Saturday, 12 November 2022

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के तीन शिक्षकों को मिला शोध अनुदान

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय अध्ययन एवं शोध संस्थान के दो शिक्षकों डॉ. प्रमोद कुमार यादव व डॉ. प्रमोद कुमार तथा इंजीनियरिंग संकाय के डॉ. सुशील शुक्ला को  उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत शोध के लिए अनुदान मिला है । इस शोध योजना की अवधि तीन वर्षों की होगी। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा शोध के क्षेत्र में लगातार उपलब्धि पर विश्वविद्यालय में हर्ष का माहौल है।इस योजना के अंतर्गत रज्जू भैया संस्थान के भौतिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार यादव को अल्ट्रासोनिक नॉन-डिस्ट्रक्टिव विधि से औद्योगिक इंजीनियरिंग एवं मेडिकल के क्षेत्र में प्रयोग होने वाली नैनो मटेरियल के परीक्षण एवं अनुप्रयोग के लिए यह शोध अनुदान मिला है।वही रज्जू भैया संस्थान के रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रमोद कुमार को कंडक्टिंग पॉलीमर नैनोकंपोजिट से वातावरण में विषैली गैसों और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों के संवेदन पर शोध करने के लिए यह अनुदान मिला है।इसी क्रम में इंजीनियरिंग संकाय के गणित विभाग के डॉक्टर सुशील शुक्ला को विभिन्न कनेक्शनों के साथ कांपलेक्स और कांटेक्ट मैनीफोल्ड के गुणों का अध्ययन करने के लिए यह शोध अनुदान प्रदान किया गया है।इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने तीनों शिक्षकों को बधाई दी तथा यह उम्मीद जताई की विज्ञान क्षेत्र में पूर्वांचल विश्वविद्यालय विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह ने अनुदान प्राप्त करने वाले शिक्षकों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्रो बीबी तिवारी, प्रो मानस पांडेय, प्रो वंदना राय, प्रो रामनारायन, प्रो अजय दिवेदी, डा मनोज मिश्र, डा सुनील कुमार, डॉ. अजीत सिंह, डा मिथिलेश यादव, डॉ. नितेश जायसवाल,डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डा नीरज अवस्थी, डा सुजीत चौरसिया, संदीप वर्मा, डॉ. दिनेश वर्मा, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. काजल कुमार डे, डॉ. अलोक वर्मा, शशिकांत यादव, रामांशु सिंह समेत विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों ने बधाई दी।

Thursday, 10 November 2022

जर्मनी में उच्च गुणवत्ता सोलर सेल पर शोध करेंगे पीयू के डॉ. धीरेंद्र चौधरी

पीयू वैज्ञानिक जर्मनी रवाना, कुलपति ने दी बधाई

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय अध्ययन एवं शोध संस्थान के वैकल्पिक उर्जा शोध केंद्र के वैज्ञानिक और विभागाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र चौधरी को साइंस एण्ड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित एस.इ.आर.बी. इंटरनेशनल रिसर्च एक्सपीरियंस (एस. आई. आर. इ.) फेलोशिप प्राप्त हुआ है। इस फेलोशिप के अंतर्गत डॉ. चौधरी जर्मनी के यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोन में तीन माह के लिए उच्च दक्षता के सोलर सेल बनाने के लिए शोध करेंगे। डॉ. धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि यह फेलोशिप उन्हें जर्मनी के यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोन विश्वप्रतिष्ठित वैज्ञानिक व इंस्टीट्यूट ऑफ इनॉर्गेनिक केमिस्ट्री के निदेशक प्रो. संजय माथुर के साथ लेड रहित सिंगल क्रिस्टल थीन फिल्म का प्रयोग कर उच्च दक्षता के सोलर सेल बनाने के लिए प्राप्त हुआ है। इस प्रकार के सोलर सेल के विकसित होने से बाजार में बहुत ही कम खर्च के फ्लैक्सिबल सोलर सेल प्राप्त हो सकेंगे। जिन्हें पोर्टेबल पावर सप्लाई के रूप में भी विभिन्न कार्यों जैसे इलेक्ट्रिक कारों व बिल्डिंग इंटीग्रेसन और आई. ओ. टी. डिवाइसेज आदि के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा। साथ ही साथ ये डिवाइसेस पूर्णरूप से इको फ्रैंडली होंगी जिससे इनके प्रयोग से पर्यावरण को कोई नुकसान नही होगा। डॉ. चौधरी इससे पहले आई. आई. एस. इ. आर. कोलकाता व आई. आई. टी. कानपुर में उच्च दक्षता के फ्लैक्सिबल सोलर सेल बनाने हेतु कार्य कर चुके है तथा वर्तमान में डॉ. चौधरी 7 विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्राप्त प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहे हैं। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी को बधाई दी तथा यह उम्मीद जताई की भविष्य में रज्जू भैया संस्थान विज्ञान क्षेत्र में पूर्वांचल विश्वविद्यालय को विश्व पटल पर स्थापित करेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. बी बी तिवारी,  प्रो. मानस पाण्डेय, प्रो. राम नारायण,  प्रो. सुरजीत यादव, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. गिरिधर मिश्र, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. काजल डे, डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. अमित वत्स, डॉ. आशुतोष सिंह समेत विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों ने बधाई दी।

