Tuesday, 30 November 2021

बैड टच का बच्चियां करें विरोध : प्रो० निर्मला एस० मौर्य

       सामाजिक बुराई रोकने के लिए बच्चियां आगे आएं: डॉ.अंकिता राज

'गुड टच एवं बैंड टच एवं  चुप्पी ‌तोड़ो मुंह खोलो' कार्यशाला का हुआ आयोजन

 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के नवाचार केंद्र में मंगलवार को महिला अध्ययन केंद्र एवं मिशन शक्ति द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 'गुड टच एवं बैंड टच तथा चुप्पी ‌तोड़ो मुंह खोलो' कार्यशाला का आयोजन मिशन शक्ति फेज -3 के अन्तर्गत किया जा रहा है। यह आयोजन माननीय राज्यपाल‌ एवं कुलाधिपति श्रीमती आनन्दीबेन पटेल के निर्देश और कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य के प्रेरणा से किया गया  है।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि बच्चियों और महिलाओं पर बुरी नीयत और शोषण की शुरुआत उनके घर के आसपास  से ही शुरू होती है। इस तरह की हरकत करने वाले लोग उन्हें डराते है और  ब्लैकमेल कर शोषण करते रहते  हैं। उन्होंने बच्चियों को ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज से इस बुराई को खत्म करने के लिए बच्चियों और महिलाओं को आगे आना होगा।

कुलसचिव महेंद्र कुमार ने ‌कहा कि कार्यशाला का विषय संवेदनशील है। बैड टच के प्रति बच्चियों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बच्चियां शांत न रहकर मुखर हों, नहीं तो यह एक घर के बाद दूसरे घर फिर धीरे- धीरे पूरे समाज में फैल जाएगी, जो परिवार के साथ, समाज और पूरे देश की बच्चियों और महिलाओं के लिए खतरा है।
आकांक्षा समिति की अध्यक्ष  डा. अंकिता राज ने  बच्चियों और महिलाओं को बैड टच का मुंहतोड़ जवाब देने की नसीहत दी। उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से बच्चियों को बैड टच के प्रति  जागरुक किया। उन्होंने कहा कि बिना भुक्तभोगी की पहल के इस बुराई को नहीं रोका जा सकता।
समाजसेवी नीतू सिंह ने कहा कि बच्चियां लक्ष्य बनाकर शिक्षा ग्रहण करें और आत्मनिर्भर बनकर बैड टच जैसी बुराई का सामना करें।
कार्यक्रम संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने कहा कि समाज‌ में बुराइयों को रोकने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसके पूर्व स्कूलों और आंगनबाड़ी से आई बच्चियों को पुस्तक की किट और सामग्री कुलपति द्वारा भेंट की गई।
इस अवसर पर समाजसेवी नीतू सिंह, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, प्रो. वंदना राय, डॉ नुपुर तिवारी, अन्नू त्यागी, डॉ. पूजा सक्सेना, डॉ. वनिता सिंह, डा. प्रियंका कुमारी, डॉ.रेखा पाल, सोनम झा आदि उपस्थित थीं।

Friday, 26 November 2021

संविधान की मूलभावना को जीवन में उतारें : कुलपति


विधि संकाय के विद्यार्थियों ने मनाया संविधान दिवस

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दतोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान की ओर से संकाय भवन के कांफ्रेंस हाल में शुक्रवार को संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने अभिव्यक्ति की आज़ादी, समानता और भाईचारे  पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का प्राक्कलन अद्भुत था। कहा कि  विधि संस्थान के शिक्षक और विद्यार्थी संविधान की मूलभावना का अपने जीवन में अनुसरण करें।
इस अवसर पर प्रबंध संकाय के संकाय अध्यक्ष प्रो.अविनाश पार्थीडेकर ने कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सरोकार को ध्यान में रखकर संविधान बनाया, इसलिए हमारा संविधान विश्व के संविधान से श्रेष्ठ माना जाता है। इसके बाद कुलपति प्रो  निर्मला एस. मौर्य ने संविधान की शपथ दिलाई। 
संचालन डॉ. अनुराग मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन निदेशक डॉ.मंगला प्रसाद यादव ने किया।
समारोह में प्रो .मानस पांडेय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ मनोज मिश्र,  डॉ मनीष गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ.मनोज पांडेय, डॉ अमित वत्स, डॉ. वनिता सिंह, डॉ.प्रियंका कुमार, डॉ अवधेश मौर्य, रहमतुल्लाह आदि उपस्थित थे। इसके पूर्व कुलपति सभागार में कुलपति जी की अध्यक्षता में संविधान दिवस मनाया गया। 

