Sunday, 30 May 2021

तीसरी लहर के लिए पत्रकार रहें तैयार - आशुतोष शुक्ला


कोविड के प्रति जनचेतना में पत्रकारिता का अभिन्न योगदान – कुलपति
कोविड काल के बाद दुनिया बदली बदली होगी – प्रतीक त्रिवेदी
हिंदी पत्रकारिता: कोविड काल और जनसरोकार विषयक वेबिनार का हुआ आयोजन
विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा हुआ आयोजित

वीर बहादुर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर रविवार को हिंदी पत्रकारिता: कोविड काल और जनसरोकार विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया। 
वेबिनार के मुख्य अतिथि  वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल { सम्पादक,दैनिक जागरण,उत्तर प्रदेश} ने कहा कि  पत्रकारिता पहले भी  मिशन थी , आज भी है और सदैव रहेगी । ईमानदारी से पत्रकारिता करने वालों पर सबसे अधिक सवाल उठाये जाते है. इससे विचलित होने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि कोविड काल में जनता तक खबरें पहुँचानें के लिए पत्रकार प्रथम पंक्ति में खड़े  रहें है, तीसरी लहर के लिए पत्रकारों को और अधिक तैयार रहने की जरुरत है.उन्होंने कहा कि आपदा को अवसर बनाने वाले असुर है  स्वअनुशासन से ही हम कोविड से सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के शिक्षक पत्रकारिता पर भी निगरानी रखें तब हम और हमारे साथी और अच्छा करने का प्रयास करेंगे।
मुख्य वक्ता  न्यूज़ -18 इंडिया के वरिष्ठ संपादक  प्रतीक त्रिवेदी ने कहा कि कोविड काल के बाद जब नया सवेरा आएगा तो  दुनिया बदली- बदली होगी । उन्होंने कहा कि समाचारों की दुनिया में पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल जो मीडिया के हासिए पर थे, उनकी उपयोगिता कोविड काल में समझ में आई। हमें और सरकार द्वारा इसको और मूल्यांकित किये जाने की जरूरत है ताकि यह अच्छी तरह से सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि कि टेक्नोलॉजी ने हमें पूरी तरह बदल दिया है जो कि देशहित में हैं. उन्होंने कहा कि पत्रकार ख़बरों को चेक, रीचेक और क्रॉस चेक करें. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिस्थितियों के अनुरूप अपने नजरियें को बदले यहीं समाज के हित में है. 
अध्यक्षीय उदबोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस.मौर्य ने सभी को हिंदी पत्रकारिता  दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने सदैव समाज को जोड़ने का काम किया है.उन्होंने हिंदी पत्र के प्रथम सम्पादक पंडित युगलकिशोर शुक्ल के संघर्षों की चर्चा करते उनको नमन किया। उन्होंने कहा कि कोविड काल में पत्रकारों ने जनचेतना में अपनी अहम् भूमिका निभाई है उनके बिना कोरोना से नहीं लड़ा जा सकता. वेबिनार में अपने उदबोधन के पूर्व उन्होंने स्वर्गीय वीर बहादुर सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन कर अपनी श्रद्दांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन वेबिनार संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ० मनोज मिश्र एवं धन्यवाद् ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ० दिग्विजय सिंह राठौर ने किया. कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ० सुनील कुमार एवं  शिफाली आहूजा ने तकनीकी सहयोग किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो मानस पाण्डेय, प्रो एच सी पुरोहित, प्रो वंदना राय, प्रो देवराज सिंह, डॉ कायनात काजी,डॉ आलोक सिंह, डॉ आशिमा सिंह, डॉ उमेश पाठक, डॉ सतीश जैसल, डॉ अखिलेश चन्द्र, डॉ गीता सिंह, डॉ राजकुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ रसिकेश, डॉ अमरेन्द्र सिंह, डॉ धर्मेन्द्र सिंह, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चन्दन सिंह,डॉ वंदना समेत देश के विभिन्न प्रदेशों से पत्रकार, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया.

