Friday, 22 March 2024

शांति के लिए जल सरंक्षण आवश्यक : प्रो. देवराज

विश्व जल दिवस पर पीयू में हुआ टैलेंट हंट कार्यक्रम


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह  (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के प्रेरणा से एम.एससी. विद्यार्थियों द्वारा  संचालित केमिकल कम्युनिकेशन सोसायटी द्वारा विश्व जल दिवस  पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी तथा भाषण प्रतियोगिता कराई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. देवराज सिंह ने  विश्व जल दिवस पर सयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित थीम "शांति के लिए जल" विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. सिंह ने कहा कि अगर जल का उपयोग संयम समझदारी और संरक्षण के साथ नहीं किया गया तो आने वाले समय में जल को लेकर विश्व में अशांति की स्थिति बन सकती है।

रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ .प्रमोद कुमार ने  जल के महत्व तथा स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य तथा पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि केमिकल कम्युनिकेशन सोसायटी द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाते रहेगें। 

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि जल अणु को स्प्लिट कर हाइड्रोजन गैस को ऊर्जा के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। 

कार्यक्रम में आयोजित प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल  के रूप में डा नीरज अवस्थी, डा शशिकांत यादव तथा डॉ दीपक मौर्या उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन अमृता मिश्रा तथा मोहित मिश्रा तथा धन्यवाद ज्ञापन हर्ष प्रताप सिंह ने किया।

निबंध लेखन में प्रथम स्थान बीए एलएलबी की छात्रा प्रिया मौर्या, द्वितीय स्थान पर बीटेक की छात्रा वैशाली भारती, तृतीय स्थान बीएससी का छात्र अभिषेक कुमार राव जबकि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शुभम शर्मा, जन्तु विज्ञान विभाग टीडी कॉलेज , द्वितीय स्थान पर बीएससी के छात्र अभिषेक कुमार राव व तृतीय स्थान पर एलएलबी के छात्र अजय बिंद ने प्राप्त किया। वही भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवम् पांडेय, विधि संस्थान, द्वितीय स्थान अभिनव कीर्ति पांडेय, विधि संस्थान तथा तृतीय स्थान सयेमा अफरोज एमएससी फिजिक्स ने प्राप्त किया। इन विजेताओं को प्रमाण पत्र तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. दिनेश कुमार वर्मा, डॉ. सरवन कुमार, डॉ.आशीष वर्मा, डॉ विजय शंकर पांडेय ,‌मंजीत गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Tuesday, 19 March 2024

इंजीनियरिंग के 32 विद्यार्थियों का हुआ प्लेसमेंट

ओसियन टेक्नोलॉजी के द्वारा किया गया प्लेसमेंट ड्राइव


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में चल रहे प्लेसमेंट की प्रक्रिया में इंजीनियरिंग के छात्रों के प्लेसमेंट के लिए ओसियन टेक्नोलॉजी कंपनी आई हुई है। प्लेसमेंट प्रक्रिया के तहत कुल 32 विद्यार्थियों का चयन किया गया। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। ओसियन टेक्नोलॉजी द्वारा इस प्लेसमेंट की प्रक्रिया को चार भागों में बांटा गया। प्लेसमेंट प्रक्रिया को शुरू करने से पहले उन्होंने सभी छात्रों के साथ प्री प्लेसमेंट वार्ता की। इसमें उन्होंने बच्चों को अपनी कंपनी और वहां के कार्यों के बारे में बताया, फिर उन्होंने प्लेसमेंट प्रक्रिया की पहली राउंड एप्टीट्यूड टेस्ट में उत्तीर्ण छात्रों में से 100 छात्रों को इंटरव्यू के लिये बुलाया गया। दो राउंड के इन्टरव्यू प्रकिया के बाद 32 छात्रों को चयनित किया गया। इसमें पहले टेक्निकल राउंड के पश्चात एचआर राउंड इंटरव्यू किया गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के 14 छात्र,  इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 9 छात्र, कम्प्यूटर साइंस के 3 छात्र,  इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी के 2 छात्र और मास्टर इन कम्प्यूटर अप्लिकेशन के तीन और बीसीए का एक विद्यार्थी चयनित किया गया। इस पूरी चयन प्रक्रिया के दौरान सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो प्रदीप कुमार,  डॉ. अमरेंद्र सिंह,  डॉ. दीपप्रकाश सिंह, डॉ. आलोक दास, डॉ. अनुराग सिंह, श्याम त्रिपाठी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के मुख्य सदस्य यत्नदीप दुबे, विकास यादव, नवनीत मौर्य,सरिता सिंह, अनुषा वर्मा, प्रकृति गुप्ता, श्रेया मिश्रा , रिचा यादव, आकाश कुमार, राहुल राज , शुभम कुमार आदि छात्र उपस्थित रहे।

