Saturday, 25 April 2020

भय और तनाव का कारण बना फेक न्यूज़

ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने की चर्चा

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर कोविड-19 संबंधी फेक न्यूज़, नई चुनौतियां एवं मानसिक स्वास्थ्य विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी वेबिनार का आयोजन किया गया.

वक्ताओं ने कोविड-19 के संबंध में फेक न्यूज़, सोशल मीडिया की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

बतौर मुख्य वक्ता महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा के प्रोफेसर संजीव देशपांडे ने कहा कि कोविड-19 से जुड़ी सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ ने लोगों के मन में भय और तनाव पैदा किया है। फेक न्यूज़ भावनात्मक असंतुलन का बड़ा कारण  है।
राजकीय महिला कालेज रायपुर की प्राचार्य प्रोफेसर उषा किरण खान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने के लिए फेक न्यूज़ से और सोशल मीडिया के अधिक प्रयोग से बचना चाहिए।

बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा बिहार के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एमडी रहमान ने कहा कि फेक न्यूज़ को फैलाने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है फेक न्यूज़ अनेक मनो रोगों के जन्म का कारण बना है।
एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के पत्रकारिता विभाग की शिक्षिका डॉ आशिमा सिंह ने फेक न्यूज़ है एवं सोशल मीडिया यूजर्स के मनोविज्ञान पर अपनी बात रखी।
इसी क्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, अनु त्यागी, शंभू प्रसाद,शिव कुमार ने भी बतौर वक्ता संगोष्ठी में अपने विचार रखे।
संगोष्ठी की संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने विषय प्रवर्तन एवं संगोष्ठी के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। ऑनलाइन संगोष्ठी में देश के 09 विश्वविद्यालय 20 महाविद्यालय एवं अन्य संस्थानों से प्रतिभागी जुड़े।
संगोष्ठी का संचालन सहसंयोजक कानपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक अवनीश विश्वकर्मा ने किया।

Thursday, 23 April 2020

जो किताबें पढ़ेगा वही आगे बढ़ेगा


किताबों से दोस्ती करने वाले कभी अकेले नहीं होते-प्रो मानस
विश्व पुस्तक दिवस पर हुई चर्चा

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के मानस पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडे ने विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों से पुस्तक की महत्ता और लेखन में नैतिकता पर चर्चा की।

व्यवसायिक अर्थशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों से  ऑनलाइन उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल 1995 को पहली बार यूनेस्को द्वारा विश्व पुस्तक दिवस की शुरुआत की गई थी वर्ष 2001 से भारत सरकार ने विश्व पुस्तक दिवस मनाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि जीवन में किताबें सच्ची दोस्त होती हैं। किताबों से दोस्ती करने वाले कभी जीवन में अकेले नहीं होते। आज की पीढ़ी में किताबें पढ़ने की आदत कम होती जा रही है इसे प्रोत्साहित करना होगा। विद्यार्थियों से उन्होंने अपील की कि अपने विषय का संपूर्ण ज्ञान अर्जित करने के लिए किताबों को पढ़ें और आगे बढ़े।
उन्होंने कॉपीराइट पर भी प्रकाश डाला। कहा कि लेखकों द्वारा जो सृजन किया जाता है उस पर उनका अधिकार होता है। लेखन में नैतिकता का ध्यान रखना चाहिए।

Monday, 20 April 2020

सीएम के पिता के निधन पर विश्वविद्यालय में शोक सभा



जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर शोक सभा हुई.
शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर उपस्थित जनों ने आत्मा के शांति की प्रार्थना की। कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर प्रो बी बी तिवारी, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, विशेष कार्य अधिकारी डॉ के एस तोमर, डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ विजय सिंह, महामंत्री डॉ राहुल सिंह आदि मौजूद रहे।

Tuesday, 14 April 2020

बाबा साहेब का लक्ष्य स्वयं के लिए सिंहासन नहीं था: कुलपति

विश्वविद्यालय ने डॉ अम्बेडकर को किया नमन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति कैंप कार्यालय में मंगलवार को बाबा साहेब भीमराव डॉ अंबेडकर की जयंती सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाई गई।

कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने डा. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ अम्बेडकर  बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनके इसी  बहुआयामी व्यक्तित्व के कारण न केवल भारत में बल्कि विश्व में देश का नाम ऊंचा हुआ। डॉ अम्बेडकर ने तमाम देशों के संविधान का अध्ययन कर भारत का संविधान निर्मित करने में  अपना अमूल्य योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का लक्ष्य स्वयं के लिए सिंहासन अर्जित करना नहीं था वह आजीवन वंचित समाज के लिए संघर्षरत थे ।उन्होंने कहा कि आज कोरोना वायरस के कारण विश्व के सामने बहुत कठिन स्थिति पैदा हुई है। हमें ऐसी स्थिति में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए राष्ट्र धर्म प्रदर्शित करना चाहिए।उन्होंने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  सात बातों पर जनता का साथ मांगा है। इस पर हम सभी को अमल करना है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने शिक्षा को समता स्वतंत्रताऔर बंधुत्व का साधन माना था। उन्होंने सभी से सामाजिक सुरक्षा के लिए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के अपील की है।इस अवसर पर प्राक्टर डॉ संतोष कुमार, विशेष कार्याधिकारी डॉ के एस तोमर मौजूद रहे।