Monday, 27 July 2026

सपनों को संकल्प में बदलें युवा, विकसित भारत के बनें सहभागी: राज्यपाल


किताबों के ज्ञान के साथ तकनीक दक्षता भी जरूरीः गौरव गौतम
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट पेश की
जनसंचार विभाग के शुभम गुप्ता को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30 वां दीक्षांत समारोह सोमवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी हाल में मनाया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति,  श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर 83 मेधावियों (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) को 84 स्वर्ण पदक प्रदान की।  339 शोधार्थियों को पीएच.डी. एवं एक को डीएससी की उपाधि दी। 39 छात्राओं को एचपीबी वैक्सीनेशन हुआ।  
कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ज्ञान, साधना और परिश्रम की इस पावन धरती पर आकर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रही हूं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं। विद्यार्थियों को अपने भविष्य के साथ-साथ भारत के भविष्य को भी दिशा देने का संकल्प लेना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह के परिणाम यह संकेत दे रहे हैं कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने में छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि शोध के क्षेत्र में अभी भी छात्र आगे हैं। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अधिक परिश्रम करें और छात्राओं से प्रेरणा लें। बेटियां अपने भविष्य के प्रति अधिक सजग हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने परिवार, समाज, विश्वविद्यालय और देश का गौरव हैं।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अनेक राज्य एवं निजी विश्वविद्यालय महापुरुषों के नाम पर स्थापित हैं। ऐसे सभी विश्वविद्यालयों में उन महापुरुषों के जीवन, विचारों और योगदान पर आधारित भाषण, चित्रकला, निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनसे परिचित हो सके। इससे विश्वविद्यालयों की विलुप्त होती गौरवशाली परंपराओं और स्मृतियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।


राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल रोजगार खोजने की मानसिकता तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का लक्ष्य रखें। आज भारत का युवा स्टार्टअप, नवाचार और तकनीक के माध्यम से दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि देश के युवा अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा, सेमीकंडक्टर, कृषि एवं आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के युवाओं ने कम उम्र में रॉकेट निर्माण जैसे नवाचार किए हैं, वहीं ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी भारतीय युवाओं की प्रतिभा विश्व स्तर पर पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगी। विद्यार्थियों को अपने सपनों को संकल्प में बदलना होगा तथा समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण भी उतना ही आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए नशा-मुक्त भारत, स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाओं का सफल टीकाकरण किया गया है। विश्वविद्यालय में भी सैकड़ों छात्राओं का टीकाकरण कराया गया, जो महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल होते हैं और स्वस्थ एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम (एडीजी, उ.प्र. एनसीसी) ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्रों का हृदय से अभिवादन करते हुए कहा कि आज का पराक्रमी युवा राष्ट्र की पहली पंक्ति है। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं; तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल और आत्मनुशासन आज की मांग हैं। मेजर जनरल ने एससीसी के अनुभवों से उदाहरण देते हुए अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया तथा कहा कि ये गुण किसी भी करियर को ऊँचाइयाँ प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे एआई, डेटा साइंस और उद्यमशीलता जैसे भविष्योन्मुख क्षेत्र में खुद को प्रशिक्षित करें और रोजगारोन्मुखी कौशल सीखें ताकि वे प्रतिस्पर्धी बाजार में सफल हो सकें। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समान महत्व देते हुए उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और मानसिक सुदृढ़ता पर बल दिया। साथ ही सामाजिक दायित्वों स्वच्छता, स्त्री सम्मान और सामुदायिक सेवा का निर्वाह करने की बात कही। वित्तीय विवेक के संदर्भ में मेजर जनरल ने बचत और दीर्घकालिक योजना बनाने की सलाह दी। उन्होंने प्रतिभाओं को नैतिकता और ईमानदारी के साथ काम करने का संदेश दिया और स्नातकों से अनुरोध किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल को समाज और राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित करें। 
विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आज प्राप्त होने वाला पदक और उपाधि केवल विद्यार्थियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय परिवार के वर्षों के परिश्रम एवं समर्पण का सम्मान है। उन्होंने सभी पदक एवं उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन का एक नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर वे न केवल स्वयं आगे बढ़ें, बल्कि समाज को भी शिक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को लगातार बढ़ावा दे रही है। वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता और नवाचार की समझ युवाओं की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का भी केंद्र होता है। शिक्षा राज्यमंत्री ने बेटियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बेटियां विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, शिक्षा, अनुसंधान और सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ चुनौतियां अवश्य आएंगी, लेकिन दृढ़ संकल्प, परिश्रम और सकारात्मक सोच से हर कठिनाई का समाधान निकाला जा सकता है। 
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम, अतिथि गणों तथा विद्यार्थियों का स्वागत एवं अभिवादन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षिक और शोध की प्रगति का उल्लेख करते हुए एशिया एवं भारत रैंकिंग, एच-इन्डेक्स और प्रकाशन के आंकड़े बताए। कहा कि "शोध प्रोत्साहन एवं उत्कृष्टता नीति–2025", 205 शोध-पत्र, 10 ग्रांटेड पेटेंट और डीएसटी- पर्स तथा पीएम-ऊषा अनुदान जैसी उपलब्धियों से विश्वविद्यालय गौरवान्वित हुआ है। विश्वविद्यालय में आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस आधारित पहलों, नए पाठ्यक्रम ( एआई/ एमएल, डेटा साइंस, बीएस-सी बायोटेक आदि), एग्रो-ए डब्ल्यू एस स्थापना तथा एआई वर्कशॉप का जिक्र किया गया। सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों – पौधरोपण, एसएसएस गतिविधियाँ, स्मार्ट क्लासरूम, लॉ लाइब्रेरी स्थापना, एनसीसी यूनिट और प्लेसमेंट वृद्धि को भी रेखांकित किया गया। प्रशासनिक सुधारों (जीरो डिपेंडेंसी), वित्तीय सुदृढ़ता और आईएसओ प्रमाणन से संस्थागत क्षमता बढ़ने का उल्लेख किया गया। कुलपति ने स्नातकों को ज्ञान, नीतिशीलता और सामाजिक दायित्व के साथ देश-और समाज की सेवा करने के लिए शुभकामना दी। 
समारोह में  कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कुलाधिपति को अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न और जौनपुर में निर्मित चमेली का इत्र देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि और शिक्षा राज्यमंत्री का भी इसी क्रम में सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर कार्य परिषद के सदस्य, विद्या परिषद के सदस्यों के साथ कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह,  वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी, प्रो. वीके पांडेय, प्रो. मानस पांडेय, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. रवि प्रकाश, डा. विजय सिंह, डॉ. राहुल सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मिथलेश सिंह, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. रसिकेश, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, कर्मचारी संघ के महामंत्री राधेश्याम सिंह मुन्ना, नंदकिशोर सिंह, रमेश यादव, सुशील प्रजापति समेत विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल ने बच्चों को उपहार स्वरूप शिक्षा-सामग्री वितरित की
प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत के पावन अवसर पर प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट कीं। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाकर लोगों को भावुक कर दिया।  जिससे बच्चों के सपनों को उज्जवल प्रोत्साहन मिला।
शुभम गुप्ता को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक
जनसंचार विभाग में एम.ए. जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में एमए में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शुभम गुप्ता को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसी के साथ शुभम गुप्ता को दो स्वर्ण पदक मिले। 
83 मेधावियों को 84 स्वर्ण पदक
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने 83 छात्र-छात्राओं को उनके प्रथम-स्पर्धा प्रावीण्य के लिए कुल 84 स्वर्ण पदक (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) प्रदान किए। विज्ञान संकाय में डॉ.मुकेश कुमार झोपे को डी. एससी की उपाधि प्रदान की गई।  स्नातक और परास्नातक स्तरों पर यह सांस्कृतिक और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्सव रहा।
339 शोधार्थियों को पीएच.डी., एक को डीएससी उपाधि
दीक्षांत समारोह में कुल 339 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। कला संकाय में सर्वाधिक 221, इसके बाद शिक्षा 35, विज्ञान 40, कृषि 14 तथा अन्य संकायों में कुल मिलाकर 339 उपाधि दी गई। इसमें पुरुष और महिलाओं का सम्यक योगदान दिखा, जो विश्वविद्यालय की शोध-शक्ति का दर्पण है।

