Monday, 3 June 2019


30 देशों के वैज्ञानिक पीयू में करेंगे शिरकत 
तैयारियां शुरू, निरीक्षण करने आए एन.आर.आई. वैज्ञानिक
विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान वैश्विक स्तर पर अपना नेटवर्क बनाने जा रहा है। इसी के तहत तीन दिवसीय 16 से 18  नवंबर तक अल्ट्रासोनिक्स एंड मटेरियल साइंस फॉर एडवांस टेक्नोलॉजी विषय पर अंतरराष्ट्रीय  सेमिनार का आयोजन होगा। इसमें 25 से 30 देशों के शिक्षक, शोधार्थी और  वैज्ञानिक प्रतिभाग करेंगे । यह सेमिनार स्वीडन की संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस मैटेरियल तथा वीबीआरआई के सहयोग से आयोजित  होगा।


सेमिनार की तैयारी के सिलसिले में संस्था के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर स्वीडन के वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष तिवारी ने  रज्जू भैया भौतिकीय संस्थान और ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया।  उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० डॉ० राजाराम यादव से तैयारी के सम्बन्ध में व्यापक चर्चा की।कुलपति ने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पहली बार विज्ञान के विषय पर इतने बड़े अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान मिलेगी। 
डॉ. आशुतोष तिवारी  ने  कहा कि  प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान को शैक्षिक जगत में पहचान दिलाने  के लिए इस तरह के कार्यक्रम पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को जौनपुर का स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए भी पहल करनी चाहिए जिससे समाज का भी भला हो सके। उन्होंने कहा कि हमारी संस्था का नेटवर्क 150 देशों में है। विश्वविद्यालय  के लोगों को प्रशिक्षित करेंगे कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को  स्थानीय स्तर पर कैसे ठीक करें। संगोष्ठी के लिए कुलपति ने प्रो० बी० बी० तिवारी को चेयरमैन, डॉ राजकुमार एवं डॉ देवराज सिंह को को-चेयरमैन, डॉ० गिरिधर मिश्र को कन्वेनर एवं डॉ० पुनीत कुमार धवन को आयोजन सचिव बनाया है.  
संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद कुमार यादव ने  डॉ. आशुतोष तिवारी  का  स्वागत किया तथा रज्जू भैया संस्थान में चल रही शैक्षिणिक गतिविधियों से परिचय कराया।  इस अवसर पर प्रो एम. एम. तिवारी, प्रो रामनारायण, डॉ सुनील, डॉ गिरिधर मिश्रा, डॉ अजीत  सिंह, डॉ पुनीत धवन, डॉ नितेश जायसवाल, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ नीरज अवस्थी, डॉ श्याम कन्हैया आदि उपस्थित थे।

Saturday, 1 June 2019

अंतर्राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर जन जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन



दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण आर्थिक रूप से होंगे संपन्न - कुलपति 

विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर में स्वयंक्षीर प्रोडक्शन कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में   शनिवार को शुद्ध दूध के उत्पादन एवं खपत के लिए विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन  गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि दूध ही नहीं प्रत्येक चीज में मिलावट एक गंभीर समस्या है उन्होंने कहा कि दूध का इस्तेमाल हर घर में होता है कोई भी घर इससे अछूता नहीं है । ऐसे में इसकी शुद्धता और इसमें मिलावट रोकने के प्रति हर व्यक्ति को सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा यह हमारा देश गौ सेवा करने वालों का देश है. गौ सेवा करने वाले की हर कामना पूरी होती है इसलिए गाय को कामधेनु कहा गया। उन्होंने कहा कि  दूध के उत्पादन से ग्रामीण आर्थिक रूप से संपन्न होंगे और समाज को शुद्ध दूध मिल सकेगा। 

