठ्यक्रम में शामिल किये गए हैं और छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान  दिया जा रहा है. 

मंथन में अभिभावकों से खुलकर चर्चा हुई. उन्होंने यह आशा व्यक्त  की कि विभाग उनके बच्चों के एक आत्मविश्वाश पैदा करें जिससे वह  जीवन में हर कठिनाइयों का सामना कर सकें। शिक्षकों ने अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया कि एक परिवार की भांति सब मिलकर विद्यार्थियों के विकास के लिए प्रयासरत रहेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत में  शिक्षकों  व अभिभावकों का स्वागत  सुशील कुमार ने किया।अभिभावकों ने  विभाग से यह अपेक्षा की कि  डिग्री के उपरांत उनकी संतान एक अच्छा ज़िम्मेदार नागरिक बनें ।कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अभिवावकों से छात्रवॉर पूरी जानकारी ली गई और छात्र के परफॉरमेंस के बारे में भी बताया गया. विभाग के प्राध्यापक अबू सालेह ने कहा कि विद्यार्थियों को अच्छा वित्त विश्लेषक बनाने हेतु विभाग सदैव तत्पर रहता है।  प्राध्यापक  सुशील ने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों के साथ साथ  अभिभावकों  की बराबर की ज़िम्मेदारी है अपनी पूरी दिनचर्या का कुछ हिस्सा छात्र अपने शिक्षकों के साथ व्यतीत करते है जिसमें शिक्षक तत्पर रहता है कि उन्हें  ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी ना केवल पाठ्यक्रम से सम्बंधित अपितु समाज के बारे में देता है विभाग के प्राध्यापक डा अलोक गुप्ता ने कहा की हमारा पाठ्यक्रम परास्नातक स्तर का है जिसमे छात्रों  को किताबी जानकारी के साथ ही  व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है. 
विभाग के तृतीय सेमेस्टर की छात्रा शिखा दुबे ने विभाग में हुई विभिन्न गतिविधियों के बारे में पॉवर पॉइंट के माध्यम से अभिभावकों को जानकारी उपलब्ध कराई।धन्यवाद ज्ञापन विभाग के प्राध्यापक अबू सलेह ने किया। इस अवसर डा० मनोज मिश्रा, डा० रशिकेश, डा० दिग्विजय सिंह राठौर, वसीम अहमद, मुन्नी देवी, नगमा बानो , सतीश सोनी, दीन दयाल सिंह, कृष्ण कुमार सेठ, बेचू कन्नौजिया समेत  विभाग के विद्यार्थी मौजूद रहे. 

Tuesday, 20 September 2016

सीबीसीएस पर कार्यशिविर आयोजित



प्रो जनक पांडेय 
दीप प्रज्वलन करते कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल 
फार्मेसी संस्थान स्थित शोध एवं नवाचार केन्द्र में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) पर मंगलवार को कार्यशिविर आयोजित किया गया। इस कार्यशिविर में अध्ययन परिषद के सदस्यगण एवं विश्वविद्यालय के सभी संकायों के संकायाध्यक्ष शामिल हुए। कार्यशिविर के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जनक पाण्डेय ने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए समग्र शिक्षा एवं अंतरविषयी शिक्षा प्रणाली को उपयोग में लाना जरूरी है। सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत छात्र अपनी मर्जी विभिन्न विषयों का चयन कर सकते हैं। इसके अंतर्गत वार्षिक के बजाय सेमेस्टर परीक्षा पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई विद्यार्थी किसी विश्वविद्यालय में किसी सेमेस्टर को उत्तीर्ण किया है  और अगले सेमेस्टर को किसी अन्य विश्वविद्यालय से करना चाहता है तो उसे इस प्रणाली के लागू होने से आसानी होगी। इससे जुड़े सभी विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम प्रणाली एक जैसी होती है। इस प्रणाली को देशभर के विश्वविद्यालय में लागू करने के लिए सबसे पहले छात्रों को शिक्षकों एवं शिक्षा प्रणाली तथा शिक्षकों को स्वयं पर विश्वास होना चाहिए। इस प्रणाली के लागू होने से शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित होंगे।