गतिमान पत्रिका का हुआ  लोकार्पण
विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में वार्षिक पत्रिका "गतिमान" का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने पत्रिका का अनावरण किया। पत्रिका में वर्ष भर की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ, स्वर्ण पदक विजेताओं के गौरवमय क्षण और प्रतिष्ठित अतिथियों के प्रेरक विचार शामिल हैं। हर पृष्ठ पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ, शोध कार्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियाँ स्पष्ट और रोचक तरीके से प्रस्तुत की गई हैं। विमोचन समारोह में कुलपति, दीक्षांत के मुख्य अतिथि के साथ साथ प्रधान संपादक डॉ. मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर और संपादन मंडल के डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अन्नू त्यागी,  डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ.चंदन सिंह और डॉ. शशिकांत डॉ.लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, पंकज सिंह भी उपस्थित रहे। "गतिमान" पत्रिका न केवल घटनाओं का संकलन है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रगति और सामूहिक प्रयासों का जीवंत दस्तावेज है जो पाठकों को प्रेरित करता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्यपाल ने किट सौंपे
500 आंगनबाड़ी किट का वितरण किया गया। इसमें 100 किट वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, 200 आंगनबाड़ी किट जिला प्रशासन जौनपुर और 200 किट जिला प्रशासन गाजीपुर की ओर से दिया गया। गोद ली गई ग्रामीण आंगनबाड़ियों तथा अन्य के लिए 67 वस्तुओं के किट (ट्राइसाइकिल, झूला, स्टोरी बुक, व्हाइट बोर्ड, कुर्सी, किडनी सेप टेबल, हार्स राइडिंग आदि) का वितरण कर राज्यपाल ने बाल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण ताकत दी। इस दौरान डीएम, सीडीओ जौनपुर और गाजीपुर के साथ-साथ विश्वविद्यालय के सीएसआर प्रतिनिधि आनन्द कुमार, उप महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक वाराणसी मंडल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलाधिपति ने डीएम, सीडीओ जौनपुर और गाजीपुर को एचपीवी टीकाकरण प्रमाण पत्र तथा चुनौतियां मुझे पसंद है पुस्तक भेंट की गई। यह पुस्तक माननीय कुलाधिपति जी के जीवनवृत्त को समेटे हुए अनुपम कृति है।  




