Wednesday, 11 February 2026

नैतिक मूल्य और सामाजिक समरसता जरूरी: कुलपति प्रो. वंदना सिंह


पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
जौनपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’ भारतीय चिंतन की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समन्वित विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों का दायित्व केवल शैक्षणिक उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी सुदृढ़ करना है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें।
वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने आर्थिक दृष्टि से अंत्योदय और आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया। वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का जीवन अनुशासन, संगठन और राष्ट्र समर्पण का आदर्श उदाहरण है।
इस अवसर पर प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह, प्रोफेसर राजेश शर्मा, प्रोफेसर मनोज मिश्र, प्रोफेसर हरिओम त्रिपाठी, प्रोफेसर गिरधर मिश्रा, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अंकित कुमार सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. निलेश कुमार सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। शोधपीठ के सदस्य डॉ. अनुराग मिश्र ने सभी का आभार प्रकट किया।

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