Tuesday, 28 February 2023

हाइड्रोजन व सोलर एनर्जी के शोध पर विशेष ध्यान: प्रो. निर्मला एस मौर्य


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर "सतत विकास के लिए विज्ञान की भूमिका” विषयक एक-दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से मंगलवार को किया गया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने सर सीवी रमन  द्वारा किये गये वैज्ञानिक कार्यों को छात्रों से चर्चा करते हुए कहा कि मानव सभ्यता के विकास में विज्ञान का योगदान अप्रतिम है। साथ ही कहा कि वर्तमान समय की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वैकल्पिक उर्जा स्रोतो द्वारा ऊर्जा के रूपांतरण और भंडारण हेतु हाइड्रोजन एनर्जी, सोलर एनर्जी एवं रिचार्जेबल बैटरी के शोध एवं विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संगोष्ठी में विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया । साथ ही साथ छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे पोस्टर व ओरल प्रेजेंटेशन, रंगोली,  एक्सटेम्पोर, क्विज प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के वक्ता वैज्ञानिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के डॉ. सुमित श्रीवास्तव ने विज्ञान और तकनीकी विकास की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के द्वारा विज्ञान प्रसार के कार्यक्रमों को छात्रों से साझा किया जिससे कि छात्र उनमें प्रतिभाग कर सकें।
संगोष्ठी में निदेशक प्रो. देवराज सिंह  तथा प्रो. बी.बी. तिवारी, ने अभियांत्रिकी संकाय ने विषय प्रवर्तन करते हुए सर सीवी रमन  के योगदान और  वैज्ञानिक विकास के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की। 
विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का समन्वयन, कार्यक्रम आयोजन सचिव डॉ० रामान्शु पी० सिंह ने किया। रंगोली प्रतियोगिता में एमएस. सी. सूक्ष्मजैविकी विभाग के सतीश राजभर के ग्रुप को प्रथम, एमएससी. भौतिकी विभाग की रश्मि मौर्या के ग्रुप को द्वितीय एवं श्येमा अफरोज के ग्रुप को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।  वैकल्पिक उर्जा शोध केंद्र के शोधार्थी अनिल कुमार शर्मा व भौतिकी विभाग के शोधार्थी शिवम कुमार सिंह को बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन, एम.एससी. भौतिकी विभाग के जमुना प्रसाद यादव को बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटेशन प्राप्त हुआ। एक्सटेम्पोर व क्विज के विजेता इंजीनियरिंग संस्थान के स्वर्णिम मिश्रा और शैयद अजमत हुसैन रहें।  सेमिनार में प्रो. राम नारायण, डॉ. श्याम कन्हैया,  डॉ. गिरिधर मिश्र,  डॉ. पुनीत धवन, डॉ. सुजीत चौरसिया,  डॉ. रसिकेश,  डॉ० सुनील कुमार आदि उपस्थित रहें। संचालन डॉ. धीरेन्द्र चौधरी तथा डॉ. काजल डे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

भारत का निर्माण करने वाले शिल्पकार हैं युवाः नितिन गडकरी

पीयू में इन्क्यूबेशन और एलुमिनी केंद्र का किया उद्घाटन

विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसरः प्रो. निर्मला एस. मौर्य

संगोष्ठी में विद्यार्थियों को किया संबोधित

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में सोमवार को नवाचारः उद्यमिता एवं युवा, एक भारत, श्रेष्ठ भारत की ओर, विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर  केंद्रीय मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार श्री नितिन गडकरी इन्क्यूबेशन केंद्र और एलुम्नी कार्यालय का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश की पूंजी युवा हैं। ये भविष्य का निर्माण करने वाले शिल्पकार हैं। युवाओ के ज्ञान में बहुत ताकत है। इसका सही उपयोग करके आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा किया जा सकता है। उन्होंने संस्कृति और विरासत का वर्णन करते हुए कहा कि पूरा विश्व आयुर्वेद और योग पर शोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बच्चों के ज्ञान को आकार देने का केंद्र है। इन्हें सही गुरु मिलने पर सही दिशा मिल सकती है। पानी और हाइड्रोजन के उपयोग का कई उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके शोध पर विश्वविद्यालय जोर देकर अपने संसाधन को पूरा कर सकता है। शोध पर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीयता को ध्यान में रखकर करने से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा इस तरह के शोध पर ध्यान देकर देश के किसान को अन्नदाता ही नहीं ऊर्जादाता भी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्टे विलेज बनाने की जरूरत है। जगदीश पुर और नई गंज पर ओवरब्रिज समेत कई निर्माण कार्य की घोषणा के साथ उन्होंने कहा कि 2024 तक यूपी की सड़कों को अमेरिका के टक्कर की बना दिया जाएगा।

