Tuesday, 22 December 2020

विज्ञान ही नहीं कला, संगीत से भी है गणित का संबंध: प्रो. सुबीर दास

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भैय्या भौतिकीय संस्थान के आर्यभट्ट सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया। यह समारोह रज्जू भैया और गणित विभाग इंजीनियरिंग संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसमें शैलेंद्र प्रताप सिंह प्रथम पुरस्कार विशाल यादव द्वितीय और अनिकेत कुमार को तृतीय पुरस्कार मिला।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के प्रो. सुबीर दास ने कहा कि गणित का संबंध सिर्फ विज्ञान और इंजीनियरिंग से ही नहीं है कला और संगीत के क्षेत्र में भी इसकी उपयोगिता है।

प्रो. दास ने गणित के सूत्रों को संगीत के सुरों के साथ परिभाषित करते विद्यार्थियों को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने गामा फलन, एल हॉस्पिटल रूल तथा गामा फलन की ग्राफ में भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मल कुमार ने कहा कि गणित का संबंध हर क्षेत्र में है उन्होंने इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में इंजीनियर संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो.बी.बी. तिवारी ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गणित की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे डिराक नामक भौतिक वैज्ञानिक ने पूरी क्वांटम भौतिकी को गणित के माध्यम से मैट्रिक्स में बदलकर फील्ड थ्योरी को विकसित किया। रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रोफ़ेसर देवराज सिंह ने कहा कि आज अध्ययन के हर क्षेत्र में गणित की भूमिकामहत्वपूर्ण है। गणित के बिना भौतिकी एवं इंजीनियरिंग का अध्ययन असंभव है। समारोह में छात्र अधिष्ठाता प्रो. अजय द्विवेदी वैदिक गणित और उसके इतिहास और उनकी जीवन में उपयोगिता पर विस्तृत रूप से बताया। समारोह का संचालन डॉक्टर संतोष कुमार में धन्यवाद ज्ञापन डॉ सौरभ कुमार सिंह ने किया।

इस अवसर पर डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ राजकुमार, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ पुनीत धवन, डॉ. मनीष, पी सिंह, डॉ दीपक कुमार मौर्य, डॉ आशीष वर्मा,  डॉ. काजल के डे, डॉ सुशील कुमार चौरसिया, डॉ.यू.आर. प्रजापति, डॉ निमिषा यादव, डॉ. कृष्णन के. यादव आदि उपस्थित थे।


लुप्त होती लोक कलाओं से युवाओं को होगा जोड़ना - डॉ विकास

लोक कलाओं से मनोरंजन के साथ करें  विज्ञान संचार 

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसाइटी के विज्ञान संचारक डॉ विकास मिश्र का ऑनलाइन  विशेष व्याख्यान का आयोजित  किया गया। उन्होंने वर्तमान समय में वैश्विक महामारी से बचाव के लिए समाज में  लोक कला माध्यमों के जरिये  वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने  पर विस्तार पूर्वक चर्चा की।

उन्होंने कहा कि सामाजिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास में भारतीय लोक कलाओं का अभिन्न योगदान रहा  है। वर्तमान समय में लुप्त होती लोककला के संरक्षण, मनोरंजन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास के लिए विज्ञान संचारकों  को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि लोक कलाएं भारतीय संस्कृति और जनमानस की जड़ों से जुड़ी हुई है इनके इस्तेमाल से मनोरंजन के साथ-साथ बड़े सरल ढंग से वैज्ञानिक संदेश प्रेषित किया जा सकता है । आज के समय में कोविड -19 के प्रति जागरूकता में इसका प्रभाव दिख रहा है.

उन्होंने कहा कि आज  लुप्त होती लोक कलाओं से युवाओं को जोड़ना होगा. उन्होंने कठपुतली कला पर अपनी बात रखते हुए कहा कि  कम लागत में कठपुतली के माध्यम से आज देश के विभिन्न  भागो में विज्ञान संचार का कार्य किया जा रहा है. शिक्षा मनोरंजन एवं सामाजिक जागरूकता में कठपुतलियों का विशेष महत्व है. विज्ञान लेखकों की जिम्मेदारी है कि वैज्ञानिक तथ्यों को इन माध्यमों से आसानी से समाज में पहुंचाएं।

जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा  कि भारतीय लोक कलाएं  आज भी संचार के सशक्त माध्यम के रूप में  अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही  है।

विभाग के शिक्षक डॉ सुनील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन एवं संचालन  डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ  चंदन सिंह समेत विभाग के विद्यार्थी एवं शोधार्थी मौजूद रहे।


