Tuesday, 31 October 2023

स्थानीय उत्पादों का करें प्रयोग-कुलप

ओडीओपी से मिली स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान

खादी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हुआ कार्यक्रम

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में  उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के क्रम में  खादी महोत्सव का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को हथकरघा उद्योग, स्थानीय उत्पादों का अवलोकन एवं महत्व के बारे में जागरूक किया गया।  विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में स्थापित हेरिटेज गैलरी में स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई।

विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में स्थानीय उत्पादों को उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार का सक्रिय सहयोग मिल रहा  है। आज विशिष्ट और आम लोग सभी खादी के वस्त्रों और स्थानीय उत्पादों के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। यह हमारे भारत की पुरातन थाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और युवा वर्ग स्थानीय उत्पादों को अपनाकर  समाज और देश को आर्थिक रूप से मजबूत कर सकता है। परंपरागत  हस्तशिल्प आज विदेश में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। आज हमारे युवा  वन डिस्ट्रिक्ट- वन प्रोडक्ट को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कुलसचिव महेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि कहा कि खादी वस्त्र गांधी जी का जीवन दर्शन है। उन्होंने कहा जब आप एक खादी का वस्त्र खरीदते हैं तो आप हथकरघा  उद्योग एवं भारत के हस्तशिल्प को मजबूत करते हैं।विद्यार्थियों को इस भाव को अपने मन में रखते हुए स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता के साथ अपनाना चाहिए और अपने परिवार में भी इसके लिए प्रयास करना चाहिए। हेरिटेज गैलरी के नोडल अधिकारी डॉ.  दिग्विजय सिंह राठौर ने जौनपुर जनपद की दरी एवं गाजीपुर जनपद के जूट वॉल हैंगिंग एक जिला एक उत्पाद के बारे में जानकारी दी ।   स्वागत प्रोफेसर मानस पांडे द्वारा एवं आभार प्रदर्शन जनसंचार विभाग अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर द्वारा किया गया।इसके पूर्व विद्यार्थियों को  गाजीपुर एवं जौनपुर के हथकरघा उद्योग के उत्पादों  से रूबरू कराया गया। युवाओं में खादी उत्पादों की सम्यक जानकारी देते हुए  खादी उत्पाद अपनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर प्रो. ए.के. श्रीवास्तव, प्रो बी डी शर्मा  प्रो संदीप सिंह, प्रो रजनीश भास्कर, श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. विद्युत कुमार डॉ राहुल कुमार राय  सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वल्लभ भाई पटेल का व्यक्तित्व आज भी देता है ऊर्जाः कुलपति

 पीयू में हुआ रन फॉर यूनिटी का आयोजन 

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मंगलवार को  लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दौड़ रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। इस दौड़ में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने हरी झंडी दिखाकर इस दौड़ की शुरुआत की। इसके पूर्व सरस्वती सदन के सामने सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। 

उन्होंने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल का व्यक्तित्व हमें आज भी ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव हो इसके लिए सभी को मिलकर समभाव से काम करना चाहिए।  मिशन शक्ति 4.0 के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण का  संदेश देते हुए एकता दौड़ का आयोजन किया गया ।  इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक बी.एन. सिंह, उप कुलसचिव  अमृत लाल, सहायक कुलसचिव बबिता सिंह, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. बी.डी शर्मा, डॉ. मनोज मिश्र,डॉ. प्रमोद कुमार यादव, डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. वनिता सिंह, समेत अन्य लोग मौजूद रहे


Saturday, 28 October 2023

पर्यावरण के विषाक्त पदार्थ को नियंत्रित कर सकते हैं सूक्ष्म जीव और पौधेः प्रो. प्रत्यूष शुक्ला

कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल राज्यपाल उत्तर प्रदेश एवं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह की प्रेरणा से व्याख्यानमाला श्रृंखला के कड़ी में  28 अक्टूबर शनिवार को परिसर के संकाय भवन में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय  बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर प्रत्यूष शुक्ला का व्याख्यान हुआ ।इस अवसर पर प्रोफेसर शुक्ला ने कंप्यूटेशनल टूल्स के माध्यम से कैसे हम पर्यावरण में प्रदूषकों की सांद्रता या विषाक्त प्रभाव को कम करने के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में तकनीक के विकसित होने से आज कंप्यूटेशनल टूल के माध्यम से सूक्ष्म जीवों के जीन को एडिटिंग करके डिजाइनर सूक्ष्मजीव बनाए जा सकते हैं जिनका प्रयोग विषाक्त पदार्थ के प्रभाव को नियंत्रण में किया जा सकता है। कैडमियम, क्रोमियम, सीसा, एल्युमीनियम, आर्सेनिक और एंटीमनी जैसी भारी धातुओं से दूषित मिट्टी वाली जगहों पर इस तकनीक की तेजी से जांच और उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय ऐसा है जिसमें विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म जीवों के अध्ययन से बहुत सारे आकंड़े उत्पन्न हो रहे हैं उनके लिए कंप्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर का प्रयोग लाभदायक होगा। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा आतिफा हफीज और स्वागत प्रोफेसर रामनारायण द्वारा किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा  संकायाध्यक्ष विज्ञान संकाय प्रोफेसर राजेश शर्मा ने रखी। धन्यवाद ज्ञापन बायोटेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर मनीष कुमार गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक  डॉ. एसपी तिवारी, डॉ सुधीर उपाध्याय , डॉ संजीव मौर्य, ऋषि श्रीवास्तव , डॉ सिपाही लाल पटेल, डॉ दिनेश कन्नौजिया एवं छात्र उपस्थित रहे।

Friday, 20 October 2023

देश का आर्थिक विकास पर्यावरण संरक्षण पर हो आधारितः प्रो. एच.सी.पुरोहित

प्रबंध अध्ययन संकाय  में द्विदिवसीय कार्यशाला का आयोजन    

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संकाय  में  शुक्रवार को व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग द्वारा सस्टेनेबल इकोनामिक डेवलपमेंट  विषयक    द्विदिवसीय कार्यशाला का आयोजन    किया गया । कार्यशाला  के मुख्य वक्ता प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं दून विश्वविद्यालय देहरादून के फैकल्टी आफ मैनेजमेंट के संकायाध्यक्ष  प्रो.  एच. सी. पुरोहित ने कहा कि  वर्तमान आर्थिक विकास मॉडल  पारिस्थितिकी तंत्र पर आधारित है । अब  देश का आर्थिक विकास पर्यावरण संरक्षण पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बगैर भविष्य का आर्थिक विकास समीचीन नही होगा । उन्होंने उदाहरण के जरिये विद्यार्थियों को अर्थव्यवस्था को  बढ़ाने वाले कारक , जीडीपी, जीएनपी एवं  वर्तमान में चल रही सभी अर्थव्यवस्था के मॉडलों पर चर्चा की ।  उन्होंने कहा कि सतत विकास के माडलों का मूल  वेदों और भारतीय  दर्शन में  विद्यमान  है । वर्तमान में चल रहे सभी अर्थव्यवस्था के मॉडलों की तुलना करते हुए  उन्होंने बताया कि सतत विकास व विकास का  ऐसा मॉडल होना चाहिए जो कि भावी पीढ़ी की जरूरतों को पूरा कर करे और  वर्तमान पीढ़ी की आशा के अनुरूप  हो । उन्होंने  कहा  कि ऐसे  मॉडल से भारतीय दर्शन के द्वारा ही समूचे विश्व को इस क्षेत्र में सार्थक सन्देश  दिया जा सकता है । स्वागत विभागाध्यक्ष  प्रो. मानस पांडेय, संचालन डॉ. आशुतोष सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने किया ।  इस अवसर पर डॉ अमित  वत्स,  डॉ राकेश उपाध्याय, डॉ सुशील कुमार , डॉक्टर निशा  पांडे,  डॉ अंजनी,  डॉ रोहित पांडे , डॉ सौरभ , नितिन, राहुल सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।