Sunday, 4 July 2021

मानव जीवन पर्यावरण संरक्षण से ही संभव: कुलपति

धरती पर ऑक्सीजन का एकमात्र स्रोत है वृक्ष: कुलसचिव
विश्वविद्यालय के सभी जनपदों में 59246 पौधे रोपे गये

शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय योजना रोवर्स -रेंजर्स, खेलकूद परिषद एवं उद्यान विभाग के सहयोग से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में आज वृहद पौधारोपण अभियान  के तहत कुलपति प्रो.निर्मला एस. मौर्य ने विश्वविद्यालय परिसर में पीपल के पौधरोपण से आभियान की शुरुआत की। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय को आवंटित लक्ष्य 69720 के सापेक्ष रविवार को चारों जनपदों में कुल 59246 पौधे रोपित किए गए जिसमे 9451 पीपल के पौधे भी सम्मिलित है।  कार्यक्रम  की मुख्य अतिथि  कुलपति प्रो.निर्मला एस. मौर्य  ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में मंगलाचरण में सबसे पहले प्रकृति  और पर्यावरण की ही आराधना और शांति की कामना की गयी है तथा हमारे ऋषि-मुनियों ने ब्रह्मांड में, वायु, औषधियों और वनस्पतियों के शांति की कामना इसीलिए की हैं कि इनके अस्तित्व से ही इंसान का जीवन सुरक्षित है। पर्यावरण को शुद्ध व संरक्षित रखने से मनुष्य और प्राणियों का जीवन भी सुरक्षित रहेगा। कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण अहम पहलू है, क्योंकि जीवनदायनी ऑक्सीजन का एकमात्र स्रोत वृक्ष ही हैं। मानव जीवन वृक्षों पर ही निर्भर है। अगर वृक्ष नहीं रहेंगे तो धरती पर जीवन संकट में पड़ जाएगा। एनएसएस समन्यवक डॉ. राकेश कुमार यादव ने कहा कि किसी भी राष्ट्र, समाज व संस्कृति की सम्पन्नता केवल वहाँ के निवासियों की भौतिक समृद्धि में निहित नहीं होती है बल्कि वहां की जैव विविधता पर भी निर्भर होती है। हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज, धर्म, तीज-त्योहार सब प्रकृति पोषित हैं।संयोजक रोवर्स- रेंजर्स डॉ0 जगदेव ने कहा कि वृक्ष हमारे असली मित्र हैं।खेल-कूद सचिव डॉ० आलोक कुमार सिंह ने कहा कि यदि पर्यावरण हरा -भरा रहेगा तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।
वृहद् पौधरोपण के अवसर पर परीक्षा नियन्त्रक वी.एन.सिंह व सहायक कुलसचिव अमृत लाल, अजीत प्रताप सिंह, बबिता सिंह, दीपक कुमार सिंह, खेलकूद परिषद के सचिव डॉ0 आलोक कुमार सिंह, डॉ0 विजय प्रताप तिवारी, डॉ0 राहुल सिंह, डॉ0 राजेश सिंह, डॉ0 राकेश कुमार यादव, डॉ0 जगदेव, संयोजक रोवर्स- रेंजर्स, अशोक कुमार सिंह, रजनीश कुमार सिंह, डॉ0 राज बहादुर यादव, डॉ0 विनय कुमार वर्मा, डॉ0 अंसार खान, डॉ0 शशिकांत यादव, डॉ0 संदीप कुमार यादव, शारदानंद उपाध्याय, कयामुद्दीन खान, सर्वेश कुमार यादव, सुशील प्रजापति, अल्का सिंह चौहान, अरूण कुमार सिंह, सतेन्द्र कुमार सिंह एवं परिसर के छोटे बच्चों तथा अन्य द्वारा पौधरोपण कर  कार्यक्रम को सफल बनाया।

