Wednesday, 3 March 2021

वेदनाओं की अभिव्यक्ति है कविता - कुलपति

थीम बेस्ड लिटरेरी फेस्ट  समिट का हुआ आयोजन 


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में पूर्वांचल साहित्य महोत्सव -2021 का आयोजन गुरूवार को किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश शासन के अनुमोदन से थीम बेस्ड लिटरेरी फेस्ट समिट के तहत "आत्मनिर्भर भारत एवं युवा विषय" पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कवियों को भी सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम के समापन सत्र में  कुलपति प्रो. निर्मला एस.  मौर्य  ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि साहित्य का समाज को दिशा देने में विशेष योगदान है। इन युवा काव्य प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। विज्ञान अपनी जगह है, लेकिन विज्ञान का भी एक साहित्य होता है, भाषा होती है।  उन्होंने कहा कि इच्छाओं की तरह कविता मुक्त और त्याग की कथा है, वेदनाओं की अभिव्यक्ति भी है कविता"।  कुलपति ने अपनी एक रचना भी प्रस्तुत की-"कौन सी कविता होती है पूरी, सदा रहती है अधूरी।

थीम बेस्ड लिटरेरी फेस्ट में "आत्मनिर्भर भारत एवं युवा विषय" पर  विद्यार्थियों ने  काव्य पाठ किया।  कार्यक्रम में बीटेक के छात्र अश्वनी ठाकुर फौजी प्रथम स्थान, गाजीपुर राजकीय महाविद्यालय की बीए की छात्रा सौम्या मिश्रा द्वितीय स्थान, तथा श्वेता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर आमंत्रित कवियों ने भी अपना काव्य पाठ कर खूब तालियाँ बटोरी। विश्वविद्यालय की तरफ से आमंत्रित कवियों को सम्मानित किया गया। कवि सभाजीत द्विवेदी "प्रखर"को पंडित रूप नारायण त्रिपाठी सम्मान, डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव अनंग जी को प्रेमचंद सम्मान, जनार्दन अस्थाना जी को श्रीपाल सिंह क्षेम सम्मान और इमरान संभल शाही जी को वामिक जौनपुरी सम्मान तथा डॉ अमिताभ राय को कुशल संचालक सम्मान प्रदान किया गया। 

इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रो वंदना  राय, प्रो देवराज सिंह डॉ मनीष गुप्ता, डॉ मनोज मिश्र, डॉ प्रमोद यादव, डॉ. सतीश कुमार राय गाजीपुर, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ विजय कुमार सिंह, खेलकूद परिषद के संयुक्त सचिव डॉ विजय प्रताप तिवारी, श्री प्रकाश यादव, मंगला प्रसाद यादव, आशीष जायसवाल, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, अशोक सिंह चौहान रजनीश सिंह, प्रदीप मिश्र, प्रणिता, वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग मणि त्रिपाठी समेत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ अनुराग मिश्र ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन कवि डॉ अमिताभ राय राजहंस ने किया।

Monday, 1 March 2021

पीयू में पर्यटन प्रबंधन एवं शोध उत्कृष्टता केंद्र की हुई स्थापना

उत्तर प्रदेश शासन ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पर्यटन प्रबंधन एवं शोध उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना किया है। शासन द्वारा बीकॉम ऑनर्स के समन्वयक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह को इस केंद्र का समन्वयक बनाया गया है ।कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि भारतीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत शोध एवं कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एवं पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के उद्देश्य से इस केंद्र की स्थापना की गई  है । केंद्र के समन्वयक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि इस केंद्र के तहत पूर्वांचल क्षेत्र में पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थानों और उनसे जुड़ी सामाजिक व सांस्कृतिक  मान्यताओं  का अध्ययन  किया जाएगा । इसके साथ ही पर्यटन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार  कौशल विकास व आधारभूत सुविधाओं का अध्ययन भी इस केंद्र की प्राथमिकता रहेगी। इस केंद्र को शासन द्वारा आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है ।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो. मानस पांडेेेय ,प्रो बीडी शर्मा,प्रो. अविनाश पाथर्डीकर डॉ. मनोज मिश्र, प्रो.अशोक श्रीवास्तव,प्रो. अजय द्विवेदी,डॉ. प्रदीप कुमार,डॉ. रसिकेश ,डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. अमित वत्स आदि ने केंद्र की स्थापना किए जाने पर खुशी जाहिर की।

