Saturday, 29 February 2020

सूचना कार्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी को किया सम्मानित



 
 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में शनिवार को  शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने जिला सूचना कार्यालय जौनपुर के सेवानिवृत्त कर्मचारी मुन्नीलाल को विभाग में  अंगवस्त्रम तथा स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया।
 विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी एवं  जनसंचार विभाग के अध्यक्ष एवं  डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि मुन्नीलाल ने जिला सूचना कार्यालय में तीन दशकों तक सेवा कर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे सदैव समाज हित में काम करते हुए जन सरोकार से सदा जुड़े  रहे। उन्होंने कहा कि समय- समय पर विश्वविद्यालय में होने वाले आयोजनों में वे  मीडिया  और विश्वविद्यालय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में भी कार्य किया है ।  
आभार व्यक्त करते हुए  मुन्नीलाल ने कहा कि जो सम्मान मुझे इस विश्वविद्यालय  में मिला है वह  मेरे जीवन की अमूल्य धरोहर है जिसे हम कभी भुला नहीं पाएंगे।   इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध  बिहारी सिंह सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

नये फोटोनिक मटेरियल बनाने पर शोध करेगे पी यू के डॉ अजीत सिंह


रिसर्च ग्रांट के अंतर्गत मिले 53 लाख रुपए

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान  के रसायन विभाग के शिक्षक डॉ अजीत सिंह  आर्गेनिक और नैनो  डेरिवेटिव्स  से नये फोटोनिक मटेरियल पर शोध करेगे | इसके लिए उन्हें विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के साइंस व इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड की ओर से  कोर रिसर्च ग्रांट के अंतर्गत 53 लाख रुपए का प्रोजेक्ट ग्रांट मिला है। इस प्रोजेक्ट की अवधि 3 साल होगी l बताते चलें कि इसके पूर्व में डॉ अजीत सिंह ने  एम. एन. एन. आई. टी इलाहाबाद में भी फास्ट ट्रैक यंग साइंटिस्ट के तहत 33 लाख का प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया है l
प्रोजेक्ट के  संबंध में डॉ अजीत सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में नए फोटोनिक  मटेरियल डिजाइन किए जाएंगे जो कि ऑर्गेनिक  एवं नैनो नैनो डेरिवेटिव पदार्थ होंगे l अभी तक डाटा स्टोरेज के लिए बायनरी सिस्टम के तहत डाटा स्टोर करते हैं इस शोध प्रोजेक्ट में नए फोटोनिक मटेरियल की मदद से टरनरी डाटा स्टोरेज बनाए जायेंगे | जिसके प्रयोग से दिन पर दिन बढ़ते डाटा के प्रयोग को हम सभी आसानी से और छोटी जगहों में रख पाएंगे  |
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी।  इस अवसर पर रज्जू भइया संस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। इस मौके पर जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ  मनोज मिश्र, डॉ प्रमोद यादव, डॉ दिग्विजय  सिंह राठौर,नितेश जायसवाल, डॉ मनीष गुप्ता, व अन्य शिक्षकों ने बधाई दी।

Monday, 24 February 2020

आदर्श,मूल्य और मर्यादा वाली हो शिक्षा: श्रीहरि बोरिकर

विश्वविद्यालय ‌के रज्जू भैया फिजिकल स्टडी एवं रिसर्च सेंटर  के आर्यभट्ट सभागार में युवाओं के विकास में नई शिक्षा नीति का योगदान विषय पर सोमवार को एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के काशी प्रांत द्वारा आयोजित की गई।

इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विश्वविद्यालय प्रमुख श्रीहरि बोरिकर  ने कहा कि हमारी शिक्षा आदर्श, मूल्य और मर्यादा वाली होनी चाहिए। भारत में विविधता में एकता क्यों है. इसकी अवधारणा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। हमारे क्रांतिवीरों का इतिहास पाठ्यक्रम में तोड़ मरोड़ कर रखा गया था अब उसे सही रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा नीति  समग्र बातों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।इस शिक्षा नीति का मुख्य मकसद प्री प्राइमरी से रिसर्च तक विद्यार्थी को कैसा होना चाहिए उसकी व्यवस्था की गई। उन्होंने ने कहा कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की भी व्यवस्था  शिक्षा नीति के ड्राफ्ट में की गई है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हमारी प्राचीन शिक्षा नीति में आधुनिकता का भी समावेश है। हमारी शिक्षा गर्भाधान से ही शुरू होती है, इसका मार्गदर्शन दुनिया को भारत ने ही किया, इसके लिए महाभारत के अभिमन्यु का उदाहरण हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट के समय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर  शिक्षा और संस्कृति मंत्रालय का प्रस्ताव दिया था, उस पर विचार‌ किया गया है। हमारे विश्वविद्यालय के कई पाठ्यक्रम जिन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर चलाए जा रहे हैं उसे नई शिक्षा नीति में रखा गया है यह हमारे लिए गर्व की बात है। इसके पूर्व विशिष्ट अतिथि प्रो.मानस पांडेय ने नई शिक्षा नीति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विषय प्रवर्तन किया।

कार्यक्रम का संचालन उद्देश्य सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ आशुतोष सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, ‌नीरज सिंह, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, डॉ अवनीश सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ मनोज पांडेय, डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, वंदना, डॉ महेंद्र त्रिपाठी, डॉ. अजय दुबे, डॉ प्रमोद यादव, डॉ नितेश जायसवाल, डॉ गिरिधर मिश्र, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ पुनीत धवन, डॉ आलोक दास, डॉ धर्मेंद्र सिंह,नितीन चौहान, विकास ओझा सुमित सिंह अवकाश सिंह, शीलनिधि सिंह आदि शामिल थे।

Thursday, 20 February 2020

मातृभाषा दिवस

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में  मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं  राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा  अभियान के निर्देश के क्रम में गुरुवार को मातृभाषा दिवस मनाया गया।
विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में  विषयों पर  मातृभाषा में  लिखी गई पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने  इन पुस्तकों को पढ़ा। सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी के संकाय अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने विद्यार्थियों से कहा कि मातृभाषा हमारी पहचान और पहली बोली  है। इसकी उन्नति में  ही हम सबकी उन्नति जुडी है।
फार्मेसी संस्थान में विविधता में एकता विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया परिचर्चा में प्रतिभागियों ने मातृभाषा की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर राजीव कुमार,डॉ आलोक दास, नृपेंद्र सिंह, पूजा सक्सेना  ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रबंध अध्ययन संकाय में  मातृभाषा पर आधारित वृत्तचित्र इन डेप्थ  का प्रदर्शन किया गया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने कहा कि मातृभाषा का सदैव सम्मान करना चाहिए। मातृभाषा में बोलने से प्रेम बढ़ता है और आत्मीयता की अनुभूति होती है।इस अवसर पर डॉ सचिन अग्रवाल, डॉ मुराद अली, डॉ राकेश कुमार उपाध्याय, राजेश कुमार, मोहम्मद अबू सलेह अनुपम, अभिषेक श्रीवास्तव उपस्थित रहे।