Thursday, 25 November 2021

महिलाएं वोट की ताकत को समझें: कुलपति


वोट के प्रति जागरूकता का लाभ अगली पीढ़ी को मिलेगा: डॉ अंकिता राज

महिला मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में कुलपति ने दिलाई शपथ





वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में गुरुवार को महिला मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग की ओर से किया गया। इसके प्रायोजक गौतम ग्रुप/साड़ी सम्राट लोकप्रिया परिचय एंड एजेंसी हैं।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि शास्त्रों में नारियां पूज्यनीय मानी जाती है। महिला मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महिलाएं कहीं कमजोर नहीं है वह वह सब कुछ कर सकते हैं जो पुरुष करते हैं। आज महिलाओं को सकारात्मक सोच रखने और अपनी ताकत को पहचानने की जरूरत है तभी वह समाज में आगे जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिला मतदाता जागरूकता अभियान में जो विचारों का संप्रेषण हुआ है वह बहुत ही आसानी से लोगों तक संप्रेषित हुआ है। इसके लिए कार्यक्रम के आयोजक और प्रायोजक दोनों का सहयोग सराहनीय है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वह अपने बच्चों को सोचने समझने का मौका दें उन्हें विचारों की आजादी दें तभी वह समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. अंकिता राज ने कहा कि महिलाओं को अपनी सोच और समझ के साथ मतदान में हिस्सा लेना चाहिए क्योंकि यह निर्णय एक दिन का नहीं पूरे पांच साल का होता है। उन्होंने कहा कि मतदान के लिए महिलाओं का आज का संघर्ष उनकी आने वाली पीढ़ियों को देखने को मिलेगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वह अपनी अलग पहचान बनाए। इस अवसर शिवम् सिंह  कार्तिक सेठी और करने सिंह समेत कई विद्यार्थियों ने विचार व्यक्त किए।

इसके बाद मतदाता जागरूकता के संदर्भ में नाटक का मंचन किया गया और सभी मतदाताओं को कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने शपथ  दिलाई। नाटक में महवीन, जिया, वैष्णवी सोनी, आदित्य मोदनवाल रिया हर्षिता सौम्या समेत दर्जनों छात्राओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर प्रधान अध्ययन संकाय के पूर्व डीन प्रो.मानस पांडेय ने महिला मतदाता जागरूकता अभियान को सफल बनाने में दिए गए सहयोग के प्रति आयोजक और प्रायोजक के प्रति आभार जताया।

अतिथियों का स्वागत फिरदौस फातिमा, संचालन शिफा अरसद, रीतिका और धन्यवाद ज्ञापन आस्था पांडेय ने किया।

इस अवसर पर प्रो.मानस पांडेय, प्रो. वंदना राय, प्रो.देवराज सिंह, डा . नुपुर गोयल, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ. मुराद अली,  डॉ. गिरधर मिश्र, अनु त्यागी, डॉ सुनील कुमार, डॉ पुनीत धवन, इंद्रेश गंगवार आदि उपस्थित थे।




Tuesday, 23 November 2021

पीयू के विद्यार्थियों ने जेल में जाकर कैदियों से की मुलाकात

विद्यार्थियों की टीम को कुलसचिव ने किया रवाना

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में महिला अध्ययन केंद्र और मिशन शक्ति की ओर से मंगलवार को विद्यार्थियों की एक टीम  डा. जाह्नवी श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिला कारागार पहुंचीं।
विश्वविद्यालय परिसर में कुलसचिव ‌महेंद्र कुमार, उपकुलसचिव  विजय मौर्य और कुलपति के ओएसडी डॉ.के.एस. तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिला कारागार में विद्यार्थियों ने कैदियों से बातचीत की। वह कैसे और किस अपराध में जेल में बंद है? अपराध के पूर्व उनके मन में क्या भावना थी ? अब वह कैसा महसूस कर रहे हैं? विद्यार्थियों का उनसे मिलने का मकसद उनके मन में बदलाव लाना है। यह‌ योजना विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं  प्रदेश की राज्यपाल माऩनीय श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर किया जा रहा है। महिला अध्ययन केंद्र की प्रभारी डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने महिला कैदियों की काउंसलिंग की और उन्हें तनाव मुक्त होने के टिप्स दिए। जौनपुर जिला कारागार में 56 विचाराधीन कैदियों और तीन सजायाफ्ता कैदियों की काउंसलिंग की गई। जेल में खानपान और रहने की व्यवस्था का विवरण भी पूछा गया।
इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, डॉ. एसपी तिवारी, डॉ विनय वर्मा, डॉ. पूजा सक्सेना, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ रेखा पाल, सोनम झा आदि उपस्थित थे।