डीजी लॉकर में डिग्रियाँ हुईं अपलोड
डिजिटल क्रान्ति का जीवंत उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने आईपैड पर बटन दबाकर 2025–26 की स्नातक एवं स्नातकोत्तर की 77463 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड कराया। उपकुलसचिव अजीत सिंह ने प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया। इससे विद्या के प्रमाण डिजिटल, त्वरित और सुरक्षित हुए।
दीक्षोत्सव कार्यक्रम की लघु फिल्म का प्रसारण
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में सम्पन्न दीक्षोत्सव के रंगीन और गरिमापूर्ण क्षणों पर आधारित यह लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इस मार्मिक एवं सूक्ष्म दृष्यावली का निर्देशनात्मक परिचय डॉ. चंदन सिंह द्वारा दिया गया, जिनके शब्दों ने कार्यक्रम की गरिमा और विश्वविद्यालय की आत्मा को सहजता से उद्घाटित किया। फिल्म ने न केवल दीक्षान्त समारोह के औपचारिक अनुष्ठानों को पटकथा का रूप दिया, बल्कि उन छोटे-छोटे पलों को भी संजोया जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी मिलकर शिक्षा के पर्व को एक सांस्कृतिक उत्सव में परिवर्तित करते हैं।
इंडोर स्टेडियम का अभिवृद्धि और आनंदी वाटिका का उद्घाटन
इंडोर स्टेडियम के स्वरूप में किए गए उत्कर्ष ने विश्वविद्यालय के खेल और उत्सवों को नई ऊचाइयों में पहुँचाया है, जहाँ उत्साह और अनुशासन का संगम सजीव होगा। महिला छात्रावास में निर्मित "आनंदी वाटिका" एक सूक्ष्म स्वर्ग की तरह खिल उठा है, जहां शान्ति, सौंदर्य और स्नेहमयी साथ मिलकर छात्राओं के सशक्त अनुभव को पोषित करेंगे। दोनों उद्घााटन न केवल भौतिक संरचना का संवर्धन हैं, बल्कि विश्वविद्यालय के समृद्धि और समावेशन की प्रतिबद्धता के प्रतीक भी हैं।
छः पुस्तकों का विमोचन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों पर केंद्रित छः पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें मुराद अली की ‘टीम बिल्डिंग एंड लीडरशिप’ तथा ‘फाइनेंसिंग न्यू बिजनेस वेंचर’, प्रो. गिरिधर मिश्र की ‘टीनों और ऊर्जा की अद्भुत दुनिया’, डॉ. आलोक गुप्ता की ‘फाउंडेशन ऑफ फाइनेंशियल मॉडलिंग एंड मॉडर्न अकाउंटिंग स्ट्रेटजी’, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ तथा डॉ. प्रियंका कुमारी सिंह की ‘संघर्ष से अस्तित्व तक: एक स्त्री की यात्रा’ एवं ‘भारतीय समाज में विधवा महिलाओं की परिस्थिति’ पुस्तकों का विमोचन किया गया।

चार शिक्षकों को दिया उत्कृष्ट पुरस्कार
ज्ञान, समर्पण और सतत शैक्षणिक साधना को सम्मानित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया। सम्मानित होने वालों में टी.डी. कॉलेज, जौनपुर के प्राचार्य प्रो. राम आसरे सिंह, टीडी कालेज के डॉ. विशाल सिंह,  राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमुहाई के डॉ. प्रशांत सिंह तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) शोध संस्थान के डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी सहित कुल चार शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

Sunday, 26 July 2026

30वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास सम्पन्न, कुलपति ने बारीकी से परखी व्यवस्थाएं


83 मेधावियों को मिलेंगे 84 पदक, 339 शोधार्थियों को पीएचडी एवं एक को डीएससी की उपाधि
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मिनट-टू-मिनट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्पन्न हुआ। पूर्वाभ्यास में समारोह की प्रत्येक गतिविधि का क्रमवार अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह का संचालन सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से किया जा सके।
विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई (सोमवार) को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल), अपर महानिदेशक, एनसीसी (उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहेंगी।
दीक्षांत समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने पूर्वाभ्यास के दौरान दीक्षांत समारोह की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने समारोह को और अधिक सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा, ताकि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पन्न हो।
पूर्वाभ्यास में मुख्य अतिथि की भूमिका प्रो.आलोक सिंह ने निभाई।  राज्यपाल एवं कुलाधिपति की भूमिका डॉ अनू त्यागी और  उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय की भूमिका प्रो. सौरभ पाल तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी की भूमिका डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने निभाई।
पूर्वाभ्यास के दौरान अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, मंचासीन होने, दीप प्रज्ज्वलन, उपाधि एवं पदक वितरण सहित समारोह के विभिन्न चरणों का निर्धारित समय के अनुरूप अभ्यास किया गया। संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप व्यवस्थाओं को परखा।
प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट का रिहर्सल कराया गया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाया। बच्चों को रिहर्सल कराने में एनसीसी समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, प्रो, राकेश यादव, डॉ. राजबहादुर यादव ने सराहनीय भूमिका निभाई। 
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समारोह की गरिमा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी विद्यार्थी और शोधार्थी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
उन्होंने बताया कि मुख्य समारोह में प्रवेश केवल परिचय-पत्र के आधार पर दिया जाएगा। समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना भी आवश्यक होगा।
दीक्षांत समारोह के पूर्वाभ्यास का संयोजन प्रो. अविनाश ने किया तथा संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर समारोह से जुड़ी विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और अपने-अपने दायित्वों से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पार्थीडेकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजकुमार, प्रो. संतोष सिंह, प्रो. अजय दूबे, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर समेत कार्य परिषद और विद्या परिषद के लोग उपस्थित थे।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम पहुंचे विश्वविद्यालय


कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने किया स्वागत, वरिष्ठ एनसीसी अधिकारी भी रहे साथ
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम, विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित, अपर महानिदेशक (एडीजी), एनसीसी उत्तर प्रदेश का विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने स्वागत किया।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल गौरव गौतम के साथ ग्रुप कैप्टन विकास पंजियार, ग्रुप कमांडर, एनसीसी वाराणसी ग्रुप ‘बी’ तथा कर्नल आलोक सिंह धर्मराज, कमांडिंग ऑफिसर, 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर भी विश्वविद्यालय पहुंचे। विश्वविद्यालय की ओर से उनका भी स्वागत किया गया।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने मुख्य अतिथि एवं उनके साथ आए अधिकारियों का अभिनंदन करते हुए विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले 30वें दीक्षांत समारोह से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं से उन्हें अवगत कराया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी उपस्थित थे।

Saturday, 25 July 2026

एज-एआई से करियर की नई राह तलाशें छात्र : प्रो. राणा

मलेशिया के विशेषज्ञ ने तकनीकी अनुप्रयोग और केस स्टडी से कराया परिचय

‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला में भविष्य की संभावनाओं पर हुई चर्चा

जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव-2026 के तहत आईईईई स्टूडेंट ब्रांच की ओर से आयोजित ‘एआई मेड ईजी’ कार्यशाला में छात्रों को एज-एआई की तकनीक और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी गई। एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन, मलेशिया के प्रो. डॉ. मोहम्मद एहसान राणा ने छात्रों को तकनीक के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं के साथ करियर के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. राणा ने एज-एआई के तकनीकी पहलुओं के साथ इसके विभिन्न अनुप्रयोगों और केस स्टडी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विस्तार के दौर में छात्रों को नई तकनीकों की समझ विकसित करने के साथ अपने कौशल को भी लगातार अपडेट करना चाहिए। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई के नवीन विकास से परिचित कराकर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना रहा।कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय और एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन के बीच हुए एमओयू के तहत किया गया। कुलपति के मार्गदर्शन और राजभवन के निर्देशों के क्रम में विश्वविद्यालय में एआई जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल और कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में आईईईई ब्रांच काउंसलर डॉ. दिव्येंदु मिश्र ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। डॉ. विक्रांत भटेजा ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप यादव ने एआई के महत्व पर विचार रखे। संचालन इप्सिता श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्र ने किया। इस दौरान आईईईई स्टूडेंट ब्रांच के चेयर सृजन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

माँ-बेटी संवाद’ से सशक्त हुई स्वास्थ्य जागरूकता

पीयू में छात्राओं एवं माताओं को विशेषज्ञों ने दिए स्वास्थ्य परामर्श

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के विद्युत अभियंत्रण विभाग में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में ‘माँ-बेटी कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं उनकी माताओं को महिला स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य तथा गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान एवं रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।

उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम की श्रृंखला के अंतर्गत 21 जुलाई को 91 छात्राओं का रक्त परीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था। इसी क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता पाण्डेय एवं जनरल फिजिशियन डॉ. पूजा पाठक ने विशेषज्ञ के रूप में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें महिला शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान एवं समय पर उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली तथा जागरूकता को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।

विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर छात्राओं को व्यक्तिगत परामर्श भी प्रदान किया तथा मातृ स्वास्थ्य और किशोरियों के समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं एवं उनकी माताओं ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के तकनीकी समन्वय का दायित्व डॉ. सत्यम उपाध्याय ने निभाया, जबकि संचालन विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर ने किया। उन्होंने कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच, सही परामर्श और जागरूकता के माध्यम से अनेक गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है। विश्वविद्यालय छात्राओं के समग्र विकास एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।

इस अवसर पर आयोजन समिति की सदस्य डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. प्रियंका, डॉ. राधिका उरमालिया, डॉ. ऋचा सिंह, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. कृष्णा सिंह एवं डॉ. साक्षी सिंह सहित अन्य शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्राएँ एवं उनकी माताएँ गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन भी जुड़ीं और विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परामर्श का लाभ प्राप्त किया।

पीयू दीक्षांत की तैयारियों का कुलपति ने लिया जायजा

83 मेधावियों को 84 पदक, 339 शोधार्थियों को पीएचडी एवं एक को मिलेगी डीएससी की उपाधि

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने समारोह स्थल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं, ताकि विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह गरिमा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न हो।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन सहित समारोह से जुड़े विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने अतिथियों के स्वागत, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, मंच संचालन, यातायात तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए विद्यालय के विद्यार्थियों से भी उन्होंने आत्मीय संवाद किया और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की कठिन साधना, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का गौरवपूर्ण उत्सव है। उन्होंने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल एवं संस्कारों का उपयोग समाज, राष्ट्र और मानवता के कल्याण के लिए करें। उन्होंने यह भी बताया कि समारोह में उपस्थित होने वाले प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से भी संवाद कर उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई (सोमवार) को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल), अपर महानिदेशक, एन.सी.सी. (उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएंगी।

दीक्षांत समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक शोधार्थी को डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी।

