Friday, 27 November 2015

पांच दिवसीय न्यूमेरिकल कम्प्यूटेशन यूजिंग मैटलैब का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन के कान्फ्रेंस हाल में गुरूवार को इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के गणित एवं कम्प्यूटर साइंस विभाग में न्यूमेरिकल कम्प्यूटेशन यूजिंग मैटलैब विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला 26 से 30 नवम्बर का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रबंध संकायाध्यक्ष डा. एचसी पुरोहित ने कहा कि मैटलैब साफ्टवेयर अनेक क्षेत्रों की मैथमेटिकल माॅडलिंग में बहुत उपयोगी है, तथा इसे हर इंजीनियरिंग एवं वैज्ञानिक को जानना चाहिए।

कार्यशाला में संकायाध्यक्ष प्रो. बीबी तिवारी ने कहा कि आज के भावी इंजीनियरों के लिए मैटलैब एक आवश्यक टूल है इसका विज्ञान और इंजीनियरिंग के विविध क्षेत्रों में अनेक प्रयोग है। इसकी मदद से गणितीय प्रश्नों को सरलता से हल किया जा सकता है। उद्घाटन सत्र में बतौर स्रोत विद्वान सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान सूरत के सहायक प्रोफेसर डा. सुनील कुमार ने कहा कि इस साफ्टवेयर की मदद से कम्प्यूटर ग्राफिक जैसे कठिन विषयों को सरल तरीके से समझा जा सकता है। इस साफ्टवेयर की मदद से कम्प्यूटर साइंस, वैद्युत एवं यांत्रिकी अभियंत्रिकी, सूचना प्रौद्योगिकी आदि में ग्राफिक एवं न्यूमेरिकल साल्यूशन निकाले जा सकते है। कार्यशाला के संयोजक डा. राजकुमार ने विषय प्रवर्तन किया एवं डा. संजीव गंगवार ने कार्यशाला की रूपरेखा को प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. रविप्रकाश ने किया।
कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डा. संतोष कुमार ने किया। इस अवसर पर डा. अजय प्रताप सिंह, डा. वंदना राय, डा. अजय द्विवेदी, डा. प्रदीप कुमार, डा. अशोक यादव, डा. वीडी शर्मा, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. ज्ञानेंद्र पाल, डा. संतोष यादव, अर्पणा गौर, अंकिता श्रीवास्तव समेत विभिन्न संकायों के शिक्षक विद्यार्थी मौजूद रहे।

निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन


विश्वविद्यालय के संकाय भवन में गुरूवार को संविधान दिवस के अवसर पर ‘‘भारत का संविधान: प्रजातंत्र एवं सफलता’’ विषयक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से कुल 52 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश पर भारत रत्न डा. भीम राव अम्बेडकर की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। परीक्षा में निरीक्षक के रूप में प्रबंध अध्ययन संकाय के प्रवक्ता सुशील कुमार, वित्तीय अध्ययन के मंजीत वर्मा, राजेश कुमार और मास कम्यूनिकेशन के डा. सुनील कुमार रहे। निबंध परीक्षा का निरीक्षण विश्वविद्यालय के कुलसचिव बी.के. पाण्डेय और प्रबंध अध्ययन संकाय के अध्यक्ष डा. एचसी पुरोहित ने किया। परीक्षा के मूल्यांकन के बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार की घोषणा की जाएगी। विजेताओं को 29 नवम्बर की संगोष्ठी में संगोष्ठी भवन में मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के संयोजक डा. राम नारायण ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संकाय के विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक करना है।

Monday, 23 November 2015

स्वयं को जानना सबसे महत्वपूर्ण : एम.एम. खान


एच.आर.डी. विभाग में दो दिवसीय व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन

