Thursday, 20 April 2023

एक क्लिक पर अब मिलेगी पीयू की सूचनाएं

विश्वविद्यालय के हर काम को ऑनलाइन करने की तैयारी

कुलपति ने भी इक्यूबेशन सेंटर पहुंचकर देखा प्रस्तुतीकरण

प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी के डिजीटल इंडिया और जीरो टालरेंस का सपना वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में जल्द पूरा होते दिखेगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य की पहल पर इसकी तैयारी शुरू करने के लिए शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को आईबास साफ्टवेयर सैल्यूसन के इन्टरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) की प्रतिनिधि सुश्री सेल्वी ने गुरुवार को इक्यूबेशन सेंटर में प्रशिक्षण दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य पेपरलेस वर्क है। अब कुछ ही दिनों में वीबीएसपीयू आईबास पर क्लिक करते ही विश्वविद्यालय की सभी सूचनाएं आपको मिल जाएगी।   

कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सूचना क्रांति के दौर में ऑनलाइन सिस्टम में काम करना अब जरूरी हो गया है। किसी फाइल का स्टेटस भी अब आनलाईन पता चलेगा कि फाइल कहां है और क्यों रुकी है? इसमें कुल 28 पैरामीटर के बारे में बताया गया है। शिक्षक की व्यक्तिगत प्रोफाइल के साथ-साथ उसकी अकादमी जानकारी भी इस साइट पर उपलब्ध रहेगी। इस कारण विश्वविद्यालय में आइक्यूएसी सेल से लेकर नैक क्राइटेरिया बनाने में भी यह साइट सहायक होगी। विश्वविद्यालय की सूचनाओं को केंद्रीकृत होने से अधिकारियोंशिक्षकोंकर्मचारियों और विद्यार्थियों को काफी सहूलियत होगी। शैक्षणिक संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने में ईआरपी सॉफ्टवेयर बहुत ही मददगार है। इस सॉफ्टवेयर की मदद प्रवेश,  फीसपरीक्षा परिणामफाइल ट्रैकिंग हॉस्टल प्रबंधन प्रश्नपत्र निर्माणप्रमाण पत्र,  अवकाश प्रबंधनकर्मचारी प्रोफाइल, सेमिनार, एलुमिनाई मीट आदि की सूचना बड़े आसानी से प्राप्त हो सकती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक से प्रो. मुराद अली, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डा. विक्रम भटेजा, डा. नितेश जायसवाल, डा. संतोष कुमार राय, जाह्नवी श्रीवास्तव, डा. धर्मेंद्र सिंह ने विभिन्न समस्याओं पर सवाल पूछे। इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. नुपुर तिवारी, प्रो रवि प्रकाश,  डा. प्रमोद यादवा, डा. रसिकेश, डा. मनोज मिश्र, डा. गिरधर मिश्रा, डा. सुनील कुमार, डॉ पुनीत धवन,  अजीत प्रताप सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे।

पीयू के विद्यार्थियों ने किया सर्वे


टीम को कुलपति ने हरी झंडी दिखा किया रवाना


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्र- छात्राओं द्वारा गुरुवार को शीतला मां चौकियाँ धाम में सर्वे किया गया। इस सर्वे को जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य के निर्देश पर किया जा रहा है। सर्वे में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक प्रश्न सूची तैयार कर यह जानने का प्रयास किया कि कौन से उत्पाद यहाँ पर विक्रय किये जाते हैं?  कौन कौन से उत्पाद यहाँ बनाये जाते हैं? और कौन कौन से उत्पाद बाहर से लाकर बेचे जाते हैं? इस सर्वे के द्वारा जिला प्रशासन की यह मंशा है कि जो उत्पाद बाहर से लाकर बेचे जा रहें हैं उनका भी निर्माण यहीं किया जा सके। इससे लाभ यह होगा कि यहाँ के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और उत्पाद भी कम कीमतों पर दुकानदारों को प्राप्त हो सके। इस  सर्वे नोडल अधिकारी डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव एवं डॉ विनय वर्मा के देखरेख में किया गया। इसके पूर्व विश्वविद्यालय से रवाना होने पर सर्वें टीम को कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य और कुलसचिव महेंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर संस्कार श्रीवास्तवहेदायत फ़ातमारितिक पांडेशशांकआराधनाप्रीतिकिशन जायसवालआलोक मौर्यअमित पटेलआनंद राज बिंदप्रज्ञेश् सेठअभय चंद्रराज अग्रहरिप्रिया आदि मौजूद रहें।