इस अवसर पर संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने  कहा कि सड़कें अपनों को मिलाती हैं, जीवन के दो नियम हैं, धीरज और व्यवहार जो हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। देश के स्वावलम्बन के लिए युवा स्टार्टअप मिशन के रूप में भाग लें। उन्होंने विश्वविद्यालय के निरंतर प्रगति पर विस्तारपूर्वक अपनी बात रखी। कहा कि शिक्षा, शोध शैक्षणिक एवं अन्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हस्त निर्मित सामग्रियों का प्रशिक्षण देकर स्वावलम्बी बनाया जा रहा है।

संगोष्ठी का संचालन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मानस पांडेय ने किया। इस अवसर पर प्रो. सुरेश कुमार पाठक, प्रो. बीबी तिवारी, नंदकिशोर सिंह, डा. जाह्नवी श्रीवास्तव डा. विजय सिंह, डा. राहुल सिंह, प्रबंधक संघ के दिनेश तिवारी और रमेश दुबे, करन सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। संगोष्ठी में कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, अजीत सिंह, बबिता सिंह, दीपक सिंह प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो. बीडी शर्मा, डा. मनोज मिश्र. डा. संतोष कुमार, डा. रसिकेश, डा. सुनील कुमार, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. नीतेश जायसवाल आदि उपस्थित थे।  इस अवसर पर सांसद सीमा द्विवेदी, बीपी सरोज, सुरेंद्र प्रताप सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, पुष्पराज सिंह, सुशील उपाध्याय, रमेश दुबे समेत जौनपुर जनपद के लोगों ने हैलीपैड पर मंत्री का स्वागत किया।