विश्वविद्यालय के एच.आर.डी. विभाग के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय व्यक्तित्व विकास कार्यशाला ’स्वयं को जानो और बदलाव के लिए तैयार रहो’ विषय पर आयोजित की गई। इस अवसर पर हिन्डाल्को इंडस्ट्रीज के पूर्व महाप्रबंधक श्री एम.एम. खान मुख्य वक्ता थे। श्री खान ने जोर देकर कहा कि बदलते परिवेश में किसी भी प्रबंधक को सबसे पहले आपने आप को जानना अति आवश्यक है क्य़ुकि जब तक हम अपने आपको नही जानेंगे तब तक हम किसी भी संस्था को अपनी खूबियों के बारे मे नही बता पाएंगे। किसी भी साक्षात्कार के समय यह बात सबसे महत्वपूर्ण होती है कि आप अपनी खूबियों को किसी संस्था के लिए कितना उपयोगी सिद्ध कर सकते हैं। 
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रबंध अध्ययन संकाय के संकायाध्यक्ष डॉ.एच.सी. पुरोहित ने कहा कि ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ छात्रों के व्यक्तित्व विकास हेतु समय समय पर आयोजित करता रहता है जो कि छात्रों को कर्पोरेट जगत में अच्छी नौकरी पाने में सहायक होतें है। एच.आर.डी. विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.संगीता साहू ने कहा कि आज के दौर में छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु नियमित पठन-पाठन के अतिरिक्त ऐसे  कार्यक्रम छात्रों के करियर निर्माण मे अत्यंत महत्वपूर्ण है और एच.आर.डी. विभाग इस ओर अपने प्रयास करता रहता है। 
एच.आर.डी. विभाग के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर डॉ अविनाश पाथर्डीकर ने बताया कि आने वाले समय मे प्रबंध अध्यय्यन के छात्रों को कॉर्पोरेट जगत के टॉप मेनेजमेंट एक्जीक्यूटिव के अनुभवों से छात्रों को लाभान्वित करवाता रहेगा। कार्यशाला के प्रथम दिवस के अंतिम सत्र में इस कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ रसिकेश ने आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में श्री अनुपम कुमार, श्री अभिनव श्रीवास्तव सहित प्रबंध अध्यय्न संकाय के छात्र उपस्थित थे।


पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालयीय क्रिकेट महिला प्रतियोगिता



विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में शनिवार को पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालयीय क्रिकेट महिला प्रतियोगिता 2015-16 का उद्घाटन पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने किया। यह प्रतियोगिता 30 नवम्बर तक चलेगी। प्रतियोगिता में पूर्वी क्षेत्र के कुल 20 टीमें भाग लेंगी।
प्रतियोगिता के शुभारम्भ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि खेल से विश्वविद्यालय भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। विश्वविद्यालय की गतिविधियों में खेल का बहुत बड़ा हिस्सा है। जौनपुर से पूरब की ओर राज्यों में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में है। पूर्वी क्षेत्र के विद्यार्थियों का विकास संस्कृति से जुड़कर हुआ है। पूर्वी क्षेत्र के राज्य खेल व संस्कृति में बहुत आगे है। उन्होंने कहा कि खिलाडि़यों को सिर्फ खेल के मैदान में ही अव्वल नहीं होना है बल्कि जिस संस्थान से आये है वहां पढ़ाई में भी आगे बढ़ना है। इस दोहरी चुनौती में सफल होने वालों को जीवन में दोहरा लाभ मिलता है। 
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता एक और अवसर प्रदान करती है जिसमें विभिन्न प्रदेशों से आये अलग-अलग सामाजिक परिवेश और संस्कृति के खिलाडि़यों से एक दूसरी टीम परिचित होगी और बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। 
खेलकूद परिषद के अध्यक्ष डा. हरिशंकर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार सफल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता चला आ रहा है। इसीलिए पूर्वी क्षेत्र की इस प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय को यह जिम्मेदारी मिली है। खेलकूद परिषद के पूर्व सचिव डा. देवेंद्र सिंह ने अपने स्वागत भाषण में भाग लेने आये खिलाडि़यों से टीम भावना से मिल जुलकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की अपील की। 
पूर्वांचल विश्वविद्यालय और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ की टीमों के मैच से प्रतियोगिता की शुरूआत हुई। उत्कल विश्वविद्यालय उड़ीसा, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग झारखण्ड, बरहमपुर विश्वविद्यालय उड़ीसा, सरगुजा विश्वविद्यालय अम्बिकापुर छत्तीसगढ़, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय विलासपुर छत्तीसगढ़, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, मणिपुर विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, पं. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय, सम्बलपुर विश्वविद्यालय उड़ीसा, एलएनएम विश्वविद्यालय दरभंगा बिहार, बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर, पटना विश्वविद्यालय, रांची विश्वविद्यालय, बीएचयू, कलकत्ता विश्वविद्यालय की टीमें भाग लेंगी। टीमों के साथ टीम प्रबंधक व कोच भी आ रहे है।
उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन अशोक सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन खेल सचिव विपिन चंद्र अस्थाना ने किया। इस अवसर पर प्रो. बीबी तिवारी, वित्त अधिकारी एमके सिंह, डा. एचसी पुरोहित, डा. अविनाश पाथर्डीकर, डा. बीडी शर्मा, डा. रामआसरे शर्मा, डा. हरेंद्र सिंह, डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अर्पिता मिश्रा, डा. रजनीश भास्कर, डा. केएस तोमर, भूपेंद्र वीर सिंह, रजनीश सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।