Monday, 7 November 2022

कैंसर के प्रति जागरुकता से बचेंगी लाखों जिंदगियां: प्रो. वंदना राय

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बायो टेक्नोलॉजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वंदना राय ने कहा कि कैंसर एक बहुत खतरनाक बीमारी है। ये तेजी से भारत में पांव पसार रही है। इसी के रोकथाम और लोगों को जागरूक करन के की दृष्टि से भारत में हर साल 7 नवंबर को "राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े के अनुसार हर साल 5 में से 1 पुरुष और 11 में से 1 महिला की इससे मौत होती है। ब्रेस्ट कैंसर, प्रॉस्टेट कैंसर सबसे अधिक फैलने वाले कैंसर में से एक हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कैंसर अवेयरनेस डे का महत्त्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। प्रो राय ने कहा कि समय रहते इस घातक बीमारी को पकड़ने की जरूरत है।अगर शुरुआत में ही कैंसर का पता चल  जाए तो काफी आसानी से इसे ठीक किया जा सकता है। इसका इलाज इसके स्टेज पर निर्भर करता है।कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, इम्यूनो थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी आदि जैसे इलाज के विकल्प कैंसर के इलाज में किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पुरुषों में मुख कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर ज्यादा हो रहे हैं। उनकाकहना है कि कुछ कारकों को ध्यान में रखते हुए, कैंसर को नियंत्रित किया जा सकता है. बेहतर होगा कि स्वस्थ आहार खाएं, धूम्रपान बंद करें, बेहतर जीवन शैली का पालन करें,नियमित व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें और शराब का सेवन नहीं करें।उन्होंने बताया कि अगर आज एक व्यक्ति जागरूक हो जाए तो अपने परिवार को जागरूक कर सकता है।कार्यक्रम में प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो.‌राजेश शर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की छात्रा  शरीयत फातिमा, प्राची, तनु, सरोजिनी आदि  ने किया और धन्यवाद ज्ञापन  श्वेता श्रीवास्तव ने किया।

Thursday, 3 November 2022

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मनाया गया जल भरो समारोह

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सरस्वती सदन के बाहर बृहस्पतिवार को भारत जल सप्ताह 2022 के अंतर्गत जल भरो कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलश में पानी इक्कट्ठा करके जल संरक्षण के महत्व को बताया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य की प्रेरणा से शासन के हर कार्यक्रम को विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण ढंग से मनाता है।  इस अवसर पर कुलसचिव ने कहा कि जल ही जीवन है। बिना पानी के मानव जीवन असंभव है। भारतीय संस्कृति में जल ना केवल इस जीवन में बल्कि जीवन के बाद की यात्रा में भी महत्वपूर्ण है, बिना जल के कोई भी कर्मकांड संभव नहीं है। इसलिए जल संसाधनों के सतत विकास के प्रति हमें सजग रहने की जरूरत है।वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने रहीम दास का दोहा रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून। पानी गये ना ऊबरे, मोती मानुष चून को कोड करते हुए जल संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।इस मौके पर आईक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो. मानस पांडेय ने कहा कि जल का उपयोग खेती के लिए भी प्रमुख है और बढ़ती जनसंख्या को आने वाले समय में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना एक बहुत बड़ी समस्या होगी इसलिए पानी का संचय बहुत जरूरी है। जनसंचार विभाग के डा. मनोज मिश्र ने कहा कि आने वाले दिनों में पूरे विश्व के सामने जल संकट दिखाई दे रहा है। हमें इसे चुनौती के रूप में अभी से स्वीकार लेना चाहिए। जल संरक्षण के लिए हम सबको आगे आने की आवश्यकता है।मीडिया प्रभारी डा. सुनील कुमार ने कहा कि जल संरक्षण को हमें अपने घर से शुरू करने की जरूरत है. तभी हम दूसरे को रोक सकते हैं। घर में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक मशीनों से स्वच्छ पानी ज्यादा नुकसान हो रहा है इसपर विचार करने की जरूरत है।इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अजीत सिंह, श्रीमती बबिता सिंह. प्रो. वंदना राय, प्रो रामनारायन, प्रो. बी.डी शर्मा, डा. प्रमोद यादव, डा. रसिकेश, डा. गिरधर मिश्र. डा. पुनीत धवन, डा. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डा. अमित वत्स, एमएम भट्ट, रमेश पाल, स्वतंत्र कुमार, रजनीश सिंह. संतोष कुमार मौर्य, हरिनाथ समेत शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी भी मौजूद रहे।