Wednesday, 30 August 2017
Saturday, 5 August 2017
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कवि सम्मलेन का हुआ आयोजन
बादल - बादल मैं लिखता हूँ -पानी- पानी तू भी लिख
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और स्वस्थ मनोरंजन के लिए ऐसे आयोजन होते रहेंगे। इस कवि सम्मेलन का उद्देश्य अयोध्या सिंह हरिऔध, मैथिलीशरण गुप्त, सुमित्रानंदन पंत एवं महादेवी वर्मा की साहित्यिकधर्मिता को विद्यार्थियों के जेहन में प्रतिस्थापित करना है। महोबा से आए श्रृंगार एवं वीर रस के कवि दरबारी लाल प्रेमी की रचना पुस्तक होगी ढाल तुम्हारी, कर्म तुम्हारी है तलवार, बुद्धि और विवेक के बल से करना होगा तुमको वार को विद्यार्थियों ने को विद्यार्थियों ने खूब पसंद किया।
बनारस से आई कवित्री के गीत हे मां सरस्वती वीणा मधुर बजा दे पर पूरा वातावरण भक्ति में हो गया अगली रचना वह जो मौत बांटते हैं कभी जिंदगी न देंगे,जो चिराग बुझ रहे हैं कभी रोशनी न देंगे खूब सराही गई.
गीतकार स्वामीनाथ पाठक मधुर की रचना राष्ट्रवादी बनो बंधु वादी बनो जातिवादी बने तो बिखर जाओगे सुनाया । कवि सम्मेलन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ देवराज ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की. आजमगढ़ के आशु कवि कमला सिंह, वाराणसी के गीतकार सत्यप्रकाश आजाद की रचनाओं ने श्रोताओं को खूब आनंदित किया। कवि सम्मेलन में कवियों का स्वागत एवं परिचय मीडिया प्रभारी डॉक्टर मनोज मिश्र द्वारा किया गया. संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर एवं अशोक सिंह ने किया। कवि सम्मेलन के संयोजक सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष डॉक्टर अजय प्रताप सिंह ने धन्यवाद् ज्ञापन किया। इस अवसर पर डॉ वी डी शर्मा, डॉ अजय द्विवेदी, डॉ ए के श्रीवास्तव, डॉ अविनाश पाथर्डीकर, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ राज कुमार सोनी, डॉ संतोष कुमार, डॉ सुरजीत यादव, डॉ सुनील कुमार, डॉ रुश्दा, अमलदार यादव, अनिल श्रीवास्तव, रजनीश सिंह, संजय श्रीवास्तव, सुशील प्रजापति, विद्युत् मल समेत विद्यार्थीगण मौजूद रहे.
Thursday, 3 August 2017
‘वस्तु एवं सेवाकर: आयाम एवं अवसर’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी
विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन मे गुरूवार को ‘वस्तु एवं सेवाकर: आयाम एवं अवसर’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जीएसटी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
डाॅ0 शर्मा ने कहा कि हम शीघ्र ही औद्योगिक नीति लाने वाले हैं इसे रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय में कौशल विकास केन्द्र खोलकर विद्यार्थियों का प्लेसमेन्ट वहीं कराने का प्रयास होगा। उन्हांेने कहा कि स्वपरीक्षा केन्द्र नहीं बनेंगें। केन्द्र भी वहीं बनेगा जहां के कमरे में सीसी कैमरे से लैस हो। परीक्षा के दिनों में इसकी निगरानी पुलिस अधिकारी और उनकी मानीटरिंग जिलाधिकारी करेंगें। नकल रोकने और नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहें है। महाविद्यालय जुड़े प्रबंधक एवं सदस्य परीक्षा केन्द्र से 200 मीटर के दायरे में नहीं दिखेंगे।
उन्होने विश्वविद्यालय के कुलसचिव समेंत सभी अधिकारियों से कहा कि शिक्षकों की कोई भी फाइल विलम्बित न रहे । उसे तत्काल निस्तारित करें जिससे उन्हें कक्षा छोड़ने का मौका न मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि हर हाल में प्रतिवर्ष 220 कक्षाएं चलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय ज्यादा से ज्यादा खुले परन्तु पढ़ाई के लिए न कि व्यवसाय के लिए। उन्होंने कहा परीक्षा की प्रतिदिन की रिपोर्ट महाविद्यालय विश्वविद्यालय को भेजे और विश्वविद्यालय उसे शासन को भेेजे ऐसा न करने वाले महाविद्यालय डिबार होगें ।
विशिष्ट अतिथि शहरी विकास राज्य मंत्री गिरीशचन्द्र यादव ने कहा कि सभी नौ टेक्स को मिलाकर जीएसटी बनाया गया है इससे इन्सपेक्टर राज का खत्मा होगा और देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उनहोंने कहा कि दो करोड़ से उपर की चोरी करने पर आपराधिक मामले दर्ज होंगे।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के वाइसचांसलर प्रो0राजाराम यादव ने कहा कि जौनपुर की पावन धरती जहां स्वामी रामभद्राचार्य, नासा के पूर्व वैज्ञानिक डाॅ0 सरोज मिश्र ,पद्मश्री लालजी सिंह जैसी विभूतियों में जन्म लिया है उस धरती पर एकात्म मानववाद के प्रणेता के सिद्धान्त को धारण करने वाले आप जैसे उपमुख्यमंत्री का विश्वविद्यालय परिसर में स्वागत करने पर मुझे अपार अनुभूति हो रही है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के लिए सौ एकड़ जमीन की उपलब्धता प्रदान करने के लिए स्वर्गीय अर्जुन यादव को याद करते हुए उन्होंने पूर्वान्चल विश्वविद्यालय की महत्ता को और बढ़ाने के लिए राजकीय मेडिकल कालेज की सम्बद्धता विश्वविद्यालय से करने, प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय को 10 करोड़ रूपये का अनुदान एवं अधूरे भवनो का निर्माण पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि हमें आपके सहयोग से विश्वविद्यालय को वैश्विक उॅचाई पर ले जाना है।
इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन करके हुआ। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया। समारोह में कुलपति ने मुख्य अतिथि प्रो0डाॅ0दिनेश शर्मा को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम और डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद पर लिखी पुस्तक भंेटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में आजमगढ़ के राजकीय महाविद्यालय अंबारी की प्राचार्या सविता भारद्वाज की पुस्तक अभिज्ञान का विमोचन उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के विश्वसरैया सभागार में संगोष्ठी के तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त भारत सरकार गिरीश नारायण पांडेय ने कहा कि सभी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में टैक्स की जरूरत होती है। मधुमक्खी जैसे फूलो से रस लेकर शहद देती है उसी तरह सरकार टैक्स लेकर हमें सुविधा प्रदान करती है । उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से टैक्स चोरी रूकेगी । वाराणसी के संयुक्त कमिश्नर राज्यकर आर.एन.पाल ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर पर चर्चा करते हुए जीएसटी के फायदे पर विस्तार पूर्वक चर्चा की।डिप्टी कमिश्नर राज्यकर सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि जीएसटी से घबराने की जरूरत नहीं है इससे व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को फायदा है। यह जहां व्यवसाय के लिए सरल है। वहीं मेक इन इंडिया अभियान को इससे गति मिलेगी। सीए अमित गुप्त ने जीएसटी से जुड़ी अनेक जानकारिंया दी। उन्होंने समय पर टैक्स को जमा करने की सलाह दी।
विषय प्रवर्तन संयोजक डाॅ0 अविनाश पाथर्डिकर ने , संचालन आयोजन सचिव अमित वत्स द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक डाॅ0 मानस पांडेय द्वारा दिया गया ।
Monday, 31 July 2017
पाठ्यक्रम से जुड़ेगा जीएसटी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने सोमवार को बताया कि जी एस टी को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम से शीघ्र जोड़ा जायेगा। वे आज कुलपति सभागार में आगामी 3 अगस्त को आयोजित होने वाले वस्तु एवं सेवा कर: आयाम एवं अवसर विषयक संगोष्ठी की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्र,वित्त और कॉमर्स के विद्यार्थियों को जीएसटी का ज्ञान बहुत जरुरी है। आज जीएसटी से संबंधित जानकारी एवं उसको सरलीकृत रूप में समाज तक पहुचाने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों पर है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय इस गोष्ठी का आयोजन परिसर में करके प्रबुद्ध जनों ,व्यापारी वन्धुओं ,सामाजिक सक्रियक के साथ अपने परिक्षेत्र के सभी महाविद्यालयों के अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को भी आमंत्रित कर रहा है। विदित हो कि गोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा, विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री शहरी विकास,राहत एवं पुनर्वास गिरीश चंद्र यादव एवं पूर्व प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त भारत सरकार गिरीश नारायण पांडेय तथा बतौर वक्ता संयुक्त कमिश्नर राज्य कर आर एन पाल, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर सुजीत जायसवाल एवं सीए अमित गुप्त को आमंत्रित किया गया है।
बैठक में कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने गोष्ठी के सफल संचालन हेतु आयोजन समिति के सभी सदस्यों से अब तक के किये कार्यों की समीक्षा एवं आयोजन के विविध पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अविनाश पाथर्डीकर ने संगोष्ठी की तैयारियों के बारे में बताया। गोष्ठी के समन्वयक डॉ मानस पांडेय एवं आयोजन सचिव डॉ. अमित वत्स ने आयोजन के रूप रेखा पर चर्चा की । बैठक में प्रोफेसर बीबी तिवारी , वित्त अधिकारी एम् के सिंह, कुलसचिव डॉक्टर देवराज, उप कुल सचिव संजीव सिंह , डॉ. ए के श्रीवास्तव,डॉ वीडी शर्मा , डॉ. अजय प्रताप सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. अजय द्विवेदी,डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुरजीत यादव, डॉ. आशुतोष कुमार सिंह,डॉ सुनील कुमार ,डॉ अवध बिहारी , डॉ के एस तोमर,संजय श्रीवास्तव सहित तमाम शिक्षक -कर्मचारी मौजूद रहे।
Subscribe to:
Posts (Atom)

