जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बुधवार को टीडी कॉलेज एवं अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्क्रूटनी शुल्क को लेकर उत्पन्न भ्रम के कारण परिसर पहुँचकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना था कि पुनर्जांच के लिए शुल्क लिया जाएगा, जिससे वे नाराज़ होकर विश्वविद्यालय पहुँच गए।स्थिति स्पष्ट होने के बाद विद्यार्थियों ने स्वीकार किया कि उन्हें भ्रामक जानकारी मिली थी, जिसके कारण वे विरोध करने विश्वविद्यालय पहुँच गए थे।
दरअसल, विश्वविद्यालय द्वारा परिसर (कैम्पस) के विद्यार्थियों के लिए जारी नोटिस को विद्यार्थियों ने महाविद्यालयों के लिए लागू समझ लिया। टीडी कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में किसी के द्वारा यह पत्र साझा कर दिया गया, जिससे भ्रम की स्थिति और बढ़ गई।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह, कुलसचिव केश लाल एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में विद्यार्थियों को स्पष्ट किया गया कि यह शुल्क केवल विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित है, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों पर यह लागू नहीं होता। विश्वविद्यालय द्वारा जारी पूर्व नोटिस में भी परिसर का ही उल्लेख किया गया था।
प्रशासन ने बताया कि स्क्रूटनी शुल्क से संबंधित पत्र केवल कैम्पस के विद्यार्थियों के लिए था, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के कारण महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उसे अपने ऊपर लागू मान लिया, जिससे यह भ्रम उत्पन्न हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में पुनर्मूल्यांकन से जुड़े निर्णय के तहत विद्यार्थियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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