Wednesday, 19 April 2023

पीयू में आग बुझाने का दिया गया प्रशिक्षण


अग्नि सुरक्षा की टीम ने किया प्रदर्शन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय और रज्जू भैया भौतिकी संस्थान में बुधवार को लीडिंग फायरमैन ओंकारनाथ सिंह के साथ उनकी टीम ने अग्नि सुरक्षा से बचाव के टिप्स दिए। उन्होंने प्रदर्शन कर दिखाया की कैसे आग पर काबू पाया जा सके ? गैस सिलेंडर की आग को घर के उपयोग में आने वाली प्लास्टिक की बाल्टी और सूती कपड़े, कंबल. जूट की बोरी के झटके के साथ ढककर आग बुझाया गया। साथ ही सबको आग बुझाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। यह प्रदर्शन कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य और कुलसचिव महेंद्र कुमार के सामने किया गया। कुलपति के निर्देशन पर यह आयोजन विश्वविद्यालय के अग्निसुरक्षा अधिकारी डा. मनोज कुमार पाण्डेय ने कराया। बताते चले की शासन की ओर से 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। विश्वविद्यालय में आई फायर ब्रिगेड की टीम में रविकांत यादव, आशुतोष सिंह, कमलेश कुमार, अनुपम सिंह शामिल थे।

कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सभी शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी के लिए यह प्रशिक्षण बहुत ही लाभकारी है। विद्यार्थियों जो आज सीख रहे हो उसे अपने घर जाकर मम्मी और दीदी जो किचेन में खाना बनाती हैं उन्हें जरूर बताना। लीडिंग फायरमैन ओंकारनाथ सिंह ने कहा कि कहीं भी आग लगे फायर बिग्रेड के पहुंचने तक आग बुझाने की हर संभव कोशिश स्थानीय लोगों द्वारा की जानी चाहिए। घी, तेल और पेट्रोलियम की आग को पानी से नहीं बुझाना चाहिए। इसे फोम एक्सटिग्युशर, मिट्टी और बालू से बुझाना चाहिए। इसी तरह बिजली की शार्टसर्किट से लगी आग को बुझाने के लिए मेनस्वीच को आफ कर देना चाहिए। इसके बाद कार्बन डाई आक्साइड या ड्राई पाऊडर एक्सटिंग्यूशर, सूखी मिट्टी और बालू से उसे बुझाना चाहिए। आग हवा के माध्यम से तेजी से फैलता है ऐसे में जिस कमरे में आग लगी हो उसके खिड़की दरवाजे को बंद कर देना चाहिए। इस अवसर पर अग्नि सुरक्षा क्लब के सदस्य डा. मनीष गुप्ता, डा. आशीष गुप्ता, डा. विद्युत मल, डा. सुशील प्रजापति डा.प्रमोद यादवा, डा. नितेश जायसवाल, डा. श्याम कन्हैया, डा. प्रमोद यादव, डा. सुनील कुमार, डा. नीरज अवस्थी, डा. दिग्विजय सिंह राठौर समेत शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित थे।     

विश्वविद्यालय की कार्य पद्धति को ऑनलाइन करने की तैयारी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कार्य पद्धति को ऑनलाइन करने के लिए कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कदम बढ़ाया है.  एक मंच पर प्रवेश , फीस, परीक्षा से लेकर ऑनलाइन डॉक्यूमेंट ट्रेकिंग सिस्टम की शुरुआत हो गई है. एक बटन क्लिक करते ही सारी  जानकारी सामने होगी. विश्वविद्यालय में इसके लिए कुलपति कार्यालय के वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में  ईआरपी सॉफ्टवेयर के लिए  आई बॉस कंपनी के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया. 
कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में विश्वविद्यालय के लिए ऑनलाइन कार्य प्रणाली बहुत ही जरूरी है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय की सूचनाओं को केंद्रीकृत करना समय की मांग है. ऑनलाइन सुविधाओं का विकास होने से अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को काफी सहूलियत होगी. कुलपति कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में  आई बॉस कंपनी के विशेषज्ञों ने  बताया कि शैक्षणिक संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिए ईआरपी सॉफ्टवेयर बहुत ही मददगार है. जहाँ एक तरफ कार्य प्रणाली में  पारदर्शिता आती है वहीं इससे जुड़ें लोगों को कार्य करने में काफी सरलता होती है. उन्होंने कहा कि एक सॉफ्टवेयर की मदद प्रवेश, फीस, परीक्षा,परिणाम, फाइल ट्रैकिंग, हॉस्टल प्रबंधन, प्रश्नपत्र निर्माण , प्रमाण पत्र, अवकाश प्रबंधन, कर्मचारी प्रोफाइल आदि कार्य बड़े आसानी से संम्पन्न होते है. विश्वविद्यालय प्रशासन को एक बटन क्लिक करते ही सारी जानकारी मिल जाएगी. इस सिस्टम का लाभ संस्थाओं को नैक  में भी मिलता है. एजुकेशन मैनेजमेंट सिस्टम  की कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार राय को भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई. इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो रवि प्रकाश, डॉ पुनीत धवन, सहायक कुलसचिव अजीत प्रताप सिंह, बबीता सिंह, आनंद सिंह  समेत अन्य उपस्थित रहे.