Saturday, 28 September 2024

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु दस शिक्षकों को मिला शासन से अनुदान

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  के दस शिक्षकों को उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु शोध अनुदान दिया गया है, इस शोध योजना की अवधि तीन वर्षों की होगी। सत्र 2024-25 हेतु शासन द्वारा अनुदान राशि स्वीकृत हो चुकी है, जिसके अन्तर्गत प्रत्येक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हेतु एक- एक प्रोजेक्ट फेलो को बीस हजार रुपए मासिक फेलोशिप दी जाएगी।

यह अनुदान रज्जू भैया संस्थान के निदेशक और भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार यादव, डॉ पुनीत कुमार धवन, रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ दिनेश कुमार वर्मा, भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नीरज अवस्थी, डॉ शशिकांत यादव, नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ सुजीत कुमार चौरसिया, बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. रामनारायन,  डॉ मनीष कुमार गुप्ता और गणित विभाग के डॉ सुशील कुमार शुक्ला को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु दिया गया है।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने अनुदान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को बधाई दी तथा यह कहा कि विश्वविद्यालय को नैक A+ ग्रेड मिलने के फलस्वरूप विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भारत सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न शोध परियोजनाओं के तहत कई अनुदान प्राप्त हुआ है, उन्होंने उम्मीद जताई की शोध के क्षेत्र में पूर्वांचल विश्वविद्यालय, विश्व पटल पर अपनी  पहचान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय, प्रो राजेश शर्मा,  प्रो अजय द्विवेदी, प्रो देवराज सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. राजकुमार, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. गिरिधर मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ श्याम कन्हैया समेत विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों ने बधाई दी।

Friday, 27 September 2024

प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में शामिल होगा पूर्वांचल-कुलपति

=जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को  दीक्षांत समारोह  के पश्चात धन्यवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस अवसर पर  विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि समर्पण और निष्ठा से किए गए हर कार्य की सराहना होती है। मनोयोग से किया गया कोई भी कार्य असफल नहीं होता। उन्होंने माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के चतुर्दिक विकास की बात करते हुए बताया कि आज पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षा और सुविधाओं में निरंतर सुधार करते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची  में शामिल होने की दिशा में अग्रसर है।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार की एकजुटता से यह भव्य दीक्षांत समारोह संभव हुआ है जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी संकल्पित हों कि शीघ्र ही  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हो।भविष्य में यह एक ऐसा संस्थान बने जहां विश्व के हर छोर के विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने के लिए आएं।

कार्यक्रम को कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अजय द्विवेदी, और कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंद किशोर सिंह ने भी संबोधित कर  व्यवस्था से जुड़े सभी कमेटी के सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र द्वारा किया गया।

इस अवसर पर  उप कुलसचिव अमृत लाल, अजीत प्रताप सिंह, दीपक कुमार सिंह, बबीता सिंह, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. देवराज,प्रो.प्रमोद कुमार यादव, प्रो. राकेश यादव, डॉ. राजबहादुर यादव ,प्रो.रजनीश भास्कर,डॉ मनीष गुप्त, प्रो. गिरधर मिश्र,प्रो प्रदीप कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह,डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ अन्नू त्यागी,डॉ वनिता सिंह, डॉ. अनुराग मिश्र,डॉ. मुनेंद्र सिंह,डॉ. परमेंद्र सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, महामंत्री रमेश यादव, डॉ. पी. के. कौशिक, रामजी सिंह, श्याम त्रिपाठी, रजनीश सिंह, डॉ. राजेश सिंह, डॉ.ओम प्रकाश गुप्त,डॉ लक्ष्मी प्रसाद मौर्य सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Wednesday, 25 September 2024