Thursday, 23 February 2023

मेधा का उपयोग समाज के लिए करें विश्वविद्यालयः राज्यपाल



दहेज न लेने की छात्रों को दिलाई शपथ
66 विद्यार्थियों को दिया गोल्ड मेडल
30 बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार
युवाओं के बल पर देश आत्मनिर्भर बनेगाः प्रो. गिरीश्वर मिश्र
कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया
विश्वविद्यालय में मनाया गया 26 वां दीक्षांत समारोह
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 26वां दीक्षांत समारोह गुरुवार  को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मनाया गया। इस अवसर पर  राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने   मेधावियों को 66 स्वर्ण पदक  प्रदान किए। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र रहें। 
इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि देश में 65 फीसदी युवा जनसंख्या है। इसका अधिकतर भाग विश्वविद्यालय से होकर गुजरता है। युवाओं की मेधा का सकारात्मक उपयोग समाज के लिए विश्वविद्यालय को करना चाहिए। हमें विदेशों की नकल करने से अच्छा है युवाओं की सोच को विकसित कर उसका उपयोग देशहित में किया जाए। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की भी यही चिंता रहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से युवकों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जब तक युवा स्वावलंबी नहीं बनेंगे तब तक देश आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। देश में वृद्धाश्रम की बढ़ती संख्या पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों, मां का सम्मान करना सीखों, क्योंकि बचपन में कितने कष्ट सहकर मां ने आपका पालन-पोषण किया है। मां-पिता बुढ़ापे में आपसे दूर हो, शिक्षा का सही मायने यह नहीं है। उन्होंने आंगनबाड़ी की प्रशंसा करते हुए कहा कि मां का असली रूप वहां देखने को मिलता है, वहां 50-50 बच्चों को कार्यकर्ती कैसे संभालती हैं, हमें उनसे सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शोध की डिजाइन और प्रस्तुतीकरण वैश्विक स्तर का हो। उन्होंने स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए योग और मोटे अनाज का सेवन जरूरी है। इसकी जागरूकता के लिए स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय को योगदान देना होगा। छोटे बच्चों को दीक्षांत में बुलाने का मतलब उनके आगे के स्वप्न को साकार करना है। जी-20 की सोच को विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। समाज से दहेज की विकृति दूर करने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों को दहेज न लेने का संकल्प दिलाया।    
दीक्षांत उद्बोधन में मुख्य अतिथि  महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान सेवा और जीवन मूल्यों का जो अर्जन विद्यार्थियों ने किया है उसे समाज और राष्ट्रहित में उपयोगी बनाएं। पर्यावरण पर चर्चा करते हुए कहा कि धरती रहेगी तभी मानव रहेगा, इसलिए धरती के संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय ज्ञान और शोध में इसे शामिल करें। युवाओं के बल पर ही देश आत्मनिर्भर बनेगा इसलिए उन्हें अपनी दक्षता दिखानी होगी।
उन्होंने कहा कि आज  का दौर उपभोक्तावाद और व्यक्तिवाद का दौर है जिसमें ‘सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया:‘ का लक्ष्य विस्मृत होता जा रहा है। ‘अधिक से अधिक प्राप्त करो और अधिकाधिक उपभोग करो’ की जीवनशैली हमारी सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए घातक सिद्ध हो रही है। 
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० निर्मला एस० मौर्य ने कहा कि  विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों के निरन्तर नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस अंचल में अवस्थित विश्वविद्यालय की अनेक भौगोलिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक विशिष्टताएँ हैं। यहाँ के विद्यार्थियों में असीम उत्साह एवं क्षमता है। उन्हें जीवन के प्रति आधुनिक विचारों के साथ नये-नये तकनीकी, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तनों से प्रशिक्षित करते हुए जीवन की ऊँचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को बिन्दुवार बताया। दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद् एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का संचालन प्रो. अजय द्विवेदी  ने किया। इसके पूर्व जल भरों कार्यक्रम जल भरो गीत के साथ किया गया।
इस अवसर पर सांसद श्याम सिंह यादव, कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, प्रो. बीबी तिवारी,  प्रो. वंदना राय,  डा.  विजय सिंह, डा. राहुल सिंह,  प्रो. अजय प्रताप सिंह,  प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर,  प्रो. रामनारायण, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. बीडी शर्मा,  सहायक कुलसचिव अमृतलाल, अजीत सिंह, बबिता सिंह, दीपक सिंह, डा. संदीप सिंह, डा. प्रदीप कुमार,  डा. मनीष गुप्ता, एनएसएस समन्वयक डा. राज बहादुर यादव, रोवर्स रेंजर्स डा. जगदेव,  डा. विजय तिवारी, डा. संतोष कुमार,. डा. रजनीश भास्कर,  डा. रशिकेस,  डा. सुनील कुमार,  डा. दिग्विजय सिंह राठौर,  डा. अवध बिहारी सिंह. डा. जाह्नवी श्रीवास्तव,  डा. अमरेंद्र सिंह, डा. मनोज पांडेय,  डा. आशुतोष सिंह, आदि शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे.
  पुस्तक और गतिमान का हुआ लोकार्पण
विश्वविद्यालय के 26 वें दीक्षांत समारोह में भारतीय सामाजिक परिप्रेक्ष्य में नारी और गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के वर्षभर की गतिविधियां स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत विश्वविद्यालय की विविध गतिविधियों को बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित किया गया है। विमोचन अवसर पर डा. डा. जाह्नवी श्रीवास्तव, प्रधान संपादक   डॉ. मनोज मिश्र, सम्पादन मण्डल में  प्रो. अजय द्विवेदी,  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. नितेश जायसवाल और डॉ लक्ष्मी मौर्य रहें। 
बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 26 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले  बच्चों को स्कूल बैग, फल, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया। 
 उज्ज्वल को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक
विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक  दिया जाता है। वर्ष 2022 में एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर उज्ज्वल कुमार  को यह पदक मिला।
66 मेधावियों को स्वर्ण पदक

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 26 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 65 मेधावियों को प्रथम प्रयास में अपने विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 66 स्वर्ण पदक प्रदान किया। स्नातक स्तर  पर 18 एवं परास्नातक स्तर पर 48 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला. 