अध्यक्षता कर रहे पूविवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार सीबीसीएस प्रणाली को पूरे देश के विश्वविद्यालयों में लागू किया जाना है जिससे कि पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन प्रणाली की समानता को सुनिश्चित किया जा सके। शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी सत्र से विश्वविद्यालयों में क्रेडिट बेस्ड च्वाइस सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की तैयारी है। इसके तहत विद्यार्थियों की ओवरआल रैंकिंग हो सकेगी। वार्षिक परीक्षा प्रणाली से सीबीसीएस प्रणाली में शिफ्ट करना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए विश्वविद्यालय की पूरी व्यवस्था को नये ढंग से व्यवस्थित किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रथमतया पाठ्यक्रम निर्माण, अध्ययन, मूल्यांकन एवं परिणाम का मानकीकरण इस व्यवस्था के अभिन्न पहलू हैं। 
बीएचयू के प्रो. जेपी श्रीवास्तव ने कहा कि सीबीसीएस सिस्टम विद्यार्थी को पाठ्यक्रम संबंधी लचीले विकल्प प्रस्तुत करता है।  क्रेडिट बेस्ड च्चाइस सिस्टम से छात्रों की ओवरआल रैंकिंग की जा सकेगी। विद्यार्थी के पास मूल विषय से इतर अन्य पाठ्यक्रम के रूचिकर एवं प्रायोगिक विषयों को पढ़ने का मौका मिलता है। कौशल विकास एवं भाषा विकास संबंधी माड्यूल, इंटर्नशिप, लघु शोध प्रबंध आदि भी सीबीसीएस के क्रेडिट का हिस्सा है।
स्वागत उप कुलसचिव संजीव सिंह, कार्यशाला की रूपरेखा एवं संचालन डा. प्रदीप कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अविनाश पाथर्डीकर ने किया। इस अवसर पर प्रो. डीडी दूबे, प्रो. बीबी तिवारी, डा. वन्दना राय, डा. अजय प्रताप सिंह, डा. समर बहादुर सिंह, डा. विजय सिंह, डा. राकेश सिंह, डा. विनय कुमार सिंह, डा. नरेन्द्र कुमार सिंह, डा. सौम्यसेन गुप्ता, डा. जीडी दूबे, डा. दलसिंगार सिंह, डा. शिल्पा त्रिपाठी, डा. एचएस सिंह, डा. सुबाष चन्द्र बिसोई, डा. नन्दनी श्रीवास्तव, डा. श्रीकांत पाण्डेय, डा. सत्यप्रकाश सिंह, डा. एसपी सिंह, डा. वशिष्ठ यति, डा. जी सिंह, डा. ओमप्रकाश सिंह, डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. सुरजीत यादव, डा. रजनीश भाष्कर सहित परिसर के शिक्षक मौजूद रहे।

निबन्ध प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले पुरस्कृत


अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ   द्वारा संपन्न कराये गए  भारत में आर्थिक एवं प्रोद्योगिकी विकास में युवाओं की भागीदारी विषयक निबन्ध प्रतियोगिता  में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को फार्मेसी संस्थान स्थित सभागार में कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल एवं  बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो जनक पांडेय द्वारा पुरस्कृत किया गया. प्रतियोगिता में  जनसंचार विभाग के छात्र  धर्मपाल यादव  प्रथम, इंजिनीयरिंग के छात्र   शुभम उपाध्याय द्वितीय एवं  एमबीए के छात्र  मोहम्मद मोहसिन तृतीय विजेता रहे. विजेताओं को  प्रमाणपत्र एवं क्रमशः  1 हजार, 750 व 500 रूपये पुरस्कार राशि देकर उत्साह वर्धन किया गया.
 इसी क्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी  गरिमा सिंह ,आकाश सिंह, पुल्कित शुक्ल,  शीतल कुमार गुप्ता,   प्रदीप चौरसिया    एवं  पीयूष कुमार मौर्य को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया. इस प्रतियोगिता के समन्वयक डॉ राम नारायण ने कार्यक्रम का संचालन किया।इस अवसर पर बीएचयू के प्रो जे पी श्रीवास्तव,कुलसचिव डॉ देवराज, उपकुलसचिव संजीव सिंह,डॉ सुशील कुमार, डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार समेत तमाम लोग मौजूद रहे. 

Monday, 19 September 2016

मधुमेह एवं हृदयघात मुक्त भारत विषयक संगोष्ठी का हुआ आयोजन 18-09-2016

फार्मेसी संस्थान के यूपी सिंह सभागार में मधुमेह एवं हृदयघात मुक्त भारत विषयक संगोष्ठी का आयोजन पनेसिया चिकित्सालय वाराणसी के सहयोग से किया गया।संगोष्ठी में आए चिकित्सकों ने मधुमेह व हृदय रोगों से बचने के लिए आम आदमी के मन में उठने वाले सवालों को दूर किया। इसके साथ ही मधुमेह व ह्रदय रोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपनी बात रखी।मधुमेह रोग विशेषज्ञ  डाॅ. आशुतोष मिश्र ने कहा कि आज अनियमित दिनचर्चा के कारण कम उम्र में ही लोगों को मधुमेह हो जा रहा है। मधुमेह को प्राथमिक स्तर पर ही पहचान कर नियंत्रण किया जा सकता है। भारत मधुमेह रोगियों में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि मधुमेह रोगियों को अपना आहार चार्ट बनाकर उसी के अनुरूप डायट लेना चाहिए।हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. पल्लवी मिश्र ने हृदय रोगों पर विस्तार से अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि जीवन में अपने स्वास्थ्य के लिए सबको समय निकालना चाहिए। हृदय रोगों के प्रति जागरूक होने से बहुत सी समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ आहार व व्यायाम स्वयं को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।संगोष्ठी में कुलसचिव देवराज व इंजीनियरिंग के डीन प्रो. बीबी तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता प्रो. डीडी दूबे ने की। संगोष्ठी का संचालन सुषील कुमार प्रजापति एवं संजय श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर डाॅ. वीडी शर्मा, आलोक दास, विनय वर्मा, रामजी सिंह, रामसूरत यादव, पीके कौषिक, जगदम्बा मिश्र, जितेन्द्र गुप्ता, ग्यानेष पारासरी, षिषिर कुमार, डीपी घिन्डियाल, धर्मेन्द्र सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।