Tuesday, 18 April 2023

विरासत से युवा पीढ़ी को जोड़ रहा है विश्वविद्यालय - प्रो. निर्मला एस. मौर्य


विश्वविद्यालय में हेरिटेज गैलरी का कुलपति ने किया शुभारम्भ
पीयू में मनाया गया वर्ल्ड हेरिटेज दिवस  

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में वर्ल्ड हेरिटेज दिवस मनाया गया. कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने  विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में नवनिर्मित हेरिटेज गैलरी के प्रथम भाग का शुभारंभ फीता काटकर किया. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विरासतों को सहेजने के साथ- साथ हम अपने माता-पिता और परंपरा को भी सहेजे. यह हमारे लिए सबसे बड़ी विरासत और ताकत  है. उन्होंने कहा कि  विश्वविद्यालय में स्थापित साँची स्तूप द्वार और अशोक स्तम्भ स्थापित  कर आज की पीढ़ी को विरासत से जोड़े रखने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि हेरिटेज गैलरी के माध्यम से पूर्वांचल की कलाकृतियों  को प्रदर्शित किया जाना बहुत सुखद है. कुलसचिव  महेंद्र कुमार ने कहा कि पूर्वांचल की संस्कृति काफी समृद्ध  है, विश्वविद्यालय में  पूर्वांचल की लोक संस्कृति का दर्शन हो रहा है.  वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने कहा कि हमारी विरासत ही हमारी पहचान होती है. हेरिटेज गैलरी के माध्यम से क्षेत्रीय कलाकृतियों का प्रदर्शन बहुत ही मनमोहक है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के चयनित जनपदों की कलाकृतियां उन जनपदों से हम सबको जोड़ रही है.  
विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में संस्कृति निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हेरिटेज गैलरी स्थापित की जा रही. प्रथम चरण में जौनपुर के एक जिला एक उत्पाद की दरी, आज़मगढ़ की ब्लैक पॉटरी,भदोही की कालीन, देवरिया के सजावट के सामान और मूज उत्पाद, वाराणसी के लकड़ी के उत्पाद, चुनार के मिट्टी और चीनी मिट्टी के उत्पाद, गोरखपुर की मिट्टी की कलाकृतियाँ, खुर्जा के उत्पाद, रामनगर की पत्थर की मूर्तियाँ गैलरी में लगाई गई है. स्वागत  कल्चरल क्लब के समन्वयक डॉ. मनोज मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन  नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया.
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डॉ. संतोष कुमार राय, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. चन्दन सिंह, शशिकांत  यादव, डॉ. अमित वत्स, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डॉ. विद्युत मल, अवधेश कुमार, द्विजेन्द्र दत्त उपाध्याय  समेत विद्यार्थी मौजूद रहे.

Monday, 17 April 2023

निरंतर चलने वाली प्रक्रिया हैं अनुसंधानः कुलपति

ईमानदारी, पारदर्शिता से करें शोधः प्रो. वंदना राय

पीएच.डी. कोर्स वर्क- 2023 का हुआ उद्घाटन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में सोमवार को पीएच.डी. कोर्स वर्क- 2023 उद्घाटन प्रोग्राम का आयोजन किया गया।

बतौर अध्यक्ष विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने शोध और अनुसंधान के मौलिक अंतर को समझाया। उन्होंने अपनी बात कबीरदास के दोहे से शुरुआत करते हुए कहा कि जिन खोजा तिन पाइया गहरे पानी पैठ, मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठ। अनुसंधान में भी यही चीज लागू होती है। शोध एक दो सप्ताह की नहीं बल्कि निरंतर स्टेप बाई स्टेप चलने वाली प्रक्रिया है। इसमें परिकल्पना के सहारे समस्या का समाधान ढूंढा जाता है। उन्होंने शोध में जरूरी चीजों के साथ शोध प्रविधि के बारे में सुव्यवस्थित ढंग से विस्तार से समझाया।  

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. वंदना राय ने कहा कि रिसर्च एक सतत प्रक्रिया है। शोधार्थी को इसे ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। कहा कि शोधार्थी से कच्चा (रॉ) डेटा हमेशा रखना चाहिए। अक्सर प्रकाशक उसकी मांग करते हैं। उन्होंने रिसर्च के एथिक्स को समझाते हुए रिसर्च पेपर में साहित्यिक चोरी पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने गेस्ट, घोस्ट और गिफ्ट आथरशिप पर उदाहरण के साथ अपनी बात रखी।    कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि रिसर्च समाजपयोगी होना चाहिए। तभी समाज का भला और देश को मजबूती मिलेगी। उन्होंने नई शिक्षा नीति को कोड करते हुए कहा कि स्थानीय चीजों पर भी शोध होना चाहिए। वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय के साथ-साथ महाविद्यालयों में पीएच.डी. केंद्र स्थापित किये जायेंगे। शोध विश्वविद्यालय की रीढ़ होता है। यही से विश्वविद्यालय के पहचान का रास्ता खुलता है। कार्यक्रम का संचालन प्रोग्राम समन्वयक प्रो. मुराद अली एवं धन्यवाद ज्ञापन समरीन ने किया। इस कार्यक्रम की रूपरेखा कुलपति के निर्देशन में सहायक कुलसचिव शैक्षणिक बबिता सिंह ने टीम के साथ तैयार की। इस अवसर पर प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, डा. राजकुमार, डा. प्रमोद कुमार यादवा, डा. मनीष गुप्ता, डॉ मनोज मिश्र, डॉ रसिकेश, डा. प्रमोद कुमार, डॉ सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डा. नितेश जायसवाल, डॉ विनय वर्मा,  सहायक कुलसचिव अमृतलाल, नंदकिशोर सिंह, रमेश यादव आदि मौजूद रहे।