307 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि
दीक्षांत समारोह में 307 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि मिली. जिसमें  178 कला संकाय में, विज्ञान संकाय  में 17,कृषि संकाय में 09, शिक्षा संकाय में 66, विधि संकाय में 09,इंजीनियरिंग संकाय में  04,वाणिज्य संकाय में 15,प्रबन्ध संकाय में 06,अनुप्रयुक्त समाज विज्ञान एवं मानविकी संकाय में 03 शोधार्थियों कोप उपाधि मिली. 
स्वास्थ्य केंद्र का किया राज्यपाल ने लोकार्पण
विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र का माननीय राज्यपाल श्री आनंदीवेन पटेल ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की दवा की उपलब्धता पर ध्यान दें। इस अवसर पर कुलपति, सीएमओ समेत डाक्टर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।
प्रेरणा कोचिंग की राज्यपाल ने की सराहना
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा चलाए गए प्रेरणा कोचिंग सेंटर की माननीय राज्यपाल श्री आनंदीबेन पटेल ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे का झुकाव स्कूल की तरफ जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सब काम नहीं कर सकती इस तरह के छोटे – छोटे प्रयास से ही देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। इस कोचिंग के समन्वयक डा राजकुमार हैं।

Wednesday, 22 February 2023

विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का हुआ पूर्वाभ्यास


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में बुधवार को 26 वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने स्वर्णपदक पाने वाले विद्यार्थियों को पूर्वाभ्यास कराया.
दीक्षांत समारोह गुरुवार को विश्वविद्यालय में आयोजित होगा। इसमें प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र की भूमिका में इंजीनियरिंग संस्थान के प्रो. बीबी तिवारी रहे।    
बुधवार को पूर्वाभ्यास में मा.राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की भूमिका का निर्वहन बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रो. वंदना राय ने किया। पूर्वाभ्यास की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई। इसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। इसमें विद्या परिषद और कार्य परिषद के सदस्य शामिल हुए।स्वर्ण पदक धारकों को आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिए गए।
 संचालन प्रो अजय द्विवेदी ने किया.  अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक बी एन सिंह,  प्रो. अजय प्रताप सिंह,  प्रो. बी डी शर्मा,  प्रो. राम नारायण, प्रो. राजेश शर्मा,  प्रो. देवराज सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. संदीप सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. राजबहादुर यादव,  डा. लक्ष्मी मौर्य, डा. रसिकेश,  डा. सुनील कुमार, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, बबिता सिंह, दीपक सिंह,  डॉ. पी के कौशिक, श्याम श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे।
 
11 बजे से शुरू होगा दीक्षांत समारोह
 
जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का छब्बीसवां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में 23 फ़रवरी को होगा. इसके मुख्य अतिथि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र होंगे. दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी. 66 मेधावियों को राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक मिलेगा.  इसके साथ ही 307 पीएच.डी.धारकों को उपाधि प्रदान करेंगी. विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के लिए 10:50  बजे दिन में मा कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की आगमन  विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड पर होगा. इसके बाद 11.00 बजे से 1:30 बजे तक दिन में विश्वविद्यालय के  संगोष्ठी में आयोजित दीक्षांत समारोह में रहेंगीं.

दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति जी द्वारा जनसंचार विभाग के विद्यार्थी को अमर उजाला के नवोन्मेषक ‘‘अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक’’ भी प्रदान किया जायेगा. कक्षा 6 से 8 तक के राजकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को किट वितरण राज्यपाल अपने हाथों से करेंगीं