Thursday, 21 November 2013

अंतरमहाविद्यालयीय २५ वीं एथलेटिक (महिला एवं पुरुष ) प्रतियोगिता


दौड़ में आजमगढ़ की वंदना ने मारी बाजी
रंगारंग कार्यक्रम के साथ एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को रंगारंग कार्यक्रम के साथ 25वीं अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। प्रतियोगिता के पहले दिन महिला वर्ग की 15 सौ मीटर की दौड़ हुई। दौड़ में आजमगढ़ की वंदना सभी को पछाड़ते हुए बाजी मारी। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले कुलपति प्रो. सुंदर लाल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिता के पहले दिन महिला वर्ग की दौड़ आयोजित की गई।15 सौ मीटर महिला वर्ग दौड़ में आजमगढ़ के कूबा पीजी कालेज की वंदना ने सभी को पछाड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर राजकीय महाविद्यालय सैदपुर गाजीपुर की मुनीता पाल रहीं। वहीं तीसरा स्थान गाजीपुर राजकीय महिला विद्यालय की बिंद यादव रहीं। इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुंदर लाल ने मशाल जलाई, गुब्बारे और कबूतर छोड़े और मैदान में पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल से छिपी प्रतिभा में निखार आता है। छोटे शहरों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है जरूरत उसे निखारने की जरूरत है। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस मौके पर डा. राकेश सिंह, जेबी सिंह, डा. रामआसरे शर्मा, देवेंद्र सिंह, डा. प्रदीप कुमार तिवारी, सत्य प्रकाश सिंह, डा. एससी पुरोहित, डा. संगीता साहू, अशोक सिंह, रजनीश सिंह, राजेश सिंह, मदन मोहन पांडेय, हरिश्चंद्र, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमलदार यादव आदि मौजूद रहे।
(amar ujala)









Monday, 18 November 2013

याद किये गए पंकज सिंह


छात्रों ने आयोजित की श्रद्धांजलि सभा ,सैकडों मोमबत्ती जलाई 


जौनपुर।वीर बहादुरसिंह पूर्वांचल  विश्वविधालय के व्यवहारिक मनोविज्ञान के पूर्व शिक्षक डॉ पंकज सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार की शाम को परिसर सिथत गांधी वाटिका में महात्मा गांधी और पंकज सिंह के चित्र के सामने  सैकडों मोमबत्ती जलाकर कुलपति समेत शिक्षकों एवं  विधार्थयों ने नम आखों से मृतक आत्मा की शांति की प्रार्थना की.

इसके पूर्व बीते दिनों डॉ  पंकज सिंह के आकसिमक निधन पर संकाय भवन के कांफ्रेंस हाल में श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित  करते हुए कुलपति सुंदर लाल ने कहा कि ड‚ पंकज सिंह का निधन विश्वविधालय परिवार के लिए बहुत ही दुखद है। शिक्षण गतिविधियों के साथ ही साथ सांस्—तिक कार्यक्रमों के माध्यम से विधार्थियों की सृजन क्षमता को विकसित करने में अपना अभिन्न योगदान दिया है. प्रो डी डी दुबे ने कहा कि ड‚ पंकज सिंह के सदैव किसी के सम्मान में कमी नहीं की । प्रो राम जी लाल ने कहा कि  विभाग को आगे ले जाने में उन्होंने व्यक्तिगत  स्तर पर काम किया।इसके साथ ही डॉ  अजय प्रताप सिंह,डॉ प्रदीप कुमार,डॉ  वी डी शर्मा, रजनीश भास्कर डॉ  मनोज मिश्र  आदि ने डॉ पंकज सिंह के साथ के व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। डॉ दिगिवजय सिंह राठौर ने डॉ पंकज सिंह द्वारा अपने ऊपर लिखे गए लेख व्हाटस इज  अ नेम  को पढ कर सुनाया।










Wednesday, 13 November 2013

जौनपुर से निकली सांस्कृतिक यात्रा राहुल सांस्कृयायन के गांव पंदहा पहुंची





राहुल के गांव आना बड़ी उपलब्धि : नूर जहीर
आजमगढ़। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डा. सुंदर लाल और प्रसिद्ध साहित्यकार नूर जहीर के नेतृत्व में जौनपुर से निकाली गई सांस्कृतिक यात्रा शाम चार बजे राहुल सांस्कृयायन के गांव पंदहा पहुंची। जहां लोगों ने उनका स्वागत माला पहनाकर किया। प्रो. सुंदर लाल और नूर जहीर ने राहुल जी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। अपने संबोधन में नूर जहीर ने कहा कि राहुल के गांव आना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यात्रा तो सभी करते हैं लेकिन इससे सीख कोई नहीं लेना चाहता है। उन्होंने कहा कि समाज को जड़ से बदलने की जरूरत है यह काम मार्क्सवाद के द्वारा ही संभव है। आज समाज में हर कोई परेशान है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, नौजवान बेरोजगारी का दर्द झेल रहा है। प्रोफसर डा. सुंदर लाल ने कहा कि हम राहुल जी के गांव आकर तीर्थ का दर्शन कर रहे हैं। जो लोग उनकी स्मृतियों को संजोए हुए है वह बधाई के पात्र हैं।इस मौके पर डा. यासीन खां, डा. संजय श्रीवास्तव, हरिमंदिर पांडेय, मातबर मिश्र, जितेंद्र हरि पांडेय, दिग्विजय सिंह राठौर आदि उपस्थित थे।अंत में राहुल पुस्तकालय के प्रभारी राधेश्याम पाठक ने आए हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया. (Amar ujala)

Monday, 11 November 2013

सज्जाद जहीर व महापंडित राहुल सांकृत्यायन : एक सांस्कृतिक सफरनामा

सम्बोधित करती लेखिका नूर जहीर 



प्रो शाहीना रिजवी को स्मृति चिन्ह देते कुलपति साथ में डॉ हसीन 

अपने अब्बू सज्जार जहीर पर लिखित पुस्तक कुलपति को  भेंट करती नूर जहीर 
सज्जाद जहीर के गाव पहुँची सांस्कृतिक यात्रा