Thursday, 31 March 2022
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया जाएगा: गिरीश यादव
Monday, 28 March 2022
भाषा के संरक्षण के लिए बढ़ाने होंगे कदम - प्रो. निर्मला एस. मौर्य
भारतीय भाषा पाठ्यक्रम संरचना एवं अनुवाद प्रक्रिया पर कार्यशाला का हुआ आयोजन
विश्वविद्यालय में भारतीय भाषा के पाठ्यक्रमों को शुरू करने की तैयारी
बतौर विशिष्ट अतिथि केंद्रीय भाषा संस्थान, मैसूर के शोध अधिकारी डॉ. पंकज द्विवेदी ने कहा कि उनका संस्थान लुप्तप्राय और संकटग्रस्त भाषाओं के संवर्धन के लिए विशेष कार्य कर रहा है. भारतीय भाषाओं के उन्नयन के भी हम निरंतर सक्रिय है. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग से केंद्रीय भाषा संस्थान शीघ्र ही एमओयू करेगा.
कार्यशाला में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के मराठी विभाग के अध्यक्ष,प्रो प्रमोद पाडवाल, बांग्ला विभाग के अध्यक्ष प्रो पी.के.मैती,तेलगू विभाग के अध्यक्ष प्रो बुदाती वेंकटेश्वरलू,नेपाली भाषा विभाग के प्रो दिवाकर प्रधान,हिंदी विभाग के डॉ सत्य प्रकाश पाल,तमिल विभाग के डॉ जगदीशन टी,संस्कृत विभाग एवं भोजपुरी अध्ययन केंद्र के डॉ राजेश सरकार, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय,वाराणसी के प्राकृत एवं जैनागम विभाग के प्रो हरिशंकर पाण्डेय, संस्कृत विद्या विभाग के डॉ रविशंकर पाण्डेय विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए. कार्यशाला की रूपरेखा आईक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो मानस पाण्डेय प्रस्तुत की. कार्यशाला का संचालन सेंटर आफ एक्सीलेंस- अनुवाद के समन्वयक डॉ. मनोज मिश्र एवं धन्यवाद कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया.
इस अवसर पर प्रो. ए. के श्रीवास्तव, प्रो वंदना राय, प्रो. राम नारायण, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ संतोष कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चंदन सिंह,डॉ सुशील सिंह, डॉ पुनीत धवन, डॉ मंगला प्रसाद, डॉ प्रियंका कुमारी,डॉ अनुराग मिश्र, डॉ रामान्शु समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.
Saturday, 26 March 2022
779 टीबी मरीजों को गोद लेगा विश्वविद्यालय
टीबी मरीजों की देखभाल करने वालों को कुलपति ने किया सम्मानित
• गोद लिए मरीज हुए टीबी मुक्त
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शनिवार को क्षय रोगियों को गोद लेकर टीबी मुक्त कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कुलपति ने सम्मानित किया। अगले चरण में शासन के निर्देश पर 779 टीवी मरीजों को गोद लेने का निर्णय किया गया।
विदित है कि फरवरी 2021 में प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश के क्रम में 66 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था. जिसमें 65 मरीज टीबी मुक्त हो गए.
इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि टीबी मरीजों को गोद लेना नेक कार्य है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं महाविद्यालयों से पूरी उम्मीद है कि आगे भी क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें टीबी मुक्त करने में अपना अभिन्न योगदान देंगे. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में सामाजिक कार्यों को गति देने के लिए लोगों के सहयोग से एक कोष बनाया गया है इससे कोविड काल में लोगों की सेवा की गई.
विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि मानवता के विकास के लिए टीबी मुक्त कराने की जरूरत है। विश्वविद्यालय के शिक्षक इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह ने कहा कि सभी शिक्षकों को जो भी क्षयरोगी देखभाल के लिए मिलेंगे वह इस कार्य को निष्ठा पूर्वक करेंगे. राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. राकेश कुमार यादव ने विगत वर्ष में गोद लिए गए रोगियों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की.इस अवसर पर मंचासीन परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, शिक्षक संघ के महामंत्री राहुल सिंह, प्राचार्य प्रो.शम्भू राम, प्रबंधक राजीव कुमार सिंह, चिकित्साधिकारी करंजाकला डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. रामनारायण, प्रो. वंदना राय,प्रो. आलोक कुमार गुप्ता, डॉ. सतेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ. रजनीश भास्कर, डा.प्रदीप कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. अरविन्द कुमार यादव,कुलसचिव बबिता, अमृत लाल,डॉ. सुमन यादव, डॉ. बलवंत सिंह, डॉ. नितिन राय समेत अन्य लोग सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए. संचालन समन्वयक डॉ. राकेश कुमार यादव ने एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. देवराज सिंह ने किया.