एकात्म मानववाद को अपने व्यवहार एवं कार्य में करें शामिल- प्रो. मनोज मिश्र


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय  के जन्मदिवस पर प्रबंध अध्ययन संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय  के व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषयक  विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनोज मिश्र ने कहा कि दीनदयाल जी ने स्वतंत्र भारत के लिए भारतीय वैदिक संस्कृति के मूल तत्व सर्वे भवन्तु सुखिनः वसुधैव कुटुंबकम ,तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा की संस्कृति से अनुप्राणित एकात्म मानववाद का दर्शन प्रस्तुत किया। पंडित जी मानते थे कि पूरा ब्रह्मांड एक तत्व से जुड़ा है। व्यक्ति परिवार से, परिवार समाज से ,समाज देश से, देश दुनिया से दुनिया ब्रह्मांड से जुड़ी  है। सब परस्पर निर्भर है,इसलिए एकात्म मानव दर्शन पर आधारित समाज में हम सभी  एक दूसरे को बिनानुकसान पहुंचाये रचनात्मक कार्य में संलग्न रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि  एकात्म मानववाद दर्शन को समझ कर अपने व्यवहार एवं कार्य में शामिल करें। कार्यक्रम के बीज वक्ता  प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर   ने कहा कि पंडित जी का दर्शन खंडित ना होकर समष्टिवादी था और मानव जीवन पद्धति पर उनकी सोच समग्रता की थी।पंडित जी का मानना था कि मानव जीवन में उत्पादन,वितरण एवं उपभोग ये तीन क्रियाएं उसके आर्थिक जीवन को रूपायित करती हैं। अनियंत्रित और असामयिक उपभोग वितरण में विषमता और लूट को प्रेरित करता है।उत्पादन की मर्यादा नहीं रहती।अर्थ संस्कृति का सूत्र है उपरिमात्रिक उत्पादन, सामान वितरण और संयमित उपभोग, उत्पादन, उपभोग व वितरण का सामाजिक व सांस्कृतिक पहलू भी होता है सामाजिक व सांस्कृतिक पहलू की उपेक्षा करने वाला उत्पादन,उपभोग व वितरण मानव को विषमता, लोलुपता, शोषण एवं संवेदनशीलता से ग्रस्त करेगा।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों पर चलकर ही भारत विश्व गुरु बन सकता है आज के उपभोक्तावादी संस्कृति में पंडित जी के अंत्योदय की अवधारणा निश्चित तौर पर मानवता की वह मिसाल  है जो भारत की संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम के एकदम करीब है। इसके पूर्व शोध पीठ के अध्यक्ष प्रोफेसर मानस पांडेय ने आए हुए अतिथियों एवं मुख्य वक्ता का स्वागत किया तथा विषय परिवर्तन करते हुए पंडित दीनदयाल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। गोष्ठी के पूर्व संकाय  भवन में स्थापित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया. 
कार्यक्रम में प्रो गिरधर मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ० नितेश जायसवाल, डॉ. सूरज सोनकर,डॉ आलोक गुप्ता, डॉ. ऋषिकेश, डॉ. सुशील कुमार,डॉ. वनिता सिंह,डॉ. राजन त्रिपाठी, श्री राकेश उपाध्याय, डॉ. रोहित पांडेय, डॉ. सुशील कुमार सिंह, डॉ. निशा पांडेय एवं छात्र-छात्राएं आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Tuesday, 24 September 2024

पीयू में स्वच्छता ही सेवा थीम पर मनाया गया एनएसएस का स्थापना दिवस

एनएसएस के माध्यम से स्वच्छ भारत का निर्माण: डॉ. राज बहादुर

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो वंदना सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना परिसर इकाई द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना कार्यक्रम मंगलवार को मनाया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ स्वच्छता, सेवा समर्पण की प्रतिमूर्ति शांति नोबेल पुरस्कार एवं भारत रत्न मदर टेरेसा एवं स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर विशिष्ट अतिथि स्वयंसेवक के रूप में आमंत्रित अभिनव कीर्ति पांडेय एवं महक बानो अपना अनुभव साझा किया।  स्वयंसेवक अभय दुबे, अभिषेक यादव, प्रभात तिवारी, प्रियांशी मौर्या, प्रिया मौर्या, संस्कृति यादव ने स्वच्छता पर भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक सुमित सिंह ने किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा एक महत्वपूर्ण अभियान है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में स्वच्छता को एक आदत के रूप में स्थापित करना है। इसका मूल संदेश यह है कि स्वच्छता न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि समाज के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. विशाल यादव, डॉ. अजय मौर्य और डॉ. अवधेश मौर्य एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक  कार्यक्रम में उपस्थित रहें।