 

Thursday, 13 April 2023

संस्कृति की मजबूती से भारत बन सकता है विश्वगुरुः अभयजी


दिन, माह की सटीक गणना का आधार पंचांगः प्रो. निर्मला एस. मौर्य

भारतीय कालगणना और वैज्ञानिक आधार विषय पर हुआ व्याख्यान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भइया के आर्यभट्ट सभागार में वृहस्पतिवार को भारतीय कालगणना और वैज्ञानिक आधार विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रमुख अभय जी ने कहा कि भारत देश पर कई विदेशी आक्रांताओं ने आक्रमण किया किन्तु भारत ने कभी पराजय स्वीकार नहीं की बल्कि वह संघर्ष करता रहा। भारत को फिर से विश्वगुरु के रूप में आने के लिए अपनी संस्कृति को मजबूती से अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि जो भी आक्रांता आए वे देश में तो रहे हमारी संस्कृति को खत्म करने के चक्कर में उसमें विलीन होते गए। उन्होंने इस संबंध में शक, कुषाण समेत कई धर्म के लोगों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय कालगणना को अगर देखा जाय तो वह सभी विदेशी कालगणनाओं की तुलना में सबसे अधिक परिशुद्ध और पुरातन है। उन्होने सभी सिक्षकों एवं विद्यार्थियों से सरकारी कार्यों को छोड़कर निजी जीवन में भारतीय कालगणना को अपनाने की अपील की। उनका मानना है कि पैमाना बदलकर देश की संस्कृति को पीछे किया गया लेकिन हमारी परंपराओं ने काल गणना को संरक्षित किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा काल गणना ब्रह्मांड में स्थित सूर्य, चंद्रमा के आधार पर की जाती है। इसी आधार पर भारतीय पंचांग का निर्माण होता है। दिन, महीने की गणना का आधार भारतीय कैलेंडर यानी हमारा पंचांग ही है। हम वास्तु की ओर फिर से लौट रहे है। उन्होंने कहा कि समाज इसी गणना से समुचित ढ़ंग से चल सकता है। उन्होंने हिंदी मास और भाष्कराचार्य के गणित के क्षेत्र में योगदान की भी विस्तार से चर्चा की। अतिथियों का स्वागत प्रज्ञा प्रवाह के विभाग संयोजक संतोष त्रिपाठी एवं विषय प्रवर्तन कार्यक्रम संयोजक एवं निदेशक वैदिक प्रबंध अध्ययन केंद्र प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने किया। कार्यक्रम संचालन प्रज्ञा प्रवाह के जिला संयोजक डॉ. कीर्ति सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। इस मौके पर ब्रह्मेश शुक्ल, अवधेश पाण्डेय, आलोक जी, श्रीप्रकाश सिंह, मनोज तिवारी ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, संजीव सिंह कुतवन, शैलेंद्र निषाद, शिवनारायण पाठक, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. बीडी शर्मा, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. रसिकेश, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमित वत्स, डॉ. इंद्रेश कुमार, डॉ. शशिकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

Thursday, 6 April 2023

मीरपुर के 102 छात्रों को कुलपति ने दिया शिक्षण किट

प्राथमिक विद्यालय की छात्र छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहा

बच्चों को शील्ड देकर किया पुरस्कृत

जौनपुर। प्रतिभा कभी भी किसी का मोहताज नहीं होती है। यह लोगों मे मिथक धारणा है। अच्छे विद्यालयो में ही अच्छी शिक्षा मिल सकती है। प्रतिभावान छात्र कही भी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम होते हैं। क्यो की कहावत ही है होनहार वीरवान के होत चिकनी पात। उक्त बातें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य प्राथमिक विद्यालय मीरपुर में आयोजित समारोह में आये हुए लोगो को संबोधित करते हुए कहीं। इस दौरान उन्होंने अपनी तरफ से विद्यालय के 102 छात्र- छात्राओं को शिक्षण किट वितरित किया। इसमें बैग, पुस्तक, कापी, कलम, रबड़, पेंसिल, कटर इत्यादि पढ़ाई लिखाई से सम्बंधित सामग्री थी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुचे बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने प्राथमिक विद्यालय मीरपुर की प्रशंसा करते हुए कहा कि नामांकन के मामले में प्राथमिक विद्यालय मीरपुर सबसे टॉप पर है। यह अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय है। 
इस दौरान विद्यालय के छात्र- छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति से आये हुए अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलपति ने विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था को देखकर प्रभारी प्रधानाध्यापक मुकेश सिंह व उनके स्टाफ की प्रशंसा की। 
इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार यादव, मुकेश सिंह,एन.एस.एस. समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव, कमलेश यादव, डॉ लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, उमेश मिश्रा, अंजना सिंह, राजू सिंह, प्रवीण सिंह, मंजूलता, सुनीता यादव, आमिल जैदी आदि मौजूद रहे।