Wednesday, 14 September 2022

हिंदी की खुशबू विदेशों में भी: प्रो. निर्मला एस मौर्य


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में बुधवार को हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय २० सितम्बर तक राष्ट्रीय हिंदी सप्ताह समारोह का मना रहा है. इसमें विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे. 

हिंदी दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है. इस भाषा  की  खुशबू  आज पूरे विश्व में फ़ैल रही है. देश ही नहीं विश्व के तमाम देशों में हिंदी बोलने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा की पढ़ाई हो रही है.उन्होंने अपनी विदेश यात्राओं के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विदेश में अगर कोई हिंदी में बात करें तो और गर्व होता है.
विशिष्ट अतिथि टीडी कॉलेज जौनपुर की प्रो. वंदना दूबे ने कहा कि हिंदी जनमानस की भाषा है। यह इतनी समृद्ध है कि हर भाषा को स्वीकार कर उदारता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि अनुवाद के कारण हिंदी साहित्य निरंतर समृद्ध हो रही है. हिंदी के साहित्य जहां दूसरी भाषा में अनुदित हो रहे है वही दूसरी भाषा के साहित्य हिंदी में उपलब्ध हो रहे है. विभिन्न भाषाओं के विद्वानों को मिलकर काम करना होगा.
विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो. मानस पाण्डेय,  प्रो. रवि प्रकाश, डॉ. मनोज मिश्र एवं डॉ. रसिकेश ने काव्य पाठ किया. इसके साथ ही नीतीश दूबे, सुमित सिंह एवं विवेक पाण्डेय ने प्रस्तुति दी. वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार ने विचार व्यक्त किये. अतिथियों का स्वागत संयोजक डॉ. आलोक गुप्ता, संचालन डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं धन्यवाद् ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया. 
इस अवसर पर प्रो अजय द्विवेदी, प्रो देव राज, प्रो बीडी शर्मा, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो राम नारायण, डॉ विनय वर्मा, प्रो नूपुर तिवारी, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ गिरिधर मिश्र, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ मनोज पाण्डेय, अमृत लाल, बबिता सिंह,  डॉ विद्युत् मल समेत शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे.

Saturday, 10 September 2022

जनसंचार में रोजगार के लिए तकनीकी ज्ञान, भाषा पर हो अच्छी पकड़- प्रो. अनिल उपाध्याय

जनसंचार विभाग में संगोष्ठी का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में शनिवार को जनसंचार के क्षेत्र में रोजगार के अवसर विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार उपाध्याय ने कहा कि तकनीकी ने जनसंचार और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को जन्म दिया है। इस क्षेत्र में रोजगार की तलाश करने वालों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भाषा पर अच्छी पकड़ रखनी चाहिए। 

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व मुख्य संपादक अरुणेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में बहुत तेजी से बदलाव आ रहे हैं , कार्य दायित्व भी बदले हैं। संस्थानों द्वारा मल्टी स्किल लोगों की मांग की जा रही है। वैश्विक घटनाओं पर न्यूज़ के साथ-साथ व्यूज भी विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्टिंग की तकनीक में भी परिवर्तन आया है तथ्यों के साथ साथ उसके प्रस्तुतीकरण का भी ध्यान देना होगा।

डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी ने कहा कि इंटरनेट ने रोजगार की अपार संभावनाएं विकसित की है। आज यूट्यूब और सोशल मीडिया आय के स्रोत हो गए हैं। इनकी बारीकियों को समझना होगा।जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने अतिथियों का स्वागत एवं संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. चंदन सिंह, समेत विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


Wednesday, 7 September 2022

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से होगा सर्वांगीण विकास- उच्च शिक्षा राज्य मंत्री

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने पांच दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारम्भ 

गुरुकुल की याद दिलाती है एनईपी- कुलपति 


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति : कार्यान्वयन, चुनौतियां एवं समावेशी समाधान विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने किया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनश्चयन प्रकोष्ठ द्वारा  किया जा रहा है ।
उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति रोजगारपरक, संस्कारयुक्त  और व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करने वाली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चे को पढ़ाई से दबाव मुक्त करके उसके मन के अनुरूप  शिक्षा ग्रहण करने का अवसर उपलब्ध करा रही है. इस नीति में बेरोजगारी को दूर करने का फार्मूला निहित  है इसके परिणाम दूरगामी है और इसका भविष्य उज्ज्वल है।

विशिष्ट अतिथि केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात के प्रो. जे पी एन मिश्र ने कहा कि शिक्षा का मतलब नौकरी नहीं संस्कार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान के लिए नहीं व्यक्तित्व विकास के लिए है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जरूरत क्यों पड़ी, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय उद्बोधन में  कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भानुमती का पिटारा है। यह हमें गुरुकुल की याद दिलाती है। उन्होंने विद्या, शिक्षा और ज्ञान को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि परंपरागत शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में महत्व दिया गया है। आईक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो. मानस पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यशाला की रूपरेखा छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.  अजय द्विवेदी ने रखी। अतिथियों का  परिचय कार्यशाला के सह संयोजक डॉ मनोज पांडेय एवं नितेश जायसवाल ने कराया.संचालन डॉ. मनोज मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन प्रो.बीबी तिवारी ने किया। कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य ने मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी को स्मृति चिन्ह,अंगवस्त्रम, गतिमान पत्रिका एवं स्वरचित गर्भ संस्कार पुस्तक भेंट की.
इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिवगण, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. वंदना राय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. देवराज सिंह, प्रो रजनीश भास्कर, शिक्षक संघ के अध्यक्ष विजय सिंह महामंत्री राहुल सिंह, एनएसएस समन्वयक राकेश यादव, डॉ. दिनेश तिवारी, सह संयोजक मनोज पांडेय, प्रो नूपुर तिवारी, प्रो. एसके पाठक, प्रो. रमेश मणि तिवारी, डा. विजय तिवारी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राजकुमार,  डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ. रसिकेश, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ मनीष प्रताप सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार समेत तमाम लोग उपस्थित रहे.






Monday, 5 September 2022

जो सबसे सीखता है वहीं है शिक्षक: प्रो. निर्मला एस. मौर्य

पीयू में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान पर्व

अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मानित 

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर  शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन  किया गया। 
शिक्षक सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सच्चा शिक्षक वहीं है जो सबसे सीखता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को दीपक की तरह होना चाहिए जो खुद जलकर दूसरों को रोशन करे। शिक्षक व्यक्ति का ही नहीं पूरे राष्ट्र का निर्माता होता है।उन्होंने कबीर की साखी के माध्यम से गुरु की महत्ता को रेखांकित किया और सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने वाला और भटके को रास्ता दिखाने वाला ही गुरु है। 
वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने कहा कि शिक्षकों के लिए चुनौती भरा समय है। उन्हें शिक्षा के तकनीकी प्रक्रिया से भी लड़ना है। इसके पूर्व डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। इस अवसर कई  शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए।शिक्षक सम्मान समारोह के नोडल अधिकारी प्रो. अजय द्विवेदी ने समारोह की प्रस्तावना रखा।  सह नोडल अधिकारी  डॉ मनोज कुमार पांडेय  ने स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. देवराज सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो वंदना राय, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो राम नारायण, प्रो अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो देवराज सिंह, प्रो. संदीप कुमार सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. नुपूर तिवारी, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. मुराद अली, डॉ. संतोष कुमार, डॉ प्रमोद यादव, डॉ रसिकेश, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ श्याम कन्हैया सिंह, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ अवध बिहारी सिंह, समेत समस्त उपस्थित शिक्षकों को सम्मानित किया गया।