Sunday, 4 November 2018

दीक्षांत समारोह का हुआ पूर्वाभ्यास


डीे.आर.डी.ओ. के प्रो0 विक्रम कुमार  होंगे  मुख्य अतिथि  
58 विद्यार्थियों को मिलेगा स्वर्ण पदक

विश्वविद्यालय का 22वें  दीक्षांत समारोह का आयोजन 5 नवम्बर को विश्वविद्यालय परिसर के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में किया जायेगा । दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री राम नाईक जी ने प्रथम प्रयास में स्नातक एवं स्नात्तकोत्तर  में सर्वोच्च अंक पाने पर 58 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगे।  माइकोलॉजी एवं पौध रोग विज्ञान विभाग, कृषि विज्ञान संस्थान, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व  प्रो0 उदय प्रताप सिंह ,को मानद उपाधि ‘‘डाक्टर आफ साइंस’’ से सम्मानित किया जायेगा । दीक्षांत समारोह में 116  धारकों को उपाधि एवं गणित में डॉ सत्य प्रकाश सिंह को डीएस सी की उपाधि दी जाएगी। 

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि ‘‘शान्ति स्वरूप भटनागर’’ पुरस्कार से विभूषित राष्ट्रीय भौतिकीय प्रयोगशाला के पूर्व निदेशक एवं वर्तमान में रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन, भारत सरकार के डॉ0 राजारामन्ना विशिष्ट फैलो प्रो0 विक्रम कुमार मुख्य अतिथि होंगे। 
रविवार को महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी हाल में पूर्वाभ्यास किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शोभा यात्रा से हुई,जिसमें विद्या परिषद,कार्य परिषद सदस्य  शामिल रहे। शोभा यात्रा का नेतृत्व कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने किया।
समारोह में कुलाधिपति की भूमिका मेँ कार्य परिषद के सदस्य प्रोफेसर विलास के. तभाने थे। बीएससी की मानद उपाधि से सम्मानित होने वाले प्रोफेसर यू पी सिंह की भूमिका में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बीबी तिवारी रहे ।
कार्यक्रम के तहत गोल्ड मेडल प्राप्त विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर  गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद सम्मानित होने वाले  विद्यार्थियों  और पी- ए चडी धारकोँ को  प्रतिज्ञा कुलपति प्रो डॉ  राजाराम यादव ने दिलाई । उन्होंने  उन्हें भविष्य में  सद्मार्ग पर चलने  को कहा। इसके पूर्व मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ इसके बाद वंदे मातरम और विश्वविद्यालय का कुलगीत छात्राओं ने गाया। समारोह का संचालन डॉ मनोज मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने किया। इस अवसर पर प्रो.मानस पांडेय, प्रो. अजय प्रताप सिंह प्रो. अविनाश पार्थीडेकर, प्रो. अजय द्विवेदी प्रो.एके श्रीवास्तव प्रो.वंदना राय प्रो.राम नारायण प्रो.बीडी शर्मा डॉ.राजकुमार, डॉ .दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ के एस तोमर, डॉ .अवध बिहारी सिंह डॉ.सुनील कुमार डॉ. रूश्दा आजमी, डॉ. मनीष गुप्ता डॉ पुनीत धवन आदि लोग उपस्थित थे।

Saturday, 3 November 2018

दीक्षांत पूर्व पत्रकार वार्ता






 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि 5 नवम्बर, 2018 को विश्वविद्यालय का 22वॉ दीक्षान्त समारोह महन्त अवैधनाथ संगोष्ठी हॉल में पूर्वांहन 9ः30 बजे से होगा। इस अवसर पर डॉ. राजा रमन्ना डी.आर.डी. के प्रो. विक्रम कुमार मुख्य अतिथि होंगें और इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल माननीय श्री राम नाईक जी करेगें। इस अवसर पर प्रो. यू.पी. सिंह को डी.एससी. की मानद उपाधि प्रदान की जायेगी। डॉ. सत्य प्रकाश सिंह को गणित में डी.एससी. 116 विद्यार्थियों को पी-एच.डी. की उपाधि और 58 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किया जायेगा।

कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव शनिवार को विश्वेश्रैया संगोष्ठी हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन से लेकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये गये। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार 815 विद्यार्थियों का कैंपस सलेक्शन हुआ। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) इन्स्टीटयूट ऑफ फिजिकल साइंसेज फार स्टडीज एण्ड रिसर्च की स्थापना नये भवन में की गई। बी.ए.एल.एल.बी (ऑनर्स) पंचवर्षीय इन्टीग्रेटेड पाठ्यक्रम का संचालन और अनुसंधान उन्नयन हेतु इन्स्टीट्यूशनल पोस्ट डाक्टोरल फेलोशिप की व्यवस्था की गयी है। इस फेलोशिप के तहत विश्वविद्यालय पहले दो वर्षो तक शोधार्थी को अड़तीस हजार रूपये प्रतिमाह और तीसरे वर्ष से छियालिस हजार पॉच सौ रूपये प्रतिमाह प्रदान करेगा।  शोध कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर, महाविद्यालय स्तर पर डी.आर.सी. एवं विश्वविद्यालय स्तर पर आर.डी.सी के माध्यम से 1500 शोधार्थियों को प्रवेश दिया जा चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आई.ए.एस. एवं पी.सी.एस. परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय ने यू.जी.सी. के पोर्टल शोध गंगा पर अबतक 8037 पी-एच.डी. अपलोड करके प्रदेश विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर है। इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम.के. सिंह, प्रो. बी.बी. तिवारी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. मनोज मिश्र आदि लोग उपस्थित थे।





नवागत छात्र समारोह --व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  के व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग द्वारा शनिवार   को नवागत छात्र समारोह  का आयोजन किया गया।  मुख्य अतिथि कुलपति  प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव  ने अपने उदबोधन में नव प्रवेशक छात्रों को शुभकामना देते हुए  कहा कि छात्र जीवन में लक्ष्यप्रधान  नीति अपनाई जानी चाहिए जिससे आप अपने  लक्ष्य प्राप्त कर समाज एवं देश का उत्थान कर सके।   अपने वरिष्ठ छात्रों से विश्वविद्यालय की परंपराओं को कायम रखने  की सीख प्राप्त करें जिससे आप  को भविष्य में सफलता प्राप्त हो |
 विशिष्ट अतिथि वित्त अधिकारी श्री एमके सिंह ने कहा कि संस्था की पहचान छात्रों से है और छात्रों की पहचान उन्हें परम्परा से प्राप्त संस्कृति से है।  विभागाध्यक्ष  प्रोफेसर मानस पांडे ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और डॉक्टर आशुतोष सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया |इस अवसर पर  प्रोफेसर बीडी शर्मा प्रोफेसर,  अविनाश पाथर्डीकर, डॉ ऋषिकेश डॉक्टर अमित वत्स, अभिषेक, अतुल, आनंद, किशन, पूजा, कामिनी, आरती, सरिता एवं अन्य छात्र उपस्थित थे|
मिस्टर  फ्रेशर अच्युत गुप्ता  एवं मिस फ्रेशर बनी  प्रिंसी सिंह  
नवागत छात्र समारोह में  मिस्टर  फ्रेशर,अच्युत गुप्ता  एवं मिस फ्रेशर प्रिंसी सिंह चुनी गई बेस्ट परफॉर्मर नवीन यादव और अंजलि साहू हुई इस कार्यक्रम का संचालन श्री अंकुश जासवाल एवं शिवानी पांडे  ने किया।

Friday, 2 November 2018

वैज्ञानिकों की लगन से प्रेरणा लें विद्यार्थी - प्रो0 तभाने





 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकी विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान द्वारा संकाय भवन के  में शुक्रवार को भौतिकी के महान वैज्ञानिक एवं उनका योगदान विषयक  विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। 
व्याख्यान में पुणे विश्वविद्यालय के एमरेटस प्रोफेसर एवं विज्ञान संस्थान नागपुर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर विलास ए तभाने ने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थी वैज्ञानिकों की तपस्या और लगन  से प्रेरणा ले।  वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बिना  कोई भी सृजन और आविष्कार संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सेब बहुत से लोगों के सिर पर गिरा होगा लेकिन न्यूटन के मन में उठे सवाल कि 'सेब नीचे ही क्यों गिरा ? ने हमें गुरुत्वाकर्षण से परिचित कराया।  उन्होंने न्यूटन, नील बोहर, सर ब्रदर फोर्ट, जेजे थॉमसन,हेजन बर्ग एवं आइस्टीन के भौतिक क्षेत्र में किए गए कार्यों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की.उन्होंने कहा कि भौतिक विज्ञान के  कारण आज अंतरिक्ष से लेकर मेडिकल साइंस में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहा है। 
धन्यवाद ज्ञापन डॉ पुनीत धवन एवं स्वागत संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद  कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ गिरिधर मिश्रा, डॉ अजीत कुमार सिंह, डॉ श्याम कन्हैया, डॉ नितेश जयसवाल, डॉ नीरज, डॉ सौरभ आदि उपस्थित रहे।