Saturday, 20 June 2015

पूविवि में मना अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस


 विश्वविद्यालय के विवेकानन्द केन्द्रीय पुस्तकालय के हाल में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रतिभागियों ने योग को सदैव जीवन से जोड़े रखने का संकल्प लिया।
प्रातः 6 बजे प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में प्रतिभागियों को योग प्रशिक्षक सतीश सेठी एवं अमित आर्य द्वारा योग के आसनों का संगीत के साथ प्रदर्शन किया गया। जिसका अनुसरण प्रतिभागियों ने किया। प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत विश्वविद्यालय की ओर से अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. बीबी तिवारी ने किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डाॅ. एम हसीन खान ने विवेकानन्द पर ‘केन्द्रित व्यक्तित्व का विकास’ पुस्तक का वितरण कराया। योग प्रशिक्षकों के साथ आयोजकों ने पौधरोपण भी किया। योग प्रशिक्षकों को पीपल का पौधा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन डा. एचसी पुरोहित एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. वीडी शर्मा ने किया। 





Tuesday, 2 June 2015

जनसंचार विभाग में पूर्व स्वर्णपदक विजेता छात्र नितिन उपाध्याय का स्वागत

 विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में विभाग के पूर्व स्वर्णपदक विजेता छात्र एवं वर्तमान में उत्तराखण्ड सरकार में सहायक सूचना निदेशक नितिन उपाध्याय का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर विभाग के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए नितिन उपाध्याय ने कहा कि मीडिया के लिए सभी विषयों का अच्छा ज्ञान आवश्यक है। प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया दोनों का ही समान महत्व है। पत्रकारिता के मूलभूत सिद्धांत सभी जगह एक ही होते है। मीडिया में ग्लैमर के साथ कठिन चुनौतियां और अनिश्चितताएं भी जुड़ी होती है। जिसका सामना सजगता से करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत में सफल लोकतंत्र होने के सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारणों में यहां की मीडिया भी है। व्यक्तिगत रूप में मुझे अपने कैरियर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग का बहुत सहयोग मिला है।
विदित हो कि नितिन उपाध्याय सत्र 1998 से 2000 में जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के स्वर्ण पदक विजेता छात्र रह चुके है। वर्ष 2003 में उत्तराखण्ड राज्य सेवा में सहायक सूचना निदेशक पद पर नियुक्ति के बाद श्री उपाध्याय उत्तराखण्ड के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के सूचनाधिकारी एवं दिल्ली में भी उत्तराखण्ड राज्य सूचना अधिकारी के पद पर कार्य कर चुके है।
विभाग के पूर्व छात्र का स्वागत संकायाध्यक्ष डा. अजय प्रताप सिंह ने किया एवं परिचय तथा आभार  विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. मनोज मिश्र द्वारा दिया गया। संचालन डा. अवध बिहारी सिंह ने किया। इस अवसर पर पंकज कुमार सिंह, अंकित जायसवाल सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।


Wednesday, 27 May 2015

वोकेशनल स्टडीज के कार्यक्रम की शुरुआत के लिए कार्यशाला का आयोजन


विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में बुधवार को रोजगारपरक शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए बैचलर ऑफ़ वोकेशनल स्टडीज के कार्यक्रम की शुरुआत करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजार की मांग के अनुरूप युवाओं को शिक्षित करने  एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई. 

कार्यशाला में बतौर विषय विशेषज्ञ  जयप्रभा ग्रामीण तकनीकी शोध संस्थान की निदेशक डॉ नंदिता पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय ने  स्थानीय आवश्यकताओं  के अनुरूप व्यावसायिक एवं रोजगारपरक जो पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है उससे युवाओं को स्वाभिमान के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।भारत  निर्माण बिना युवाओं के मजबूत हुए नहीं हो सकता। हमें पाठ्यक्रमों की शुरुआत ऐसे विषयों से करनी चाहिए जिसकी स्थानीय परिवेश में जरूरत हो.रोजगार सृजन में यह पाठ्यक्रम तुरंत प्रभावी हो सके. 
अध्यक्षीय उदबोधन में कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा पूर्वांचल में व्याप्त बेरोजगारी को देखते हुए विश्वविद्यालय  सत्र २०१६ ऐसे  व्यावसायिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों  की शुरुआत करेगा जो सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं डिग्री पाठ्यक्रम होंगे।इसके लिए  विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. यह पाठ्यक्रम महाविद्यालयों  में भी संचालित किये जायेंगे।

प्राचार्य डॉ लाल जी त्रिपाठी ने कहा कि युवाओं के सामने सबसे बड़ा संकट रोजगार है.विश्वविद्यालय उनके रोजगार सम्बंधित समस्याओं के निदान के लिए सीधी पहल कर रहा है. जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। प्रो रामजी लाल ने कहा कि पहले चरण में इस पाठ्यक्रम की शुरुआत के लिए  क्षेत्र की आवश्यकताओं पर अध्ययन किया जा रहा है. डॉ मानस पाण्डेय ने भारत सरकार के राष्ट्रीय उच्चतर  शिक्षा अभियान की चर्चा की एवं शिक्षा की गुणवत्ता पर अपनी बात रखी. संचालन डॉ मनोज मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी अमर चंद, प्रो वी के सिंह, डॉ एच सी पुरोहित, डॉ वंदना राय, डॉ अवध बिहारी सिंह , डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ धर्मेन्द्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे.