Monday, 26 December 2022

सिख गुरुओं के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता: गुरप्रीत सिंह

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सोमवार को अमृत महोत्सव के तहत उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के क्रम में  गुरुगोविंद सिंह के साहिबजादे "महान वीर एवं सर्वोच्च बलिदानी साहिबजादा जोरावर सिंह व फतेह सिंह के अमर बलिदान को स्मरण करते हुए वीर बाल दिवस के अवसर पर  एक दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का  आयोजन किया गया है। 
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता सरदार गुरप्रीत सिंह ने कहा कि मुगल सम्राट औरंगजेब ने सिखों के धर्म परिवर्तन नहीं करने पर जो क्रूरता दिखाई उसे सुनकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं।  गुरु तेग बहादुर सिंह का सिर कलम करने के बाद सिख गुरु गोबिंद सिंह के पास चल गए। इसके बाद मुगल सेना और गुरु गोविंद सिंह की सेना के बीच कई बार युद्ध हुए।
लेकिन मुगल शासक ने धोखे से माता गुजरी देवी और उनके साहिबजादों ने मौत को गले लगा लिया लेकिन भारत मां का सिर नहीं झुकने दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार वीर बाल दिवस के अवसर पर हमें याद दिलाना चाहती है कि दश गुरुओं का योगदान क्या है, देश के स्वाभिमान के लिए सिख परंपरा का बलिदान क्या है! 'वीर बाल दिवस' हमें बताएगा कि भारत क्या है, भारत की पहचान क्या है। उन्होंने कहा, ''उस दौर की कल्पना करिए! औरंगजेब के आतंक के खिलाफ, भारत को बदलने के उसके मंसूबों के खिलाफ, गुरु गोविंद सिंह जी पहाड़ की तरह खड़े थे। जोरावर सिंह साहब और फतेह सिंह साहब जैसे कम उम्र के निर्दोष बालकों को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया, लेकिन उन्होंने उन आततायी मंसूबों को हमेशा के लिए दफन कर दिया।''
संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो अजय प्रताप सिंह संचालन डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव और विषय प्रवर्तन डॉ मनोज मिश्र ने किया।
इस अवसर पर प्रो अजय द्विवेदी, प्रो. राकेश यादव, डॉ. रसिकेश, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ. सुनील कुमार, पुनीत धवन, रामांशु सिंह, पुनीता मौर्या, डॉ.धीरेंद्र चौधरी, अमित मिश्रा आदि लोग मौजूद थे।

Friday, 23 December 2022

साहिबजादा जोरावर, फतेहसिंह का बलिदान सदा देगा प्रेरणा: कुलसचिव

भाषण प्रतियोगिता में उद्देश्य प्रथम, आदित्य द्वितीय और विशाल को तृतीय स्थान
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कान्फ्रेंस हाल में शुक्रवार को  उच्च शिक्षा विभाग,उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में  गुरुगोविंद सिंह के साहिबजादे "महान वीर एवं सर्वोच्च बलिदानी साहिबजादा जोरावर सिंह व फतेह सिंह का अमर बलिदान पर  कृतज्ञ राष्ट्र" विषयक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन जनसंचार विभाग की ओर से आयोजित किया गया।
 मुख्य अतिथि कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि गुरुगोविंद सिंह के बलिदानियों सुपत्रों  जैसा अपूर्व साहस किसी भी देश के इतिहास में नही मिलता है जहां अपने सिद्धांत पर बलिदान होना स्वीकार हो। उन्होंने कहा कि साहिबजादा जोरावर एवं फतेहसिंह ने अपने बलिदान से जिस इतिहास का सृजन किया है वह सभी भारतीयों को सदा प्रेरणा देगा। प्रतियोगिता के समन्वयक एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने  कवि के कथन को संदर्भित करते हुए कहा कि कहीं पर्वत झुके भी हैं-कहीं दरिया रुके भी हैं-नही रुकती जवानी है-नहीं रुकती रवानी है। उन्होंने कहा कि धन्य है गुरुगद्दी परम्परा,गुरु पुत्र और अपनी पुण्य धरा जहां गुरुगोविंद सिंह जी के ऐसे सच्चे सपूतों ने जन्मलिया जिन्होंने अन्याय के सामने सिर नही झुकाया और हंसते- हंसते अपने स्वाभिमान-धर्म के लिए दीवार में चुन लिया जाना स्वीकार किया।  अध्यक्षता करते हुए प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि ऐसे वीर बलिदानियों का स्मरण युवा पीढ़ी को राष्ट्र स्वाभिमान के प्रति जागृत करेगा। आज इनके बलिदान के यथार्थ को जान कर हमारे विद्यार्थी आत्मसम्मान और राष्ट्र प्रेम से सिंचित होंगे।
 भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उद्देश्य सिंह को प्रथम, आदित्य नारायण दुबे को द्वितीय एवं विशाल यादव को तृतीय पुरस्कार दिया गया। 
निर्णायक मंडल के रूप में डॉ अनु त्यागी,डॉ. झांसी मिश्रा एवं डॉ दिव्येन्दु मिश्र रहे। स्वागत डॉ मनोज कुमार पांडेय द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ विनय कुमार वर्मा ने किया। इस अवसर पर परिसर के शोधार्थी एवं विभिन्न विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