Monday, 18 March 2024

100 विद्यार्थी दूसरे राउंड में पहुंचे


डेक्कन, ओसियन टेक्नोलॉजी कंपनी प्लेसमेंट के लिए आईं

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सेंट्रल एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल ने डेक्कन हेल्थकेयर और ओसियन टेक्नोलॉजी  के साथ प्लेसमेंट ड्राइव किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में चल रहे प्लेसमेंट की प्रक्रिया में बी.फार्मा. और इंजीनियरिंग विभाग के प्लेसमेंट के लिए डेक्कन हेल्थकेयर एवम ओसियन टेक्नोलॉजी कंपनी सोमवार को आई हुई है । इस अवसर पर कुलपति प्रो वंदना सिंह ने कहा आगे इसी क्रम में छात्रों के हित के लिए आगे भी कंपनी आती रहेंगी और हमारे छात्रों को अवसर देती रहेंगी । उन्होंने छात्रों के हौसले को बढ़ावा दिया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। ओसियन टेक्नोलॉजी द्वारा इस प्लेसमेंट की प्रक्रिया को चार भागों में बांटा गया। प्लेसमेंट प्रक्रिया को शुरू करने से पहले उन्होंने सभी छात्रों के साथ प्री प्लेसमेंट वार्ता की जिसमे उन्होंने बच्चो को अपनी कंपनी और वहा के कार्यों के बारे में बताया,  फिर उन्होंने प्लेसमेंट प्रक्रिया की पहली राउंड एप्टीट्यूड टेस्ट का कराया। इसमे 180 छात्रों में से 100 छात्रों ने पास करके दूसरे राउंड के लिए आगे आए जिसमें सामूहिक चर्चा कराई गई। इसका परिणाम अगले दिन घोषित किया जायेगा। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रो. बीबी तिवारी, प्रो प्रदीप कुमार,  डॉ. अमरेंद्र सिंह,  डॉ. दीपप्रकाश सिंह, डॉ. आलोक दास, डॉ. अनुराग सिंह उपस्थित रहे। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन गरिमा पांडे और अनुष्का सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के श्याम त्रिपाठी, मुख्य सदस्य यतनदीप दुबे, विकास यादव, नवनीत मौर्य, सरिता सिंह, अनुषा वर्मा, प्रकृति गुप्ता, श्रेय मिश्र, रिचा यादव, आकाश कुमार, राहुल राज, शुभम कुमार आदि छात्र उपस्थित रहे।


Friday, 15 March 2024

पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण हम सभी का नैतिक कर्तव्य : डॉ. कायनात काजी

  आमजन से जुड़ी कला रहती है जीवित - अनिरूद्ध पांडे 

प्रतिभागियों  ने ऐतिहासिक स्थलों की फोटोग्राफी को सीखा


कल्चरल क्लब एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग की ओर से पांच दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। शाही किले  में ऐतिहासिक स्थलों की फोटोग्राफी विषय पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात यात्रा लेखिका एवं फोटोग्राफर डॉ. कायनात काजी ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों के चित्र सभी को आकर्षित करते हैं इसलिए ऐसे स्थान का चुनाव करना चाहिए जहां से सबसे सुंदर  दिखाई देता हो। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों की रक्षा करना समाज के हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। उस स्थान को गंदा कर हम अपनी विरासत को क्षतिग्रस्त और धूमिल करते हैं जिससे आने वाली पीढ़ी उसको उस रूप में नहीं देख पाएगी जिसे हमारे पूर्वजों ने दिया है।

वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार एवं फोटोग्राफर अनिरूद्ध पांडे ने उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने विडियो और फोटो के माध्यम से लोक कलाओं के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण को विस्तार से बताया। उन्होंने चुनार, गोरखपुर एवं आजमगढ़ की लोक कलाओं पर कहा कि वह कला जीवित रहती है जिसका जुड़ाव आमजन से होता है। उन्होंने बांसुरी पर बनाई गयी वृत्तचित्र नरकट की रानी को दिखाया।
प्रतिभागियों को तीन समूहों में बांटकर प्रख्यात फोटोग्राफर डॉ. कायनात काजी, प्रेस फोटोग्राफर आशीष श्रीवास्तव एवं हसन आरिफ जाफरी द्वारा फोटोग्राफी की तकनीक बताई गयी। प्रतिभागियों ने शाही किले की शानदार फोटो अपने मोबाइल और कैमरा में कैद की।विशेषज्ञों को कार्यक्रम समन्वयक प्रो. मनोज मिश्र द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
समापन सत्र संकाय भवन के कांफ्रेंस हाल में आयोजित हुआ।अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनु त्यागी, सुधाकर शुक्ल, सोनम विश्वकर्मा समेत राज कॉलेज, मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज एवं परिसर के विद्यार्थी 
उपस्थित रहें।