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास 26 जुलाई को अपराह्न 12:30 बजे महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। पूर्वाभ्यास एवं मुख्य समारोह में प्रवेश केवल परिचय-पत्र के आधार पर दिया जाएगा। समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।

उन्होंने बताया कि समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। छात्राओं के लिए सफेद सलवार, सफेद दुपट्टा एवं हल्के रंग का कुर्ता अथवा हल्के रंग की साड़ी, जबकि छात्रों के लिए सफेद अथवा हल्के रंग की पूरी बांह की शर्ट एवं पैंट अनिवार्य होगी। जींस एवं टी-शर्ट पहनकर समारोह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

Thursday, 23 July 2026

पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

विकसित भारत @2047' की परिकल्पना और 'माँ' की ममता रंगों व शब्दों में हुई साकार

जौनपुर। माननीय राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित दीक्षोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा "विकसित भारत @2047" एवं "मेरी माँ" विषय पर पोस्टर एवं काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लाइब्रेरी में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं साहित्यिक संवेदनशीलता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों और कविताओं के माध्यम से विकसित भारत के सपनों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी।

पोस्टर प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. आश्रेया दुबे ने किया। प्रतियोगिता में सानिया मौर्य (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने प्रथम, आशीष शैलेंद्र प्रजापति (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने द्वितीय तथा खुशी सिंह (एमबीए-एचआरडी) एवं अंकुर मौर्य (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

काव्य लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. इंद्रजीत सिंह एवं डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने किया। इसमें हिमांशी श्रीवास्तव (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने प्रथम, अनुराग यादव (फार्मेसी विभाग) ने द्वितीय तथा शशिकांत (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग मिश्र ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मक चिंतन, साहित्यिक एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती हैं।

दीक्षोत्सव में खेल प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन

 विजेता खिलाड़ियों को कुलपति ने किया सम्मानित
जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांतपूर्व दीक्षोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को परंपरागत खेल प्रतियोगिताओं का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। रस्साकशी एवं कबड्डी प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के समापन पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विजेता टीमों को सम्मानित किया।

महिला रस्साकशी प्रतियोगिता में एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम उपविजेता रही, जबकि बी.एससी. जेडबीसी की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया।

पुरुष रस्साकशी प्रतियोगिता में बीसीए की टीम विजेता बनी। एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम द्वितीय तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम तृतीय स्थान पर रही।

महिला कबड्डी प्रतियोगिता में बी.एससी. जेडबीसी की टीम ने प्रथम, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने द्वितीय तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता में बीसीए की टीम विजेता घोषित हुई।

पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का भी विकास करते हैं।  अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. प्रदीप कुमार के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिताओं एवं पुरस्कार वितरण समारोह में खेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, रजनीश, राजेश,  शिक्षक डॉ. संजीव मौर्य, डॉ. ईशानी भारती, डॉ. ऋषि श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

Wednesday, 22 July 2026

30वें दीक्षांत समारोह की तैयारियाँ अंतिम चरण में


स्वच्छ एवं भव्य आयोजन पर विशेष जोर
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में बुधवार को कुलपति सभागार में कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दीक्षांत समारोह से संबंधित सभी उपसमितियों के संयोजकों एवं सदस्यों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति से कुलपति को अवगत कराया।
समीक्षा के दौरान अधिकांश उपसमितियों ने बताया कि उनके जिम्मे सौंपे गए कार्य अंतिम चरण में हैं तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियाँ पूरी कर ली जाएंगी। कुलपति ने सभी समितियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं यादगार बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में विशेष रूप से विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं अनुशासित व्यवस्था पर जोर दिया गया। कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों, अधीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शैक्षणिक विभागों, छात्र-छात्रा छात्रावासों, प्रशासनिक भवनों तथा परिसर के प्रत्येक हिस्से में व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में आने वाले अतिथियों, पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर परिसर की स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्था की सकारात्मक छाप पड़नी चाहिए।
कुलपति ने कहा कि 30वाँ दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था गुणवत्ता, अनुशासन और उत्कृष्टता के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध ढंग से तैयारियाँ पूर्ण करने का आह्वान किया।
बैठक में दीक्षांत समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर सभी समन्वयक उप समन्वयक उपस्थित रहे।

देशभक्ति गीतों और लोकनृत्य ने बाँधा समा


शिक्षक और विद्यार्थियों ने साथ पढ़ी पुस्तक
 कुलपति ने छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के दीक्षोत्सव पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने देशभक्ति गीतों तथा मनमोहक लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव और सह संयोजक अनू त्यागी थीं। इसके पूर्व पुस्तक पठन का कार्यक्रम हुआ। 
कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा, "संगीत और लोककला केवल मनोरंजन के माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक मूल्यों के सशक्त संवाहक हैं। जब युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति को मंच पर जीवंत करती है, तब शिक्षा अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करती है। मुझे विश्वास है कि हमारी छात्राएँ ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, सृजनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेंगी।" कार्यक्रम में प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और लोकनृत्यों ने दर्शकों की भरपूर तालियाँ बटोरीं। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति का वातावरण देखने को मिला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत “विकसित भारत @2047” विषय पर पोस्टर एवं काव्य लेखन और लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सुबह कुलपति सभागार समेत सभी विभागों में शिक्षक और छात्र-छात्राओं को अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ी। साथ ही इस संबंध में अपनी राय बनाकर दी। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ अनुराग मिश्र थे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह समेत सभी शिक्षक उपस्थित थे।