Sunday, 28 February 2021

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आधारभूत सुविधा के विस्तार में बनेंगे स्मार्ट वर्चुअल क्लासरूम

विश्वविद्यालय के हिस्से में एक नई उपलब्धि जुड़ गई   है l उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में आधारभूत सुविधाओं के अंतर्गत स्मार्ट वर्चुअल क्लासरूम सिस्टम को स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 2 करोड़ 19 लाख का अनुदान दिया गया है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न संकायों में 12 क्लास रूम को उच्चीकृत आधुनिक डिजिटल क्लासरूम बनाया जाएगा जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को होगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के शिक्षा माध्यम को और सशक्त किया जाएगा । इससे विश्वविद्यालय तथा इससे जुड़े महाविद्यालयों को आने वाले समय में ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअल क्लासरूम की सहायता से पाठ्यक्रमों की उपलब्धता आसानी से होगी।विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डॉ मनीष कुमार गुप्ता, तथा  इंजीनियर संकाय के डॉ रजनीश भास्कर  के द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव पर उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दे दी है। इस मौके पर कुलपति प्रो निर्मला एस . मौर्य ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए शिक्षकों को बधाई दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रोफेसर बी.बी तिवारी, प्रो. रामनारायन, प्रो. वी डी. शर्मा , प्रो देवराज सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, डॉ राजकुमार, डॉ मानस पाण्डे, डॉ अविनाश पथिर्डिकर, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, कुलसचिव, सहायक कुलसचिव गण तथा अन्य शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

Saturday, 27 February 2021

महिला अधिकार और सामाजिक जागरूकता विषयक वेबिनार का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिला अधिकार एवं सामाजिक जागरूकता विषयक वेबीनार में वक्ताओं द्वारा महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। महिलाएं सब की बात सुने लेकिन जो अंतिम निर्णय हो उसे अपने बुद्धि विवेक से लेना होगा। उन्होंने कहा कि नारी अबला नहीं सबला है, नारी धैर्यवान हैं, सिर्फ जरूरी है महिलाओं के आत्मसम्मान को जगाना।वेबीनार की मुख्य अतिथि विज्ञान संकाय की आचार्य डॉ वंदना राय ने महिलाओं से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विस्तार पूर्वक अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों को हमें खुद जानना होगा और उसको पाने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा। सहायक कुलसचिव बबीता सिंह ने कहा कि महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी निर्णय लेने के अधिकार से वह वंचित है। उन्होंने पारिवारिक और सामाजिक बंधनों पर भी अपनी बात रखी। महिला मुद्दों पर लंबे समय से कार्य करने वाली श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा आजमगढ़ की निदेशक, हिना देसाई ने कहा कि हमें अपनी विशेषताओं को पहचान कर उस पर काम करने की जरूरत है और जो कमियाँ है उसे भी हमें ही दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक महिला पुरुषों के बराबर समाज में ना हो जाए तब तक समानता और सशक्तिकरण की बात करनी होगी। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रतिभा सिंह ने कहा कि लड़के और लड़कियों में दहेज विरोधी व्यवहार की भावना को जागृत करना जरूरी है | इसी क्रम में  पुलिस सब इंस्पेक्टर शिवानी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए टोल फ्री नंबर 181 जो वूमेन हेल्पलाइन नंबर है और 1090 वूमेन पावर लाइन जिसमें महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है।कार्यक्रम का संचालन मिशन शक्ति की संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने एवं आभार डॉ राकेश यादव ने व्यक्त किया। तकनीकी सहयोग डॉ धीरेंद्र चौधरी ने किया इस अवसर पर मिशन शक्ति की पूरी टीम  डॉक्टर जगदीश, डॉक्टर झांसी मिश्रा, डॉ अनीता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ पूजा सक्सेना,  प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रोफेसर  अजय प्रताप,डॉ मनोज मिश्रा , डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,चंदन राय, डॉ माया सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं भारी संख्या में छात्र एवं अभिभावक भी उपस्थित रहे।