Wednesday, 28 November 2018

फोटानिक्स से संचार के क्षेत्र में आया परिवर्तन.प्रो हाजरा

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया हाल में बुधवार को  ऑप्टिक एवं फोटानिक्स विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की  गई I कार्यशाला में बतौर वक्ता कोलकाता विश्वविद्यालय  के एमरेटस प्रोफेसर एल एन हाजरा ने कहा  फोटानिक्स प्रकाश किरणों के माध्यम से इंस्ट्रूमेंटेशन और संचार के क्षेत्र में आशातीत परिवर्तन आया है। आज इंटरनेट इसी के माध्यम से चल रहे है और आने वाले समय में भी फोटॉनिक्स से चलेंगे। उन्होंने  छात्रों को आधुनिक युग में प्रयोग  होने वाली फोटॉनिक्स  तकनीकी  की जानकारी दीI उन्होंने कहा कि शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में इसकी सहायता से अब जटिल से जटिल ऑपरेशन बहुत ही आसानी से हो रहे  है I उन्होंने कहा कि आज फोटोनिक्स का उपयोग नैनो टेक्नोलॉजी, बैलेस्टिक मिसाइल, नेवीगेशन,लेजर ट्रीटमेंट, टेलीकम्युनिकेशन, माइक्रोस्कोपी, एडवांस स्पेक्ट्रोस्कोपी, जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में फोटानिक्स के उपयोग में कारण इसके विशेषज्ञों की भी मांग बढ़ी है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थी इस फील्ड में अपना बेहतर कॅरियर बना सकते है। 
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर बी बी तिवारी ,समन्वयक टेकिप ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर हाजरा का स्वागत किया I  कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक डॉ प्रवीण कुमार सिंह  डॉ शैलेश कुमार प्रजापति ,डॉ रीतेश बरनवाल डॉ सुधीर सिंह ,डॉ अनीश, प्रीति शर्मा , दीपक सिंह, संतोष त्रिपाठी उपस्थित रहेI

Tuesday, 27 November 2018

तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के बोर्ड आफ गवर्नेंस की पहली बैठक



  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में मंगलवार को तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के बोर्ड आफ गवर्नेंस की पहली बैठक आयोजित की गई . बैठक में देश के विभिन्न भागों से आये सदस्यों ने तकनीकी शिक्षा के उन्नयन और गुणवत्ता के लिए विचार विमर्श किया। 

बोर्ड आफ गवर्नेंस की बैठक बीएसएनल के पूर्व सीएमडी आर.के उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों को ध्यान में रखना होगा। 

 बैठक में  कोलकाता के इमेरिटस प्रोफेसर प्रो. एलएन हाजरा, पीईएस मंडया कर्नाटक के प्रो. दिनेश प्रभु , आईएमएसएस बैंगलोर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनिमेश विसारिया, पूर्व आईएएस एवं सीइओ डीएसएलटीएस प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव के शिवराज अस्थाना, सुरेश साई,समन्वयक टेकिप, प्रो. बी.बी तिवारी, प्रो. अशोक श्रीवास्तव,डॉ  संतोष कुमार,डॉ. एस. पाल शामिल हुए। 

बैठक में  प्रो. ए.एन. हाजरा ने संस्थान और विश्वविद्यालय के उत्तरोत्तर प्रगति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तायुक्त तकनीकी शिक्षा दे रहा है।  पूर्व आईएएस अधिकारी शिवराज अस्थाना ने अपने सम्बोधन में कहा कि  आज के इस डिजिटल इंडिया के दौर में कैलिफोर्निया को आधार मानकर ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी क्रम में अनिमेष विसारिया ने  कहा कि समाज ने हमें पाल-पोस कर बड़ा किया है अतः हमारा भी दायित्व है कि हम भी समाज को वापस कुछ दें। मेंटर संस्था के प्रो. दिनेश प्रभु ने बीओजी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. डॉ राजाराम यादव ने विश्वविद्यालय की प्रगति से   सदस्यों को अवगत कराया। बैठक में टेकिप के अन्तर्गत किए गए कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। 

कुलपति ने पुस्तक मेले का किया अवलोकन


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के पुस्तक मेला के दूसरे दिन कुलपति ने स्टालोँ का अवलोकन  किया।इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि व्यक्ति के ज्ञान के विकास में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ऐसे में हमारी कोशिश होगी कि अच्छे प्रकाशन की पुस्तकें पुस्तकालय में हो ताकि उसका लाभ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मिल सके। उन्होंने स्टालों पर अच्छी पुस्तकें देख कर मेले में आए प्रकाशक और मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफेसर मानस पांडेय और डॉ  विद्युत मल्ल की सराहना की।  पुस्तक मेले में डी एस बुक्स, एस चांद, हिमालया पब्लिकेशन, सेज, ऑक्सफोर्ड, न्यू एज,, पीयरसन, स्प्रिंगर समेत तमाम प्रकाशन आए। प्रिंट के साथ ही साथ इ बुक और जर्नल के प्रकाशकों ने  भी भाग लिया।इस अवसर पर  प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रो अजय प्रताप सिंह,डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध  बिहारी सिंह अवधेश कुमार आदि शामिल थे।

Monday, 26 November 2018

पीयू में तीन दिवसीय पुस्तक मेला शुरू


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में सोमवार को तीन दिवसीय पुस्तक मेले की शुरुआत हुई. पुस्तक मेले में देश के 42 प्रकाशक किताबों के साथ आएं। 
उद्घाटन सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष  बी के सिंह ने कहा संचार क्रांति के इस युग में लोगों में  किताबों को पढ़ने की रुचि कम होती जा रही है। प्रकाशन और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि पाठकों को बेहतर किताबें उपलब्ध हो। अध्यक्षीय संबोधन में ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की निदेशिका  प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने कहा कि छात्र किताबों को सबसे अच्छा दोस्त बनाएं। कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने किताबों के महत्व पर प्रकाश डाला। वित्त अधिकारी एम के सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बेहतर पुस्तकें उपलब्ध कराने में सदैव आगे रहेगा। 
स्वागत भाषण मानद पुस्तकालयाध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडे ने दिया एवं आभार डॉ  आशुतोष सिंह ने व्यक्त किया। संचालन डॉ  विद्युत मल ने किया।  पुस्तक मेले में डी एस बुक्स, एस चांद, हिमालया पब्लिकेशन, सेज, ऑक्सफोर्ड, न्यू एज,, पीयरसन, स्प्रिंगर समेत तमाम प्रकाशन आए। प्रिंट के साथ ही साथ इ बुक और जर्नल के प्रकाशकों ने  भी भाग लिया। मेले में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने शिरकत की । इस अवसर पर प्रो बी डी शर्मा,प्रो राजेश शर्मा, प्रो रामनारायण,  प्रो ए के श्रीवास्तव, डॉ  मनोज मिश्र , डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ ऋषिकेश, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार  आदि उपस्थित रहे।