मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि डेटा विश्लेषण एक महत्वपूर्ण शोध क्रिया है जो विभिन्न क्षेत्रों में डेटा से जानकारी प्राप्त करने का उपयोग करती है। यह कार्य पूर्वानुमान, पैटर्न पहचान, और सूचना प्राप्ति के लिए डेटा का अध्ययन करता है। इसका उद्देश्य अद्यतन और सुधारित कार्यप्रणालियों को पहचानना है। विश्लेषण में, डेटा को संरचित किया जाता है, जैसे कि पद्धतियों, ग्राफ्स, या तालिकाओं के रूप में। इसके लिए विभिन्न आंकड़े, तकनीकियाँ, और एल्गोरिदम्स का उपयोग किया जाता है। यह उपकरण और तकनीकों के माध्यम से डेटा को व्याख्यात किया जाता है ताकि निर्णय लेने के लिए सामग्री को समझा जा सके। इसके पूर्व विश्वविद्यालय की विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय का भी प्रतिभागियों को विजिट कराया। पुस्तकालय की पूरी कार्यप्रणाली के बारे में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. विद्युत मल ने विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ विशेषज्ञों का इंटरएक्शन प्रोग्राम भी किया गया। प्रतिभागियों दीपक कुमार दास, अयाज अहमद, कपिलदेव वीरेंद्र कुमार साहू, सेनेट थामस, दया सिंधु, प्रतिमा मौर्य, विवेक मिश्रा ने सवाल पूछ अपनी जिज्ञासा शांत की। संचालन डॉ. अनु त्यागी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने किया।
Wednesday, 7 February 2024
शोध में एसपीएसएस सॉफ्टवेयर पर विस्तार से हुई चर्चा
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन के संगोष्ठी हाल में बुधवार को दो सप्ताह का कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तीसरे दिन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह ने सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान में एसपीएसएस सॉफ्टवेयर के उपयोगिता को बताते हुए उसके विभिन्न पहलुओं को विस्तार से बताया। साथ ही एसपीएसएस सॉफ्टवेयर में डेटा इंट्री, डेटा कोडिंग आदि के बारे में प्रकाश डाला । प्रो. सिंह ने कहा कि अनुसंधान में निष्पक्षता की आवश्यकता है। डेटा विश्लेषण में रखे जाने वाले आवश्यक सावधानियों को विस्तारपूर्वक समझाया।
Tuesday, 6 February 2024
आधुनिक तकनीक युग में हमें अपडेट रहने की जरूरतः प्रो. पायल चंदेल
दो सप्ताह का कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का दूसरा दिन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन के संगोष्ठी हाल में सोमवार को दो सप्ताह का कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के दूसरे दिन केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. पायल चंदेल ने कहा कि रिसर्च शनैः शनैः और शांति से किया जाने वाला कार्य है। शोध में आधुनिक तकनीक का प्रयोग तेजी से चल रहा है। इस क्षेत्र में बदलाव बहुत जल्दी- जल्दी हो रहे हैं, इसलिए अपने आप को अपडेट करने की जरूरत है। प्रो. पायल ने बेरोजगारी पर बोलते हुए कहा कि आज कोई बेरोजगार नहीं है। बेरोजगारी का मतलब सिर्फ नौकरी ही नहीं जो आप चाहते हो। आज दूसरी भी जॉब कर सकते हो। आप अपना स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हो। उन्होंने शोध की समस्या, प्राविधि और रिसर्च प्रश्नावली पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। साथ ही उसके आयामों को उदाहरण सहित समझाया। कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह ने अतिथियों का स्वागत, सह समन्वयक डॉक्टर मनोज पांडेय ने कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम की रुपरेखा पर विस्तृत रुप से प्रकाश डाला। दूसरे सत्र को प्रबंध संकाय के डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने संबोधित किया। संचालन डॉ. अनु त्यागी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. वीडी शर्मा, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ. सुधीर उपाध्याय, अनुपम कुमार समेत कई शिक्षक और प्रतिभागी उपस्थित थे।Monday, 5 February 2024
बिना स्पष्ट सोच के शोध संभव नहीः प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी
कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम से मिलेगी शोधार्थियों मददः प्रो. वंदना सिंह
ऐसे प्रोग्राम बदल सकते हैं रिसर्च की दिशाः प्रो. रामजी सिंह
