Saturday, 14 December 2024

वीबीएसपीयू: पीएचडी में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू03 जनवरी तक ऑनलाइन करे आवेदन

जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 दिसंबर 2024 से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थी 03 जनवरी 2025 तक समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

 कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने "पीएचडी प्रवेश 2024" पोर्टल को लाइव करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप युवाओं के अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने इसे छात्रों के लिए उन्नत शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करने वाला कदम बताया। इस वर्ष 52 विषयों में पीएचडी कार्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। 

इस कार्यक्रम में पीएचडी प्रवेश 2024 समिति के समन्वयक प्रो. गिरिधर मिश्र, उप कुलसचिव बबीता सिंह, और अन्य समिति सदस्य डॉ. विक्रांत भटेजा, श्री सुशील कुमार, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. राजित राम सोनकर और श्री सुबोध कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 03 जनवरी 2025 तय की गई है।


फ़ोटो- पीएचडी प्रवेश परीक्षा के पोर्टल को ऑनलाइन करतीं कुलपति प्रो वंदना सिंह एवं शिक्षक

Friday, 13 December 2024

नगरीकरण पर्यावरण को ध्यान में रख कर हो – प्रो. वंदना सिंह

 
सहकारी पी.जी कालेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन 
भारत में नगरीकरण : विकसित भारत के संदर्भ में मुद्दे एवं चुनौतियां पर हुई चर्चा 

जौनपुर. सहकारी पी.जी कालेज मिहरावां  में इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी भारत में  नगरीकरण : विकसित भारत के संदर्भ में मुद्दे एवं चुनौतियां का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देश के विभिन्न भागों से आये वक्ताओं और प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किये. 
 संगोष्ठी के  उद्‌घाटन सत्र में बतौर मुख्या अतिथि  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वन्दना सिंह ने नगरीकरण के बढ़ते विस्तार के परिप्रेक्ष्य में शहरी विकास तथा सतत विकास के मुद्दे पर विचार व्यक्त किये  एवं शहरों के परिप्रेक्ष्य को प्रकृति से जोड़ने तथा शहरों को संपोषणीय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि  नगरीकरण पर्यावरण को ध्यान में रख कर किया जाना चाहिए.  विशिष्ट अतिथि प्रो ए. आर.  सिद्दकी अध्यक्ष, आईजीआई , इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा महात्मा गाँधी कशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो पृथ्वीश नाग ने भी अपने विचार व्यक्त किये. 
प्रबंधक सहकारी पी जी कालेज मिहरावां राजीव कुमार सिंह, डा. अरविंद कुमार सिंह प्राचार्य   उद्‌घाटन सत्र में संबोधित किया. 
 भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो मुक्ता राजे ने विषय प्रवर्तन  तथा मंच संचालक प्रो पुष्पा सिंह ने किया। संगोष्ठी में प्रो मुक्ता राजे द्वारा लिखित पुस्तक भौगोलिक चिंतन का विमोचन हुआ.  संगोष्ठी का अध्यक्षीय उद्बोधन  डा० प्रमोद कुमार सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ राज बहादुर यादव ने संपन्न किया। संगोष्ठी के प्रथम सत्र में प्रो प्रो ए. आर.  सिद्दीकी ने शहरीकरण में नवीन चुनौतियों और समाधान दोनों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा इंटरनेट आफ थीम्स के विषय पर प्रो अविनाश पाथर्डीकर ने शहरीकरण का प्रभाव परिवार व संस्कृति पर, प्रो किरण सिंह ने भारतीय शहरों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत व वहनीय प्रयोग तथा समस्याओं पर तथा प्रो सरफराज आलम ने नव उदारीकरण के शहरों पर पड़ने वाले प्रभावों के विषय में गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया.फोटो- संगोष्ठी में  भौगोलिक चिंतन    पुस्तक का विमोचन करतीं कुलपति एवं अन्य अतिथि

Monday, 9 December 2024

पीयू विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधा के लिए प्रतिबद्धः प्रो. वंदना सिंह

छात्रों को इंडस्ट्रियल इक्स्पोजर दिया जाना चाहिएः नवल किशोर पांडेय

विश्वविद्यालय इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग एक्सपर्ट को भी जोड़ेः विनीत सिंह

अलुमिनी सेल को स्ट्रेंगथन करने पर जोर दे विविः डॉ. क्षितिज शर्मा

शोध की गुणवत्ता, रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने समेत 37 निर्णय लिए गए

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में सोमवार को आई.क्यू.ए.सी. (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) की बैठक कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम और शोध की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए कुल 37 निर्णय लिए गए|  इसमें औद्योगिक और शैक्षणिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।  इस क्रम में शैक्षिक सुधार के साथ- साथ विश्वविद्यालय शोध और रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय विश्वविद्यालय में शोध और शिक्षण की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