Saturday, 19 June 2021

कोरोना से खतरे में आई सामाजिक सुरक्षा- प्रो० राघवेन्द्र


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग एवं आइक्यूएसी सेल के संयुक्त तत्वावधान में चल रही सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के छठें  दिन शनिवार को  कोविड के दौर में विकास संचार एवं सोशल मीडिया मार्केटिंग विषयक सत्रों का आयोजन किया गया।

इंदिरा गाँधी जनजातीय विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश के पत्रकारिता विभाग के आचार्य डॉ० राघवेन्द्र मिश्र ने कोविड के दौर में विकास संचार विषय पर कहा कि आज कोरोना ने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है, बढतें अविश्वास  ने लोगों को अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा करने पर विवश  कर दिया है. आज विकास संचार की भूमिका इसी अविश्वास  को दूर करने की है.

उन्होंने कहा कि विकास के मानकों में खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा  पर और भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. कोविड के आफ्टर इफेक्टस में  कई लोगों की सामाजिक सुरक्षा खतरे में आ गई है । नई मानसिक समस्याएं जन्म ले रही हैं । विकास संचार की अवधारणा में हमें इस बात का ध्यान रखना है कि महामारी के इस दौर में गलत और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित न हो.

इसी क्रम में दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत दास गुप्ता ने सोशल मीडिया मार्केटिंग के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल मीडिया का पाठक ज्यादातर युवा वर्ग है, प्रोफेशनल है जिसके पास उतना धैर्य और समय नहीं है. ऐसे में ख़बरों की प्रस्तुति में बहुत ध्यान देना होगा.  उन्होंने डिजिटल मीडिया पर खबरों के प्रभावी प्रस्तुतीकरण की तकनीकों, एसईओ सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन को विस्तार से समझाया .

कार्यक्रम का संचालन डॉ अवध बिहारी सिंह, स्वागत संयोजक डॉ मनोज मिश्र एवं धन्यवाद् ज्ञापन डॉ० धर्मेन्द्र सिंह ने किया. तकनीकी सहयोग वीर बहादुर सिंह एवं राना सिंह ने किया.  इस अवसर पर प्रो मानस पाण्डेय, प्रो लता चौहान, डॉ राखी तिवारी, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अखिलेश चन्द्र, डॉ गीता सिंह, अभिषेक कटियार,डॉ पवन सिंह, डॉ बुशरा जाफरी समेत विभिन्न प्रदेशों के प्रतिभागी शामिल हुए .  

                                          सात दिवसीय कार्यशाला का रविवार को होगा समापन

सात दिवसीय कार्यशाला का समापन रविवार को होगा. संयोजक डॉ मनोज मिश्र ने बताया कि समापन सत्र के मुख्य अतिथि भारतीय जनसंचार संस्थान,नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो० संजय द्विवेदी एवं विशिष्ठ अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा की जनसंचार विभाग की अध्यक्ष प्रो० बन्दना पाण्डेय है. अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० निर्मला एस० मौर्य करेंगीं.


Friday, 18 June 2021

तकनीकी ने सबको डिजिटल प्लेटफार्म पर खड़ा किया : डॉ राजीव पंडा

    गीत के बिना जीवन का कोई मतलब नहीं: डॉ.उमेश पाठक  

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग एवं आइक्यूएसी सेल के संयुक्त तत्वावधान में चल रही कार्यशाला के पांचवें दिन सिनेमा के मूल आधार और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवम् डिजिटल तकनीक विषय पर सत्रों का आयोजन किया गया।

महाराजा अग्रसेन प्रबंध अध्ययन संस्थान दिल्ली के जनसंचार विभाग के  एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमेश पाठक ने कहा कि संगीत इंसान के लिए जरूरी है, इसके बिना जीवन का कोई मतलब नहीं है, इसलिए सिनेमा में संगीत को महत्व दिया जाता है। उन्होंने सिनेमा में कैमरा, लाइट, साउंड और एक्शन के विभिन्न पहलुओं पर बारिकी से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दक्षिण की फिल्मों में साउंड्स पर ज्यादा फोकस किया जाता है। शोले और दीवार फिल्म के शाट और डायलॉग दिखाकर उन्होंने साउंड और डायलॉग को स्पष्ट किया।

