Friday, 24 November 2023

योग तन- मन दोनों को रखता है स्वस्थ- प्रो. वंदना सिंह

विश्वविद्यालय में योग शिविर का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर के ध्यानचंद इनडोर स्टेडियम में  मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु आर्ट ऑफ लिविंग, बेंगलुरु के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन हुआ.
शिविर में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों,कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने योग किया.
कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि स्वस्थ रहना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता हो गई है. योग हमारे तन और मन दोनों को स्वस्थ रखता है. विश्वविद्यालय के सभी सदस्य स्वस्थ और ऊर्जावान रहे इसलिए इस शिविर का आयोजन किया गया है. उन्होंने कहा कि सभी इस शिविर में बढ़- चढ़ कर प्रतिभाग करें. ध्यानचंद्र इनडोर स्टेडियम में सुबह शुरू हुए इस शिविर में आर्ट ऑफ़ लिविंग के जय सिंह ने वार्मअप, कटिचक आसन हस्तपात, उत्कटासन, मलासन, तितली आसन, जॉइन्ट रोटेशन, बॉडी स्ट्रेचिंग, योगासन एवं ध्यान कराया। योग शिविर के समन्वयक डॉ मनोज पाण्डेय रहे.
इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. मिथिलेश सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. अजीत, सहायक कुलसचिव दीपक सिंह, बबिता सिंह, डॉ. मिथिलेश यादव,राजेंद्र सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे.

Thursday, 16 November 2023

सभी को पढ़ने एवं शिक्षा प्राप्त करने का हकः प्रो. वंदना सिंह

प्राइमरी के बच्चों को कुलपति ने बांटें कॉपी-किताब सहित खाने-पीने की चीजें

बाल दिवस के अवसर मिशन शक्ति ने किया विद्यारम्भ संस्कार

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए हुए गांव जासोपुर के मुसहर बस्ती के बच्चों का वृहस्पतिवार को मिशन शक्ति 4.0 के तहत विद्यारम्भ संस्कार कराया गया। इस विद्यारंभ संस्कार को जासोपुर के प्राइमरी विद्यालय में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान बस्ती के बच्चों के साथ-साथ प्राइमरी विद्यालय के बच्चों को भी कॉपी-किताब, पेंसिल बॉक्स सहित खाने-पीने की चीजें उपहार में दी गई। इस मौके पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि शिक्षा हमारे मौलिक अधिकारों में एक है। सभी को पढ़ने एवं शिक्षा प्राप्त करने का पूरा हक है। इसी के तहत गांव के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं हो। मिशन शक्ति की समन्वयक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने विद्यारम्भ संस्कार के उद्देश्य को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बाल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशन में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से यह कार्यक्रम किया जा रहा है। स्वागत श्याम त्रिपाठी ने और किशन जायसवाल धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी उमाशंकर, कुलपति के निजी सचिव डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, रिद्धी दूबे के साथ प्राइमरी विद्यालय के शिक्षक और बच्चे मौजूद रहे।

ऊदा देवी के बलिदान को नहीं भुलाया जा सकता- कुलपति

बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विश्वकर्मा छात्रावास समीप ऊदा देवी और मक्का पासी मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने वीरांगना ऊदा देवी को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऊदा देवी ने जिस साहस का परिचय देते हुए अंग्रेजों का मुकाबला किया था वह कभी भुलाया नहीं जा सकता। विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता
 संग्राम के शहीदों के नाम पर मार्ग का नाम पड़ा है इससे विद्यार्थी निरंतर उनके बलिदान से परिचित होते रहेंगे।
जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने ऊदा देवी के बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी आज की महिलाओं के लिए ऊर्जा की स्रोत है. पति की मृत्यु के बाद भी पुरे साहस से 1857 में  सिकंदर बाग़ लखनऊ में पीपल के पेड़ पर चढ़कर 36  अंग्रेजों को  मौत के घाट उतार कर वीरगति को प्राप्त हुई थी. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनका बलिदान स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है.
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेयप्रो. संदीप सिंहडॉ. गिरिधर मिश्रडॉ. अमरेन्द्र सिंहडॉ.  सुनील कुमारडॉ. दिग्विजय सिंह राठौर,  डॉ. नितेश जायसवाल,  डॉ. मनीष सिंहडॉ. श्याम कन्हैयाडॉ. पुनीत धवनडॉ. धर्मेन्द्रडॉ. अमित वत्सहिमांशु तिवारीशशांकअंकुश गौरव समेत अन्य उपस्थित रहे.

