Monday, 2 August 2021

समग्र शिक्षा समय की मांग- प्रो राजेश

 

बहुआयामी और समग्र शिक्षा विषय पर हुई चर्चा

जौनपुर। नई शिक्षा नीति 2020 के एक  वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रस्तावित आठ दिवसीय वेबिनार श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को वीर  बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा बहुआयामी और समग्र शिक्षा विषय पर वेबिनार का आयोजन  किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय देहरादून के स्कूल ऑफ बिजनेस  के मीडिया एवं जनसंपर्क  के संयोजक  डॉ. राजेश त्रिपाठी ने कहा कि समग्र शिक्षा  आज के समय की मांग है। आज के बाजारवाद और उपभोक्तावाद के समय में व्यक्ति से यह अपेक्षा की जाती है कि उसे सर्वविद्या का ज्ञान हो।जिस तरह से समय बदल रहा है और नई तकनीकी प्रभावी हो रही है उसके अनुसार आज के दौर में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां और  संस्थान अपने कर्मियों से समग्र कौशल यानि मल्टी टास्किंग की अपेक्षा रखती हैं। इसे देखकर कहा जा सकता है कि समग्र शिक्षा आज की आवश्यकता  है। आज इस बात की भी जरूरत है। शिक्षण संस्थानों में या  आप तकनीक क्षेत्र से हों तो भी आपको संचार कौशल एवं व्यवहारिक ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी हम समग्र ज्ञान की बात करते हैं तो हम अपने पुरातन आदर्शों को देखते हैं । हम जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण 16 कलाओं में महारथ रखते थे। श्रीमद्भागवत गीता से भी यह सिद्ध होता है कि भगवान कृष्ण को जीवन के सभी व्यावहारिक क्षेत्रों का ज्ञान था। हमारे प्राचीन विश्वविद्यालय तक्षशिला नालंदा कहीं न कहीं समग्र ज्ञान दक्षता पर ही ध्यान देते थे।इसलिए नई राष्टीय शिक्षा नीति में भी समग्र शिक्षा की बात की गई है। 

उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एक ऐसे कम्यूनिटी कारीडोर की बात की गई है जिसमें छात्रों को भाषा पाठयक्रम आदि की बाध्यताओं से मुक्त होकर रूचि अनुसार विषय चुनने की आजादी दी गई है। पूर्ववर्ती शिक्षा प्रणाली पर डिग्री होल्डर्स के रूप में बेरोजगारों की फौज तैयार करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसी बात को दूर करने का प्रयास किया गया है कि सिर्फ डिग्री होल्डर्स ही न तैयार हों बल्कि वे अपनी रूचि के अनुसार कौशल विकास कर रोजगार भी प्राप्त कर सकें। हमारी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ज्ञान व दक्षता कौशल की बात की गई है जिसके दूरगामी परिणाम बहुत अच्छे होने वाले हैं।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं संचालन  जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने किया।धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार तथा तकनीकी संयोजन मनोज लीला भट्ट द्वारा किया गया।इस अवसर पर प्रो मानस पांडेय,प्रो देवराज,आचार्य विक्रमदेव, डॉ राकेश यादव,डॉ प्रदीप कुमार,डॉ प्रमोद यादव,डॉ गिरिधर मिश्र,डॉ पुनीत धवन,डॉ अवध बिहारी सिंह,डॉ सुनील कुमार,डॉ चंदन सिंह,डॉ संजीव गंगवार,डॉ तरुणा गौड़,डॉ संतोष पांडेय सहित प्रतिभागी उपस्थित रहे।

Thursday, 29 July 2021

विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण देखा


राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में गुरुवार को देखा गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति से शिक्षा जगत में होने वाले परिवर्तनों के विविध आयामों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से नई पीढ़ी को तैयार करने में मां की भूमिका निभाने के लिए अपील भी की। उन्होंने मातृभाषा में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान किए जाने की भी चर्चा अपने संबोधन में किया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा मंत्रालय द्वारा आठ दिवसीय वेबीनार का आयोजन भी किया गया है।

कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जो सुझाव दिए गए हैं उन्हें निश्चित अमल में लाया जाएगा।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, उपकुलसचिव विनीत कुमार, सहायक कुलसचिव दीपक सिंह, बबिता, अमृतलाल, डॉ सुरजीत कुमार, डॉ के एस तोमर, डॉ अमित वत्स, लक्ष्मी मौर्य, अन्य शिक्षक एवं अधिकारी भी मौजूद रहे।

Saturday, 24 July 2021

भ्रामक खबरों को बिना सत्यापन के न करें फारवर्ड-डॉ. निमिष

फेक न्यूज़ एवं तथ्य सत्यापन विषयक ऑनलाइन कार्यशाला का हुआ आयोजन।

गूगल न्यूज़ इनिसिएटिव इंडिया ट्रेनिंग नेटवर्क के तहत हुआ आयोजन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा शनिवार को फेक न्यूज़ एवं तथ्य सत्यापन विषयक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया।  विज्ञान फिल्म फेस्टिवल एवं प्रकाशन प्रभाग विज्ञान प्रसार भारत सरकार के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. निमिष कपूर ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन तथ्य सत्यापन के तकनीकों से परिचित कराया।    यह कार्यक्रम गूगल न्यूज़ इनिसिएटिव इंडिया ट्रेनिंग नेटवर्क के अंतर्गत किया गया।  उन्होंने कहा कि भ्रामक खबरें लोगों में सूचनाओं की महामारी फैला रहे हैं, इससे बचने के लिए  आपको खुद से खबरों का सत्यापन अधिकृत स्रोतों से  करने की जरूरत है . इसमें रिवर्स इमेज फेक न्यूज़ से सम्बंधित फोटो को सत्यापित करने में काफी सहायक है. कोरोनाकाल में कई दावों में विभिन्न साधनों से कोरोना वायरस को मारने के दावे किए गए पर वास्तविकता में वायरस मारा नहीं जा सकता। ऐसी कई खबरें लगातार कोरोना काल में प्रसारित हुईं. ऐसी अन्य भ्रामक सूचनाओं को बिना सत्यापन के फॉरवर्ड नहीं करना चाहिए .  इमेज या टेक्स्ट फॉर्म कीन्यूज़ हम गूगल या अन्य स्रोतों  के माध्यमसे सत्यापित कर सकते हैं . उन्होंने बताया कि अभी ध्वनि को सत्यापित करने का तरीका नहीं है  लेकिन फिर भी गूगल रिवर्स इमेज और टेक्स्ट सर्च जैसी तकनीकों से काफी हद तक भ्रामक या गलत जानकारियों का सत्यापन किया जा सकता है। येनडेक्स,रैव आई इमेज सर्च जैसे सर्च इंजिन के माध्यम से भी फ़ोटो को सत्यापितकिया जा सकता है। वीडियोज़ से भी स्टिल इमेज अलग कर उनका सत्यापन किया जा सकता है।इसके अलावा यूट्यूब, डाटा व्यूवर, इनविड जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से भी फेक वीडियो का सत्यापन किया जा सकता है। उन्होंने वर्तमान समय  मे फैल रही भ्रामक सूचनाओं को सत्यापित करने के लिए कई वेबसाइट के बारे में बताया और साथ ही उन्होंने इन साफ्ट 
वेयर्स का प्रयोग कैसे किया जाता है इसकी प्रायोगिक जानकारी भी दी। डॉ कपूर  ने प्रतिभागियों को  बताया की फ़ेक  न्यूज़ का सच पता करने के लिए ऑनलाइन रोज़गार परक कोर्स किए जा सकते हैं. वर्तमान समय में न्यूज़ फ़ैक्ट की परख  के लिए फ़ैक्ट चेकर्स को मीडिया संस्थानों में अवसर उपलब्ध है .  उन्होंने मीडिया के विद्यार्थियों  से कहा कि फ़ेक न्यूज़ की सच्चाई लाने यूट्यूब पर अपना चैनल बनाना चाहिए.इससे तथ्य सत्यापित  खबरें  लोंगो तक पहुंचेगी. यह हम सभी की  समाज के प्रति नैतिक  ज़िम्मेदारी है। विषय प्रवर्तन एवं स्वागत  विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र द्वारा किया गया. तकनीकी सहयोग तथा  संचालन शोधार्थी  मनोज भट्ट ने  किया। इस अवसर पर प्रो मानस पाण्डेय, डॉ अवधबिहारी सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ सुनील कुमार, डॉ चंदन सिंह समेत विभाग के समस्त  शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे .

Wednesday, 7 July 2021

डिजिटल स्टैम्प से पकड़े जा रहे है अपराधी – प्रो त्रिवेणी सिंह


155260 पर ऑनलाइन फ्रॉड की तुरंत करें शिकायत


अमित दुबे ने साइबर अपराध से बचने के बताएं तरीके

 

साइबर अपराध: सुरक्षा के उपाय विषयक राष्ट्रीय वेबिनार का हुआ आयोजन

 

पूविवि के जनसंचार विभाग द्वारा किया गया आयोजन

 

वेबिनार में 24 राज्यों के  प्रतिभागी पंजीकृत हुए

 


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग एवं रूट
64 फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में साइबर अपराध: सुरक्षा के उपाय विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया.

वेबिनार के मुख्य अतिथि प्रख्यात साइबर विशेषज्ञ एवं उत्तर प्रदेश साइबर क्राइम के  पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि आज के समय में साइबर अपराधी तकनीकी का प्रयोग कर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे है. आर्थिक, शारीरिक और मानसिक  शोषण कर रहे है. साइबर अपराध से ग्रसित लोगों की सुरक्षा के साथ साथ हम उनकी काउंसिलिंग कर चेहरे पर मुस्कान ला रहे है.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीते 16 महीनों में 50 हजार साइबर अपराध दर्ज हुए है, प्रतिदिन नए तरह के अपराध सामने आ रहे है. इससे बचने का बस एक उपाय है वह है जागरूकता. जामतारा फिल्म की चर्चा करते हुए कहा कि सबका नंबर आएगा. अगर आप जागरूक है तो साइबर अपराधियों से आसानी से बच सकते है.  उन्होंने कहा कि डिजिटल की दुनिया में कोई चीज डिलीट नहीं होती. आज डिजिटल स्टैम्प से अपराधी पकड़े जा रहे है.

 

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो.निर्मला एस. मौर्य  ने कहा कि आज साइबर अपराध से कोई वर्ग बचा नहीं है. उन्होंने कहा कि जीवन में किससे कितनी जानकारी शेयर करनी है यह हमें तय करना होगा. साइबर युग में हमें ज्यादा जागरूक रहने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि बच्चियां सोशल मीडिया पर निजी जानकारियां साझा करने से बचें.

 

वक्ता के रूप में देश के जाने-माने साइबर क्राइम अन्वेषण, विशेषज्ञ अमित दुबे  ने बड़े रोचक तरीके से साइबर अपराध और उसके बचाव की तकनीकों को बताया. उन्होंने कहा कि देश के बाहर बैठी शक्तियां सोशल मीडिया और इन्टरनेट के माध्यम से देश और व्यक्तियों की छवि  बिगाड़ने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि आपके मेल और मोबाइल पर आया एक लिंक आपकी बहुत सारी निजी जानकारियां साइबर अपराधियों के हाथों में पंहुचा सकता है. उन्होंने कहा कि आज के समय सोशल मीडिया, ईमेल और व्हाटएप हैक हो रहे है इसके लिए सुरक्षा के तरीके बताये. 9 साल के एक बच्चे की कहानी बताई जिसने अपने परिवार के सारे मोबाइल हैक कर रखे थे. उन्होंने साइबर अपराध से बचने के तमाम उपाय बताये.

 

सञ्चालन शशांक द्वारा किया गया एवं विषय  प्रवर्तन एवं स्वागत कार्यक्रम संयोजक डॉ मनोज मिश्र एवं धन्यवाद् ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया. वेबिनार में प्रो मानस पाण्डेय, प्रो अविनाश पाथरडीकर, डॉ प्रमोद यादव, डॉ वंदना दुबे, चन्द्र प्रभा खन्ना, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ चन्दन सिंह, डॉ कमलेश मौर्य, डॉ रश्मि गौतम, डॉ जीतेन्द्र डबराल समेत देश के 24 राज्यों से शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी एवं पत्रकार शामिल हुए.