Friday, 18 December 2020

रोवर्स रेंजर्स लीडर एवं एडवांस रेंजर्स लीडर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश भारत स्काउट और गाइड प्रादेशिक मुख्यालय लखनऊ के निर्देशन में सात दिवसीय एडवांस रोवर्स रेंजर्स लीडर एवं एडवांस रेंजर्स लीडर्स  प्रशिक्षण कार्यक्रम आज दिनांक 18 दिसंबर 2020 को विश्वविद्यालय परिसर के रोवर्स रेंजर्स भवन में प्रारंभ हुआ l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर निर्मला मौर्य कुलपति पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया l  मुख्य अतिथि ने कहा कि रोवर्स रेंजर्स का मुख्य उद्देश्य उनके वाक्य सेवा करो की भावना सबके अंदर जागृत होनी चाहिए प्रत्येक व्यक्ति अपने में रोवर और रेंजर है l उन्होंने कहा कि  रोवर्स रेंजर्स का देवाक्य सेवा करो की भावना सबके अंदर होनी चाहिए l प्रकार के आयोजन से  अच्छे चरित्रवान प्रकृति प्रेमी और स्वावलंबी व्यक्तित्व का निर्माण होता है l कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक श्री व्यास नारायण सिंह ने की l उन्होंने अपने उद्बोधन में स्काउट गाइड की प्रार्थना और झंडा गीत  के सभी मूल्यवान उद्देश्य निहित होने के बारे में   बताया जो सच्चे राष्ट्रीय समता और भाईचारे का पाठ पढ़ाता है l इस अवसर पर सहायक कुलसचिव श्री अमृतलाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्काउट और गाइड का प्रशिक्षण लेना चाहिए और उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए l सहायक कुलसचिव अजीत कुमार सिंह  ने रोवर्स रेंजर्स के महत्व पर प्रकाश डालाl कार्यक्रम के संयोजक डॉ जगदेव ने अतिथियों का स्वागत किया l संचालन डॉक्टर सैफी उजमा द्वारा किया गयाl आभार ज्ञापन डॉ अमरजीत सिंह संयोजक मऊ ने कियाl उद्घाटन के अवसर पर प्रादेशिक संगठन आयुक्त स्काउट श्री कमलेश देवी जी वाराणसी से डॉक्टर अजय दुबे, डॉक्टर झांसी मिश्रा, डॉ   जानवी श्रीवास्तव,  प्रमोद दुबे,  डॉ मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर आरके जैन आदि विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहेl इस कार्यक्रम में मऊ, आजमगढ़ और जौनपुर के विभिन्न महाविद्यालय से प्रभारी उपस्थित होकर 7 दिन का प्रशिक्षण से प्राप्त करेंगे

Monday, 7 December 2020

युवाओं के भावनात्मक स्वास्थ्य को न करें नजरअंदाज – डॉ सलोनी

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  मिशन शक्ति द्वारा  युवाओं के भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करने में काउंसलिंग की भूमिका विषयक एक दिवसीय कार्यक्रम का ऑनलाइन  आयोजन किया गया।  

इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता उम्मीद काउंसलिंग एंड कंसलटिंग सर्विसेज गुरुग्राम की निदेशक  डॉ सलोनी प्रिया  ने कहा कि आज युवाओं के भावनात्मक स्वास्थ्य  को समझने की जरूरत है। इसको नजरंदाज करने से युवाओं  के व्यवहार, संबंध और कैरियर सभी प्रभावित होते हैं। युवा आज  सपनों की दुनियां में जी  रहें है काउंसलर उन्हें वास्तवितकता से परिचित कराने में बड़ी भूमिका अदा करें. उन्होंने कहा कि परिवार में महिलाओं के साथ अलग तरह का व्यवहार न करें. रिश्ते वही सफल होते है जहाँ  हम एक दुसरे  का सम्मान करते है.

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को  भावनात्मक स्वास्थ्य  को समझने के इस तरह का प्रशिक्षण लेना चाहियें.इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.निर्मला एस.मौर्य ने कहा कि प्रत्येक उम्र के लोगों को काउंसलिंग की जरूरत है. एक काउंसलर प्रत्येक उम्र के लोगों की भावनाओं को बेहतर तरीके से समझता है.

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो मानस पाण्डेय ने कहा कि महिलाएं भावनात्मक रूप से ज्यादा स्वस्थ होती है.पुरुषों को भी भावनात्मक रूप से स्वस्थ होने की आवश्यकता है.कार्यक्रम का संचालन मिशन शक्ति समन्वयक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव एवं आभार एनएसएस समन्वयक डॉ राकेश यादव ने किया. तकनीकी सहयोग अवनीश ने किया. इस अवसर पर प्रो अजय प्रताप सिंह, प्रो अविनाश, प्रो देवराज, डॉ जगदेव, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ मनोज पाण्डेय, अन्नू त्यागी, डॉ झाँसी, डॉ जया, डॉ वनिता, डॉ प्रियंका, डॉ पूजा, डॉ करुणा  समेत तमाम लोग उपस्थित