Thursday, 9 November 2023

विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में विशेष ध्यान देः राज्यपाल

भविष्य की चुनौतियों से निबटने के लिए जल सुरक्षा जरूरीः डॉ. राजेंद्र सिंह

विश्वविद्यालय में मनाया गया 27 वां दीक्षांत समारोह


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालय का 27 वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति, श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर मेधावियों को 81 स्वर्ण पदक प्रदान किए।

इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों में शिक्षा की सुचिता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक नियमित क्लास लें। विश्वविद्यालयों में जब प्रवेश, परीक्षा और परीक्षाफल की तिथि निर्धारित हो जाएगी तो शिक्षा व्यवस्था अपने आप सुधर जाएगी। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में 73 फीसदी लड़कियां और 27 फीसदी लड़के गोल्ड मेडल पाएं हैं। इससे साबित होता है कि महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। मैंने उत्तर प्रदेश में नौ विश्वविद्यालयों की कुलपति महिलाओं को बनाया। उन्होंने कहा कि शोध के क्षेत्र में हमे विशेष जोर देने की जरूरत है। पेटेंट न होने के कारण विश्व के अन्य देश हमसे आगे हो जा रहे हैं। उन्होंने जर्मनी को उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गर्भवती माताओं को शिक्षा दी जाती है ताकि उसका बच्चा पैदा होने के बाद शिक्षित और संस्कारित बने। इस काम का प्रमाण हमारे यहां महाभारत काल का अभिमन्यु है।  उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के डिग्रियों को डिजिलॉकर में रखने का एकमात्र उद्देश्य यह है कि उसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो पाए और साथ में ही वह इसके माध्यम से अपनी डिग्री को देश में कहीं से भी देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को तकनीकी के क्षेत्र में विद्यार्थियों का भी उपयोग करना चाहिए जिससे कि विश्वविद्यालय के विकास में उनकी भी सहभागिता हो। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए विश्वविद्यालयों को आंगनबाड़ी केंद्रों तक भेजा गया। प्रदेश में वृक्षारोपण कराने का उद्देश्य भी पर्यावरण को सुरक्षित करना है। हमें समस्याओं के मूल को पहचानना होगा और प्रयास करके इसका निदान करना होगा।

दीक्षांत उद्बोधन में मुख्य अतिथि पीपल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड, स्वीडन एवं तरुण भारत संघ,  राजस्थान के चेयरमैन जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने शिक्षा और विद्या के अंतर को समझाते हुए कहा कि शिक्षा पढ़ाई से होती और विद्या खुद लेनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को विद्या नीति की ओर ले जाने की जरूरत है। वैश्विक रूप से हमारे समक्ष अनेक पर्यावरण संबंधी समस्याएं परिलक्षित हो रही हैं । इन समस्याओं का मुख्य कारण विकास की होड़ में प्रकृति की अनेदखी एवं पर्यावरणीय असंतुलन है । उन्होंने कहा कि धरती का पेट तेजी से खाली हो रहा है। जल, जीवन और जमीन तीनों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान, सेवा और सद्भावना की जो विद्या इन युवाओं ने इस विश्वविद्यालय में ग्रहण की है, उसे जीवन में उतार कर व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन को समृद्ध एवं राष्ट्र के लिए सकारात्मक और सृजनात्मक योगदान करें।उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अच्छा इंसान बनने का संकल्प लेना होगा जिससे वह अपने घर परिवार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारियों को निभा सके। विद्यार्थियों की सेवा और प्रेम उन्हें पूर्ण बनाता है।  ऐसे लोग अपनी क्षमता और कौशल से देश को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र उसके ब्रांड अंबेसडर होते हैं।    विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने मुख्य अतिथि, राज्यपाल और अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को बिन्दुवार बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लिये मेरे मन मस्तिष्क में एक संकल्प है इसे चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित करना मेरी प्राथमिकता है। दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद् एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का संचालन डॉ. मनोज मिश्र ने किया। इसके पूर्व जल भरो कार्यक्रम जल भरो गीत के साथ किया गया।इस अवसर राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसु, डा. रागिनी सोनकर, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. वंदना राय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित, प्रो. रणंजय सिंह, प्रो. शम्भूराम चौहान, प्रो. श्रीश सिंह, डॉ. राजेश सिंह, , प्रो. अविनाश पाथर्डीकर,   डॉ. अवधेश नारायण राय, डॉ सत्यप्रकाश, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, वित्त अधिकारी उमाशंकर, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंहडा.  विजय सिंह,  डा. राहुल सिंह,,  प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. रामनारायण,  प्रो. देवराज सिंह, प्रो. बीडी शर्मा,  डा. संदीप सिंह, डा. प्रदीप कुमार,  डा. मनीष गुप्ता, पूर्व एनएसएस समन्वयक प्रो. राकेश यादव, रोवर्स रेंजर्स डा. जगदेव,  डा. विजय तिवारी, डा. संतोष कुमार,.  डा. सुनील कुमार,  डा. दिग्विजय सिंह राठौर,डा. रशिकेस,  डॉ. अनु त्यागी, डा. जाह्नवी श्रीवास्तव,  डा. अमरेंद्र सिंह, डा. आशुतोष सिंह, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर, महामंत्री रमेश यादव, डॉ. अमित वत्स., उप कुलसचिव अमृतलाल,  एआर अजीत सिंह,  बबिता सिंह,  दीपक सिंह,  आदि शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे.

