Wednesday, 28 February 2024

भारतीय समृद्धि के लिए स्वदेशी तकनीक का विकास जरूरीः प्रो. वंदना सिंह

भारतीय समृद्धि के लिए स्वदेशी तकनीक का विकास जरूरीः प्रो. वंदना सिंह

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विकसित भारत के लिए स्वदेशी तकनीक पर हुई संगोष्ठी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर बुधवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। इसका थीम " विकसित भारत के लिए स्वदेशी तकनीक " था। यह थीम सामाजिक कल्याण के लिए घरेलू तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देने की देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

इस अवसर पर  विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि भारतीय समृद्धि के लिए स्वदेशी तकनीकी विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वदेशी तकनीकी उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देकर हम अपनी आत्मनिर्भरता को मजबूत कर सकते हैं। स्वदेशी तकनीकी उत्पादन विशेष रूप से अर्थव्यवस्था को मजबूत और स्थिर बनाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान के बिना हमारी जिंदगी में कुछ नहीं है। साथ ही विकसित भारत का सपना पूरा करने में विज्ञान और तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान है। रमन प्रभाव दिवस एक महत्वपूर्ण दिन है जो भारत के महान भौतिक वैज्ञानिक, सर चंद्रशेखर वेंकट रमन की जयंती के साथ-साथ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इंजीनियरिंग संस्थान के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. बीबी तिवारी ने कहा कि रमन प्रभाव समाज के लिए बहुत ही लाभकारी रहा है। उन्होंने सिग्नल के प्रभाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि हमें नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश और अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि हम स्वदेशी तकनीकी विकास के क्षेत्र में मजबूत हो सकें। इस अवसर पर साउथ अफ्रीका के डॉ. सुनील चंद्रा ने कहा कि आदित्य एल-1 और एक्सपोजिट ब्रह्मांड को समझने में मदद करेंगे। इससे हमारी तकनीक का विकास होगा।  

इस अवसर पर साउथ कोरिया के डॉ. विवेक शुक्ला ने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी पर विस्तार से प्रकाश डाला कहा कि भविष्य में प्रदूषण रहित ऊर्जा का यह मुख्य स्रोत होगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय में रंगोली, क्विज, क्रिएटिव पोस्टर, निबंध समेत कई प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निबंध में स्मिथ यादव, क्रिएटिव पोस्टर में साइना अफरोज और आशुतोष सिंह, क्विज में निपुण प्रजापति और वैष्णवी सिंह, एक्सटेम्पोर में रश्मि मौर्या, रंगोली में सत्यम साहु, तनिष्क साहु, अमिषा सिंह, आराध्या सिंह प्रथम स्थान पर रहे। स्वागत रज्जू भैय्या संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद यादव और संचालन डॉ. रामांशु प्रभाकर सिंह और विषय प्रवर्तन डॉ. काजल डे ने और धन्यवाद ज्ञापन ड़ॉ. धीरेंद्र चौधरी ने किया। इस अवसर पर प्रो. देवराज सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. आलोक कुमार वर्मा, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अनु त्यागी आदि उपस्थित थीं।

 

Monday, 26 February 2024

पीयू के छात्रों ने सीएसआईआर नेट परीक्षा में पाई सफलता


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान के  रसायन विज्ञान विषय में डा प्रमोद कुमार  के मार्गदर्शन में शोध कर रहे सतीश यादव  और डा दिनेश कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में शोध कर रही मुस्कान साहू ने सीएसआईआर नेट की परीक्षा उत्तीर्ण किया है। ये छात्र राष्ट्रीय स्तर की गेट परीक्षा पहले ही पास कर चुके हैं। अब ये छात्र उच्च शिक्षा के शोध संस्थान/विश्वविद्यालय में शोध कार्य तथा शिक्षण कार्य के लिए योग्य है।

रसायन विज्ञान विभाग के एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र हर्ष प्रताप सिंह का चयन बर्जर पेंट कंपनी संडीला हरदोई उत्तर प्रदेश में हुआ। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो वंदना सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं  दी। इस अवसर पर रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव,  रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. प्रमोद कुमार ने कहा छात्रों की इस उपलब्धि से विभाग तथा विश्वविधालय के अन्य छात्र भी मोटिवेटेड  होंगे।

 विश्वविधालय के शिक्षक प्रो. देवराज सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह प्रो. गिरिधर मिश्रा, डा. अजीत सिंह, डा. नितेश जयसवाल, डा दिनेश कुमार वर्मा, डा. मिथिलेश यादव, डा काजल कुमार डे, डा संदीप कुमार वर्मा, डा सरवन कुमार, डा आशीष वर्मा, डा सुजीत कुमार चौरसिया डा दीपक कुमार मौर्य डा रामांशु प्रभाकर, डा पुनीत धवन डा शशिकांत यादव डा नीरज अवस्थी डा श्याम कन्हैया डा सौरभ कुमार सिंह समेत  अन्य शिक्षको  ने बधाई दी तथा खुशी जाहिर की।


