Saturday, 30 September 2023

पर्यावरण की रक्षा हम सब की जिम्मेदारी - कुलपति

जहाँ अनेकता में एकता, यही है हिन्द की विशेषता

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस  सप्ताह के दूसरे दिन पेंटिंग, कविता और शांति गीत प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस  सप्ताह के  दूसरे   दिन शनिवार को  प्रो० राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में  पर्यावरण संरक्षण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता    एवं अहिंसा, अनेकता में एकता, सामाजिक सद्भाव विषय  पर कविता एवं शांति गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जहाँ अनेकता में एकता, यही है हिन्द की विशेषता, यही धरा भगत की भी, गांधी की भी यही धरा .....जैसे गीत प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया.कुलपति प्रो वंदना सिंह ने सरस्वती सदन में पेंटिंग प्रतियोगिता के प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग को देखा और उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रंगों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का जो संदेश दिए गए है वह बहुत ही प्रभावशाली है. आज पर्यावरण का संरक्षण वैश्विक मुद्दा बन गया है. इसकी सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. 

नोडल अधिकारी डॉ मनोज मिश्र ने प्रो० राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि गांधी ने अहिंसा को हथियार बनाया था. आज समाज में छोटी- छोटी बातों पर लड़ाई- झगडे हो रहे है. सामाजिक स्नेह बढ़ाने के लिए गाँधी के जीवन चरित्र को अपने अन्दर समाहित करना होगा. निर्णायक मंडल में प्रो. मिथिलेश सिंह, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ प्रियंका सिंह एवं डॉ आलोक दास शामिल रहे. आयोजन समिति के सदस्य डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. नितेश जायसवाल एवं डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. अन्नू त्यागी, शशिकांत यादव, डॉ. राहुल राय,डॉ. अंकित कुमार  एवं पंकज सिंह ने कार्यक्रम का समन्वय किया. 

Friday, 29 September 2023

आज के दौर में भी गांधी के विचार हैं प्रासंगिक- प्रो. वंदना सिंह

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस  सप्ताह की कुलपति ने की शुरुआत 

रंगोली और निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस  सप्ताह एवं स्थापना दिवस के अंतर्गत होने वाले विविध कार्यक्रमों  की शुरुआत शुक्रवार को  गांधी वाटिका से  हुई. गाँधी वाटिका में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने  महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया.

 उन्होंने  कहा कि  महात्मा गांधी ने अहिंसा को हथियार बनाकर देशवासियों  को एकजुट कर आजादी दिलाई थी. आज के दौर में हमारे आस- पास जो बहुत सारी असामाजिक  घटनाएँ  हो रही है. ऐसे में  महात्मा गांधी का अहिंसा के प्रति दृष्टिकोण और भी प्रासंगिक हो जाता है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस सप्ताह अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा का संचार करेंगे जिससे वह एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रगति के पथ पर अग्रसर होते रहेंगे.

आयोजन के नोडल अधिकारी डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर  गाँधी रिसर्च फाउंडेशन, जलगांव  की अपेक्षा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है.  02 अक्टूबर को विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस मनाया जायेगा.

 अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस सप्ताह के अंतर्गत पहले दिन प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में  स्वच्छ भारत विषय पर निबंध प्रतियोगिता एवं जनसंचार विभाग में सामाजिक सद्भाव विषय  पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिताओं में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया. 30 सितम्बर को पर्यावरण संरक्षण पर पोस्टर प्रतियोगिता ,अहिंसा , अनेकता में एकता, सामाजिक सद्भाव पर  कविता एवं शांति  पर गीत प्रतियोगिता का आयोजन होगा.

 आयोजन समिति के सदस्य डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. नितेश जायसवाल एवं डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. अन्नू त्यागी, शशिकांत यादव, डॉ. राहुल राय,डॉ. अंकित सिंह एवं पंकज सिंह ने कार्यक्रमों का समन्वय किया. गांधी वाटिका में समारोह के शुभारम्भ अवसर पर प्रो ए के श्रीवास्तव, प्रो. रजनीश भास्कर,एनएसएस के समन्वयक डॉ.राज बहादुर यादव, सहायक कुलसचिव दीपक सिंह, डॉ.लक्ष्मी प्रसाद मौर्य,  डॉ. अमरेन्द्र सिंह, डॉ दिनेश सिंह, डॉ मारुती सिंह समेत विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे.

Thursday, 28 September 2023

विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस सप्ताह का होगा आयोजन


29 सितम्बर से 04 अक्तूबर तक होंगे विविध कार्यक्रम

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस  सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है । प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर  गाँधी रिसर्च फाउंडेशन, जलगांव  की अपेक्षा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे । 02 अक्टूबर  को विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस भी मनाया जायेगा.

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित किए जाने हेतु जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र को  नोडल अधिकारी नामित किया है । 29 सितम्बर से 04 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस सप्ताह के अंतर्गत विविध कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे ।  29 सितम्बर से कार्यक्रमों   का शुभारम्भ गाँधी वाटिका से होगा ।  अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस सप्ताह के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता, सामाजिक सद्भाव  पर रंगोली प्रतियोगिता, पर्यावरण संरक्षण पर  पोस्टर प्रतियोगिता ,अहिंसा , अनेकता में एकता, सामाजिक सद्भाव कविता एवं शांति  पर गीत प्रतियोगिता, नशा मुक्ति के लिए जागरूकता  कार्यक्रम, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा स्वच्छता  कार्यक्रम एवं महात्मा गाँधी पर फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा ।
 02 अक्टूबर को संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह के साथ ही  विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।  आयोजन हेतु  कुलपति ने समिति गठित की है जिसमें डॉ. नितेश जायसवाल एवं डॉ. श्याम कन्हैया सिंह को सह नोडल अधिकारी बनाया गया है. इसके साथ ही समिति में   डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सुनील कुमार, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. अन्नू त्यागी, शशिकांत यादव, डॉ. राहुल राय,डॉ. अंकित सिंह, डॉ. अवधेश मौर्य एवं पंकज सिंह  को शामिल किया गया है।

Wednesday, 27 September 2023

नशा मुक्त समाज' पर दिखाया गया नाटक

मिशन ड्रग फ्री कैंपस एंड सोसाइटी अभियान के तहत वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र द्वारा उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा  महाविद्यालय, जौनपुर एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत करंजाकला ब्लॉक स्थित सिद्दीकपुर गांव के काशीराम आवासीय परिसर में नशा और उसका हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाते हुए व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों द्वारा बुधवार को नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसका शीर्षक था 'नशा मुक्त समाज' । नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं द्वारा दिखाया गया कि एक हंसता खेलता परिवार कैसे नशे की लत की वजह से बर्बाद हो जाता है । कैसे हमारा युवा वर्ग नशे की ओर अग्रसर होते है। इसके तत्पश्चात उमानाथ सिंह स्वशासी महाविद्यालय के मनोचिकित्सक डॉक्टर विनोद वर्मा ने नशे की रोकथाम, इलाज की सलाह गांव के लोगों को दी।अभियान समन्वयक एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने नशे के हानिकारक प्रभाव को बताते हुए इससे दूर रहने की सलाह दी तथा बताया कि कैसे एक नशा हमारे परिवार और समाज का नाश कर रहा है। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान के छात्र हिदायत फातिमा, दिव्या, पवन सोनाली, अनिकेत, सत्य प्रकाश,  अंजलि, भूमिका, कृति, इशिता, प्रतिभा, शिवांश, अभिनाश, संजीव, विक्की, उज़मा आदि द्वारा नाटक का मंचन किया गया ।