Friday, 7 February 2020

यात्रायें समाज के हर तबके से जोड़ती है - डॉ कायनात


महिला यायावर का  नजरिया  होता है  संवेदनशील

यात्रा लेखन  एवं फोटोग्राफी विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला हुई शुरू 

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के सभागार में शुक्रवार को यात्रा लेखन एवं फोटोग्राफी विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।यह कार्यशाला केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है।

उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि  प्रख्यात यात्रा लेखिका, ब्लॉगर एवं फोटोग्राफर डॉ कायनात काज़ी ने कहा किअपने देश को समझने के लिए यात्रा से बेहतर कोई माध्यम नहीं है. पुरुष यायावर तो बहुत हुए है लेकिन महिला यायावर की चर्चा इतिहास में नहीं हुई है. महिला यायावर के वृत्तान्त में  दुनिया को दिखाने का उसका नजरिया  संवेदनशील रहेगा . उन्होंने कहा कि अकेले यात्रा करने पर आप अपने को जान पाते है और सारे निर्णय यात्रा के दौरान खुद ही लेते है. यात्रायें समाज के हर तबके से जोड़ने का माध्यम बनती है. उन्होंने यात्राओं के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में आज भी अतिथि देवो भव का भाव है. यह देश अकेली महिला के लिए पूरी तरह सुरक्षित है तथा समय -समय पर लोग मदत करते है . उन्होंने यात्रा लेखन और फोटोग्राफी  के लिए विद्यार्थियों को टिप्स भी दिए. कहा कि गूगल और विकिपीडिया से सूचनाएं खोजने की जगह मौलिक जानकारियां एकत्रित करें. 

अध्यक्षीय सम्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवालने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर हैजिसमें आप ही लेखक, संपादक और प्रकाशक है.अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए जो कुछभी अभी अछूता  है अपने यात्रा विवरणों को लिख कर दुनिया के सामने रखें.उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला से  विद्यार्थियों में निश्चित तौर पर एक नया नजरिया आएगा. 

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में  जनसंचार  विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि  महान यात्रियों ने  देश की संस्कृति और लोकाचार से विश्व को परिचित कराया है. यात्रा विवरण इतिहास की धरोहरें हुआ करती है. डॉ कायनात जैसे यायावरों से युवा पीढ़ी को ऊर्जा मिलती है. उन्होंने कहा कि यात्रा लेखन वहीँ कर सकते है जो राग- द्वेष से दूर हो. डॉ मिश्र ने कार्यशाला के आयोजन हेतु कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव एवं प्रो रंजना प्रकाश के प्रति आभार व्यक्त किया. 

कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने डॉ कायनात  का परिचय प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला एवं विभाग के शिक्षक डॉ सुनील कुमार ने विषय प्रवर्तन किया । धन्यवाद ज्ञापन डॉ चंदन सिंह एवं संचालन डॉ अवध बिहारी सिंह ने किया. तकनीकी  सत्र में आशीष श्रीवास्तव नें फोटोग्राफी की व्यावहारिक जानकारी तथा   श्याम नारायण पाण्डेय   ने  अपने अनुभवों को साझा किया.   इस अवसर पर प्रो0 अविनाश पाथर्डीकर, डॉ सचिन अग्रवाल, डॉ  दयानन्द उपाध्याय, सुधाकर शुक्ला , डॉ विनय वर्मा,  पंकज सिंह, आनंद सिंह, आशुतोष सिंह समेत जनसंचार विभाग,  राज कॉलेज एवं मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के विद्यार्थी उपस्थित रहें. 

Wednesday, 5 February 2020

पीयू में डॉ कायनात काज़ी यात्रा लेखन और फोटोग्राफी के गुर सिखाएंगी



                              07 फ़रवरी से तीन दिवसीय कार्यशाला का होगा आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल  द्वारा 07  से 09 फरवरी तक यात्रा लेखन एवं फोटोग्राफी विषयक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. कार्यशाला में देश की ख्यातिलब्ध यात्रा लेखिका डॉ कायनात काजी विद्यर्थियों को यात्रा लेखन और फोटोग्राफी के गुर सिखाएंगी।


जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने बताया कि डॉ कायनात काजी  प्रकृति के रंगों को कैमरे में कैद कर और लेखनी के माध्यम से आज की पीढ़ी को  भारत की संस्कृति से रूबरू करा रही है.डॉ कायनात फोटोग्राफर, ट्रैवल राइटर और बेहतरीन ब्लॉगर हैं. आज के समय में उनकी पहचान देश की पहली सोलो फीमेल ट्रैवलर के रूप में हो चुकी है. ब्लॉगिंग के लिए देश के प्रतिष्ठित  न्यूज चैनल द्वारा बेस्ट हिंदी ब्लॉगर का सम्मान भी दिया गया. कायनात राहगिरी  नाम से हिंदी का पहला ट्रैवल फोटोग्राफी ब्लॉग चलाती हैं। 
केंद्रीय प्लेसमेंट सेल की निदेशिका प्रो रंजना प्रकाश एवं  07 फ़रवरी को फार्मेसी संस्थान में इस कार्यशाला का उद्घाटन होगा.इसमें परिसर और  महाविद्यालय के पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए सत्र आयोजित किये  गए है. 