नेशनल पर्यावरण यूथ पार्लियामेंट में रिंशिका दुबे प्रथम स्थान पर

यूजीसी और एबीवीपी के संयुक्त तत्वावधान में हुई प्रतियोगिता


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बीटेक आईटी की छात्रा रिन्सिका दुबे ने नेशनल पर्यावरण यूथ पार्लियामेंट 2024 की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में पूरे देश के 21  विश्वविद्यालयों के छात्र और छात्राओं ने भाग लिया था। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से विद्यार्थियों को पर्यावरण के संवर्धन के लिए आयोजित की गई थी।

पीयू की ओर से इस प्रतियोगिता को कराने के लिए पर्यावरण विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधीर उपाध्याय को कुलपति की तरफ से नोडल अधिकारी बनाया गया था।  डॉ. उपाध्याय की देखरेख में पहले विभागवार पर्यावरण विषय में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों का चयन किया गया। चयनित विद्यार्थी राज्यस्तरीय प्रतियोगता में प्रतिभाग किए जिसमें पीयू के छह विद्यार्थी चयनित हुए। चयनित विद्यार्थियों में रिंसीका दुबे, शिवम पांडेय, गोपाल दुबे, अभिनव कीर्ति पाण्डेय, मेधा और यतनदीप दुबे रहे। इसके बाद स्क्रीनिंग के दौरान दो विद्यार्थी रिंसीका दुबे, शिवम पांडेय का चयन नागपुर के लिए हुआ। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने एयर टिकट देकर विद्यार्थी को प्रोत्साहित किया। इसके बाद नागपुर में हुई नेशनल पर्यावरण यूथ पार्लियामेंट प्रतियोगिता में रिंसीका दुबे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने इस प्रक्रिया में सभी चयनित विद्यार्थियों को अपने कार्यालय में बुलाकर बधाई और शुभकामना दी। उन्होंने नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर उपाध्याय के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसी तरह विश्वविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इकाई अध्यक्ष भास्कर उपाध्याय ने चयन प्रक्रिया में पूरा सहयोग किया। साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में कैसे प्रतिभाग करें का लगातार टिप्स देते रहे?


 

Thursday, 22 February 2024

भारतीय मूल्यों पर आधारित हो शिक्षाः ए. विनोद

शिक्षा में नए विकल्प की जरूरतः डॉ. विवेकानंद उपाध्याय

शिक्षकों के साथ शिक्षा में परिवर्तन प्रक्रिया पर हुआ संवाद


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सहसंयोजक और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा निगरानी समिति के सदस्य ए. विनोद ने गुरुवार को विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ संवाद किया। मुख्य अतिथि ए. विनोद  ने कहा  कि देश की शिक्षा व्यवस्था भारतीय मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। कहा कि देश को बदलने के लिए समाज को बदलना होगा, इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव कर भारतीयता को लाना होगा। इसी उद्देश्य के साथ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय विचारों को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है। उनका मानना है कि जब शिक्षा जगत में भारतीयता की सोच होगी तभी देश उन्नति कर सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरु तभी बनेगा जब हम मॉ, मातृभूमि, और मातृभाषा को अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान के लिए नहीं होनी चाहिए। यह तभी पूर्ण होगी जब इसमें मूल्य, कौशल और भारत की ज्ञान परंपरा का समावेश हो। इस अवसर पर न्यास के काशी प्रांत के संयोजक डॉ विवेकानंद उपाध्याय ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि हमारे न्यास का लक्ष्य है शिक्षा के क्षेत्र में मूल्यों और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और समाज को एक सामूहिक और साथी बनाना। हम अपनी पहचान इस बात में ढूंढ रहे हैं कि हम अपने शिक्षा प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विभिन्न समुदायों को शिक्षा के महत्व को समझाने, समृद्धि के माध्यम से स्वतंत्रता को बढ़ाने और संस्कृति को समृद्ध बनाने में सहायता कर सकें। कहा कि शिक्षा में नए विकल्प की जरूरत है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ. विनोद जायसवाल ने कहा कि देश की शिक्षा को भारतीय जनमानस के अनुरूप बनाने के लिए हमें चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास, मूल्यपरक शिक्षा के साथ –साथ वैदिक गणित, शिक्षा में स्वायत्तता, तकनीक शिक्षा के साथ-साथ इतिहास शिक्षा की भारतीय दृष्टि पर चिंतन करना होगा। इसके पूर्व रज्जू भैया भौतिकीय शोध संस्थान में निदेशक प्रो. प्रमोद यादव द्वारा सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर प्रो. राजकुमार, प्रो. मिथिलेश सिंह, , डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. श्याम कन्हैया, मंगला प्रसाद, डॉ. आलोक दास, डॉ. इंद्रजीत, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, अमित मिश्र, रोशन राय, मणि राय आदि उपस्थित थे।