Tuesday, 21 July 2026

दीक्षांत की श्रृंखला में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश



छात्राओं ने कराया चिकित्सकीय परीक्षण

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत छात्राओं के लिए विशेष स्वास्थ्य एवं चिकित्सकीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 91 छात्राओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।

स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम विश्वविद्यालय पहुंची। शिविर में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि "नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाती है, जिससे उनका प्रभावी उपचार संभव हो पाता है। स्वस्थ विद्यार्थी ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।"
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के  प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार पांडेय, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Monday, 20 July 2026

जीनोमिक्स शोध से खुलेंगे हृदय रोग उपचार के नए रास्ते।



 पीयू में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का व्याख्यान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में आयोजित विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों ने जीनोमिक्स, मानव विकास तथा हृदय रोगों से जुड़े नवीनतम शोध विषयों पर व्याख्यान देकर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक विज्ञान की नई संभावनाओं से परिचित कराया। कार्यक्रम में शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता डॉ. कात्यायनी एस. पाठक, वैज्ञानिक, करोलिंस्का इंस्टीट्यूट (स्वीडन) एवं विजिटिंग रिसर्चर, टार्टू यूनिवर्सिटी (एस्टोनिया) ने "कोरोनरी आर्टरी डिजीज में पुरुष एवं महिला के लिए सिंगल-सेल आर एन ए आधारित जेनेटिक विश्लेषण" विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि सिंगल-सेल आर एन ए तकनीक हृदय रोगों के आनुवंशिक कारणों को सूक्ष्म स्तर पर समझने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। इससे भविष्य में रोगों की शीघ्र पहचान, सटीक उपचार तथा पर्सनलाइज्ड मेडिसिन को नई दिशा मिलेगी।

द्वितीय वक्ता डॉ. अजय पाठक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कैथोलिक यूनिवर्सिटी (बेल्जियम) एवं टार्टू यूनिवर्सिटी (एस्टोनिया) ने भारतीय जनसंख्या के माइग्रेशन एवं इवोल्यूशन का मानव जीन पर प्रभाव, जीन-पर्यावरण तथा खान-पान के पारस्परिक संबंधों और विभिन्न रोगों पर उनके प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीनोमिक्स अनुसंधान और आनुवंशिक तकनीकों के माध्यम से रोगों की बेहतर समझ, रोकथाम और उपचार के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने वैज्ञानिकों से विभिन्न विषयों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका दोनों वक्ताओं ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। कार्यक्रम में डॉ. एस. पी. तिवारी, डॉ. ऋषि श्रीवास्तव एवं प्रो. राजेश शर्मा उपस्थित थे । एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी के छात्र-छात्राओं तथा शोधार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर कार्यक्रम का लाभ उठाया।

इस अवसर पर विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि विज्ञान संकाय में भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान, संगोष्ठियां तथा वैज्ञानिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान संकाय के विद्यार्थी एवं पूर्व छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उत्कृष्ट कार्य कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा रहे हैं। उनका अनुभव और मार्गदर्शन वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे अकादमिक आयोजन विज्ञान संकाय को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. एस. पी. तिवारी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

Thursday, 16 July 2026

पीयू के पुस्तकालय प्रशिक्षुओं को मिला सम्मान


आत्मविश्वास और ज्ञान की नई उड़ान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में शुक्रवार को शैक्षणिक सत्र 2025–26 के 20 पुस्तकालय प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित प्रमाण-पत्र वितरण समारोह भावनात्मक और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ। एक वर्ष तक पुस्तकालय की आधुनिक कार्यप्रणाली को सीखने और समझने वाले प्रशिक्षुओं के लिए यह अवसर उनके परिश्रम, समर्पण और सीखने की यात्रा का यादगार पड़ाव बन गया।

यह एक वर्षीय प्रोफेशनल पुस्तकालय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) के मध्य हुए समझौते के अंतर्गत संचालित किया जाता है। समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण ने न केवल उनके तकनीकी ज्ञान में वृद्धि की, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, कार्यकुशलता और भविष्य के प्रति नई ऊर्जा का संचार भी किया।

प्रशिक्षुओं ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ई-बुक्स, एनसाइक्लोपीडिया, ई-जर्नल्स, कैटलॉगिंग, ओएसआईएस (OSIS), SOUL सॉफ्टवेयर पर पुस्तकों की अपलोडिंग, 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS)' पोर्टल के माध्यम से शोध-पत्र डाउनलोड करने सहित आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय प्रबंधन की अनेक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। उनका कहना था कि यह अनुभव उनके व्यावसायिक जीवन की मजबूत नींव साबित होगा और भविष्य में उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक बनेगा।

इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. राज कुमार ने प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध और नवाचार का केंद्र होता है। यहाँ प्राप्त प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आजीवन सीखने की संस्कृति से जोड़ता है और उन्हें उत्कृष्ट पेशेवर बनने की दिशा में प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में डॉ. मनीष कुमार गुप्ता, डॉ. प्रशांत कुमार यादव तथा पुस्तकालय प्रभारी डॉ. इंद्रेश गंगवार भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षुओं को उनके सफल प्रशिक्षण पूर्ण होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए चयनित 18 नए पुस्तकालय प्रशिक्षुओं ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष एवं 11 महिला प्रशिक्षु शामिल हैं। यह नई टीम ज्ञान, अनुशासन और आधुनिक पुस्तकालय सेवाओं की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साह के साथ अपनी नई यात्रा प्रारंभ कर चुकी है।