Tuesday, 4 February 2020

जॉब फेयर की तैयारियां जोरों पर


परिसर सहित महाविद्यालय के विद्यार्थियों को जॉब देने की तैयारी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का केंद्रीय ट्रेंनिंग एवं प्लेसमेंट सेल 11-12 फरवरी को परिसर में विशाल जॉब फेयर का आयोजन कर रहा है।  जॉब फेयर में प्रतिभाग करने के लिए परिसर सहित महविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण किया जा  रहा है. जॉब फेयर में 22  से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा विद्यार्थियों का चयन किया  जायेगा।
जॉब फेयर में  जेनपैक्ट, टेक महिंद्रा,एक्स्ट्रा मार्क,जारो एजुकेशन,बजाजकैपिटल,यूरेकाफोर्ब्स,श्रीरामफॉर्च्यून सॉल्यूशन लिमिटेड,एटीएस इंडिया,टैलेंट कॉर्नर एचआर सर्विसेज, इन्फोसिस(ऑफ रोल) पेस्टकण्ट्रोल इंडिया,डेक्कन हेल्थकेयर समेत अन्य कंपनियों के मांनव संसाधन विभाग से जॉब फेयर में आने की स्वीकृति मिल गई है. परिसर सहित महाविद्यालय के विद्यार्थियों को रोजगार मुहैया कराने के लिए  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव नेबड़े स्तर पर जॉब फेयर लगाने के लिए दिशा निर्देश दिए है.
ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो. रंजना प्रकाश ने बताया कि  दो दिवसीय जॉब फेयर में परिसर सहित आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर एवं  गाज़ीपुर जनपद के स्नातक एवं परस्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकते है. साथ ही 2 वर्ष पूर्व स्नातक और परस्नातक की डिग्री प्राप्त विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते है. जॉब फेयर के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा उपलब्ध है. जॉब फेयर की सफलता  लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है. 


कैंसर दिवस पर विज्ञान संकाय में हुआ व्याख्यान


 वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान आयोजन किया गया . संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रोफेसर वंदना राय ने कहा कि विश्व में  कैंसर कितनी तेज़ी से फैल रहा है, इससे बचने के लिए हमे स्वस्थ्य जीवनशैली को अपनाना होगा।  उन्होंने कहा कि  आपका खानपान, आसपास का प्रदूषित वातावरण, अधिक उम्र, बीमारी का पारिवारिक इतिहास और संक्रमण इसके लिए जिम्मेदार है l यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल द्वारा प्रतिवर्ष चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता हैl उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम लोग इस घातक बीमारी से बच सकते है। प्रतिदिन लगभग 30 मिनट से एक घंटे व्यायाम करने, वजन संतुलित रखने और हरी पत्तेदार सब्जियों फलो और सलाद का नियमित सेवन करना चाहिए। इसके लिए हमें नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की जरूरत है। वर्तमान मे प्रदेश और देश मे इस बीमारी के प्रति लोगो मे जागरूकता के मुक़ाबले भय ज्यादा है जबकि प्रारम्भिक अवस्था मे ही जांच में जानकारी होने से इसका इलाज़ संभव है l बायोटेक्नोलोगी विभाग की ह्यूमन मोलेकुलर जेनेटिक्स लेबोरेटोरी के सदस्यो द्वारा समय-समय पर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को इस बीमारी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम किए जाते रहे है l विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कैंसर के शीघ्र निदान के लिए एक मार्गदर्शिका भी प्रकाशित की है जिससे लोग इस बीमारी के बारे मे प्रारम्भिक अवस्था मे ही जान कर इलाज़ करा सकते है l वर्तमान मे इस बीमारी के निदान के लिए देश और प्रदेश मे सरकार द्वारा कई उच्च स्तरीय सुविधाए उपलब्ध कराई गयी है जिसके कारण इस बीमारी के रोकथाम और इलाज़ मे कामयाबी मिलेगी l इस मौके पर प्रो राजेश शर्मा, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ एस पी तिवारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे l