Monday, 8 April 2024

पीयू में एक्सिस बैंक ने किया प्लेसमेंट ड्राइव

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में चल रहे प्लेसमेंट की प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के सभी संकायों के छात्रों  ने प्लेसमेंट के लिए एक्सिस बैंक सोमवार को आई है।  कुलपति प्रो वंदना सिंह ने चयनित छात्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। एक्सिस बैंक द्वारा इस प्लेसमेंट की प्रक्रिया को विभिन्न भागों में विभाजित किया गया। प्लेसमेंट प्रक्रिया को शुरू करने से पहले उन्होंने सभी छात्रों के साथ प्री प्लेसमेंट वार्ता की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी कंपनी और वहां के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया, फिर उन्होंने प्लेसमेंट प्रक्रिया प्रारंभ की। पहले एचआर राउंड इंटरव्यू किया गया। इसमें समस्त विश्व विद्यालय में से 90 छात्रों ने सहभागिता ली, जिसमें से 47 छात्रों  ने सफलता प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने अपनी अग्रिम प्रक्रिया की जानकारी दी। इस पूरी चयन प्रक्रिया के दौरान सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो प्रदीप कुमार, डा. अमरेंद्र सिंह, डा. दीपप्रकाश सिंह,  डा. आलोक दास, डा. अनुराग सिंह, श्याम त्रिपाठी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के मुख्य सदस्य यत्नदीप दुबे, विकास यादव, नवनीत मौर्य,सरिता सिंह, अनुषा वर्मा, प्रकृति गुप्ता, श्रेया मिश्रा, आकाश कुमार, शुभम कुमार, दिव्यांशु संजय, हरी ओम साहू, शिवांश श्रीवास्तव, आयुष गुप्ता आदि छात्र उपस्थित रहे।

Saturday, 6 April 2024

रिमोट सेंसिंग तकनीक देता है भूस्खलन की जानकारी: डा. प्रकाश सिंह

ब्रह्मांड की घटनाओं का थर्मामीटर है जीपीएसः डॉ. आरपी सिंह


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित रज्जू भैया संस्थान के अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंसेज विभाग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यशाला में शनिवार को प्रथम सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डा. प्रकाश कुमार सिंह ने भूस्खलन त्रासदी एवं उससे संबंधित विभिन्न घटनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत एवं पड़ोसी देशों में हिमालयी परिक्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं प्रायः होती रहती हैं जिसका प्रमुख कारण पहाड़ों को काटकर बनने वाले रास्ते हैं। उन्होंने जोशी मठ में जमीन दरकने एवं सिल्कयारा - बारकोट सुरंग के धंसने की घटनाओं एवं उसके कारणों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नार्वे देश में पहाड़ी इलाकों में ओपन रोड से ज्यादा सुरंग के माध्यम से आवागमन को वरीयता दी जाती है जिससे वहां पर भूस्खलन आदि की घटनाएं भारत एवं पड़ोसी देशों की अपेक्षा बहुत ही कम है। उन्होंने का कि आज के समय में रिमोट सेंसिंग तकनीकी की मदद से भूस्खलन एवं अन्य आपदाओं के परिपेक्ष्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम डेवेलप करने में मदद मिल रही है जिस वजह से जनहानि एवं बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि हिमालय जैसे दुर्गम पहाड़ियों में जहां पर प्रत्यक्ष रूप से फील्ड करना संभव नहीं है वहां रिमोट सेंसिंग तकनीकी की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। एक अन्य सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आये अन्य विशेषज्ञ डा. आर पी सिंह ने जीपीएस नेविगेशन सिस्टम एवं उसके विभिन्न वैज्ञानिक आयामों पर विस्तार से चर्चा की । उन्होंने बताया कि जीपीएस सिस्टम ब्रह्मांड में होने वाली विभिन्न घटनाओं एवं उनकी वास्तविक स्थितियों - परिस्थितियों को जानने का थर्मामीटर है। आज के समय में नेविगेशन प्रणाली को बेहतर बनाने में एडवांस जीपीएस सिस्टम एवं रिमोट सेंसिंग तकनीकी का बड़ा योगदान है जिसका उपयोग भारत सहित विभिन्न देशों की सेनाओं एवं खुफिया एजेंसियों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। रज्जू भइया संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद यादव ने बाह्य विशेषज्ञों का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। तकनीकी सत्रों का संचालन कार्यशाला के संयोजक डा. श्याम कन्हैया ने किया। इस अवसर पर अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ नीरज अवस्थी, डा. शशिकांत यादव, डा. सौरभ सिंह, डा. नितेश कोन्टे, डा. पुनीत धवन, डा. धीरेन्द्र चौधरी एवं सभी प्रतिभागियों सहित विभाग के विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