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन के संगोष्ठी हाल में सोमवार को दो सप्ताह का कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम रिसर्च मेथाडोलॉजी डाटा एनालिसिस यूजिंग एसपीएसएस एंड एकेडमिक राइटिंग पर आधारित है। यह इंडियन काउंसिल आफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर ) नई दिल्ली के सौजन्य से किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं उच्च शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के आयाम स्थाई होते हैं। समय, स्थान और विषय के अनुसार उसकी व्याख्या में परिवर्तन किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी विषय पर शोध तभी करिए जब आपके मन में उस पर कोई सोच और विचार हो। साथ ही इसमें स्पष्टता हो। कहा कि शोध ज्ञान के सृजन को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, तकनीक समाज के लिए है, अगर इसमें दर्शन, द़ृष्टि और विचार नहीं हो तो यह समाज का विकास की जगह विनाश कर सकता है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम शिक्षकों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके ज्ञान में वृद्धि हीं नहीं बल्कि उन्हें नई जानकारियों से भी अवगत करायगा। इससे आपको अपने को अपग्रेड के साथ-साथ अपने शोधार्थियों के निर्देशन में भी सहायता मिलेगी। इस तरह के प्रोग्राम से हम एक- दूसरे विश्वविद्यालय के लोगों के साथ सांस्कृतिक, शैक्षणिक संबंध भी बना सकते हैं। इससे आपको पब्लिकेशन में भी मदद मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय मानविकी संकाय के पूर्व संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर रामजी लाल ने विश्वविद्यालय में अपने कार्यकाल को विस्तृत रूप से वर्णन करते हुए कहा कि यह विभाग देश के कई विभागों में से एक रहा। अमेरिका में रह रहे यहां के विद्यार्थियों ने भी इस विभाग को काफी मदद पहुंचाया है। विभाग ने आईसीएसएसआर के कई ऐसे प्रोग्राम कराया जिसने रिसर्च की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा कि यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम विश्वविद्यालय में एक नई वातावरण पैदा करेगा।
कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह ने अतिथियों का स्वागत, सह समन्वयक डॉक्टर मनोज पांडेय ने कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम की रुपरेखा पर विस्तृत रुप से प्रकाश डाला। संचालन डॉ. अनु त्यागी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने किया । इस अवसर पर प्रो. वीडी शर्मा, प्रो. एसके पाठक, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुधीर उपाध्याय समेत कई शिक्षक और प्रतिभागी उपस्थित थे।
Sunday, 4 February 2024
पीयू सुहेलदेव के बीस स्वयंसेवक का दल पंजाब रवाना
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के नेतृत्व में दस स्वयंसेवक पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं दस स्वयंसेवक महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ का दल चितकारा विश्वविद्यालय, राजपुरा पंजाब के लिए दिनांक रविवार को रवाना हुआ। कुलपति प्रो वंदना सिंह ने सभी स्वयंसेवकों को बधाई प्रेषित किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन की आशा व्यक्त किया। वित्त अधिकारी संजय राय एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर राज बहादुर यादव ने विश्वविद्यालय परिसर के राष्ट्रीय सेवा योजना से हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। दल का नेतृत्व डाक्टर तमन्ना नाज़, कार्यक्रम अधिकारी सल्तनत बहादुर पीजी कालेज जौनपुर कर रही हैं।05 से 11 फरवरी 2024 तक आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकीकरण शिविर पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व होगा, जिसमें स्वयंसेवकों /स्वयंसेविकाओं सहित बीस सदस्यीय यह दल उत्तर प्रदेश की सभ्यता एवं संस्कृति का प्रदर्शन शिविर में प्रतिभाग करेगा। इस अवसरकार्यक्रम अधिकारी डॉ शशिकांत यादव, डॉ अवधेश कुमार मौर्य, डॉ सोमारूराम, सर्वेश यादव एवं समस्त स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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