गणितज्ञ रामानुजन ने कम उम्र में महान उपलब्धियां हासिल की :कुलपति

राष्ट्रीय गणित दिवस  पर आयोजित हुई संगोष्ठी 

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान के गणित विभाग में महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की 135 वी जयंती पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने महान गणितज्ञ रामानुजन के शोध कार्यों, उपलब्धियों, उनके योगदान को  विस्तार से  बताया। उन्होंने कहा कि कि रामानुजन कम आयु में लगभग 3900 प्रमेय और 120 सूत्रों को प्रकाशित किया। अतिथियों का स्वागत उद्बोधन रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो० देवराज सिंह ने किया। संगोष्ठी में प्रो. मिथिलेश सिंह ने विषय प्रवर्तन किया।
मुख्य अतिथि ने प्रो. सत्यदेव ने कहा कि श्रीनिवास रामानुजन 'फेलो ऑफ़ रॉयल सोसाइटी'  के सबसे पहले फेलो थे जिनको गणित के अनूठे योगदान के कारण उनको फ़ेलोशिप दी गयी। प्रो. देव ने मूलभूत गणितीय सूत्रों के माध्यम से रामानुजन टैक्सी नंबर, अंकों के क्रमचय से विभिन्न प्रकार के बनने वाले रजिस्ट्रेशन नंबर के निर्मित करने के बारे में वर्णन किया।आयोजन सचिव डॉ दीपक कुमार मौर्य ने मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार वर्मा का परिचय कराया।  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना के गणित विभाग से आये डॉ. वर्मा ने रामानुजन योग, रामानुजन वर्ग, रामानुजन क्यूब, रीमान जीटा फंक्शन, शोध पत्रों को प्रकाशित करने हेतु  रामानुजन जर्नल आदि  के बारे में विस्तार से बताया। डॉ सौरभ कुमार सिंह ने संचालन व धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रो.रजनीश भास्कर, 
डॉ राज कुमार,  डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ. गिरिधर मिश्र, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ मिथिलेश  यादव,डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ.नीरज अवस्थी, डॉ श्रवण कुमार, डॉ. सुशील शुक्ला, डॉ सुजीत चौरसिया, अन्य शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं  उपस्थित थे।

Wednesday, 21 December 2022

यूथ फेस्टिवल के तैयारी की कुलपति ने की बिंदुवार समीक्षा


इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल  12- 13 जनवरी को
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में  इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल का आयोजन 12- 13 जनवरी 2023 को होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आयोजन के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी दी है।इसमें प्रदेश के  राज्य  विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे।
कुलपति प्रो निर्मला एस. मौर्य ने इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल आयोजन के लिए बुधवार को कुलपति सभागार में आयोजन समिति के समन्वयकों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।  उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम को पूरे उत्साह के साथ आयोजित करेगा।  कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि समयबद्ध तैयारियों को पूर्ण करना होगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु 19 समितियों के संयोजक नामित किये गए है। उनकी समस्याओं का समाधान किया गया।
वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने संयोजकों से कहा कि उनको आर्थिक समस्या नहीं होगी।
बिंदुवार कार्य को प्रोफेसर राकेश यादव ने पड़ा।
यूथ फेस्टिवल के नोडल अधिकारी डॉ मनोज मिश्र ने बताया कि इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल  में प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों की टीमों को प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया गया है. इंटर युनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल  में   विभिन्न  प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिताएं  निर्णायक मंडल के आलोक में आयोजित की जाएगी। आयोजन सचिव डॉ गिरिधर मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
बैठक में प्रो. अजय द्विवेदी,  प्रो. रजनीश भास्कर, एआर दीपक सिंह, बबिता सिंह, डॉ. विजय प्रताप तिवारी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. अमरेन्द्र सिंह, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य,, सुशील प्रजापति समेत समिति के सदस्य उपस्थित रहे।