Wednesday, 30 January 2013

शहीदी दिवस पर निजामुद्दीन को कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने किया सम्मानित


भाग्यशाली समझता हूँ कि ऐसे महान व्यक्तित्व के पास बैठने का मौका मिला -कुलपति 
अगर नेता जी होते तो देश का बटवारा नहीं होता -निजामुद्दीन 
आज़मगढ़। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने शहीदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे आजाद हिन्द फ़ौज के सिपाही  निजामुद्दीन को उनके गाँव ढकवा मे सम्मान पत्र ,मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने कहा कि आज मैं अपने को भाग्यशाली समझता हूँ कि नेता जी से जुड़े व्यक्ति के साथ बैठने और संचार करने का मौका मिला।आज का दिन देश के प्रति समर्पित लोगों को याद करने का दिन हैं।सुभाष चन्द्र बोस और उनसे जुड़े लोगों को मन से चाहने वालों की संख्या हमारे देश मे कम नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि आज निजामुद्दीन जैसे लोगों की देन से ही हम अपने को स्वतंत्र कहते हैं।इन्होंने जिस समर्पण के साथ देश की सेवा की वह अमूल्य हैं।विश्वविद्यालय परिसर मे नेता जी मूर्ति स्थापित कर उनको याद किया  हैं और छात्रों को उनके व्यक्तित्व से जोड़ने का प्रयास  किया है।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एक ऐसी योजना बनाई हैं जिसमें 1857 के शहीदों को नमन किया जायेगा ।जल्द ही परिसर के मार्गों का नाम गुमनाम शहीदों के नाम से जाना जायेगा।

सम्मानित होने के पश्चात् निजामुद्दीन ने कहा कि अगर नेता जी होते तो देश का बटवारा नहीं होता।आज सोचता हूँ कि क्या खोया क्या पाया पता नहीं।उन्होंने कहा कि पता चलता हैं कि आज लोग काम के लिए घूस मांगते हैं।कितना दुखद है इस लिए आजादी नहीं मिली थी।इसके बाद उनकी आखे नम हो गई।
रविन्द्र राय ने कहा कि निजामुद्दीन हमारे लिए प्रेरणा श्रोत हैं और जनपद के लिए गर्व हैं।उन्होंने कहा कि कागजों की लड़ाई मैं भले उनको पेंशन न मिली हो लेकिन उनकी गाथा इस देश की माटी में छिपी हैं।

सम्मान समारोह के पहले कुलपति निजामुद्दीन के घर जाकर मिले।उनके पुत्र अकरम ने अपने पिता की बातों को बताया।सम्मान समारोह में कुलपति सुन्दर लाल ने  सम्मान पत्र ,मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।पूर्वांचल परिसर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार, कार्यक्रम समन्यवयक डॉ हसीन खान, अध्यक्ष जनसंपर्क डॉ मनोज मिश्र साथ रहे।राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयं सेविकाओं ने स्वागत गीत एवं देश भक्ति गानों की प्रस्तुति की।इस अवसर पर डॉ दुर्गा अस्थाना,डॉ कौशलेन्द्र मिश्र,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,मन्नान ,सल्लू,दिवाकर सिंह,धर्मेन्द्र श्रीवास्तव,अमरेन्द्र सिंह,विकास वर्मा,शैलेश यादव,ध्रुव मिश्र ,अनिल चतुर्वेदी,रमेश सिंह,खुर्रम नोमानी समेत तमाम स्थानिय लोग मौजूद रहे। 








Sunday, 27 January 2013

गरीबों के लिए बाजार लगाना गर्व की बात :एन डी तिवारी


आज़मगढ़।वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति प्रो सुन्दरलाल द्वारा  प्रारंभ किये गए गरीबों के बाजार बापू बाजार  का आयोजन डॉ सुशीला ग्रामीण महाविद्यालय रतुआपार आज़मगढ़ में 27 जनवरी को किया गया।इस 17 वे बापू बाजार में  लोगों ने जमकर खरीदारी की ।बापू बाजार में अब तक की सबसे अधिक  भीड़ रही जिसका अंदाजा पहले से नहीं लगाया गया था।राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने बाजार में खरीद करने वालों को मनचाही वस्तुएं उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास किया।लोगों को २-१० रुपयें में ऐसी वस्तुएं मिली जिसका उनको कभी विश्वास नहीं था।बच्चे को बाजार में मुफ्त में खिलौने और किताबे,पेंसिल और कापियां  दी गई।तीन दर्जन से अधिक महाविद्यालयों ने बापू बाजार मे भाग लिया।  

कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एन डी तिवारी ने कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि विश्वविद्यालय महात्मा गाँधी के नाम पर गरीबों के लिए बाजार लगा रहा हैं। उन्होंने कहा कि अभी जीवन मे कुछ करना हैं।अपने पत्नी के नाम पर बने महाविद्यालय मे  उन्होंने उनको नमन किया। उन्होंने आजादी के समय के अपने अनुभवों की भी चर्चा की।है आजादी मे सुख कितना ये देश प्रेमियों से पूछों कविता का पाठ भी किया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने कहा कि बापू बाजार की जो संकल्पना की गई थी वह साकार होते दिख रही हैं।बापू बाजार बस एक बाजार नहीं हैं।इसमें गाँधी का सन्देश हैं।उन्होंने कहा कि आज बापू के विचारों की कितनी जरूरत हैं यह बीते दिनों 16 दिसम्बर को हुई घटना पर सोचने को विवश करती हैं।आज युवा महात्मा गाँधी के विचारों को आत्मसात करे तभी ऐसी घटनाएँ रुकेंगी। 

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज्य संपर्क अधिकारी डॉ एस बी सिंह ने कहा कि बापू बाजार से राष्ट्रीय सेवा योजना को नई पहचान मिली हैं।यह बापू बाजार एक इतिहास रचेगा।पूर्व मंत्री शम्भू सिंह ने कहा कि  महात्मा गाँधी के विचारों को इस बाजार के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच प्रवाहित करके बहुत सुख मिला हैं।बापू बाजार के संयोजक हितेंद्र प्रताप सिंह ने बापू बाजार की अवधारण पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्यवयक डॉ हसींन खान ने कहा कि बापू बाजार मे शामिल होने वाले छात्र छात्राओं की सोच में जो परिवर्तन हुआ हैं वह जीवन पर्यन्त रहेगा।बापू बाजार में गरीबों से 15 हजार रुपये प्रतीकात्मक रूप से प्राप्त हुए।सञ्चालन डॉ वेद प्रकाश एवम प्रभु नारायण प्रेमी ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ सौम्य सेन ,डॉ राजेश्वरी पाण्डेय,डॉ श्री कान्त पाण्डेय, रमेश सिंह फौजदार सिंह आदि उपस्थित रहे।