Saturday, 4 November 2023

‘ह्यूमन रिलेशन्स एंड वेल बीइंग इन पर्सनल एंड प्रोफेसनल लाइफ’ विषय पर हुआ व्याख्यान

 

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन में शनिवार को दीक्षोत्सव पूर्व व्याख्यानमाला के क्रम में ‘ह्यूमन रिलेशन्स एंड वेल बीइंग इन पर्सनल एंड प्रोफेसनल लाइफ’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य वक्ता बीएचयू के प्रो. संदीप कुमार ने कहा कि मानवीय संबंध मानव के निजी और प्रोफेसनल लाइफ के लिए आवश्यक है। इंसान को चाहिए कि वह अपने कार्य और संबंधों के मध्य संतुलन बना के रखे। संबंधों के होने से मानव जीवन में काफी आसानी होती है। उन्होंने कहा कि लगातार नई चीजें सीखने से व्यक्ति एजिंग की समस्या से बच सकता है। मानव संबंध में सुधार लाने को लेकर उन्होंने कहा कि दूसरों से अच्छा संबंध होने के लिए मानव में वेल बीइंग, लाइफ स्किल, पेसेन्स आदि का होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत जीवन में मानव संबंध आपके परिवार, दोस्त और साथी के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद कर सकते हैं।अतिथि का परिचय और व्याख्यान का विषय प्रवर्तन करते हुए संकायाध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह  ने कहा कि आज का विषय वर्तमान परिवेश को केंद्रित कर रखा गया है। आज का युवा सफलता की इच्छा तो रखता है मगर उसके पास संबंध बनाने का तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि अच्छे व्यवहार और संबंध से आप मानव जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।  समारोह का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज मिश्र,  डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय,  डॉ. अवध बिहारी सिंह और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Friday, 3 November 2023

पीयू में फंक्शनल मैटेरियल पर होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में होगा फंक्शनल मैटेरियल पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान द्वारा फंक्शनल पदार्थ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति और पॉलीमर की प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो वंदना सिंह द्वारा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रो. वंदना सिंह ने सम्मेलन की वेबसाइट को भी लॉन्च किया। प्रो सिंह ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफलता की शुभकामनाएं दी। प्रो. सिंह ने कहा कि फंक्शनल मैटेरियल इंजीनियरिंग, मेडिसिन, स्पेस व कई अन्य क्षेत्रों में  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।रज्जू भैया संस्थान के निदेशक व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक डॉ प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि यह सम्मेलन रज्जू भैया संस्थान एवं एशियन पॉलीमर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 8 से 10 फरवरी 2024 को पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित हो रहा है।इस अवसर पर डीआरडीओ के डिफेंस मटेरियल लैब के सेवा निवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक व सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ कैलाश नाथ पांडे ने कहा की फंक्शनल मटेरियल एक बहुआयामी पदार्थ है जिसे विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए बनाया जाता है। डॉ पांडे ने कहा कि इस सम्मेलन में डीआरडीओ व देश के अन्य संस्थानों के वैज्ञानिक अपना शोध व व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ नितेश जायसवाल ने कहा कि 8-10 फरवरी , 2024 को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया भर के तीन सौ से ज्यादा शोधार्थी, वैज्ञानिक, प्रोफेसर फंक्शनल पदार्थ पर चर्चा करने के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में आयेंगे।

इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक व्यास नारायण सिंह,  सम्मेलन के कोषाध्यक्ष डॉ सुजीत चौरसिया, वेबसाइट के इंचार्ज डॉ रामांशु प्रभाकर सिंह आदि उपस्थित थे।

बहुआयामी उपयोगी पदार्थ है नैनोकंपोजिट : डॉ. कैलाश

रक्षा क्षेत्र के लिए नैनोकंपोजिट से सैनिकों के बनाए जाते हैं दस्ताने

नैनोकंपोजिट विषय पर हुआ व्याख्यान



मा. कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल राज्यपाल उत्तर प्रदेश एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो वंदना सिंह की प्रेरणा से दीक्षोत्सव के अंतर्गत व्याख्यानमाला की श्रृंखला में विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के द्वारा "नैनोकंपोजिट  के पहचान हेतु विभिन्न प्रयोगात्मक तकनीक" विषय पर शुक्रवार को आर्यभट्ट सभागार में व्याख्यान का आयोजन हुआ।

व्याख्यान के मुख्य वक्ता डीआरडीओ के डिफेंस मटेरियल लैब के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कैलाश नाथ पांडे ने कहा कि नैनोकंपोजिट एक महत्वपूर्ण पदार्थ है। इसका प्रयोग एयरोस्पेस,  इंजीनियरिंग मटेरियल में बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। डॉ पांडेय ने कहा कि नैनो कंपोजिट आधारित ब्यूटाइल रबर का प्रयोग सैनिकों के लिए दस्ताने बनाने में हो रहा है। डॉ. पांडेय ने माइक्रोस्कोप तथा थर्मल तकनीक द्वारा नैनोकंपोजिट के अध्य्यन पर प्रकाश डाला। डॉ. पांडेय ने पालीइथरइमाइड और पॉलीइथरकीटोन के प्रयोग पर चर्चा की।  इस अवसर पर रज्जू भैया संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद यादव ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। व्याख्यान का संचालन शोध छात्र आलोक मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापन रसायन विभाग के  डॉ नितेश जायसवाल ने किया l  इस अवसर पर प्रो. मिथिलेश सिंह,  डॉ. गिरिधर मिश्र,  डॉ. अजीत सिंह,  डॉ. मिथिलेश यादव,  डॉ. दिनेश वर्मा,  डॉ. पुनीत धवन,  डॉ. आलोक वर्मा,  डॉ. आशीष वर्मा,  डॉ. नीरज अवस्थी,  डॉ. श्याम कन्हैया,  डॉ. श्रवण कुमार, डॉ शशिकांत यादव,  डॉ. सौरभ सिंह,  डॉ. सुजीत चौरसिया,  डॉ. काजल डे,  डॉ. विजय शंकर पांडे तथा पीएचडी शोधार्थी व बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहीं।



इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की बाजार में विश्वसनीयता जरूरी: प्रो. सी.के. द्विवेदी

इंजीनियरिंग सिस्टम की विश्वसनीयता और स्टार्टअप की भविष्य की गुंजाइश” पर हुआ व्याख्यान

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में शुक्रवार को दीक्षोत्सव के व्याख्यानमाला के क्रम में इंजीनियरिंग सिस्टम की विश्वसनीयता और स्टार्टअप की भविष्य की गुंजाइश विषयक व्याख्यान का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. सी. के. द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ बनने के लिए कार्य को मन से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद को बाजार में बेचना है तो उसकी विश्वसनीयता का होना आवश्यक है। उन्होंने बीएलडीसी मोटर, लेजर गन मेथड, पावर डिवाइस, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम संबंधी उपकरणों की चर्चा की और घरेलू जीवन में उसके इस्तेमाल को बताया। इंजीनियरिंग विभाग के डीन प्रो. बीबी तिवारी ने इंजीनियरिंग में स्टार्ट को लेकर विस्तार से चर्चा की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजकुमार सोनी ने किया। इस अवसर पर प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. विक्रांत भटेजा, डॉ रीतेश बरनवाल, डॉ अजय मौर्य, डॉ दीपक सिंह शैलेश प्रजापति, श्याम त्रिपाठी, सुधीर सिंह, पूनम सोनकर, विशाल यादव, प्रीति शर्मा, पी सी यादव, संतोष त्रिपाठी, पारुल त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।