Thursday, 31 March 2022

प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया जाएगा: गिरीश यादव

लुप्तप्राय खेलों पर ध्यान देने की जरूरतः कुलपति

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव का विवि में स्वागत
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में गुरुवार को प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चंद्र यादव का स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति ने उन्हें अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीशचंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश को खेल में बढ़ावा देने और समृद्धशाली बनाने पर जोर देंगे। खेल के अवसर देने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा करा कर प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को अखिल भारतीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिले को केंद्रीय विद्यालय के रूप में शीघ्र ही सौगात मिलने वाली है। गांव में खेल को बढ़ावा देने के लिए नव युवक मंगल दल को सक्रिय किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने स्वागत करते हुए कहा कि कबड्डी खो-खो जैसे लुप्तप्राय खेलों को बढ़ावा दिया जाए जिससे गांव के खिलाड़ियों की भी प्रतिभाओं का विकास हो। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ी लगातार प्रदेश स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने विश्वविद्यालय में हॉकी खिलाड़ियों के लिए एस्ट्रोट्रफ की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था का विकास एक दूसरे के सहयोग से ही होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में हम सरकार का सहयोग लेते रहेंगे।
समारोह का संचालन प्रो. मानस पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया।
इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, पुष्पराज सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, सहायक कुलसचिव अमृत लाल, श्रीमती बबीता सिंह, प्रोफ़ेसर प्रो.वंदना राय, प्रोफेसर अजय द्विवेदी, प्रो.रामनारायण, प्रोफेसर एके श्रीवास्तव, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. बीडी‌ शर्मा, शिक्षक संघ के डा. विजय सिंह, डा. राहुल सिंह, डा. मनोज मिश्र, डॉ. प्रदीप कुमार,  डॉ. रजनीश भास्कर, डा.रसिकेश,  डॉ. आशुतोष सिंह, डा. मनोज कुमार पांडेय,  डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ.सुनील कुमार,  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर,  एनएनएस समन्वयक डा. राकेश यादव, डा. जगदेव, डॉ. अमित वत्स,  डॉ.‌नृपेंद्र सिंह, ‌ डॉ. मनोज कुमार पांडेय,डॉ धीरेंद्र चौधरी, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. स्वर्ण कुमार, डॉ. सौरभ सिंह कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामजी सिंह महामंत्री केशव यादव, आदि उपस्थित थे।

Monday, 28 March 2022

भाषा के संरक्षण के लिए बढ़ाने होंगे कदम - प्रो. निर्मला एस. मौर्य

भारतीय भाषा पाठ्यक्रम संरचना एवं अनुवाद प्रक्रिया पर कार्यशाला का हुआ आयोजन 

 विश्वविद्यालय में  भारतीय भाषा के पाठ्यक्रमों को शुरू करने की तैयारी 


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सभागार में सोमवार को भारतीय भाषा पाठ्यक्रम संरचना एवं अनुवाद प्रक्रिया पर  एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में किया गया। इसका आयोजन सेंटर आफ एक्सीलेंस- अनुवाद जनसंचार विभाग की ओर से हुआ। कार्यशाला में मराठी ,बांग्ला, तेलुगु, प्राकृत, संस्कृत,तमिल, भोजपुरी,  प्रयोजनमूलक हिंदी एवं  नेपाली विषय के  पाठ्यक्रम की  संरचना की गई. 

उद्घाटन सत्र में कुलपति  प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि भाषा के संरक्षण के लिए कदम बढ़ाने होंगे. भाषा और अनुवाद के पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को सरलता से  रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएँगे. विश्वविद्यालय भाषा के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम अगले सत्र से शुरू करेगा. प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी भाषा के पाठ्यक्रम  यहीं से क्रियान्वित  होंगे. प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय को नोडल केंद्र बनाते हुए जिम्मेदारी दी है. उन्होंने कहा कि देश- विदेश  में द्विभाषिया की बहुत मांग है. हमें त्रिभाषा सूत्र पर काम करना होगा.विविध भाषा के विद्वान आज एक साथ यहाँ मंथन के लिए आये है जिसका दूरगामी परिणाम होगा.  उन्होंने कहा कि दक्षिण और उत्तर के बीच भाषा ही सांस्कृतिक एकता का कार्य कर सकती है. 