गतिमान पत्रिका का हुआ लोकार्पण

विश्वविद्यालय के 27 वें दीक्षांत समारोह में गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के वर्षभर की गतिविधियां स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत विश्वविद्यालय की विविध गतिविधियों को बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित किया गया है। विमोचन अवसर पर कुलपति, दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि, प्रधान संपादक डॉ. मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सम्पादन मण्डल में  प्रो. अजय द्विवेदी,  डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. नितेश जायसवाल और डॉ लक्ष्मी मौर्य रहें।

                                                    जल संरक्षण एवं सम्वर्धन हेतु हुआ एमओयू

पीपल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड, स्वीडन एवं तरुण भारत संघ,  राजस्थान के चेयरमैन जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में जल संरक्षण एवं सम्वर्धन हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किया।

बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 27 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 5 से 8 में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल बैग, फल, जमेटरी बाक्स, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर. देवकली, सुल्तानपुर एवं जासोपुर गांव में आयोजित खेल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले चार बच्चों को भी दीक्षांत समारोह राज्यपाल के हाथों पुरस्कार मिला।

रामनरेश को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक

विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जाता है। वर्ष 2023 में एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर रामनरेश को यह पदक मिला।

80 मेधावियों को मिला 81 स्वर्ण पदक

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 27 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 80 मेधावियों को प्रथम प्रयास में अपने विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 81 स्वर्ण पदक प्रदान किया। स्नातक स्तर  पर 23 एवं परास्नातक स्तर पर 58 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला।

222 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि

दीक्षांत समारोह में 222 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि मिली। इसमें  144 कला संकाय में,  विज्ञान संकाय  में 22, कृषि संकाय में 05, शिक्षा संकाय में 34, विधि संकाय में 04, इंजीनियरिंग संकाय में  01, वाणिज्य संकाय में 09, प्रबन्ध संकाय में 02, अनुप्रयुक्त समाज विज्ञान एवं मानविकी संकाय में 01 शोधार्थियों को उपाधि मिली।

राज्यपाल के हाथों दस आंगनबाड़ी केंद्रों को दिया किट

दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने गोद लिए गए गांव में एवं अन्य जगह स्थापित दस आंगनबाड़ी केंद्रों पर ट्राइसिकल, झूला, स्टोरी बुक, व्हाइट बोर्ड, कुर्सी समेत कुल 77 सामान की किट वितरित की गई।

बटन दबाते ही डीजी लॉकर में अपलोड हुईं डिग्रियां

दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने आईपैड का बटन दबाकर 2022-23 की स्नातक और स्नातकोत्तर की एक लाख 62 हजार 687 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड करने का शुभारंभ किया। विद्यार्थियों को इससे डिजीटल डिग्री आसानी से मिल जाएगी।

                                             हैलीपेड पर कुलपति समेत अधिकारियों ने किया स्वागत

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हैलीपैड पर राज्यपाल सुबह पहुंची। इस दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह, जिलाधिकारी अनुज झॉ, पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा, रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार, समेत कई अधिकारियों ने पुष्प भेंट किया।  

                                           अटल बिहारी वाजपेयी ग्रामीण विकास संस्थान का उद्घाटन

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने आए डॉ राजेंद्र सिंह ने दीक्षांत समारोह के पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी ग्रामीण विकास संस्थान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, प्रो.मानस पांडेय, डॉ सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, अमित वत्स आदि उपस्थित थे।