इसी क्रम में नयी दिल्ली एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार पंडा ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल तकनीक विषय पर बात की।

कहा कि कोविड-19 ने टेक्नोलॉजी में बहुत बदलाव लाया है, सबको डिजिटल प्लेटफार्म पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है। इसका ज्ञान जरूरी है‌। उन्होंने डिजिटल तकनीक के विविध आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि मोबाइल ने नागरिकों की आवाज को सोशल मीडिया के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाया है. तथ्यों की चर्चा करते हुए कहा कि भारत में सोशल मीडिया के यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर,स्वागत संयोजक डॉ मनोज मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर , प्रो मानस पांडेय,डॉ अवध बिहारी सिंह,डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ राखी तिवारी, डॉ कौशल पांडेय, डॉ हिमानी सिंह, डॉ सुनील गुप्त,डॉ रश्मि गौतम समेत विभिन्न प्रदेशों के प्रतिभागी मौजूद रहे।




Thursday, 17 June 2021

महात्मा गांधी ने जनसंपर्क से सभी वर्गों को जोड़ा- डॉ स्मिति

डिजिटल युग में वेब पोर्टल पर निरंतर खबरों को देने का है दबाव - कुमार श्रीकांत

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग एवं आइक्यूएसी सेल के संयुक्त तत्वावधान में चल रही कार्यशाला के चौथे दिन जनसंपर्क के बदलते आयाम एवं डिजिटल दौर की पत्रकारिता, आवश्यकता एवं सावधानियां विषयक सत्रों का आयोजन किया गया। 
फकीर मोहन विश्वविद्यालय उड़ीसा के पत्रकारिता विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर स्मिति पाढ़ी ने जनसंपर्क के बदलते आयाम विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जन संपर्क क्षेत्र में झूठ का स्थान नहीं है। सकारात्मक पहलुओं के साथ जनता से जुड़े और संस्थान की छवि के निर्माण में अपनी भूमिका अदा करें।
उन्होंने कहा कि देश में सांस्कृतिक विविधता  होने के बावजूद महात्मा गांधी ने अपनी तत्कालीन जनसंपर्क तकनीकी से सभी वर्गों को एक साथ जोड़ा। उनकी तकनीकी को आज विश्व के तमाम देश अपना कर जनमानस से जुड़ रहे है।
 उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया जनसंपर्क के उपकरण के रूप में तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है जनसंपर्क अधिकारियों को सोशल मीडिया पर आने वाली टिप्पणियों को विश्लेषित कर सुधार करना चाहिए। उन्होंने जनसंपर्क की आधुनिक तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की।
इसी क्रम में दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार कुमार श्रीकांत ने डिजिटल दौर की पत्रकारिता पर कहा कि वेब पत्रकारों को पत्रकारिता की नीति, नियम और मापदंडों का पालन करना चाहिए. डिजिटल युग में वेब पोर्टल पर निरंतर खबरों देने का दबाव है ऐसे में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे प्रिंट मीडिया के संस्थान 24 घंटे डिजिटल मीडिया पर सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम पर संदेशों को लिखते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है यह सदैव ध्यान रखना चाहिए कि वह जो लिख रहे हैं वह लोगों को कितना पसंद आएगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील कुमार,  स्वागत संयोजक डॉ मनोज मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिग्विजय सिंह राठौर  ने किया। इस अवसर पर प्रो संजीव भानावत, प्रो मानस पांडेय,डॉ विजय तिवारी, डॉ अवध बिहारी सिंह,डॉ हिमानी सिंह, डॉ सुनील गुप्त,डॉ रश्मि गुप्ता समेत विभिन्न प्रदेशों के प्रतिभागी मौजूद रहे।