विशिष्ट अतिथि कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि वर्ष २०१९ के दुग्ध दिवस की थीम ड्रिंक मिल्क टुडे एंड एवरी डे  है। इस थीम को सुनने और विचार करने के बाद मन में कई तरह के सवाल उठने लगते है। आज बाजार में दूध की भरमार है , लेकिन मिलावटी और  केमिकलयुक्त दूध का बहुत बड़ा काला बाजार है जिसे रोकने की जरुरत है. 
विशिष्ट अतिथि जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष  डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि आयुर्वेद में तरह-तरह के जानवरों के दूध से रोगों का इलाज होता है उन्होंने महाकवि घाघ ने 12 महीने के खानपान का चित्रण करते हुए कहा कि जो नित्य शुद्ध गाय के दूध का सेवन करता है उसे  चिकित्सक  की कम जरुरत पड़ती है. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के संयुक्त स्वयंक्षीर  प्रोडूसर कंपनी के प्रबंध निदेशक राजारत्नम  ने कहा कि हमारी संस्था महिलाओं को गाय पालने के लिए देती है क्योंकि महिलाओं की भावना पशुओं से जुड़ी होती हैं और वह उनका सेवा भाव से पालन करती है। उन्होंने कहा कि हमारी सोच है कि जौनपुर में भी दूध का  उत्पादन बढ़ाया जाये।  इसके बाद ग्रामीण इलाकों से आये  पशुपालक प्रेरकों को कुलपति जी के द्वारा स्मृति चिह्न दिया गया। विषय प्रवर्तन डॉ विनय वर्मा ने किया।  संचालन डॉ दिग्विजय सिंह राठौर धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रमोद यादव, डॉ राजकुमार, डॉ विवेक कुमार पांडे, डॉ  नृपेंद्र सिंह, डॉ राजीव कुमार, आशुतोष सिंह  समेत आसपास के पशुपालक उपस्थित थे।

Friday, 31 May 2019

विद्यार्थियों को अपने से भी श्रेष्ठ बनाता है आदर्श शिक्षक –प्रो नरेन्द्र सिंह गौर


 रज्जू भईया भौतिकीय संस्थान मे हुआ कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र   का उद्घाटन 


 विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भईया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में  शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री प्रोफेसर नरेंद्र कुमार सिंह गौर   ने  कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र   का उद्घाटन किया ।  बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा  कि विद्यार्थी  जीवन में शिक्षक  कई होते हैं लेकिन आदर्श शिक्षक वही होता है जो विद्यार्थियों को अपना सारा ज्ञान देकर उसे अपने से भी श्रेष्ठ बनाता है।   प्रोफेसर रज्जू भईया वैसे ही आदर्श शिक्षक थे। उन्होंने अपना तन मन धन सब कुछ समाज और संघ को समर्पित कर दिया।  उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा का विस्तारीकरण हुआ है, लेकिन शोध की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, आज शिक्षकों को शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी जागृत करनी होगी। उन्होंने कहा स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी  ने जय जवान जय किसान नारे के साथ जय  विज्ञान का नारा दिया था मगर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने  जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान को भी जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष अनुसंधान में दुनिया में शीर्षस्थ क्रम में हैं। डॉक्टर शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति  प्रोफेसर राणा कृष्णपाल सिंह ने  कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय नित नए मापदंड स्थापित कर  रहा है जो कि  अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी अंतरराष्ट्रीय  पहचान बनाएगा। यहां पर उच्च कोटि की प्रयोग शाला है जो विद्यार्थियों और अनुसंधान कर्ताओं के लिए वरदान है। उन्होंने कहा  कि विश्वविद्यालय के कुलपति के पास विजन है जिसके कारण विश्वविद्यालय नित्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है ।  विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए  कुलपति प्रो डॉ  राजा राम यादव ने कहा कि मेरा एक मात्र लक्ष्य है कि  विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में श्रेष्ठता देकर उन्हें  रोजगार उपलब्ध करना है। उन्होंने कहा कि  रज्जू भइया  संस्थान आधुनिक विश्वस्तरीय प्रयोगशाला से सुसज्जित है। निश्चित रूप से विद्यार्थी इससे लाभान्वित होंगे।    समारोह का संचालन डा मनोज मिश्रा ने एवं धन्यवाद ज्ञापन निदेशक संस्थान डॉ प्रमोद कुमार यादव ने किया।  इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बीएसएनएल आरके उपाध्याय ,पूर्व कार्यकारी निदेशक ओनजीसी सुरेंद्र सिंह ,कोलकाता विश्वविद्यालय के प्रो एल  ए  हाज़रा ,उपाध्यक्ष इंटीग्रा  माइक्रो सॉफ्टवेयर बेंगलुरु के अनिमेष विसारिया ,मांड्या बेंगलुरु के प्रो एच बी रवींद्र , डेजा वीव स्किल ट्रेनिंग  के निदेशक  अविनाश हसाबिनीश ,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ,प्रो बीबी तिवारी ,प्रो. एम एन तिवारी,प्रो अशोक श्रीवास्तव ,प्रो वीडी शर्मा ,प्रो राम नारायण ,डॉ राजकुमार , डॉ.गिरधर मिश्रा , डॉ पुनीत धवन, डॉ.नितेश जायसवाल, डॉ. श्याम कन्हैया,  डॉ. मनीष कुमार गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार , डॉ. अजीत सिंह, डॉ. नीरज अवस्थी, सौरभ सिंह आदि रहे।