Wednesday, 3 March 2021

वेदनाओं की अभिव्यक्ति है कविता - कुलपति

थीम बेस्ड लिटरेरी फेस्ट  समिट का हुआ आयोजन 


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में पूर्वांचल साहित्य महोत्सव -2021 का आयोजन गुरूवार को किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश शासन के अनुमोदन से थीम बेस्ड लिटरेरी फेस्ट समिट के तहत "आत्मनिर्भर भारत एवं युवा विषय" पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कवियों को भी सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम के समापन सत्र में  कुलपति प्रो. निर्मला एस.  मौर्य  ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि साहित्य का समाज को दिशा देने में विशेष योगदान है। इन युवा काव्य प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। विज्ञान अपनी जगह है, लेकिन विज्ञान का भी एक साहित्य होता है, भाषा होती है।  उन्होंने कहा कि इच्छाओं की तरह कविता मुक्त और त्याग की कथा है, वेदनाओं की अभिव्यक्ति भी है कविता"।  कुलपति ने अपनी एक रचना भी प्रस्तुत की-"कौन सी कविता होती है पूरी, सदा रहती है अधूरी।

थीम बेस्ड लिटरेरी फेस्ट में "आत्मनिर्भर भारत एवं युवा विषय" पर  विद्यार्थियों ने  काव्य पाठ किया।  कार्यक्रम में बीटेक के छात्र अश्वनी ठाकुर फौजी प्रथम स्थान, गाजीपुर राजकीय महाविद्यालय की बीए की छात्रा सौम्या मिश्रा द्वितीय स्थान, तथा श्वेता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर आमंत्रित कवियों ने भी अपना काव्य पाठ कर खूब तालियाँ बटोरी। विश्वविद्यालय की तरफ से आमंत्रित कवियों को सम्मानित किया गया। कवि सभाजीत द्विवेदी "प्रखर"को पंडित रूप नारायण त्रिपाठी सम्मान, डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव अनंग जी को प्रेमचंद सम्मान, जनार्दन अस्थाना जी को श्रीपाल सिंह क्षेम सम्मान और इमरान संभल शाही जी को वामिक जौनपुरी सम्मान तथा डॉ अमिताभ राय को कुशल संचालक सम्मान प्रदान किया गया। 

इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रो वंदना  राय, प्रो देवराज सिंह डॉ मनीष गुप्ता, डॉ मनोज मिश्र, डॉ प्रमोद यादव, डॉ. सतीश कुमार राय गाजीपुर, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ विजय कुमार सिंह, खेलकूद परिषद के संयुक्त सचिव डॉ विजय प्रताप तिवारी, श्री प्रकाश यादव, मंगला प्रसाद यादव, आशीष जायसवाल, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, अशोक सिंह चौहान रजनीश सिंह, प्रदीप मिश्र, प्रणिता, वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग मणि त्रिपाठी समेत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ अनुराग मिश्र ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन कवि डॉ अमिताभ राय राजहंस ने किया।

Monday, 1 March 2021

पीयू में पर्यटन प्रबंधन एवं शोध उत्कृष्टता केंद्र की हुई स्थापना

उत्तर प्रदेश शासन ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पर्यटन प्रबंधन एवं शोध उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना किया है। शासन द्वारा बीकॉम ऑनर्स के समन्वयक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह को इस केंद्र का समन्वयक बनाया गया है ।कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि भारतीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत शोध एवं कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एवं पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के उद्देश्य से इस केंद्र की स्थापना की गई  है । केंद्र के समन्वयक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि इस केंद्र के तहत पूर्वांचल क्षेत्र में पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थानों और उनसे जुड़ी सामाजिक व सांस्कृतिक  मान्यताओं  का अध्ययन  किया जाएगा । इसके साथ ही पर्यटन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार  कौशल विकास व आधारभूत सुविधाओं का अध्ययन भी इस केंद्र की प्राथमिकता रहेगी। इस केंद्र को शासन द्वारा आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है ।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो. मानस पांडेेेय ,प्रो बीडी शर्मा,प्रो. अविनाश पाथर्डीकर डॉ. मनोज मिश्र, प्रो.अशोक श्रीवास्तव,प्रो. अजय द्विवेदी,डॉ. प्रदीप कुमार,डॉ. रसिकेश ,डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. अमित वत्स आदि ने केंद्र की स्थापना किए जाने पर खुशी जाहिर की।