बतौर विशिष्ट  अतिथि केंद्रीय भाषा संस्थान, मैसूर के शोध अधिकारी डॉ. पंकज द्विवेदी ने कहा कि  उनका संस्थान लुप्तप्राय और संकटग्रस्त भाषाओं के संवर्धन के लिए  विशेष कार्य कर रहा है. भारतीय भाषाओं के उन्नयन के भी हम निरंतर सक्रिय  है. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग से केंद्रीय भाषा संस्थान शीघ्र ही एमओयू  करेगा. 

कार्यशाला में  बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के मराठी विभाग के अध्यक्ष,प्रो प्रमोद पाडवाल, बांग्ला विभाग के अध्यक्ष  प्रो पी.के.मैती,तेलगू विभाग के अध्यक्ष प्रो बुदाती वेंकटेश्वरलू,नेपाली भाषा विभाग के प्रो दिवाकर प्रधान,हिंदी विभाग के डॉ सत्य प्रकाश पाल,तमिल विभाग के डॉ जगदीशन टी,संस्कृत विभाग एवं भोजपुरी अध्ययन केंद्र के डॉ राजेश सरकार, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय,वाराणसी के प्राकृत एवं जैनागम विभाग के प्रो हरिशंकर पाण्डेय, संस्कृत विद्या विभाग के डॉ रविशंकर पाण्डेय विशेषज्ञ के रूप में शामिल  हुए. कार्यशाला की रूपरेखा आईक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो मानस पाण्डेय प्रस्तुत की. कार्यशाला का संचालन सेंटर आफ एक्सीलेंस- अनुवाद के समन्वयक डॉ. मनोज मिश्र एवं धन्यवाद कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया. 

इस अवसर पर प्रो. ए. के श्रीवास्तव, प्रो वंदना राय, प्रो. राम नारायण,  प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ संतोष कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चंदन सिंह,डॉ सुशील सिंह, डॉ पुनीत धवन,  डॉ मंगला प्रसाद, डॉ प्रियंका कुमारी,डॉ अनुराग मिश्र, डॉ रामान्शु समेत  अन्य शिक्षक उपस्थित रहे. 

Saturday, 26 March 2022

779 टीबी मरीजों को गोद लेगा विश्वविद्यालय

टीबी मरीजों की देखभाल करने वालों को कुलपति ने किया सम्मानित

• गोद लिए मरीज हुए टीबी मुक्त


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शनिवार को क्षय रोगियों  को गोद लेकर टीबी मुक्त कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों  को कुलपति ने सम्मानित किया। अगले चरण में शासन के निर्देश पर 779 टीवी मरीजों को गोद लेने का निर्णय किया गया।

विदित है कि फरवरी 2021 में प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश के क्रम में 66 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था. जिसमें 65 मरीज टीबी मुक्त हो गए.

इस अवसर पर अपने संबोधन में  कुलपति  प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि  टीबी  मरीजों को गोद लेना नेक कार्य है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं महाविद्यालयों से पूरी उम्मीद है कि आगे भी  क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें टीबी मुक्त करने में अपना अभिन्न योगदान देंगे. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में सामाजिक कार्यों को गति देने के लिए लोगों के सहयोग से एक कोष  बनाया गया है इससे कोविड काल में लोगों की सेवा की गई. 

विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि मानवता के विकास के लिए टीबी मुक्त कराने की जरूरत है। विश्वविद्यालय के शिक्षक इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह ने कहा कि सभी शिक्षकों को जो भी क्षयरोगी देखभाल के लिए मिलेंगे वह इस कार्य को निष्ठा पूर्वक करेंगे. राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. राकेश कुमार यादव ने विगत वर्ष में गोद लिए गए रोगियों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की.इस अवसर पर मंचासीन परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, शिक्षक  संघ के महामंत्री  राहुल सिंह, प्राचार्य प्रो.शम्भू राम, प्रबंधक राजीव कुमार सिंह, चिकित्साधिकारी करंजाकला डॉ. योगेश प्रताप सिंह  ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर  प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. रामनारायण, प्रो. वंदना राय,प्रो. आलोक कुमार गुप्ता, डॉ. सतेन्द्र प्रताप सिंह,  डॉ. राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ. रजनीश भास्कर, डा.प्रदीप कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. अरविन्द कुमार यादव,कुलसचिव बबिता, अमृत लाल,डॉ. सुमन यादव, डॉ. बलवंत सिंह, डॉ. नितिन राय समेत अन्य लोग सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए. संचालन समन्वयक डॉ. राकेश कुमार यादव ने एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. देवराज सिंह ने किया. 


Thursday, 24 March 2022

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अनुदान पाने वाले शिक्षक और छह विद्यार्थी हुए सम्मानित

पीयू के शिक्षकों में ऊर्जा की कमी नहीं : कुलपति
 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु शासन से अनुदान स्वीकृत हुआ। कुलपति सभागार में गुरुवार को अनुदान पाने वाले छह शिक्षकों और रिसर्च डेवलपमेंट ग्रांट पाने वाले शिक्षकों को भी कुलपति ने सम्मानित किया। इस अवसर पर गेट और जैम परीक्षा पास करने छह विद्यार्थी सम्मानित हुए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने  कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक ऊर्जावान है, इसी का नतीजा है कि प्रदेश स्तर पर विश्वविद्यालयों में जो भी सुविधाएं मिल रही हैं उसे लेने में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षक अव्वल हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि शिक्षक सम्मानित पद होता है लेकिन इस सम्मान का मतलब उसके मनोबल को बढ़ाना है साथ में ही वे शिक्षक जो इस दिशा में प्रयास नहीं कर रहे हैं उनके लिए प्रेरणा का काम करता है।
 सम्मानित होने वाले शिक्षकों में बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रो. वंदना  राय, प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह, प्रबंध संकाय के संकाय अध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर तथा प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान स्थित वैकल्पिक ऊर्जा शोध केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ धीरेंद्र कुमार चौधरी है। इसके पूर्व 2020-21 का सम्मान पाने वाले डॉ. मनोज मिश्र और डॉ. आशुतोष सिंह को भी सम्मानित किया गया। रिसर्च डेवलपमेंट ग्रांट के लिए प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. वंदना राय,  डॉ.अमरेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रतिभा और संभावनाओं की कमी नहीं है। हमें रोल मॉडल बनने की जरूरत है ताकि अन्य विश्वविद्यालय हमसे प्रेरणा लें।
समारोह का संचालन प्रो. मानस पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर प्रो.बी.बी.तिवारी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृत लाल, बबिता सिंह,  डॉ.संदीप कुमार सिंह,  डॉ.संतोष कुमार, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ प्रदीप कुमार,  डॉ.रसिकेश,  डॉ. प्रमोद कुमार यादव,  डॉ. आशुतोष कुमार सिंह,  एनएनएस समन्वयक डॉ. राकेश यादव,  डॉ. मुराद अली,  डॉ.नुपूर तिवारी,  डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव,  डॉ.धर्मेंद्र सिंह, डा. द्विवेन्दु मिश्र,  डॉ. मनोज कुमार पांडेय,  डॉ सुनील कुमार,  डॉ. नीतेश जायसवाल,  डॉ.प्रमोद कुमार,  डॉ. पुनीत धवन,  डॉ. मंगला प्रसाद यादव,  अन्नू त्यागी,  डॉ. सौरभ सिंह आदि शिक्षक उपस्थित थे।