कौशल विकास का प्रशिक्षण 1 जून से शुरु
जौनपुर ।पूर्वांचल विश्वविद्यालय ग्रामोदय समिति डेजा वीव  स्किल  ट्रेनिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड की ओर से  शनिवार एक जून से प्रशिक्षण शुरू होगा। यह प्रशिक्षण कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र  की ओर से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी  और इंजीनियरिंग संस्थान के मैकेनिकल   लैब में प्रस्तावित है ।  यह जानकारी पूर्वांचल विश्वविद्यालय ग्रामोदय समिति के समन्वयक शील निधि सिंह ने दी।  शुरू में घरेलू बिजली और डीटीपी का प्रशिक्षण होगा । इससे आस-पास के गांव के शिक्षित बेरोजगारों को  प्रशिक्षित करके प्लेसमेंट सुनिश्चित कराया जाएगा। घरेलू बिजली से संबंधित बेरोजगारों को प्रशिक्षण डेजा वीव के ट्रेनिंग डायरेक्टर अविनाश हँसाबनिस कराएंगे। इस प्रशिक्षण में  गीजर,मिक्सर,फैन,वायरिंग, ट्रासफार्मर, बैटरी के मरम्मत के बारे मे जानकारी दी जाएगी। 

Thursday, 30 May 2019

राष्ट्र निर्माण में हिंदी पत्रकारिता की अहम् भूमिका- प्रो. सुंदर लाल




पत्रकारिता में महर्षि नारद का आदर्श जरूरीः प्रो. राजाराम
राष्ट्र निर्माण में हिंदी पत्रकारिता का योगदान विषयक  संगोष्ठी

विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में गुरुवार को हिंदी पत्रकारिता  दिवस के अवसर पर राष्ट्र निर्माण में हिंदी पत्रकारिता   का योगदान विषयक  संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुंदरलाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 30 मई 1826 में उदंत मार्तंड ने  हिंदी पत्रकारिता की ऐसी  ज्योति जलाई जो स्वतंत्रता आंदोलन के अंतिम चरण में ज्वाला बनकर फूटी। उन्होंने कहा हमनें स्वयं अपने दौर में दिनमान, धर्मयुग, साप्ताहिक हिंदुस्तान जैसी  पत्रिकाओं से ज्ञान अर्जित किया । उन्होंने कहा कि पत्रकारिता सेवा भाव से होना चाहिए इसका दुरुपयोग घिनौना अपराध है।  आज हमें  इस बात पर चिन्तन करना चाहिए कि हिंदी पत्रकारिता सही दिशा में गतिमान रहे।  

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि सृष्टि के प्रथम पत्रकार महर्षि नारद के आदर्शों पर चलकर ही हम पत्रकारिता की खामियों को दूर कर सकते हैं। उन्होंने महर्षि नारद के उदबोधन नारायण -नारायण के शाब्दिक और  पत्रकारिता के दृष्टिकोण से व्याख्या की और शब्द संचार के अर्थ को बताया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से हम समाज और राष्ट्र चरित्र का निर्माण कर सकते हैं। जिसकी आज देश को बहुत जरूरत है। 

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी पत्रकारिता के विकास यात्रा का संक्षिप्त परिचय कराया। उन्होंने हिंदी साहित्य के कवियों की लेखनी को संदर्भित करते हुए हिंदी पत्रकारिता के इतिहास को  रेखांकित किया। विषय प्रवर्तन  करते हुए  विशेष कार्याधिकारी  डॉ के एस. तोमर ने कहा कि सच्ची और उपयोगी खबरें जनता तक पहुचना ही पत्रकारिता का उद्देश्य है ।उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में हिंदी पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।इसके पहले  विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र  और डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने  मुख्य अतिथि तथा  विश्व विद्यालय के कुलपति को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया । संगोष्ठी का संचालन डॉ अवध बिहारी सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर बीबी  तिवारी, वित्त अधिकारी एमके सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो बीडी शर्मा, प्रो.अशोक  श्रीवास्तव,प्रो. वंदना राय,  प्रो. अजय प्रताप सिंह,प्रो. राम नारायणडा. प्रमोद कुमार यादव, एन एस एस  समन्वयक राकेश कुमार यादव , डा. प्रदीप कुमार, डॉ राजकुमार , डॉ मनीष कुमार गुप्ता,  डॉ आशुतोष कुमार सिंह  , डॉ मुराद अली, डॉ नूपुर तिवारी ,डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ,डॉ नृपेन्द्र सिंह ,डॉ सुधीर उपाध्याय ,डॉ परमेन्द्र विक्रम सिंह , लक्ष्मी प्रसाद मौर्य सहित तमाम लोग उपस्थित रहे ।