Friday, 5 April 2024

आपदा प्रबंधन में रिमोट सेंसिंग का महत्वपूर्ण योगदान: प्रोफेसर जयंत नाथ

 पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, कई प्रदेश के शोधार्थी- विद्यार्थी कर रहे है प्रतिभाग

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के रज्जू भइया संस्थान स्थित अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंसेज विभाग द्वारा 05 से 11 अप्रैल से रिमोट सेंसिंग  विषयक कार्यशाला कि शुरुआत शुक्रवार को हुई.  कार्यशाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से की जा रही है.उदघाटन सत्र में कार्यशाला के मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जयंत नाथ त्रिपाठी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में रिमोट सेंसिंग का  महत्वपूर्ण योगदान है । आधुनिक तकनीक के इस उपकरण ने आपदा प्रबंधन की क्षमता को बढ़ा दिया है । रिमोट सेंसिंग के माध्यम से उपलब्ध डेटा का उपयोग करके, आपदाओं की भविष्यवाणी, उनकी त्रुटि का पता लगाकर  तत्काल कार्रवाई संभव हो पा रही है। उन्होंने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र के प्रयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला.अध्यक्षता चेयरमैन आईक्यूएसी प्रोफेसर मानस पांडेय ने की. उन्होंने  सभी प्रतिभागियों को  विश्वविद्यालय के बारे में बताया एवं कहा कि निश्चित रूप से आप कार्यशाला एवं विश्वविद्यालय से एक अच्छा अनुभव प्राप्त करेंगे। एक अन्य सत्र में विषय विशेषज्ञ डा. सुधीर कुमार सिंह ने जल संरक्षण एवं पर्यावरण के क्षेत्र में रिमोट सेंसिंग की उपयोगिता पर चर्चा की । सायंकाल प्रायोगिक सत्र का संचालन डा. सौरभ सिंह ने किया एवं सेटेलाइट फोटो ग्राफी के उपयोग एवं उसके उपयोग के विभिन्न आयामों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रदेशों उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बंगाल, महाराष्ट्र के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थान के छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं। 

Thursday, 4 April 2024

संस्था के प्रति उपयोगिता ही चयन का आधारः काम्बेकर

कैंपस टू कॉरपोरेट विषयक एक दिवसीय विशिष्ट व्याख्यान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को एमबीए के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय कैंपस टू कॉरपोरेट विषयक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गयाकार्यक्रम को  मुख्या वक्ता के रूप 21 वीं  सेंचुरी कंसलटेंट के संस्थापक और मुख्य सलाहकार संजय रामदास काम्बेकर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में छात्रों को एक अच्छे प्रबंधक के रूप में सफल होने के लिए छात्र अपने जीवन में अनुशासन, समर्पण, लगातार प्रयास करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट जगत में सफल होने के लिए छात्रों को अपनी खूबियों का समझना अति आवश्यक है . किसी भी जॉब इन्टरव्यू में नियोक्ता यह जानना चाहता है कि छात्र की खूबियाँ संस्था के लिए कितना उपयोगी साबित हो सकती है.

श्री काम्बेकर ने कहा कि छात्र पढाई के दौरान से ही उद्योग जगत में निकलने वाले भर्तियों को ध्यानपूर्वक पढ़े और उनके जॉब विवरण के आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार करने और सफल होने के लिए आवश्यक गुणों को छात्रों के साथ साझा किया. साथ छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भविष्य में उनके आगे जीवन में आने वाले किसी भी समस्या के समाधान हेतु वे हमेशा उपलब्ध रहेंगे. 

इन्क्यूबेशन सेटर के निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर मुख्य वक्ता का स्वागत व विषय प्रवर्तन ने किया . प्रो. प्रदीप कुमार, निदेशक सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल ने बताया की विश्वविद्यालय छात्रों के पर्सनालिटी डेवेलपमेंट और उन्हे नौकरी के लिए हर प्रकार से तैयार करने के लिए व छात्र उन्नयन हेतु प्लेसमेंट सेल लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है. इससे अभी तक लगभग 1000 से भी अधिक छात्र लाभांवित हो चुके है कार्य क्रम का संचालन यतन्दीप दुबे ने किया व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिनव श्रीवास्तव ने किया I  इस अवसर पर श्याम त्रिपाठी,  मनोज त्रिपाठी,  प्रांकुर शुक्ला, अनुपम कुमार,  विकास यादव समेत प्रबंध अध्ययन संकाय के छात्र-छात्राए उपस्थित रहे.