बैठक में ए.वी.पी. सोडेक्सो अदानी अकाउंट्स के एसोसिएट एडिशनल डायरेक्टर नवल किशोर पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में संसाधनों की कमी नहीं है। विश्वविद्यालय के छात्रों की इंडस्ट्रियल एक्स्पोजर दिया जाना चाहिए जिससे की शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जा सके,  साथ ही वह अपने संस्था में विश्वविद्यालय के छात्रों हेतु इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने पर भी सहयोग करेंगे। विनीत सिंह एंड एसोसिएट, गुरुग्राम के एम.डी. एवं चेयरमैन विनीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को पुस्तकालय में छात्रों हेतु इन्डस्ट्रियल मैगज़ीन की सुविधा भी प्रदान की जानी चाहिए जिससे छात्रों मे रुचि बढ़े, साथ ही साथ विश्वविद्यालय को विभिन्न क्षेत्रों के इन्डस्ट्रियल ट्रेनिंग एक्सपर्ट को भी जोड़ना चाहिए। चिकित्सक डॉ. क्षितिज शर्मा ने कहा कि अलुमिनी सेल को स्ट्रेंगथन करने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उच्च प्रभावकारी पत्रिकाओं में शोध कार्य प्रकाशित करने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की नीति को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहन देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने हेतु एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में महाविद्यालयों के शोध छात्रों को विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं में शॉर्ट टर्म विजिट की अनुमति देने का निर्णय हुआ। पेटेंट के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने और SWAYAM पोर्टल के पाठ्यक्रमों को क्रेडिट आधारित प्रणाली में शामिल करने की योजना को भी स्वीकृति मिली।

इसके अतिरिक्त, छात्रों के लिए नियमित बस सेवा, योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने, पीएच.डी. थीसिस के ऑनलाइन और समयबद्ध मूल्यांकन  और राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्थानों में भागीदारी बढ़ाने के लिए निदेशक रैंकिंग्स” को नामित करने का निर्णय भी लिया गया।

बाह्य विशेषज्ञों की टीम ने कुलपति के साथ रज़्जू भइया संस्थान,  इंजीनियरिंग संस्थान और प्रबंध अध्ययन संस्थान का विज़िट किया। समन्वयक, आई.क्यू.ए.सी. प्रो. गिरिधर मिश्र ने बैठक की शुरुआत में सभी सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में प्रो. सौरभ पाल, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. अजय द्विवेदी,  प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर,  डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव,  डॉ. संजीव गंगवार,  कुलसचिव महेंद्र कुमार समेत समिति सदस्य उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन आई.क्यू.ए.सी. सह समन्वयक डॉ. धीरेन्द्र चौधरी ने किया।

Friday, 6 December 2024

पीयू में महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबासाहेब को दी गई श्रद्धांजलि

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ शुक्रवार को मनाया गया। यह कार्यक्रम बाबा साहब के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने बाबा साहब के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल भारत के संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपनी शिक्षा और विचारों से एक नए समाज की नींव रखी, जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार मिल सके।
वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने बाबा साहब के आदर्शों और उनके आर्थिक सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बाबा साहब ने सामाजिक समरसता के लिए आर्थिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण बताया था। श्री राय ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार को उनके दिखाए मार्ग पर चलकर शिक्षा और समाज सुधार में योगदान देना चाहिए।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बाबा साहब के व्यक्तित्व और उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि वे अपने समय के सबसे बड़े विचारकों में से एक थे। उन्होंने कहा कि आज हम जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जी रहे हैं, वह बाबा साहब की दूरदृष्टि का परिणाम है। डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि बाबा साहब के विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए नियमित रूप से सेमिनार और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

यह आयोजन विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। बाबा साहब का परिवार दिवस सभी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना।
इस अवसर पर  उप कुलसचिव बबीता सिंह, अमृतलाल , प्रो. बी. डी. शर्मा, प्रो. गिरिधर मिश्र, डॉ. रसिकेस, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ धीरेंद्र चौधरी, डॉ मंगला प्रसाद,डॉ इंद्रजीत, डॉ राजित राम,राज नारायण सिंह,डॉ प्रमोद कुमार कौशिक, शील निधि सहित लोग उपस्थित रहे।
इसी क्रम में दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के मूट कोर्ट हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें डॉ. अंबेडकर के विचारों और योगदान को याद करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. देवराज सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर
निदेशक प्रोफेसर देवराज सिंह, डॉक्टर वनिता सिंह, डॉ. अनुराग मिश्र, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. राहुल राय, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. रजित राम सोनकर, डॉ. इंद्रजीत कुमार, डॉ. दिनेश सिंह, श्री प्रकाश यादव, मंगला प्रसाद यादव, डॉ. राजन तिवारी, प्रगति सिंह, सूरज सुनकर,जीशान अली, डॉ. शुभम सिंह सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।