Monday, 13 July 2026

देवांश प्रथम, अनुराग यादव द्वितीय, अभिनव तृतीय स्थान पर



पीयू में निबंध लेखन प्रतियोगिता संपन्न

जौनपुर। राज्यपाल सचिवालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह-2026 के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर स्थित रज्जू भैया संस्थान में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ जनपद जौनपुर एवं गाजीपुर के सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

राज्यपाल सचिवालय द्वारा निर्धारित विषयों के अनुसार प्रतियोगिता चार विषयों— भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना, राज्य सरकार के दो अच्छे कार्य, भारत सरकार के दो अच्छे कार्य तथा पिछले 10 वर्षों में विश्वविद्यालय/संस्थान में चिकित्सा, कृषि, शिक्षा एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में किए गए विशिष्ट कार्य— पर आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देवांश श्रीवास्तव (तिलकधारी सिंह महाविद्यालय, जौनपुर) ने प्रथम, अनुराग यादव (विश्वविद्यालय परिसर) ने द्वितीय तथा अभिनव यादव (मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज, जौनपुर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के सफल संचालन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों प्रभात तिवारी, हर्ष यादव एवं अर्पिता यादव ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, डॉ. अनुराग मिश्र, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. मिथलेश यादव, डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. अजीत सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. वनिता सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

Sunday, 12 July 2026

पीयू में 'एक पेड़ माँ के नाम' के तहत हुआ वृहद पौधरोपण

जौनपुर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार एवं कुलपति प्रो. वंदना सिंह के मार्गदर्शन में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत रविवार को तीन चरणों में वृहद पौधरोपण महायज्ञ का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थलों पर हुए इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

प्रथम चरण में  विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण एवं आवासीय परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नामित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (नोडल अधिकारी) एवं प्रमुख सचिव मत्स्य श्रीमती धनलक्ष्मी के., जिलाधिकारी सैमुअल एन. पॉल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) श्रीमती दिव्या, फॉरेस्ट रेंजर श्रीमती शालिनी चौरसिया तथा कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकाधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया।
द्वितीय चरण में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के अमृत सरोवर परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, कार्यक्रम अधिकारी, स्वयंसेवकों, शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए पौधरोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
तृतीय चरण में  विश्वविद्यालय के मियावाकी वन में वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रो. राज कुमार ने कहा कि पौधरोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण देने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। 
इस अवसर पर प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अविनाश, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. अन्नू त्यागी सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Friday, 10 July 2026

विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे आज के विद्यार्थी : कुलपति


गोद लिए गए गांवों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा, दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों होंगे सम्मानित
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा गोद लिए गए ग्रामों के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं हेतु दीक्षांत समारोह–2026 से जुड़े कार्यक्रमों के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित एकलव्य स्टेडियम एवं राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में किया गया। यह आयोजन   राजभवन सचिवालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के क्रम में किया गया ।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और राष्ट्रनिर्माता बनेंगे।
कुलपति ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो भी विषय पढ़ें, उसे केवल परीक्षा के लिए नहीं बल्कि गहराई से समझने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ संतुलित आहार भी अत्यंत आवश्यक है। घर में जो भोजन बने, उसे अवश्य खाएं और अनावश्यक जंक फूड से बचें। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन से ही बेहतर अध्ययन और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में पारंपरिक खेल, 100 मीटर दौड़, पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गीत-गायन एवं अभिनय, देशभक्ति गीत एवं पारंपरिक लोकनृत्य, तथा "मेरी माँ" विषय पर भाषण, निबंध, काव्य-पाठ एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त कक्षा 03 से 08 तथा कक्षा 09 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पृथक समूहों में भाषण, चित्रकला/पेंटिंग एवं कहानी कथन (स्टोरी टेलिंग) प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कक्षा 09 से 12 के विद्यार्थियों ने अपने-अपने गांवों में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वच्छता जैसे विषयों पर किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से अपने भाषणों में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिन्हें आगामी दीक्षांत समारोह में माननीय कुलाधिपति महोदया द्वारा सम्मानित किया जाएगा। विजयी चित्रों का प्रदर्शन भी दीक्षांत समारोह में किया जाएगा तथा उनका संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ0 शशिकांत यादव ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 
कार्यक्रम का संचालन पूर्व समन्वयक रासेयो डॉ0 राज बहादुर यादव ने किया. इस अवसर पर  गाँव गोद लिए विद्यालयों के शिक्षक राम लगन, उमा सिंह, हिना औन रिज़वी, मिथिलेश शर्मा, चंद्र प्रकाश, जितेंद्र कुमार यादव, अवधेश कुमार वर्मा, स्वतंत्र कुमार पटेल, संतोष कुमार एवं डॉ0 आशीष सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Thursday, 9 July 2026

पूर्वांचल विश्वविद्यालय की प्रवेश विवरणिका का कुलपति ने किया विमोचन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026–27 की प्रवेश प्रक्रिया हेतु तैयार की गई प्रवेश विवरणिका का विमोचन कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने किया।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि प्रवेश विवरणिका विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, शुल्क, महत्वपूर्ण तिथियों एवं अन्य आवश्यक जानकारियों का एक महत्वपूर्ण संकलन है। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने पर बल दिया।

प्रवेश समिति के संयोजक प्रो. मिथिलेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे प्रवेश से संबंधित नवीनतम सूचनाओं, महत्वपूर्ण तिथियों एवं अन्य आवश्यक निर्देशों के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी से वंचित न रहें।

इस अवसर पर प्रवेश समिति के अध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो गिरिधर मिश्र, कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव अजीत सिंह, डॉ धीरेंद्र चौधरी, डॉ सुजीत चौरसिया आदि उपस्थित रहें।

शिक्षण, प्रयोगशाला और संसाधनों की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें : प्रो. वंदना सिंह



प्रयोगशालाओं का निरीक्षण कर कुलपति ने परखी नए सत्र की तैयारियां
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ ही कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने गुरुवार को प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भईया भौतिकी अध्ययन संस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक सुविधाओं तथा उपलब्ध संसाधनों का अवलोकन किया और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।
कुलपति ने संस्थान के शिक्षकों के साथ बैठक कर नए सत्र की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभागों में प्रवेश, कक्षाओं के संचालन, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, समय-सारिणी तथा अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर लें।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ आधुनिक संसाधनों से युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने प्रयोगशालाओं के नियमित रखरखाव, उपकरणों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने डीएसटी-पर्स एवं पीएम-उषा योजना के अंतर्गत स्थापित अत्याधुनिक उपकरणों एवं प्रयोगशालाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने इंटीग्रेटेड थर्मल इवेपोरेटर सिस्टम, ग्लोव बॉक्स सिस्टम, इलेक्ट्रोकेमिकल वर्कस्टेशन, सोलर सिम्युलेटर, गैस सेंसर सिस्टम, स्पटरिंग सिस्टम तथा डीआरएस सिस्टम सहित अन्य उपकरणों के उपयोग एवं शोध कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर पीएम-उषा समन्वयक प्रो. गिरिधर मिश्र ने इन अत्याधुनिक उपकरणों की उपयोगिता एवं उनके माध्यम से किए जा रहे शोध कार्यों की जानकारी दी। परियोजना के सह-समन्वयक डॉ. धीरेन्द्र चौधरी ने बताया कि इंटीग्रेटेड ग्लोव बॉक्स सिस्टम सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से सोलर सेल, गैस सेंसर एवं अन्य उन्नत अनुसंधान कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. मिथलेश सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. मनोज मिश्रा, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. प्रमोद यादव, डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. नितेश जसवाल, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी सहित संस्थान के अन्य शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Thursday, 2 July 2026

कॉपर यौगिक हो सकते है अच्छे जीवाणुरोधी: नितेश जायसवाल

डॉ. नितेश जायसवाल ने डेनमार्क में आयोजित सम्मेलन में दी शोध प्रस्तुति

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. नितेश जायसवाल ने ओड़ेंस, डेनमार्क में आयोजित 46वें अंतरराष्ट्रीय उपसहसंयोजक रसायन सम्मेलन (ICCC 2026) में अपने शोध कार्य की मौखिक प्रस्तुति दी।
डॉ. जायसवाल ने "मल्टीफंक्शनल शिफ़ बेस मेटल कॉम्प्लेक्स" विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस शोध में बहुक्रियाशील शिफ़ बेस धातु समिश्रों के संश्लेषण, उनकी संरचनात्मक एवं स्पेक्ट्रोस्कोपिक विशेषताओं, संगणकीय अध्ययनों तथा जैविक एवं औषधीय अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला गया। डॉ जायसवाल ने बताया कि कॉपर कॉम्प्लेक्स ने विभिन्न रोगजनक जीवाणुओं एवं कवकों के विरुद्ध उल्लेखनीय जीवाणुरोधी तथा कवकरोधी सक्रियता प्रदर्शित की। यह शोध नए एवं प्रभावी धातु-आधारित एंटीबैक्टीरियल एवं एंटिफंगल औषधियों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण संभावनाएँ प्रस्तुत करता है। इस अध्ययन में धातु समिश्रों की संरचना एवं उनकी जैविक सक्रियता के मध्य संबंध को भी स्पष्ट किया गया, जो भविष्य में औषधीय रसायन के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। उपरोक्त शोध निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका जर्नल ऑफ कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री में प्रकाशित हुआ है। 
डॉ. जायसवाल की इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) से यात्रा अनुदान प्राप्त हुआ है। यह सम्मेलन उपसहसंयोजक रसायन के क्षेत्र का विश्व के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस वर्ष आयोजित सम्मेलन में दुनिया के 42 देशों से 1,200 से अधिक वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और उपसहसंयोजक रसायन के नवीनतम शोध एवं तकनीकी उपलब्धियों पर विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन में उपसहसंयोजक रसायन के विभिन्न उभरते एवं अग्रणी शोध क्षेत्रों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। इनमें जैविकी एवं चिकित्सा में उपसहसंयोजक रसायन, उत्प्रेरण  एवं बंध सक्रियण, ऊर्जा एवं सतत विकास के लिए उपसहसंयोजक यौगिक, एफ-ब्लॉक तत्वों की रसायन, मुख्य समूह तत्व, इलेक्ट्रॉनिक एवं आणविक संरचना: विधियाँ एवं मॉडलिंग, उपसहसंयोजक रसायन की नई दिशाएँ, तथा सुप्रामॉलिक्यूलर रसायन एवं त्रि-आयामी पदार्थ जैसे अत्याधुनिक विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए और व्यापक वैज्ञानिक चर्चा हुई।