वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत 3 अक्टूबर की शाम महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विराट कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया । कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवियों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया।
Sunday, 3 October 2021
तपती हुई ज़मीन है जलधार बांटता हूं, पतझड़ के रास्ते पर मैं बहार बांटता हूं
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत 3 अक्टूबर की शाम महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विराट कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया । कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवियों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया।
Saturday, 2 October 2021
गांधी के एकादश व्रत को जीवन में आत्मसात करें : कुलपति
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के साथ विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गांधी वाटिका में गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया। महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में रामधुन गाया गया।
रामधुन की टीम में रमेश पाल राज नारायण सिंह, जगदंबा मिश्र, सुनील सिंह और रविंद्र तिवारी थे। गांधी वाटिका में कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य, कुलसचिव महेंद्र कुमार, शिक्षक समेत विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने माल्यार्पण किया। संचा
लन अशोक सिंह ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय राय, प्रो.बीबी तिवारी, प्रो.वंदना राय, प्रो. देवराज सिंह, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. राजेश शर्मा, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ.रसिकेश, डॉ. प्रमोद यादव, डा सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ मनोज पांडेय, डॉ. अमरेंद्र सिंह, कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामजी सिंह और महामंत्री स्वतंत्र कुमार समेत आचार्य, सह आचार्य, सहायक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
सर्वधर्म समभाव सर्वोत्तम दर्शन: कुलपति
गांधीवादी चिंतन की प्रासंगिकता पर रोवर्स रेंजर्स का वेबिनार
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के रोवर्स रेंजर्स इकाई द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी "वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गांधीवादी चिंतन की प्रासंगिकता" का ऑनलाइन माध्यम से आयोजन किया गया । संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सत्य और अहिंसा के बल पर किसी पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है। सर्वधर्म समभाव गांधी जी का सर्वोत्तम दर्शन था । गांधी जी द्वारा बताए गए एकादश व्रत सभी मनुष्य को जीवन में अपनाना चाहिए l बतौर मुख्य अतिथि डॉ पंकज सिंह, सहायक प्राध्यापक, डॉ हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर, मध्य प्रदेश ने अपने उद्बोधन मैं कहा कि गांधी जी की प्रासंगिकता आज भी है। समग्र ग्रामीण विकास हो और निर्धन से निर्धन व्यक्ति को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। गांधीजी का मानना था कि युवाओं में स्वरोजगार से ही आर्थिक निर्भरता लाई जा सकती है, जिससे ग्रामीणों का शहर की ओर पलायन रोका जा सकेl जहां भागवत गीता और उपनिषदों का प्रभाव उनके विचारों में परिलक्षित होता है वहीं दूसरी ओर वह महावीर और गौतमबुद्ध से भी प्रभावित थे। गांधीजी तकनीकी उपयोग को एक सीमा तक ही उचित मानते थे l वे कहते थे कि पाप से घृणा करो, पापी से नहीं। कार्यक्रम के आयोजन सचिव तथा रोवर्स रेंजर्स के संयोजक डॉक्टर जगदेव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गांधीवादी चिंतन से ही युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया जा सकता है । राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ राकेश यादव ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर मीता सरल ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं तमिलनाडु से लगभग 100 से अधिक प्रतिभागी जुड़ेl इस कार्यक्रम में जनपद के रोवर्स रेंजर्स के संयोजक डॉ शफी उज्जमा, डॉ अमरजीत, डॉ मनोज कुमार मिश्र, डॉ अजय कुमार दुबे, डॉ रामेश्वर प्रसाद , डॉ देवराज सिंह, डॉ जाह्नवीू श्रीवास्तव, डॉ हूर तलअत, डॉक्टर आर एन मिश्रा, डॉ चंद्रकांत दत्त शुक्ला, आदि उपस्थित रहे। तकनीकी सहयोग डॉ राजमणि यादव ने प्रदान किया।
स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समां बांधा
सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश की विभिन्न संस्कृतियों का समागम देखने को मिला। विश्वविद्यालय की छात्र और छात्राओं ने अपने अभिनय नृत्य और संगीत के माध्यम से समा बांधे रखा। वैभव बिन्दुसार से गिटार के साथ प्रस्तुति दी. कार्यकम में एकल नृत्य, भरतनाट्यम, भजन, समूह नृत्य, एकल गान, मूक अभिनय, गढ़वाली नृत्य आदि कार्यक्रम हुए. जिसमें काजल साहू,जागृति एवं मनीष, ख़ुशबू की टीम, विकास मौर्या, साक्षी सिंह की टीम, ज्योति की टीम, स्नेहा एवं विशाल की टीम, शेरा और अचल आदि की टीम ने जोरदार प्रस्तुति की. सचिव डॉ.रशिकेस ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन अनु त्यागी, डॉ धर्मेंद्र सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार, प्रो बन्दना राय, सहायक कुलसचिव बबिता, सह संयोजक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ जाया शुक्ला, डॉ शशिकांत यादव,प्रदीप कुमार, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ. रजनीश भास्कर, डॉ नूपुर तिवारी, डॉ सुशील कुमार, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ श्याम कन्हैया सिंह, डॉ स्वर्ण सिंह, डॉ प्रवीण कुमार, डा. पुनीत धवन, विद्युत मल्ल, डॉ विनय वर्मा, डॉ आलोक दास आदि उपस्थित थे।

